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Himachal Pradesh weather forecast and updates

  • Himachal Weather / अगले 48 घंटों में कई जिलों में बारिश, शिमला में गर्जन और बिजली गिरने की संभावना

    Himachal Weather / अगले 48 घंटों में कई जिलों में बारिश, शिमला में गर्जन और बिजली गिरने की संभावना

    हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए बारिश और गर्जन का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

    शिमला

    पिछले 24 घंटे का हाल
    कंडाघाट, नैना देवी, भुंतर, बिलासपुर, सराहन और शिमला में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। धर्मपुर, करसोग और कसौली में भारी बारिश हुई। शिमला में गर्जन और बिजली भी दर्ज की गई।

    तापमान का ब्यौरा
    राज्य में अधिकतम तापमान धौलकुआ में 32.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम केलोंग में 6.8 डिग्री सेल्सियस रहा। शिमला का अधिकतम तापमान 17.8 और न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। कल्पा का अधिकतम 15 और न्यूनतम 10.8, जबकि मनाली का अधिकतम 15.7 और न्यूनतम 13.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

    आगामी पूर्वानुमान
    5 सितंबर को ऊना, बिलासपुर,शिमला, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन और मंडी में गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना है।

    शिमला शहर का पूर्वानुमान
    6 सितंबर को शिमला में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि 5 सितंबर को गर्जन के साथ वर्षा हो सकती है। शिमला का अधिकतम तापमान 20 से 23 और न्यूनतम 16 से 17 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

  • शिमला में भूस्खलन का कहर : शर्मला गाँव का सड़क संपर्क टूटा, सेब सड़ने से बागवानों को भारी नुकसान

    शिमला में भूस्खलन का कहर : शर्मला गाँव का सड़क संपर्क टूटा, सेब सड़ने से बागवानों को भारी नुकसान

    शिमला जिले के ठियोग क्षेत्र में लगातार बारिश और भूस्खलन ने बागवानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शर्मला गाँव का सड़क संपर्क टूटने से सेब और अन्य फसलों की मंडियों तक आवाजाही बाधित हो गई है।

    शिमला / ठियोग

    सड़क बंद, ट्रक फंसे
    शर्मला से छैला-ठियोग की ओर जाने वाली मुख्य सड़क भीषण भूस्खलन के कारण बंद हो गई। इससे सेब से भरे कई ट्रक रास्ते में ही फँस गए और सेब मंडियों तक नहीं पहुँच पाए।

    फसल को नुकसान
    बागवानों का कहना है कि पेड़ों पर लदा तैयार सेब अब सड़ने लगा है। अन्य फल और सब्जियां भी प्रभावित हो रही हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

    स्थानीय लोगों की गुहार
    ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क खोलने की मांग की है। उनका कहना है कि यह सेब तुड़ाई का चरम समय है और देरी से उनकी साल भर की मेहनत बर्बाद हो सकती है।

    प्रशासन की कार्रवाई
    लोक निर्माण विभाग ने सड़क बहाली के लिए मशीनरी मौके पर भेज दी है। अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश और भूस्खलन के बीच काम चुनौतीपूर्ण है, लेकिन टीमें दिन-रात प्रयास कर रही हैं ताकि जल्द यातायात बहाल हो सके।

  • सोलन में विशाल चट्टान मकान पर गिरी, धर्मपुर में भूस्खलन से घरों में दरारें

    सोलन में विशाल चट्टान मकान पर गिरी, धर्मपुर में भूस्खलन से घरों में दरारें

    हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में भारी बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ओच्छघाट क्षेत्र में देर रात एक विशाल चट्टान मकान पर गिरी, जबकि धर्मपुर क्षेत्र में घरों में दरारें आने से लोग दहशत में हैं।

    सोलन

    ओच्छघाट में बड़ा हादसा टला
    बुधवार देर रात ओच्छघाट क्षेत्र में पहाड़ से खिसकी एक बड़ी चट्टान दो मंजिला मकान पर आ गिरी। चट्टान कुछ पेड़ों पर अटक गई, जिससे इसका असर आसपास के घरों तक नहीं पहुंचा और बड़ा हादसा टल गया। मकान की छत और आंगन टूट गए, लेकिन स्थानीय पंचायत प्रधान पूनम की सतर्कता से मकान मालिक किरण शर्मा और उनकी बेटी की जान बच गई।

    धर्मपुर में भूस्खलन से घरों में दरारें
    सोलन जिले के धर्मपुर क्षेत्र में लगातार बारिश से भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। बठोल गांव में भूस्खलन से तीन घरों में दरारें आ गईं। एहतियातन प्रशासन ने इन घरों को खाली करवा दिया है।

    गांव पर खतरे के बादल
    स्थानीय लोगों ने बताया कि भूमि का कटाव लगातार जारी है और खेतों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं। गांव के लोगों ने आशंका जताई है कि यदि बारिश जारी रही तो पूरे क्षेत्र को खतरा हो सकता है। पंचायत उपप्रधान अजय गरचा ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और नुकसान का आकलन किया।

  • नाहन-श्री रेणुका जी रोड भारी लैंडस्लाइड से बंद, नेहली के पास 50 मीटर स्पैन पर आया मलबा

    नाहन-श्री रेणुका जी रोड भारी लैंडस्लाइड से बंद, नेहली के पास 50 मीटर स्पैन पर आया मलबा

    नाहन विधानसभा क्षेत्र में बर्मा पापड़ी, नलका सहित कई अन्य मार्ग भी अवरुद्ध

    पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के बाद आज भले ही राहत मिली हो, लेकिन इसका असर अब दिखना शुरू हो गया है। वीरवार सुबह 4:45 के आसपास दो सड़का से श्री रेणुका जी की ओर जाने वाली मुख्य सड़क नैहली से कुछ कदम आगे भारी भूस्खलन के कारण बंद हो गई है।

    करीब 50 मीटर से अधिक रास्ते पर मलबा आने से यातायात पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है, जिस वजह से सड़क के दोनों ओर कर्मचारी और आम लोग फंस गए हैं।

    भूस्खलन के बाद सड़क पर इतना मलबा आ गया है कि पैदल निकलना भी मुश्किल है।लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आलोक जवनेजा ने बताया कि सड़क बंद होने की सूचना मिलते ही मौके पर दो जेसीबी भेज दी गई हैं।

    हालांकि, मलबा बहुत ज्यादा होने के कारण रास्ता खुलने में समय लग रहा है। विभाग का अनुमान है कि वीरवार की सुबह 11 से 12 बजे के बीच रास्ता खुल सकता है। सड़क बंद होने के कारण दोनों तरफ लंबा जाम लग गया है, जिससे स्कूल जाने वाले अध्यापक, अन्य कर्मचारी और आम लोग भारी परेशानी में हैं।

    लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, नाहन विधानसभा क्षेत्र में बर्मा पापड़ी, नलका, कोलां वाला भूंड, मातर, भेड़ों सहित कई अन्य रास्ते भी बंद हैं।

    इस विषम परिस्थिति में विभाग की मशीनरी और कर्मचारी सड़कों को बहाल करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। जिस लगन और निष्ठा से वे मुश्किल हालात में भी लगातार काम कर रहे हैं, वह वाकई प्रशंसनीय है।

    इन कर्मचारियों की वजह से ही कई ब्लैक स्पॉट पर 24 घंटे काम जारी है ताकि जल्द से जल्द यातायात सुचारू हो सके।हालांकि, मौसम के हालात अभी भी पूरी तरह से ठीक नहीं हैं, लेकिन फिलहाल बारिश से राहत है।

  • आपदा / हिमाचल में भारी बारिश और भूस्खलन से हाहाकार, 1311 सड़कें और 858 पेयजल योजनाएं ठप

    आपदा / हिमाचल में भारी बारिश और भूस्खलन से हाहाकार, 1311 सड़कें और 858 पेयजल योजनाएं ठप

    कुल्लू के आनी में निर्माणाधीन भवन ढहा, राज्यभर में जनजीवन अस्त-व्यस्त

    शिमला।
    हिमाचल प्रदेश में लगातार भारी बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। कुल्लू जिला के आनी में भूस्खलन की चपेट में आकर एक निर्माणाधीन भवन क्षतिग्रस्त हो गया। यह भवन पिछले वर्ष 2023 में भूस्खलन से गिरे भवन के समीप स्थित था और तब से खाली पड़ा हुआ था।

    प्रशासन सक्रिय
    एसडीएम आनी लक्ष्मण कनेट ने जानकारी दी कि वह जल्द ही प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगे। इस दौरान अन्य संवेदनशील भवनों का निरीक्षण कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।

    सड़क और बिजली-पानी व्यवस्था ठप
    भारी बारिश के कारण मंगलवार सुबह 10 बजे तक प्रदेश में छह नेशनल हाईवे सहित कुल 1311 सड़कें पूरी तरह बंद हो गईं। इसके अलावा 3263 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो जाने से हजारों घरों में अंधेरा छा गया है। 858 पेयजल योजनाएं भी बाधित हो चुकी हैं, जिसके चलते सैकड़ों गांवों में पेयजल आपूर्ति रुक गई है।

    मौसम विभाग का अलर्ट
    मौसम विभाग शिमला ने अगले छह घंटों के लिए चंबा और कांगड़ा जिलों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं बिलासपुर, हमीरपुर, किन्नौर, कुल्लू, लाहुल-स्पीति, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना जिलों में हल्की से मध्यम बारिश तथा एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

  • रेणुकाजी के भराड़ी गाँव में भूस्खलन की चपेट में आया मकान, 12 लोग हुए बेघर

    रेणुकाजी के भराड़ी गाँव में भूस्खलन की चपेट में आया मकान, 12 लोग हुए बेघर

    एसडीएम संगड़ाह ने रेस्क्यू टीम को किया मौके पर रवाना, बोले प्रशासन हर पीड़ित परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नौहराधार – श्री रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र की तहसील नौहराधार के भराड़ी गाँव निवासी जोगिंदर सिंह का परिवार भारी भूस्खलन के कारण बेघर हो गया है।

    लगातार हो रही बारिश से जोगिंदर सिंह का मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया, जिससे उसका आधा हिस्सा टूटकर गिर गया है। बाकी हिस्से में भी बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिसके कारण पूरा मकान कभी भी ढह सकता है।

    अपने 12 सदस्यों वाले परिवार के साथ जोगिंदर सिंह ने अपना घर छोड़ दिया है। अब इस बेबस परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती रात गुजारने की है। जोगिंदर सिंह का कहना है कि उसकी जिंदगी भर की कमाई इस मकान को बनाने में लग गई थी। पीड़ित परिवार नेबतया कि उनके पास अब रहने के लिए कोई और ठिकाना नहीं रहा है।

    लगातार तीन दिनों से जारी बारिश ने चारों तरफ तबाही मचा रखी है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है।प्रशासन ने दिया मदद का आश्वासनउधर, एसडीएम संगड़ाह सुनील कायथ ने बताया कि प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ पूरी तरह से खड़ा है।

    उन्होंने कहा कि नुकसान का जायजा लेने के लिए हल्का पटवारी को मौके पर भेजा जा रहा है। एसडीएम ने कहा कि यदि परिवार के पास रहने का कोई ठिकाना नहीं है तो उनके रहने का इंतजाम किया जाएगा।

    उन्होंने यह भी बताया कि अगर पीड़ित परिवार अपने किसी रिश्तेदार के यहाँ जाना चाहता है, तो उनके लिए परिवहन की व्यवस्था भी की जाएगी।एसडीएम सुनील कायथ ने जानकारी दी कि भारी बारिश से पूरे उपमंडल में काफी नुकसान हुआ है, जिसका आकलन किया जा रहा है।

    तहसीलदार, उप तहसीलदार सहित सभी 21 पटवार सर्कलों के अधिकारी फील्ड में मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन का पूरा अमला हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है।

  • अगस्त में हिमाचल पर जमकर बरसे बादल, रिकॉर्डतोड़ बारिश ने तोड़े सभी रिकॉर्ड

    अगस्त में हिमाचल पर जमकर बरसे बादल, रिकॉर्डतोड़ बारिश ने तोड़े सभी रिकॉर्ड

    सामान्य से 72% अधिक वर्षा, पाँच जिलों में 100% से ज्यादा बारिश दर्ज

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला

    हिमाचल प्रदेश में अगस्त का महीना बारिश के लिहाज से ऐतिहासिक रहा है। राज्य में इस महीने 440.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 72 प्रतिशत अधिक है।

    प्रदेश के पाँच जिलों में तो बारिश का आँकड़ा सामान्य से 100 प्रतिशत से भी ऊपर चला गया है।अगस्त महीने में हिमाचल के लगभग सभी जिलों में जमकर मेघ बरसे, लेकिन कुछ जिले ऐसे रहे जहाँ बारिश ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए।

    कुल्लू में सबसे अधिक 472.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 162 प्रतिशत ज्यादा है। यहाँ आमतौर पर इस महीने में 180.2 मिलीमीटर बारिश होती थी।

    इसी तरह, शिमला में 444.4 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 126 प्रतिशत अधिक है। ऊना में 823.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 121 प्रतिशत ज्यादा है।

    सोलन में 118 प्रतिशत और चंबा में 104 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई।इसके अलावा, बिलासपुर में 89 प्रतिशत, हमीरपुर में 55 प्रतिशत, किन्नौर में 81 प्रतिशत, लाहौल-स्पीति में 26 प्रतिशत, मंडी में 72 प्रतिशत और सिरमौर में 38 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।

    रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहा। शिमला, ऊना, बिलासपुर, सिरमौर, कुल्लू और मंडी में पूरे दिन बारिश होती रही, जिससे अगस्त महीने में कुल बारिश का आँकड़ा काफी ऊपर चला गया है।

  • Himachal Weather / अगले तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बिजली गिरने की चेतावनी

    Himachal Weather / अगले तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बिजली गिरने की चेतावनी

    राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक कई जिलों में तेज वर्षा और बिजली गिरने की संभावना जताई है।

    बारिश और तापमान की स्थिति
    पिछले 24 घंटों में कसौली, नाहन, सोलन, गोहर, बिलासपुर और काहू में हल्की से मध्यम बारिश हुई। वहीं, जट्टोबर बरराज, पालमपुर, सोलन और पोंडा साहिब में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। शिमला, कांगड़ा, भुंतर, कल्पा, जोत, मुरारी देवी, पालमपुर और सुंदरनगर में गर्जन के साथ बिजली गिरी। इस अवधि में राज्य का अधिकतम तापमान नेरी और बजौरा में 33.5°C तथा न्यूनतम तापमान केलोंग में 11.5°C दर्ज किया गया। शिमला का अधिकतम तापमान 24.6°C और न्यूनतम 16.6°C, कल्पा का 24.7°C और न्यूनतम 14.6°C, जबकि मनाली का अधिकतम 25.5°C और न्यूनतम 18.1°C दर्ज किया गया।

    आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

    • 29 अगस्त: ऊना, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश के आसार। हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, शिमला और बिलासपुर में भारी बारिश, जबकि सोलन में गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना।
    • 30 अगस्त: चंबा, कांगड़ा और कुल्लू में भारी से बहुत भारी बारिश; ऊना, मंडी, शिमला और बिलासपुर में भारी बारिश की चेतावनी।
    • 31 अगस्त: ऊना, मंडी, कांगड़ा और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश; हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, सोलन, शिमला और बिलासपुर में भारी बारिश की संभावना।
    • शिमला शहर: 29 और 30 अगस्त को हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ दौर तेज बारिश, जबकि 31 अगस्त को गर्जन के साथ वर्षा होने की संभावना। अधिकतम तापमान 22–23°C और न्यूनतम 16–17°C रहेगा।
  • सिरमौर प्रशासन की स्कूल बंद नोटिफिकेशन पर लगा सवालिया निशान

    सिरमौर प्रशासन की स्कूल बंद नोटिफिकेशन पर लगा सवालिया निशान

    बच्चों पर आपदा का सकट मगर नोटिफिकेशन में अध्यापकों पर आपदा रहेगी बे- असर

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन

    लगातार हो रही भारी वर्षा और भारतीय मौसम विज्ञान के द्वारा जारी येलो अलर्ट के चलते जहां शिक्षा मंत्री ने शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने के आदेश दिए हैं वही प्रदेश के अधिकतर जिलों का प्रशासनिक निर्णय हास्य पद साबित हो रहा है।

    जिला सिरमौर की उपयुक्त और डीडीएमए अध्यक्ष द्वारा जारी नोटिफिकेशन में बच्चों को तो आपदा से रेस्ट दिया गया है मगर शैक्षणिक संस्थानों के अध्यापकों और मिनिस्ट्रियल स्टाफ को स्कूल आना पड़ेगा।

    इस नोटिफिकेशन से यह साफ जाहिर हो जाता है कि आपदा बच्चों पर तो भारी पड़ सकती है मगर अध्यापकों पर यह बेअसर साबित होगी। जाहिर है उफनती गड्ढें, नाले और नदियां अध्यापकों का रास्ता नहीं रोक पाएंगी और रास्तों में गिरते लैंडस्लाइड अध्यापकों पर और कर्मचारीयों पर बे असर साबित होंगे ।

    हैरानी तो इस बात की है कि जब बच्चे ही स्कूल में नहीं होंगे तो अध्यापक किसे पढ़ाएंगे। हालांकि शिक्षा मंत्री और निदेशक के द्वारा बीते कल सभी के लिए छुट्टी के आदेश दिए गए थे मगर शिक्षा विभाग के द्वारा आदेश जारी नहीं किए गए।

    ऐसे में उपायुक्त भी निर्णय लेने की क्षमता में असमर्थ साबि रहे । अब यदि जिस तरीके से मौसम का मिजाज लगातार खतरनाक साबित हो रहा है और कहीं बड़ी अनहोनी हो जाती है तो इसकी जवाबदेही सरकार की होगी या प्रशासन की यह सोचना मुश्किल होगा।

    हैरान कर देने वाली बात तो यह भी है कि शिक्षा विभाग के एक जिम्मेदार अधिकारी ने तो यहां तक कहा कि यदि दोपहर तक कोई अधिसूचना आ जाती है स्टाफ की भी छुट्टी घोषित की जा सकती है। ऐसे में संभवत सरकार और प्रशासन को यह मालूम है की कोई भी आपदा प्रदेश में कहीं भी दोपहर से पहले आने वाली नहीं है।

    आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 30 का प्रयोग जिला अध्यक्ष कर सकते हैं मगर इस धारा के अंतर्गत जारी आदेशों के तहत शैक्षणिक विभाग के स्टाफ को शामिल नहीं किया गया है।

  • हिमाचल में मानसून का कहर, कांगड़ा-ऊना-चंबा में रेड अलर्ट, आठ जिलों के स्कूल बंद

    हिमाचल में मानसून का कहर, कांगड़ा-ऊना-चंबा में रेड अलर्ट, आठ जिलों के स्कूल बंद

    हिमाचल प्रदेश में मानसून का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा। भारी बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विभाग ने आज और कल के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

    शिमला

    मौसम विभाग का पूर्वानुमान और चेतावनी
    मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने जानकारी दी है कि प्रदेश में मानसून फिलहाल पूरी तरह सक्रिय है। 25 अगस्त को चंबा, कांगड़ा और मंडी के लिए रेड अलर्ट, बिलासपुर और कुल्लू के लिए ऑरेंज अलर्ट तथा शिमला के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 26 अगस्त को चंबा और कांगड़ा के लिए फिर रेड अलर्ट, मंडी के लिए ऑरेंज अलर्ट और बिलासपुर व हमीरपुर के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 27 अगस्त को शिमला, सिरमौर और मंडी जिलों में भारी बारिश की संभावना है।

    पिछले 24 घंटों में बारिश का असर
    बीते 24 घंटों में बग्गी, कांगड़ा, मंडी, गोहर, कोठी, बंजार, भरमौर, मनाली, कुकुमसेरी और सराहन सहित कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हुई। अंब, धर्मशाला, कसौली, सुंदरनगर, ऊना, चंबा और पालमपुर में भारी बारिश हुई, जबकि बिलासपुर और जोत में बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।

    भूस्खलन और बाढ़ जैसे हालात
    लगातार बारिश के कारण तीन राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 625 सड़कें बंद हो गई हैं। इसके अलावा 1533 ट्रांसफार्मर ठप हो गए और 168 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुईं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

    मानसून सीजन में अब तक का नुकसान
    राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार, 20 जून से 24 अगस्त तक के मानसून सीजन में अब तक 303 लोगों की मौत हो चुकी है और 360 लोग घायल हुए हैं। 1212 घर पूरी तरह से ढह गए हैं और 37 हजार से अधिक मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।

    तापमान में गिरावट
    शिमला में अधिकतम तापमान 22.4 और न्यूनतम 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कल्पा का अधिकतम तापमान 22.8 और न्यूनतम 13.2 डिग्री, जबकि मनाली का अधिकतम 18.6 और न्यूनतम 14.2 डिग्री रहा। केलांग का न्यूनतम तापमान मात्र 5.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    लोगों से अपील
    प्रशासन ने जनता से सतर्क रहने और पहाड़ी रास्तों पर यात्रा से बचने की सलाह दी है। चेतावनी दी गई है कि मौसम सामान्य होने तक सावधानी ही सुरक्षा है।