उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान चार दिनों तक सिरमौर जिले के विभिन्न शैक्षणिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इस दौरान वे जनसमस्याएं भी सुनेंगे।
सिरमौर/नाहन
चार दिन विभिन्न कार्यक्रमों में लेंगे भाग
उद्योग, संसदीय मामले एवं श्रम रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान 20 से 23 दिसंबर 2025 तक जिला सिरमौर के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
20 और 21 दिसंबर का कार्यक्रम
20 दिसंबर को उद्योग मंत्री इटरनल यूनिवर्सिटी बडू साहिब में आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि होंगे। 21 दिसंबर को वे रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चांदनी में वार्षिक समारोह में भाग लेंगे। इसके बाद दोपहर पश्चात सतौन में आम जनता की समस्याएं सुनेंगे।
22 और 23 दिसंबर को जनसुनवाई और समारोह
22 दिसंबर को मंत्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सतौन के वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि रहेंगे। इसके उपरांत शिलाई लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में जनता की शिकायतों का निवारण करेंगे। 23 दिसंबर को वे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टिम्बी में आयोजित वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
देवल टिकरी स्कूल में आयोजित वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विधायक रीना कश्यप ने विद्यालय और क्षेत्रीय संस्थानों के लिए विभिन्न विकास घोषणाएं कीं।
सिरमौर/देवल टिकरी
वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन
जिला सिरमौर के शिक्षा खंड सराहां अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय देवल टिकरी में शुक्रवार को वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पच्छाद विधानसभा क्षेत्र की विधायक रीना कश्यप ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलकूद पर जोर
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक रीना कश्यप ने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की सलाह देते हुए अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने पर बल दिया।
मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान वर्षभर विभिन्न शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। विधायक ने विद्यालय के शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।
विद्यालय व क्षेत्रीय संस्थानों के लिए विकास घोषणाएं
विधायक रीना कश्यप ने विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों की मांग पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय देवल टिकरी में तीन कक्षों और एक एमडीएम कक्ष के निर्माण के लिए दो लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त राजकीय प्राथमिक पाठशाला देवल टिकरी के दो कमरों और सुरक्षा दीवार के लिए एक लाख रुपये, भलेटा से डूगा गड़ी सड़क मरम्मत के लिए 50 हजार रुपये तथा अन्य शैक्षणिक व सामाजिक संस्थानों के लिए भी आर्थिक सहायता की घोषणाएं की गईं।
रात्री नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध पिकअप को जांच के लिए रोका, जहां भीतर बड़ी मात्रा में बिरोजा (राल) लदा मिला। दस्तावेज न दिखा पाने पर पुलिस ने वाहन जब्त कर दोनों व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
राजगढ़ (सिरमौर)
नाकाबंदी के दौरान पिकअप ने नाके से पहले रोका वाहन पुलिस थाना राजगढ़ की टीम 17 दिसंबर की रात पुलिस चौकी यशवंत नगर के बाहर नाकाबंदी ड्यूटी पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान सनौरा की ओर से आई एक पिकअप नाके से कुछ पहले रुक गई, जिस पर पुलिस को शक हुआ और टीम वाहन के पास पहुंची।
वाहन नंबर HP16A-4491, दो युवक मिले सवार जांच में पिकअप का नंबर HP16A-4491 पाया गया। वाहन में दो लोग बैठे थे, जिन्होंने अपनी पहचान अनिल (निवासी गांव बराड़, डाकघर रडुघाटी, तहसील राजगढ़) और जतिन (निवासी गांव शिलांजी, डाकघर रडुघाटी, तहसील राजगढ़) के रूप में बताई।
घबराहट के बाद खुला मामला, 161 टीन बिरोजा मिला लोड पुलिस के अनुसार जब दोनों से वाहन में लदे सामान के बारे में पूछा गया तो वे घबरा गए और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद वाहन की तलाशी ली गई, जिसमें पिकअप के भीतर बिरोजा के कुल 161 टीन लोड पाए गए।
पास-पर्मिट नहीं दिखा पाए, पुलिस ने दर्ज किया केस जब चालक से बिरोजा के परिवहन से संबंधित पास/परमिट मांगा गया तो वह मौके पर कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद दोनों के खिलाफ पुलिस थाना राजगढ़ में धारा 303(2), 3(5) BNS और वन अधिनियम की धारा 41, 42 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।
जांच जारी, दस्तावेजों की पड़ताल भी होगी पुलिस ने बताया कि प्रकरण में आगे जांच जारी है और यह भी देखा जाएगा कि बिरोजा कहां से लाया गया था और इसे कहां ले जाया जा रहा था।
जिला सिरमौर में प्रस्तावित पल्स पोलियो प्रतिरक्षण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने समन्वित रणनीति तैयार की है। अभियान के दौरान शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
नाहन
खंड स्तरीय कार्य बल की बैठक आयोजित चिकित्सा खंड धगेड़ा की खंड स्तरीय कार्य बल की बैठक उपमंडल अधिकारी नाहन राजीव सांख्यान की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पल्स पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम से संबंधित पूर्व तैयारियों को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।
स्कूलों और उद्योगों में जागरूकता के निर्देश उपमंडलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि विद्यालयों की प्रार्थना सभाओं में पल्स पोलियो अभियान की जानकारी दी जाए, ताकि बच्चों के माध्यम से संदेश घर-घर तक पहुंचे। उद्योग विभाग को कहा गया कि औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों के पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक दिलाने के लिए जागरूक किया जाए, जिससे कोई भी बच्चा अभियान से वंचित न रह जाए।
पंचायतों और आंगनवाड़ी केंद्रों की भूमिका बैठक में पंचायतों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने पर बल दिया गया।
धगेड़ा खंड में 12 हजार से अधिक बच्चों को मिलेगी खुराक खंड चिकित्सा अधिकारी धगेड़ा डॉ. मोनिषा अग्रवाल ने जानकारी दी कि धगेड़ा खंड में शून्य से पांच वर्ष आयु वर्ग के लगभग 12,540 बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक दी जाएगी। इसके लिए 98 बूथों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित टीमें तैनात की जाएंगी।
पोलियो रोग और वैक्सीन की जानकारी साझा डॉ. अग्रवाल ने बताया कि पोलियो एक संक्रामक रोग है, जो मुख्य रूप से पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओरल पोलियो वैक्सीन न केवल बच्चे को बल्कि आसपास रहने वाले लोगों को भी सुरक्षा प्रदान करती है, जबकि इंजेक्शन के माध्यम से दी जाने वाली दवा केवल बच्चे को ही सुरक्षा देती है।
सभी बच्चों को खुराक पिलाने की अपील स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से आग्रह किया कि शून्य से पांच वर्ष के सभी बच्चों को पल्स पोलियो की दवा अवश्य पिलाई जाए, ताकि बच्चों के साथ-साथ समाज को भी पोलियो से सुरक्षित रखा जा सके।
अधिकारी रहे उपस्थित बैठक में उप निदेशक उच्च शिक्षा हिमेन्द्र चन्द, उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा राजीव कुमार, बाल विकास अधिकारी इशाक मोहम्मद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के लाखों लोगों के आराध्य देव और कुल देवता छत्रधारी चालदा महासू महाराज ने शनिवार शाम, करीब छह बजे, टौंस नदी पर बने मिनस पुल को पार कर उत्तराखंड से हिमाचल प्रदेश की सिरमौर सीमा में पहली बार भव्य प्रवेश किया।
महाराज के आगमन के दौरान सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि मिनस में हजारों श्रद्धालुओं का विशाल जनसमूह जुट गया।भव्य स्वागत और धार्मिक रीति-रिवाजजिला सिरमौर की सीमा में प्रवेश करते ही पारंपरिक ढोल-नगाड़ों, पटाखों और ज़ोरदार आतिशबाजी के साथ वैदिक मंत्रोच्चारण व पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ महाराज का ज़ोरदार स्वागत किया गया।
जैसे ही महाराज की पालकी हिमाचल की सरजमीं पर उतरी, उन्हें कंधा देने वाले कारदार भी बदल गए। उत्तराखंड से पालकी लेकर आए कारदारों के स्थान पर, हिमाचल की सीमा से पश्मी गाँव के कारदारों ने श्रद्धापूर्वक पालकी को अपने कंधों पर उठाया।
मिनस में केवल सिरमौर ही नहीं, बल्कि शिमला जिले के जुब्बल, कोटखाई, रोहड़ू, चौपाल, नेरवा और सिरमौर के सतौन, शिलाई, पांवटा साहिब जैसे दूर-दराज के क्षेत्रों से आए हजारों भक्तों ने महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।
पहला पड़ाव और उत्सव का माहौलमिनस से शुरू हुई यह भव्य देव यात्रा रात को द्राबिल पहुँची, जहाँ चालदा महासू महाराज ने हिमाचल में अपना पहला पड़ाव लिया। द्राबिल में मंत्रोच्चारण के साथ विशेष पूजा-अर्चना की गई और रात भर कीर्तन का आयोजन चला।
महासू महाराज मंदिर समिति और ग्रामीणों द्वारा पचास हजार लोगों के लिए विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई थी। ठंड को देखते हुए भक्तों के लिए कई किलोमीटर तक टेंट लगाए गए और लकड़ी के अलाव जलाए गए, ताकि भक्तजन रात भर महाराज का जागरण कर सकें।
रविवार सुबह पूजा-अर्चना के बाद महाराज की देव यात्रा पश्मी गाँव के लिए शुरू होगी। रविवार देर शाम को चालदा महासू महाराज पश्मी गाँव में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बने नवनिर्मित मंदिर में विधिवत रूप से विराजमान होंगे।
अगले एक वर्ष तक महाराज इसी मंदिर में निवास करेंगे। इस दौरान मंदिर समिति यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और भंडारे की व्यवस्था करेगी। इसी वर्ष के बीच में महाराज अगले स्थान पर जाने की घोषणा भी करेंगे।
शताब्दियों बाद मिला सांस्कृतिक सौभाग्यपश्मी गाँव में इस समय उत्सव जैसा माहौल है। ग्रामीणों ने कहा कि यह केवल धार्मिक अवसर नहीं, बल्कि शताब्दियों बाद मिलने वाला सांस्कृतिक सौभाग्य है।
अगले वर्षों तक बिशु, दीपावली और बसंत पंचमी जैसे सभी प्रमुख त्योहारों पर पश्मी गाँव में विशेष आयोजन होंगे, जिसमें उत्तराखंड और हिमाचल के हजारों लोग भाग लेंगे।
देव कार्य और भंडारे के सफल संचालन के लिए श्री महासू महाराज कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें दिनेश चौहान को वज़ीर और रघुवीर सिंह को भंडारी नियुक्त किया गया है, जबकि पूजा की जिम्मेदारी पंडित आत्माराम शर्मा को सौंपी गई है।
सिरमौर जिले में अवैध खनन और यातायात नियमों के उल्लंघन पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। विशेष अभियान के तहत दर्जनों वाहनों को जब्त कर न्यायालय में आगामी कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया गया है।
नाहन
रात्रिकालीन विशेष अभियान चलाया गया पुलिस अधीक्षक सिरमौर के निर्देशों और निगरानी में 10 और 11 दिसंबर की रात को जिलेभर में अवैध खनन के खिलाफ योजनाबद्ध अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस थाना पुरुवाला, माजरा, सदर नाहन, काला आम्ब, राजगढ़, संगड़ाह, श्री रेणुका जी और पांवटा साहिब क्षेत्रों में अलग-अलग टीमें तैनात की गईं।
41 टिप्पर और ट्रैक्टरों पर हुई कार्रवाई अभियान के दौरान अवैध खनन और मोटर वाहन अधिनियम की उल्लंघना करते पाए गए कुल 41 टिप्पर और ट्रैक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने माइनिंग एक्ट और मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान काटते हुए वाहनों को इम्पाउंड और डिटेन कर लिया।
माननीय न्यायालय में भेजी गई कार्रवाई पुलिस द्वारा जब्त किए गए सभी वाहनों को आगामी कानूनी कार्रवाई के लिए माननीय अदालत में प्रस्तुत किया गया है। सिरमौर पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
अवैध खनन माफिया पर कसा जाएगा शिकंजा सिरमौर पुलिस ने कहा कि अवैध खनन माफिया पर्यावरण और जन सुरक्षा के लिए अत्यंत घातक है। भविष्य में भी मोटर वाहन अधिनियम और अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और खनन माफिया पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा।
सिरमौर का गिरिपार क्षेत्र पहली बार चालदा महासू महाराज के आगमन से रोमांचित है। 70 किमी लंबी पैदल यात्रा के बाद देवता 13 दिसंबर को सीमा में प्रवेश करेंगे और 14 दिसंबर को पश्मी मंदिर में विराजमान होंगे।
नाहन
13 दिसंबर को हिमाचल में देवता का प्रवेश, 14 को पश्मी मंदिर में विराजमान ऐतिहासिक क्षण के लिए सिरमौर तैयार: उत्तराखंड से पैदल चलकर हिमाचल की ओर बढ़ रहे न्याय के देवता चालदा महासू 13 दिसंबर को हिमाचल की सीमा में करेंगे प्रवेश, 14 को पश्मी मंदिर में होंगे विराजमान, उत्सव जैसा माहौल हिमाचल प्रदेश का शिलाई विधानसभा क्षेत्र इस दिसंबर माह में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक धार्मिक घटना का साक्षी बनने जा रहा है। उत्तराखंड और हिमाचल के लोगों के आराध्य देव एवं कुल देवता छत्रधारी चालदा महासू महाराज पहली बार उत्तराखंड के जौनसार इलाके से सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र में पधार रहे हैं।
यह देव यात्रा इसलिए भी विशेष है क्योंकि चालदा महासू महाराज उत्तराखंड के दसऊ से हिमाचल के पश्मी गांव तक पहली बार टौंस नदी पार कर 70 किलोमीटर की लंबी पैदल यात्रा कर रहे हैं। देवता 13 दिसंबर को हिमाचल की सीमा पर मीनस पुल क्रॉस करने के बाद द्राबिल गांव में प्रवेश कर यहां रात्रि ठहराव करेंगे और 14 दिसंबर को पश्मी के नवनिर्मित मंदिर में विधिवत रूप से विराजमान होंगे।
नवनिर्मित मंदिर का जीर्णोद्धार 2 करोड़ रुपये से पूरा शिलाई क्षेत्र के लोगों ने महासू महाराज के स्वागत में पश्मी गांव में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से महासू मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य पूरा करवाया है। इस महाकार्य में कारबारी पश्मी गांव के 45 परिवारों और गासान गांव के 15 परिवारों का विशेष योगदान रहा है। जितने वर्षों तक चालदा महासू महाराज पश्मी में प्रवास करेंगे, उस अवधि के लिए देव कार्य और भंडारे के आयोजन हेतु श्री महासू महाराज कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में दिनेश चौहान को बजीर और रघुवीर सिंह को भंडारी नियुक्त किया गया है, जबकि मंदिर में पूजा-पाठ की जिम्मेदारी पंडित आत्माराम शर्मा को सौंपी गई है। मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा एक माह पूर्व हो चुकी है, लेकिन इसके कपाट अब 14 दिसंबर को महाराज के पहुंचने पर ही खुलेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए लगातार भंडारा, गांव में उत्सव जैसा माहौल बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर कमेटी द्वारा लगातार भंडारे का आयोजन किया जाएगा। प्रदेशभर से लोग भंडारे के लिए राशन और सामग्री दान कर रहे हैं। कारबारी पश्मी और गासन के ग्रामीण प्रतिमाह ‘मेड’ (मंथली कलेक्शन) एकत्रित करते हैं, जिससे भविष्य के देव कार्य और महोत्सव सम्पन्न होते रहेंगे। महाराज के प्रवास के दौरान पश्मी गांव में अगले कई वर्षों तक बिशु, दीपावली, बूढ़ी दिवाली और बसंत पंचमी जैसे प्रमुख त्योहारों पर विशेष आयोजन होंगे, जिनमें सिरमौर और उत्तराखंड के हजारों लोग भाग लेंगे।
देव-चिन्ह (घांडुवा) — पांच साल पहले ही आया था संकेत इस अद्भुत धार्मिक यात्रा की पृष्ठभूमि पांच वर्ष पहले तैयार हो चुकी थी। पश्मी गांव में अचानक एक भारी-भरकम बकरा (घांडुवा) आया, जिसे ग्रामीणों ने सामान्य पशु समझा। दो वर्ष बाद देव वक्ता द्वारा पुष्टि हुई कि यह बकरा वास्तव में चालदा महासू महाराज का “देवदूत” है, जो देवता के आगमन से वर्षों पहले संकेत देता है। पहचान होने के बाद बकरे का स्वभाव शांत और सहज हो गया और अब इसे देव प्रतीक के रूप में सम्मान दिया जाता है।
कौन हैं चालदा महासू? छत्रधारी चालदा महासू महाराज जौनसार-बावर जनजाति के न्याय के देवता माने जाते हैं। चार महासू देवताओं में से चालदा महासू एकमात्र ऐसे देवता हैं जो स्थायी रूप से एक ही स्थान पर नहीं रहते और लगातार यात्राएं करते हैं। इनका प्राचीन मंदिर उत्तराखंड के जौनसार-बावर में स्थित है।
13 दिसंबर को टौंस नदी पार करने का ऐतिहासिक दृश्य मंदिर समिति सदस्यों ने बताया कि देवता 13 दिसंबर को टौंस नदी पार कर हिमाचल में प्रवेश करेंगे—यह दृश्य सिरमौर पहली बार देखेगा। इसके बाद 13 को द्राबिल गांव में विश्राम और 14 को अंतिम पड़ाव पश्मी मंदिर होगा। पश्मी गांव में इस समय दीपों, ध्वजों और सजावट के साथ उत्सव जैसा माहौल है। ग्रामीणों का मानना है कि यह केवल धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक सौभाग्य है जो सदियों बाद मिला है।
नौहराधार उपमंडल के बांदल गाँव में देर शाम एक भीषण अग्निकांड ने पूरे क्षेत्र में गहरा मातम फैला दिया। आग ने देखते ही देखते एक बुजुर्ग का आशियाना निगल लिया और 65 वर्षीय व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। प्रशासन और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सिरमौर / नौहराधार
अचानक भड़की आग, पलों में ढह गया पूरा घर चौकर पंचायत स्थित बांदल गाँव में हरी राम पुत्र मनसा राम के घर से अचानक उठी आग की ऊंची लपटों ने ग्रामीणों को दहशत में ला दिया। लकड़ी और मिट्टी से बने घर में आग इतनी तेजी से फैली कि लोग उसे काबू में करने की कोशिश भी पूरी तरह नहीं कर पाए। ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर बाल्टियों से पानी डाला और घर तक दौड़ लगाई, लेकिन आग की भयावहता के आगे सब प्रयास छोटे पड़ गए। देखते ही देखते पूरा घर खाक हो गया।
बुजुर्ग की चीखें नहीं सुन पाए ग्रामीण, घटनास्थल पर हृदय विदारक दृश्य घटना के समय हरी राम घर में अकेले मौजूद थे। आग भड़कने के बाद ग्रामीण उनकी तलाश में अंदर जाने का प्रयास करते रहे, लेकिन लपटों की गर्मी और धुएँ ने किसी को भीतर पहुँचने नहीं दिया। जब तक आग शांत हुई, घर मलबे में बदल चुका था और बुजुर्ग की मृत्यु की पुष्टि हो गई। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों की आँखें नम हो गईं।
एकांत में रहने वाले बुजुर्ग का जीवन दुखद अंत पर पहुँचा चौकर पंचायत के प्रधान शशिभूषण ने बताया कि हरी राम लंबे समय से गाँव से थोड़ी दूरी पर एकांत में रहते थे। परिवार के सदस्य दूसरे स्थानों पर निवास करते हैं, जिसके कारण वे ज्यादातर समय अकेले ही रहते थे। इसी एकांत ने घटना को और भी दर्दनाक बना दिया।
प्रशासन सक्रिय, शोक संतप्त परिवार को राहत राशि जारी घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन तुरंत मौके पर पहुँचा। तहसीलदार नौहराधार विनोद कुमार ने बताया कि प्रभावित परिवार को 25,000 रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान कर दी गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकारी नियमों के तहत घर के नुकसान का मूल्यांकन कर आगे का मुआवजा भी जल्द जारी किया जाएगा।
पुलिस जांच जारी, शव को पोस्टमार्टम के लिए नाहन भेजा गया संगड़ाह थाना प्रभारी प्रीतम सिंह की टीम ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया और मृतक के शव को अपने कब्जे में लिया। प्रारंभिक जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए राजगढ़ अस्पताल भेजा गया, लेकिन अधिक जलने के कारण डॉक्टरों ने इसे आगे की जांच के लिए नाहन अस्पताल रेफर कर दिया। आग के कारणों की जांच जारी है।
उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने सर्दियों की चुनौतियों को देखते हुए सभी विभागों को अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने हिमस्खलन व बर्फबारी वाले क्षेत्रों में मानव संसाधन और आवश्यक मशीनरी की पहले से तैनाती पर जोर दिया।
नाहन
सभी विभागों को समय पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने जिला अधिकारियों, उपमंडल अधिकारियों और विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर शीतकालीन तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विभागों को आदेश दिए कि सर्दी के मौसम में आने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मशीनरी, उपकरण, ईंधन और मानव संसाधन की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित करें।
चूड़धार यात्रा अस्थायी रूप से बंद, निगरानी बढ़ाने के निर्देश उपमंडल संगड़ाह के अंतर्गत आने वाले धार्मिक पर्यटन स्थल चूड़धार में संभावित भारी बर्फबारी को देखते हुए यात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। उपायुक्त ने एसडीएम संगड़ाह को निर्देश दिए कि चूड़धार मार्ग पर जाने वाले यात्रियों और ट्रैकर्स की कड़ी निगरानी की जाए तथा स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए।
नोडल अधिकारी नियुक्त करने और समन्वय मजबूत करने पर जोर उपायुक्त ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शीतकालीन व्यवस्थाओं के लिए नोडल अधिकारी नामित करें और उनकी जानकारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को उपलब्ध करवाएं। उन्होंने एसडीएम को स्थानीय विभागों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित कर तैयारियों की समीक्षा करने को भी कहा।
बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश उपायुक्त ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को निर्देश दिए कि सर्दियों में संपर्क कटने वाले क्षेत्रों में पर्याप्त राशन व ईंधन की व्यवस्था की जाए। साथ ही विद्युत, जल शक्ति, दूरसंचार और लोक निर्माण विभाग को सड़कों, बिजली, पानी और संचार सेवाओं को सुचारू रखने और समय रहते संसाधनों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
जिला वासियों से सचेत ऐप के उपयोग की अपील उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि वे सचेत ऐप पर उपलब्ध मौसम अपडेट और आपदा संबंधी जानकारी का उपयोग करें, जिससे किसी भी आपात स्थिति में समय रहते सतर्कता बरती जा सके। स्वास्थ्य विभाग को दूर-दराज क्षेत्रों में दवाओं और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
सिरमौर पुलिस द्वारा उदघोषित अपराधियों की धरपकड़ के लिए बनाई गई विशेष टीम को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फरार चल रहे उद्घोषित अपराधी साजिद अली को हरियाणा के यमुनानगर से गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उद्घोषित अपराधी साजिद अली पुत्र रैस अली, निवासी यमुनानगर (हरियाणा), पुलिस थाना रेणुका जी में वर्ष 2015 में दर्ज अभियोग संख्या 35/15 में वांछित था।
गौरतलब है कि यह मामला भारतीय दण्ड संहिता की धारा 353, 332, 34 और वाइल्ड लाइफ एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। बावजूद इसके आरोपी सुनवाई के दौरान माननीय अदालत में पेश नहीं हो रहा था, जिसके कारण इसे अदालत ने उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया था।
ज़िला सिरमौर पुलिस की टीम ने बुधवार को यमुनानगर से इस उद्घोषित अपराधी को सफलतापूर्वक पकड़ लिया है। आरोपी को जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा।एसपी सिरमौर निश्चिंत सिंह नेगी ने इस उद्घोषित अपराधी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।