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  • सिरमौर में नशे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई, तीन मामलों में चार आरोपी पकड़े गए

    सिरमौर में नशे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई, तीन मामलों में चार आरोपी पकड़े गए

    जिला सिरमौर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए तीन मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में ड्रग सेवन, स्मैक बरामदगी और अवैध शराब से जुड़े मामलों में चार आरोपियों को पकड़ा गया है।

    नाहन/सिरमौर

    पांवटा साहिब में ड्रग सेवन का मामला
    पुलिस थाना पांवटा साहिब की टीम ने गोविन्दघाट के समीप देईजी साहब गेट के सामने एक अल्टो कार में नशा करते हुए तीन युवकों को पकड़ा। आरोपियों की पहचान लखबीर सिंह निवासी खम्बानगर माजरी धौलाकुआं, संजीव कुमार निवासी पीपलीवाला और रितिक सोहतरा निवासी मैन मार्केट माजरा, तहसील पांवटा साहिब के रूप में हुई है। वाहन की तलाशी के दौरान एक लाइटर और दो फॉयल पेपर बरामद किए गए।

    चिकित्सकीय जांच में सेवन की पुष्टि
    तीनों आरोपियों की मेडिकल जांच करवाई गई, जिसमें ड्रग सेवन की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस थाना पांवटा साहिब में उनके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच जारी है।

    माजरा क्षेत्र में स्मैक बरामद
    पुलिस थाना माजरा क्षेत्र में गश्त के दौरान एक व्यक्ति को 8.72 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा गया। आरोपी की पहचान मुन्तजिर निवासी गांव मेलियो, डाकघर माजरा, जिला सिरमौर के रूप में हुई है। यह बरामदगी आईपीएच कार्यालय की ओर से कब्रिस्तान नहर के पास की गई। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय से पुलिस हिरासत रिमांड प्राप्त किया गया है।

    पुरुवाला में अवैध शराब का मामला
    पुलिस थाना पुरुवाला क्षेत्र में गांव मानपुर देवड़ा, तहसील पांवटा साहिब की एक महिला को 5 लीटर अवैध शराब के साथ पकड़ा गया है। इस संबंध में पुरुवाला थाने में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

    पुलिस का अभियान जारी
    जिला पुलिस प्रशासन ने बताया कि नशे और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • सिरमौर में बड़ा हादसा, हरिपुरधार में निजी बस गहरी खाई में गिरी

    सिरमौर में बड़ा हादसा, हरिपुरधार में निजी बस गहरी खाई में गिरी

    कई लोगों की मौत की आशंका, दर्जनों यात्री घायल, स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू जारी, डीसी सिरमौर घटना स्थल की ओर रवाना, पांच लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि


    हरिपुरधार

    जिला सिरमौर के हरिपुरधार क्षेत्र में शुक्रवार को बड़ा सड़क हादसा हो गया। कुपवी–हरिपुरधार–शिमला रूट पर चलने वाली निजी बस जीत कोच शुक्रवार दोपहर बाद हरिपुरधार के समीप अनियंत्रित होकर करीब 400 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।


    प्राप्त जानकारी के अनुसार बस शिमला से कुपवी की ओर जा रही थी। हादसे के समय बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

    हादसे में कई लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि दर्जनों यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हालांकि मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर अभी तक प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सड़क पर पाला जमा होने के कारण चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख पाया। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां तीखा मोड़ भी है, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया है। एसपी सिरमौर नाहन से घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है और घायलों को खाई से निकालकर उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जा रहा है।

    फिलहाल हादसे के कारणों और मृतकों की संख्या को लेकर प्रशासनिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। अपडेट के साथ बता दे की डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा के द्वारा पांच लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की गई है। घायलों के लिए उचित व्यवस्था प्रशासन इलाज के लिए करने में जुटा हुआ है।

  • पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट श्रीरेणुकाजी बांध को फॉरेस्ट क्लीयरेंस, 16 जनवरी को खुलेंगे डायवर्सन टनल के टेंडर

    पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट श्रीरेणुकाजी बांध को फॉरेस्ट क्लीयरेंस, 16 जनवरी को खुलेंगे डायवर्सन टनल के टेंडर

    6946 करोड़ की परियोजना से दिल्ली को पानी, हिमाचल को बिजली, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किया था बड़ा प्रयास

    नाहन
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट श्रीरेणुकाजी बांध को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से फॉरेस्ट क्लीयरेंस की अंतिम मंजूरी मिल गई है।

    दशकों से लंबित इस राष्ट्रीय महत्व की बहुआयामी परियोजना को मंजूरी मिलने के साथ ही अब इसके निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। परियोजना के प्रथम चरण में बनाई जाने वाली डायवर्सन टनलों के लिए 16 जनवरी को टेंडर खोले जाएंगे।

    6946 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला श्रीरेणुकाजी बांध छह वर्षों में तैयार किया जाएगा। परियोजना के पूरा होने पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को प्रतिदिन 23 लाख क्यूसिक पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि हिमाचल प्रदेश को 40 मेगावाट बिजली प्राप्त होगी।

    इसके अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराया जाएगा।

    फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलना इस परियोजना की सबसे बड़ी बाधा माना जा रहा था, जो अब दूर हो गई है। मंजूरी के बाद मुख्य जलधारा को डायवर्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके पश्चात बांध निर्माण कार्य द्रुत गति से आगे बढ़ेगा।

    श्रीरेणुकाजी में बनने वाले इस बांध की ऊंचाई 148 मीटर होगी। बांध निर्माण से 24 किलोमीटर लंबी झील अस्तित्व में आएगी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल शिलान्यास के दौरान परशुराम सागर नाम दिया गया था। इस झील के निर्माण से 1988 हेक्टेयर भूमि जलमग्न होगी।

    बड़ी बात तो यह भी है कि पूर्व में रही भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के द्वारा श्री रेणुका जी बांध परियोजना का मामला रखा गया था इसके बाद केंद्र सरकार के साथ 4 राज्यों के मुख्यमंत्री की एक बैठक भी संभव हुई थी। यह पूर्व सरकार का ही प्रयास था कि इस बांध परियोजना का वर्चुअल शिलान्यास किया गया था।

    परियोजना की लागत का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 10 प्रतिशत राशि छह लाभान्वित राज्यों द्वारा वहन की जाएगी। बांध निर्माण से 37 गांवों के 259 परिवार पूर्ण रूप से विस्थापित होंगे, जबकि कुल 1142 परिवार प्रभावित होंगे।

    प्रभावित परिवारों को सरकार द्वारा अब तक 621 करोड़ रुपये से भी अधिक का मुआवजा प्रदान किया जा चुका है।
    करीब पांच दशकों तक यह परियोजना बजट, भूमि अधिग्रहण, फॉरेस्ट क्लीयरेंस, न्यायालयीन अड़चनों और राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में अटकी रही। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिलान्यास और फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद इसे बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

    खबर की पुष्टि करते हुए श्रीरेणुकाजी बांध परियोजना के महाप्रबंधक खेम सिंह ठाकुर ने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से परियोजना को फॉरेस्ट क्लीयरेंस की अंतिम मंजूरी मिल चुकी है।

    उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में बनाई जाने वाली डायवर्सन टनलों के लिए 16 जनवरी को टेंडर खोले जाएंगे, जिसके बाद बांध निर्माण कार्य तेज गति से शुरू होगा।

  • केंद्र से मिली मंजूरी से तेज होंगे सिरमौर के विकास कार्य, नाहन वन वृत्त के 6 एफसीए मामलों को हरी झंडी

    केंद्र से मिली मंजूरी से तेज होंगे सिरमौर के विकास कार्य, नाहन वन वृत्त के 6 एफसीए मामलों को हरी झंडी

    जिला सिरमौर में लंबे समय से लंबित विकास परियोजनाओं को लेकर बड़ी प्रशासनिक राहत सामने आई है। नाहन वन वृत्त के अंतर्गत फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए केंद्र सरकार को भेजे गए 22 मामलों में से 6 मामलों को अंतिम मंजूरी मिल गई है।

    सिरमौर/नाहन

    केंद्र से मिली प्रशासनिक राहत
    जिला सिरमौर में लंबे समय से लंबित विकास परियोजनाओं को लेकर बड़ी प्रशासनिक राहत सामने आई है। नाहन वन वृत्त के अंतर्गत फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए केंद्र सरकार को भेजे गए 22 मामलों में से 6 मामलों को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अंतिम मंजूरी मिल गई है। इससे सड़क, बिजली और जल संसाधन से जुड़े कई अहम कार्यों के शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।

    वन मंडलों के अनुसार स्वीकृत मामले
    जानकारी के अनुसार जिन मामलों को फाइनल अप्रूवल मिला है, उनमें नाहन वन मंडल के तीन, पांवटा साहिब वन मंडल के एक तथा रेणुकाजी वन मंडल के दो प्रस्ताव शामिल हैं। हालांकि राजगढ़ वन मंडल का कोई भी मामला अभी तक अंतिम स्वीकृति स्तर तक नहीं पहुंच पाया है, जिससे क्षेत्र में विकास को लेकर असंतुलन की स्थिति भी सामने आ रही है।

    एफसीए मामलों की वर्तमान स्थिति
    आंकड़ों के मुताबिक नाहन वन मंडल में कुल 10 एफसीए मामलों में से 3 को फाइनल, 3 को इन-प्रिंसिपल अप्रूवल मिला है, जबकि 4 मामले अभी विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं। पांवटा साहिब वन मंडल में 3 मामलों में से एक को अंतिम मंजूरी मिली है, जबकि दो प्रस्ताव सैद्धांतिक स्वीकृति की श्रेणी में हैं।

    रेणुकाजी और राजगढ़ वन मंडल की स्थिति
    रेणुकाजी वन मंडल में 7 मामलों में से 2 को केंद्रीय मंजूरी मिल चुकी है, जबकि 5 अभी अंडर प्रोसेस बताए जा रहे हैं। वहीं राजगढ़ वन मंडल के 2 मामलों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया है।

    फाइनल मंजूरी पाने वाली प्रमुख परियोजनाएं
    फाइनल मंजूरी पाने वाली परियोजनाओं में अपर जामली से बढ़ोन कठाना लिंक रोड, भेड़ों से आदि बदरी लिंक रोड, 132 केवी एमसीटी लाइन निर्माण परियोजना, पांवटा साहिब–बल्लूपुर एनएच-72 के उन्नयन से जुड़ा वन भूमि डायवर्जन, चिल्लोन से चोकी मिरगवाल लिंक रोड और रेणुका बांध परियोजना शामिल हैं। इन परियोजनाओं को जिले के विकास के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

    लंबे समय से अटके थे विकास कार्य
    प्रशासनिक जानकारों के अनुसार फॉरेस्ट क्लीयरेंस में देरी के चलते कई विकास कार्य वर्षों से अटके हुए थे। ऐसे में केंद्र से मिली यह मंजूरी राज्य सरकार और जिला प्रशासन के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जबकि शेष लंबित मामलों को लेकर भी लगातार फॉलोअप किए जाने की बात कही जा रही है।

    फॉरेस्ट कंजर्वेटर ने की पुष्टि
    खबर की पुष्टि करते हुए फॉरेस्ट कंजर्वेटर बसंत किरण बाबू ने बताया कि जिला सिरमौर से कुल 22 मामले फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए भेजे गए थे। इनमें से 6 मामलों को फाइनल अप्रूवल मिल चुकी है, पांच मामले इन-प्रिंसिपल अप्रूवल की श्रेणी में हैं, जबकि 11 मामले अभी अंडर प्रोसेस चल रहे हैं।

  • पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट श्री रेणुका जी बांध को फॉरेस्ट क्लीयरेंस, 16 जनवरी को खुलेंगे टेंडर

    पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट श्री रेणुका जी बांध को फॉरेस्ट क्लीयरेंस, 16 जनवरी को खुलेंगे टेंडर

    ड्रीम प्रोजेक्ट श्री रेणुका जी : 6946 करोड़ रुपये की इस बहुउद्देशीय परियोजना से दिल्ली को पेयजल और हिमाचल को बिजली उपलब्ध होगी। फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद बांध निर्माण का मार्ग पूरी तरह साफ हो गया है।

    सिरमौर/नाहन

    फॉरेस्ट क्लीयरेंस की अंतिम मंजूरी
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट श्री रेणुका जी बांध को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से फॉरेस्ट क्लीयरेंस की अंतिम मंजूरी मिल गई है। दशकों से लंबित इस राष्ट्रीय महत्व की बहुआयामी परियोजना को मंजूरी मिलने के साथ ही अब इसके निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

    डायवर्सन टनलों के टेंडर
    परियोजना के प्रथम चरण में बनाई जाने वाली डायवर्सन टनलों के लिए 16 जनवरी को टेंडर खोले जाएंगे। फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने को इस परियोजना की सबसे बड़ी बाधा माना जा रहा था, जो अब दूर हो गई है।

    परियोजना की लागत और लाभ
    6946 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला श्री रेणुका जी बांध छह वर्षों में तैयार किया जाएगा। परियोजना के पूरा होने पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को प्रतिदिन 23 लाख क्यूसिक पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि हिमाचल प्रदेश को 40 मेगावाट बिजली प्राप्त होगी। इसके अतिरिक्त हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराया जाएगा।

    बांध और झील की विशेषताएं
    श्री रेणुका जी में बनने वाले इस बांध की ऊंचाई 148 मीटर होगी। बांध निर्माण से 24 किलोमीटर लंबी झील अस्तित्व में आएगी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल शिलान्यास के दौरान परशुराम सागर नाम दिया गया था। इस झील के निर्माण से 1988 हेक्टेयर भूमि जलमग्न होगी।

    वित्तीय हिस्सेदारी और मुआवजा
    परियोजना की लागत का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 10 प्रतिशत राशि छह लाभान्वित राज्यों द्वारा वहन की जाएगी। बांध निर्माण से 37 गांवों के 259 परिवार पूर्ण रूप से विस्थापित होंगे, जबकि कुल 1142 परिवार प्रभावित होंगे। प्रभावित परिवारों को सरकार द्वारा अब तक 621 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा प्रदान किया जा चुका है।

    दशकों पुरानी अड़चनें दूर
    करीब पांच दशकों तक यह परियोजना बजट, भूमि अधिग्रहण, फॉरेस्ट क्लीयरेंस, न्यायालयीन अड़चनों और राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में अटकी रही। अब शिलान्यास और फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद इसे बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

    परियोजना प्रबंधन की पुष्टि
    खबर की पुष्टि करते हुए श्री रेणुका जी बांध परियोजना के महाप्रबंधक खेम सिंह ठाकुर ने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से परियोजना को फॉरेस्ट क्लीयरेंस की अंतिम मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में बनाई जाने वाली डायवर्सन टनलों के लिए 16 जनवरी को टेंडर खोले जाएंगे, जिसके बाद बांध निर्माण कार्य तेज गति से शुरू होगा।

  • सिरमौर में आबकारी व जुआ अधिनियम के तहत तीन अभियोग दर्ज, अवैध शराब व सट्टेबाजी पर कार्रवाई

    सिरमौर में आबकारी व जुआ अधिनियम के तहत तीन अभियोग दर्ज, अवैध शराब व सट्टेबाजी पर कार्रवाई

    अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई कार्रवाई में अवैध शराब की बड़ी खेप बरामद की गई और जुए को बढ़ावा देने वाले व्यक्ति को पकड़ा गया। पुलिस ने सभी मामलों में नियमानुसार जांच शुरू कर दी है।

    सिरमौर/नाहन

    राजगढ़ थाना क्षेत्र में अवैध शराब के दो मामले दर्ज
    पुलिस थाना राजगढ़ में आबकारी अधिनियम के तहत दो अलग-अलग मामलों में अभियोग दर्ज किए गए हैं। पहले मामले में पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर योगेश शर्मा निवासी गांव देवठी, डाकघर रेडुघाटी, तहसील राजगढ़ के कब्जे से उसकी दुकान के साथ लगे शटर के अंदर बने स्टोर से 36 बोतल अवैध शराब मार्का संतरा नंबर-1 बरामद की। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ धारा 39(1)(a) हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

    चिकन शॉप के स्टोर से 48 बोतल अवैध शराब बरामद
    इसी थाना क्षेत्र में एक अन्य कार्रवाई में पुलिस ने भारत भूषण निवासी गांव चम्बीधार, डाकघर रेडुघाटी, तहसील राजगढ़ के चिकन शॉप से जुड़े स्टोर में रखे लकड़ी के बॉक्स से 48 बोतल अवैध शराब बरामद की। आरोपी के खिलाफ भी धारा 39(1)(a) हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किया गया है। मामले की आगामी जांच जारी है।

    सदर नाहन थाना क्षेत्र में जुआ अधिनियम का मामला
    पुलिस थाना सदर नाहन में जुआ अधिनियम के तहत एक अभियोग दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सुरेंद्र सिंह निवासी मकान नंबर 103/13, मोहल्ला गोविंदगढ़, नाहन को खजुरना क्षेत्र में सड़क किनारे बने रेन शैल्टर के अंदर लोगों को दड़ा-सट्टा लगाने के लिए उकसाते हुए पकड़ा। आरोपी कथित तौर पर एक के बदले 80 रुपये मिलने का लालच दे रहा था। इस पर उसके खिलाफ धारा 13A-3-67 पब्लिक गैम्बलिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी
    जिला पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब कारोबार और जुआ गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • सिरमौर पुलिस ने करनाल से उदघोषित अपराधी को दबोचा, रेणुकाजी थाने का वांछित आरोपी गिरफ्तार

    सिरमौर पुलिस ने करनाल से उदघोषित अपराधी को दबोचा, रेणुकाजी थाने का वांछित आरोपी गिरफ्तार

    सिरमौर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत लंबे समय से फरार चल रहे एक उदघोषित अपराधी को हरियाणा के करनाल से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के खिलाफ रेणुकाजी थाना क्षेत्र में गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है।

    सिरमौर/नाहन

    उदघोषित अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान
    पुलिस अधीक्षक सिरमौर के निर्देशानुसार जिला में उदघोषित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पुलिस टीमों का गठन कर लगातार दबिश दी जा रही है।

    करनाल से आरोपी की गिरफ्तारी
    इसी अभियान के दौरान 6 जनवरी 2026 को पुलिस टीम ने राजेश कुमार पुत्र स्वर्गीय केवल कृष्ण निवासी हाउस नंबर 426, अमरपुरी कॉलोनी, पुलिस स्टेशन फरकपुर, जिला यमुनानगर (हरियाणा) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को हरियाणा के करनाल से काबू किया।

    2015 से दर्ज है मामला
    गिरफ्तार आरोपी राजेश कुमार के खिलाफ पुलिस थाना रेणुकाजी में अभियोग संख्या 35/15 दिनांक 19 जुलाई 2015 दर्ज है। आरोपी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 353, 332, 34 तथा वाइल्ड लाइफ एक्ट की धारा 38-जे के तहत मामला दर्ज है।

    आगे की कार्रवाई जारी
    पुलिस के अनुसार आरोपी को संबंधित थाना क्षेत्र में लाकर नियमानुसार आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उदघोषित अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

  • पझौता की बेटी मैघा सिंह कंवर, HAS टॉपर बनने के बाद गांव वापसी पर हुआ भव्य स्वागत

    पझौता की बेटी मैघा सिंह कंवर, HAS टॉपर बनने के बाद गांव वापसी पर हुआ भव्य स्वागत

    मैघा सिंह कंवर ने हिमाचल में प्रथम रैंक हासिल कर पझौता क्षेत्र और सिरमौर जिले का नाम रोशन किया। गांव खनीवड़ पहुंचने पर ढोल-नगाड़ों और आशीर्वाद के साथ उनका भावनात्मक स्वागत किया गया।

    सिरमौर/खनीवड़

    गांव में बना उत्सव जैसा माहौल

    हिमाचल टॉपर बनने के बाद शिमला से गांव लौटते समय मैघा सिंह कंवर का पझौता क्षेत्र में जगह-जगह स्वागत किया गया। खनीवड़ पहुंचते ही ढोल-नगाड़ों और पटाखों के बीच ग्रामीणों ने इस उपलब्धि को सामूहिक उत्सव के रूप में मनाया।

    मां-बेटी का भावुक क्षण

    घर पहुंचते ही मां की आंखें खुशी से नम हो गईं और यह दृश्य पूरे गांव के लिए भावनात्मक पल बन गया। मैघा ने कुलदेवी का स्मरण करते हुए सफलता का श्रेय परिवार और गुरुओं को दिया।

    शिक्षा यात्रा बनी प्रेरणा

    मैघा ने प्रारंभिक शिक्षा गांव से, स्कूली पढ़ाई नवोदय विद्यालय से और स्नातक की पढ़ाई नौणी विश्वविद्यालय से पूरी की। उनकी सफलता को ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है।

  • कोटडी व्यास के छात्र परिस का अंडर-14 नेशनल हैंडबॉल के लिए चयन, राजस्थान में दिखाएगा प्रतिभा

    कोटडी व्यास के छात्र परिस का अंडर-14 नेशनल हैंडबॉल के लिए चयन, राजस्थान में दिखाएगा प्रतिभा

    कोटडी व्यास पंचायत के लिए यह उपलब्धि गर्व का विषय बनी है। स्कूल, पंचायत और खेल जगत में छात्र की सफलता को लेकर उत्साह का माहौल है।

    सिरमौर/कोटडी व्यास

    राजस्थान में होगा राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन

    स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के तहत आयोजित 69वें नेशनल गेम्स में शहीद कमलकांत मेमोरियल विद्यालय कोटडी व्यास के छात्र परिस का चयन अंडर-14 नेशनल हैंडबॉल प्रतियोगिता के लिए हुआ है। यह प्रतियोगिता राजस्थान के चितौड़गढ़ में आयोजित की जाएगी, जहां परिस हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगा।

    लगातार मेहनत और कोचिंग का मिला परिणाम

    नौवीं कक्षा में अध्ययनरत परिस पिछले कई वर्षों से अपने कोच धर्मेंद्र चौधरी के मार्गदर्शन में हैंडबॉल की बारीकियां सीख रहा है। कड़ी मेहनत और अनुशासन के चलते उसे राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अवसर मिला है। इस सफलता पर उसके पिता दयाल भुड व्यास ने खुशी व्यक्त की है।

    स्कूल और पंचायत में खुशी का माहौल

    परिस के चयन से विद्यालय में खुशी का माहौल है। स्कूल स्टाफ, एसएमसी कमेटी और विद्यार्थियों ने उसकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। एसएमसी अध्यक्ष मान सिंह सहित समिति सदस्यों ने कहा कि परिस का चयन विद्यालय और क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।

    शिक्षकों और पंचायत प्रतिनिधियों ने दी बधाई

    विद्यालय के शिक्षकों और शिक्षा विदों ने परिस और उसके कोच को शुभकामनाएं दीं। पंचायत प्रधान ने कहा कि कोटडी व्यास स्कूल लगातार खेलों में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है, जो क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।

    नेशनल कैंप में चल रहा प्रशिक्षण

    हिमाचल प्रदेश हैंडबॉल टीम के चीफ डी मिशन धर्मेंद्र चौधरी ने बताया कि परिस वर्तमान में हमीरपुर के मंजेहेली में आयोजित नेशनल कैंप में प्रशिक्षण ले रहा है। इसके बाद वह 5 से 10 जनवरी तक चितौड़गढ़ में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि परिस और हिमाचल प्रदेश की टीम नेशनल गेम्स में बेहतरीन प्रदर्शन करेगी।

  • सिरमौर पुलिस ने नशा माफिया पर कसा शिकंजा, 2025 में NDPS मामलों में 90 प्रतिशत की बढ़ोतरी

    सिरमौर पुलिस ने नशा माफिया पर कसा शिकंजा, 2025 में NDPS मामलों में 90 प्रतिशत की बढ़ोतरी

    सिरमौर जिले में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज हुई है, जिसके चलते अभियोगों, गिरफ्तारियों और बरामदगी में बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है। नशा तस्करों की अवैध कमाई और नेटवर्क को तोड़ने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं।

    सिरमौर

    2024 की तुलना में 2025 में बड़ी बढ़ोतरी

    नशा आज प्रदेश और देश की गंभीर समस्या बन चुका है, जो युवाओं को अंधकार की ओर धकेल रहा है। सिरमौर पुलिस ने नशा माफिया के खिलाफ अभियान तेज करते हुए वर्ष 2024 में ND&PS एक्ट के तहत 103 अभियोग दर्ज किए थे, जिनमें 159 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2025 में विशेष अभियान, स्पेशल टीमों और सतत निगरानी के चलते ND&PS एक्ट के तहत 191 अभियोग दर्ज किए गए और 279 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 90 प्रतिशत अधिक है।

    हेरोइन, चरस और अफीम की बड़ी बरामदगी

    अभियान के दौरान युवा वर्ग में तेजी से फैल रहे हेरोइन/चिट्टा के 78 मामलों में कुल 1.065 किलोग्राम नशीला पदार्थ बरामद किया गया। इसके अलावा 54 मामलों में 31.45 किलोग्राम चरस, 7.805 किलोग्राम गांजा और 1020 भांग के पौधे जब्त किए गए।
    25 मामलों में 2.303 किलोग्राम अफीम, 99.806 किलोग्राम भुक्की, 28.879 किलोग्राम डोडे और 1483 अफीम के पौधे बरामद किए गए। वहीं 34 मामलों में 17,314 नशीले कैप्सूल, 3,778 नशीली गोलियां और 77 शीशियां सिरप जब्त की गईं।

    नकदी और सोने के गहनों की जब्ती

    नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 2,42,220 रुपये नकद और नशे के कारोबार से जुड़े 92.09 ग्राम सोने के गहने भी जब्त किए हैं। यह कार्रवाई न केवल तस्करों बल्कि उनके अवैध वित्तीय लाभों पर भी सीधा प्रहार है।

    चार करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति सीज

    वित्तीय जांच के तहत छह अलग-अलग मामलों में नशा तस्करों की 4,43,31,551.53 रुपये की नकदी और अवैध संपत्ति को सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृति प्राप्त कर सीज व फ्रीज किया गया। इस कदम को जिले में सक्रिय ड्रग नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ तोड़ने की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है।

    PIT ND&PS Act के तहत सख्त कार्रवाई

    बार-बार नशा तस्करी में लिप्त पाए गए आरोपियों के खिलाफ PIT ND&PS एक्ट, 1988 की धारा 3(1) के तहत निवारक निरोध की कार्रवाई की गई। इसके तहत सात आरोपियों को तीन-तीन महीने के लिए कारागार भेजा गया।

    18 हजार लोगों को किया गया जागरूक

    युवाओं और समाज को नशे से दूर रखने के लिए सिरमौर पुलिस ने 207 नशा जागरूकता शिविर आयोजित किए। स्कूलों और गांवों में जाकर करीब 18,000 विद्यार्थियों और आम लोगों को नशे के दुष्प्रभावों और इससे बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई।

    नशा माफिया को सख्त चेतावनी

    सिरमौर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध लाभदायक नहीं रहेगा। नशा माफिया के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, अवैध साधनों से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त किया जाएगा और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

    जनता से सहयोग की अपील

    नशा तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए आम जनता के सहयोग की अपील की गई है। पुलिस ने कहा है कि नशा तस्करों से जुड़ी सूचनाएं देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।