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Himachal Pradesh weather forecast and updates

  • Himachal Weather / प्रदेश में शुष्क मौसम जारी, 15 नवंबर तक साफ आसमान और ठंड बढ़ने की संभावना

    Himachal Weather / प्रदेश में शुष्क मौसम जारी, 15 नवंबर तक साफ आसमान और ठंड बढ़ने की संभावना

    Himachal Weather : हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क बना हुआ है। कुछ स्थानों पर हल्का कोहरा दर्ज किया गया जबकि अधिकांश हिस्सों में दिन धूप खिली रही। प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है और आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना नहीं है। 15 नवंबर तक आसमान साफ रहने और रात के तापमान में गिरावट के आसार हैं।

    शिमला:

    राज्य में शुष्क रहा मौसम, कुछ जगह कोहरा दर्ज
    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में पिछले 24 घंटों में किसी भी स्थान पर वर्षा नहीं हुई। सुंदरनगर में मध्यम कोहरा और बिलासपुर में हल्का कोहरा दर्ज किया गया। पोंटा साहिब में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान -3.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    मुख्य शहरों का तापमान
    शिमला में अधिकतम तापमान 19.6 और न्यूनतम 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। कल्पा में अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम 0 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि मनाली में अधिकतम तापमान 17.4 और न्यूनतम 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    अगले पांच दिनों तक मौसम रहेगा साफ
    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 11 से 15 नवंबर तक राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस अवधि के दौरान किसी प्रकार की चेतावनी नहीं जारी की गई है।

    शिमला में रहेगा मुख्यतः साफ आसमान
    11 से 13 नवंबर तक शिमला शहर में आसमान साफ रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 19 से 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 8 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है।

  • Himachal Weather / ठिठुरन बढ़ी ताबो में -5.3 डिग्री पौंटा साहिब में 30 डिग्री अगले पांच दिन रहेगा शुष्क मौसम

    Himachal Weather / ठिठुरन बढ़ी ताबो में -5.3 डिग्री पौंटा साहिब में 30 डिग्री अगले पांच दिन रहेगा शुष्क मौसम

    हिमाचल प्रदेश में ठिठुरन लगातार बढ़ रही है। बीती रात सीजन की सबसे ठंडी रही, जबकि दिन में धूप खिली और अधिकांश स्थानों पर मौसम शुष्क बना रहा।

    शिमला

    राज्य में बढ़ी ठंड और शुष्क मौसम का असर
    हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क दर्ज किया गया, लेकिन तापमान में लगातार गिरावट से सर्दी ने दस्तक दे दी है। सुंदरनगर और बिलासपुर में मध्यम कोहरा छाया रहा, जबकि बाकी इलाकों में धूप खिली रही। मौसम विभाग के अनुसार पौंटा साहिब में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और ताबो में न्यूनतम तापमान -5.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    मुख्य शहरों का तापमान
    राज्य के प्रमुख शहरों में शिमला का अधिकतम तापमान 19.2 डिग्री और न्यूनतम 8.8 डिग्री सेल्सियस, कल्पा में अधिकतम 17.2 डिग्री और न्यूनतम 0.4 डिग्री सेल्सियस, जबकि मनाली में अधिकतम 16.8 डिग्री और न्यूनतम 3.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    अगले पांच दिन रहेगा शुष्क मौसम
    मौसम विभाग ने बताया कि 10 से 14 नवंबर तक पूरे हिमाचल प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा और किसी भी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है। इस दौरान ऊंचे इलाकों में सुबह और रात के समय ठंड और बढ़ सकती है। शिमला शहर में 10 से 12 नवंबर तक आसमान सामान्य रूप से साफ रहने की संभावना है।

  • Himachal Weather / पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा हिमाचल का मौसम, 4 और 5 नवंबर को बारिश-बर्फबारी के आसार

    Himachal Weather / पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा हिमाचल का मौसम, 4 और 5 नवंबर को बारिश-बर्फबारी के आसार

    हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से एक बार फिर मौसम करवट बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 4 और 5 नवंबर को राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है।

    शिमला

    3 नवंबर से सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ
    मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बताया कि 3 नवंबर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 4 नवंबर को एक-दो स्थानों पर और 5 नवंबर को कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिले में बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है।

    31 अक्तूबर से 3 नवंबर और 6 नवंबर को रहेगा साफ मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल 31 अक्तूबर से 3 नवंबर तक और 6 नवंबर को राज्यभर में मौसम साफ रहेगा। राजधानी शिमला में आज धूप खिली हुई है, जबकि सुंदरनगर में मध्यम, मंडी और बिलासपुर में हल्का कोहरा दर्ज किया गया है। राज्य के सात स्थानों पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया है।

    तापमान में आएगी गिरावट
    अगले 2–3 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद इसमें धीरे-धीरे 2–3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। इसी तरह अधिकतम तापमान में भी अगले कुछ दिनों में 4–5 डिग्री की कमी दर्ज की जा सकती है।

    अक्तूबर में सामान्य से 174 फीसदी अधिक बरसे बादल
    मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 1 से 30 अक्तूबर के बीच हिमाचल प्रदेश में सामान्य से 174 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। जहां इस अवधि में 25 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना जाता है, वहीं इस बार 68.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। प्रदेश के सभी जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज हुई है।

  • नाहन-श्री रेणुका जी मार्ग आज दोपहर 3 बजे तक रहेगा बंद

    नाहन-श्री रेणुका जी मार्ग आज दोपहर 3 बजे तक रहेगा बंद

    सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए निर्णय; नेहली ब्लैक स्पॉट पर खतरनाक चट्टानें हटाने का कार्य शुरू

    हिमाचल नाऊ न्यूज़, नाहन:

    बिलासपुर में हुए दुखद हादसे के बाद, जहाँ मंगलवार शाम को भूस्खलन की चपेट में आने से बस में सवार 15 लोगों की जान चली गई थी, नाहन प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया है।

    नाहन विधानसभा क्षेत्र के सबसे बड़े ब्लैक स्पॉट नेहली पर अब लोक निर्माण विभाग (PWD) ने युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, नाहन वाया जमटा-रेणुका जी मार्ग को आज बुधवार शाम 3:00 बजे तक सभी तरह के यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

    यह सुरक्षात्मक कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि नेहली ब्लैक स्पॉट पर भारी भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। बीते दो दिनों की बारिश के कारण यहाँ की चट्टानें रुक-रुक कर गिर रही थीं, और खतरनाक मलबा तथा चट्टानें कभी भी किसी बड़ी अनहोनी को जन्म दे सकती थीं।

    इस गंभीर खतरे की स्थिति को भाँपते हुए PWD नाहन ने तुरंत पोकलैंड और अन्य मशीनरी लगाकर चिन्हित किए गए ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित करने और खतरनाक चट्टानों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया है।

    लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आलोक जवनेजा ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि मौके पर मशीनरी लगा दी गई है और लगातार मालवा गिरने के क्रम को देखते हुए सड़क को सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए प्रशासन की अनुमति से अवरूद्ध कर दिया गया है।

    उन्होंने आम जनता से सहयोग की अपील की है और बताया कि छोटे वाहन वैकल्पिक मार्ग जमटा वाया बिरला-ददाहू होते हुए श्री रेणुका जी आदि क्षेत्रों की तरफ जा सकते हैं। विभाग का लक्ष्य है कि कार्य जल्द से जल्द पूरा हो ताकि मार्ग को सुरक्षित रूप से खोला जा सके और बिलासपुर जैसे भीषण हादसे की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

  • सिरमौर में अलर्ट: गिरि जल बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण नदी किनारों पर जाना खतरनाक

    सिरमौर में अलर्ट: गिरि जल बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण नदी किनारों पर जाना खतरनाक

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन (सिरमौर):

    जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, सिरमौर ने आज (06 अक्टूबर 2025) दोपहर बाद एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी करते हुए आम जनता को नदी के किनारों और निचले इलाकों से तत्काल दूर रहने का निर्देश दिया है। यह चेतावनी गिरि ज बैराज, श्री रेणुका जी से पानी छोड़े जाने की सूचना के बाद जारी की गई है।

    उपायुक्त कार्यालय, सिरमौर द्वारा जारी सूचना के अनुसार, गिरि ज बैराज से आज दोपहर 1 बजकर 55 मिनट पर गेट नंबर 4 से पानी छोड़ा जाएगा।बैराज से पानी छोड़े जाने की स्थिति में, इसके अंतर्गत आने वाली नेपाली पंचायतों और सभी मैदानी इलाकों में जल स्तर बढ़ने या बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने की संभावना है।

    इसके साथ ही, नदी के किनारों पर और आसपास के क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इस दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए स्थानीय जनता से नदी के किनारों व आस-पास जाने से पूर्ण रूप से परहेज करने का अनुरोध किया है।

    प्राधिकरण ने सभी ग्राम पंचायत प्रधानों, गैर सरकारी संगठनों, एवं नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ। प्राधिकरण ने इस सूचना को ध्यान में रखते हुए सभी से अपने-अपने क्षेत्रों में उच्च सतर्कता बनाए रखने को कहा है।

    किसी भी आपदा या घटना की स्थिति में, तत्काल प्रभाव से जिला आपदा प्रबंधन परिचालन केंद्र को 01702-226401 से 226405 तक के नंबरों पर या टोल फ्री नंबर 1077 पर सूचित किया जा सकता है। यह चेतावनी उपायुक्त सिरमौर द्वारा जनहित में जारी की गई है।

  • किन्नौर के थाच गांव में बादल फटा, राज्य में भूस्खलन से 555 सड़कें बंद

    किन्नौर के थाच गांव में बादल फटा, राज्य में भूस्खलन से 555 सड़कें बंद

    हिमाचल में बारिश का कहर, बगीचे तबाह और सड़क संपर्क बाधित

    हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। किन्नौर जिले के निगुलसरी के पास थाच गांव में देर रात बादल फटने से भारी तबाही हुई। इस घटना में तीन नालों में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे ग्रामीणों की उपजाऊ जमीन और सेब के बगीचे पूरी तरह नष्ट हो गए। बाढ़ का मलबा एनएच-5 पर पहुंचने से किन्नौर का सड़क संपर्क पूरी तरह से कट गया।

    शिमला/किन्नौर

    ग्रामीणों ने जंगल में भागकर बचाई जान
    स्थानीय लोगों ने बताया कि देर रात करीब 12:10 बजे जब बादल फटने की आवाज आई तो लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए और पास के जंगलों में जाकर शरण ली। इस बाढ़ में दो गाड़ियां बह गईं और मस्तान गांव में एक गौशाला के साथ कई घरों को भी नुकसान पहुंचा। तीन मकान पूरी तरह खतरे की जद में आ गए हैं।

    भूस्खलन से 555 सड़कें बंद
    भारी बारिश और भूस्खलन के कारण पूरे राज्य में 555 से अधिक सड़कें बाधित हो गई हैं। कई मार्गों पर मलबा आने से यातायात पूरी तरह ठप है। प्रशासन की टीमें सड़क बहाली में जुटी हुई हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण कार्य में मुश्किलें आ रही हैं।

    मौसम विभाग का अलर्ट
    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है।

  • नाहन में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, एमसी कॉम्प्लेक्स में भरा पानी

    नाहन में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, एमसी कॉम्प्लेक्स में भरा पानी

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन:

    जिला मुख्यालय नाहन में बुधवार दोपहर बाद सीजन की सबसे मूसलाधार बारिश हुई, जिससे शहर का जनजीवन प्रभावित हो गया। भारी बारिश के कारण शहर के आसपास बहने वाले नाले और खड्डें उफान पर आ गईं, जिससे लोगों में डर का माहौल रहा।

    बारिश का सबसे ज्यादा असर दिल्ली गेट स्थित एमसी कॉम्प्लेक्स में देखा गया, जहां गुरुद्वारे की नई इमारत की पार्किंग से आ रहे पानी ने सैलाब का रूप ले लिया। इसके चलते परिसर में एक फुट से ज्यादा पानी भर गया।

    अच्छी बात यह रही कि एक पहाड़ी चोटी पर बसे होने के कारण नाहन का ज्यादातर पानी ढलान की ओर बह गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। इसके बावजूद, शहर के आसपास के धार क्यारी, कोठरी, सैनवाला और तालों जैसे क्षेत्रों से बहने वाले छोटे नाले भी प्रचंड वेग से बहते देखे गए।

    हालांकि, भारी बारिश के दौरान शहर के मुख्य रास्ते सुरक्षित रहे, लेकिन कई जगहों पर वाहन चालकों को रुकना पड़ा। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

  • मंडी में बारिश का कहर: धर्मपुर बस स्टैंड जलमग्न, सुंदरनगर में मकान ढहने से एक की मौत

    मंडी में बारिश का कहर: धर्मपुर बस स्टैंड जलमग्न, सुंदरनगर में मकान ढहने से एक की मौत

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ मंडी

    हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें मंडी जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। धर्मपुर में सोन खड्ड में आई बाढ़ के कारण पूरा बाजार और बस स्टैंड जलमग्न हो गया।

    पानी का बहाव इतना तेज था कि बस स्टैंड में लगभग 10 फीट तक पानी भर गया, जिससे HRTC की 20 से ज्यादा बसें पानी में डूब गईं। कई निजी वाहन, दुकानें और घर भी इसकी चपेट में आ गए।


    रात भर चली इस आफत में लोगों को छतों और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। इस दौरान एक दवा विक्रेता अपनी गाड़ी समेत बह गया, जिसकी पहचान नरेंद्र कुमार के रूप में हुई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं।

    वहीं, सुंदरनगर के निहरी क्षेत्र में एक मकान ढहने से चार लोग मलबे में दब गए। राहत और बचाव दल ने अब तक एक शव को बरामद कर लिया है, जबकि बाकी तीन को निकालने के प्रयास जारी हैं।

    पिछले कुछ दिनों से धर्मपुर और सरकाघाट में भारी नुकसान की खबरें लगातार आ रही हैं, जहां अब तक 20 से अधिक घर और पशुशालाएं क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। 40 के करीब घरों को खाली कराया गया है।


    मंडी में प्राकृतिक आपदा, धर्मपुर का हाल बेहाल; सुंदरनगर में मलबे में दबे लोग
    मंडी जिले में भारी बारिश के बाद हालात बिगड़ गए हैं। धर्मपुर में सोन खड्ड का पानी बाजार और बस स्टैंड तक पहुंच गया, जिससे 10 फीट तक पानी भर गया।

    HRTC की 20 से ज्यादा बसें पानी में डूब गईं, साथ ही कई गाड़ियां, दुकानें और घर भी क्षतिग्रस्त हुए।
    इस आपदा के बीच एक दवा विक्रेता, नरेंद्र कुमार, अपनी गाड़ी समेत बाढ़ के पानी में बह गए।

    पुलिस और प्रशासनिक टीमें लोगों की मदद में लगी हैं।
    उधर, सुंदरनगर में भी एक बड़ी दुर्घटना हुई, जहां मकान ढहने से चार लोग दब गए।

    अब तक एक शव को निकाला जा चुका है, जबकि बाकी तीन की तलाश जारी है। मंडी के धर्मपुर और सरकाघाट इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बारिश के कारण भारी नुकसान हुआ है, जिससे कई घर और पशुशालाएं टूट गई हैं और लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।

  • Himachal Weather / हिमाचल में 13-14 सितंबर को भारी बारिश और गर्जना का येलो अलर्ट, सतर्क रहें

    Himachal Weather / हिमाचल में 13-14 सितंबर को भारी बारिश और गर्जना का येलो अलर्ट, सतर्क रहें

    हिमाचल प्रदेश में अगले दो दिन कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। शिमला, मंडी, सोलन और सिरमौर में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

    शिमला

    पिछले 24 घंटे का मौसम
    मंडी, सुंदरनगर, कांगड़ा, जोगिंदर नगर, धर्मशाला, कसौली और धर्मपुर में हल्की से मध्यम बारिश हुई। राज्य का अधिकतम तापमान ताबो में 34.5° और न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में 8.2° दर्ज किया गया।

    जिलों का पूर्वानुमान

    • 13 सितंबर: मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश और गर्जना। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा और कुल्लू में बिजली गिरने की संभावना।
    • 14 सितंबर: कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश। अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा।

    शिमला शहर का पूर्वानुमान
    13-14 सितंबर को गर्जन के साथ बारिश। अधिकतम तापमान 22-23° और न्यूनतम तापमान 16-17° रहने की संभावना।

  • ALERT / मंडी में 13-14 सितंबर को भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी

    ALERT / मंडी में 13-14 सितंबर को भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी

    भारत मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने मंडी जिले में 13 और 14 सितंबर को बारिश, तेज हवाओं और आसमानी बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। जिला प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से सतर्क रहने की अपील की है।

    मंडी

    जारी हुआ येलो अलर्ट
    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 13 और 14 सितंबर को जिले में कई स्थानों पर भारी बारिश और आंधी की संभावना है। आसमानी बिजली गिरने का भी खतरा है।

    प्रशासन की अपील
    जिला प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से ऊपरी और पहाड़ी क्षेत्रों, नदियों, नालों और भूस्खलन प्रभावित इलाकों में जाने से परहेज करने की सलाह दी है।

    सुरक्षित रहने के निर्देश
    प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने को कहा है ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।

    आपातकालीन संपर्क नंबर
    आपात स्थिति में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नंबर 01905-226201, 226202, 226203, 226204 या टोल फ्री हेल्पलाइन 1077 पर संपर्क करें।