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रोज खाते रहे फ्री के फल फ्रूट जब मांगे पैसे तो कर दिया चालान

Shailesh Saini 5 Jul 2023 Edited 6 Jul 1 min read

सिरमौर पुलिस की छवि हुई दागदार कागज भी दिखाएं फिर भी इंपाउंड कर दी गाड़ी बदले की भावना से निभाया ड्यूटी का फर्ज

HNN News नोहराधार

नौहराधार पंचायत के नौहरा गांव निवासी धीरेंद्र पुत्र वीरेंद्र ने नोहराधार से ट्रांसफर होकर संगड़ाह आए पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जिसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक सिरमौर को भी सौंपी गई है।

शिकायतकर्ता के द्वारा बताया गया कि पुलिसकर्मी अक्सर उसकी दुकान पर आता जाता रहता था और मुफ्त में फल सब्जी आदि खाता रहता था। यही नहीं कई बार वह थैला भरकर सब्जी और फल घर भी ले जाता था।

बस 1 दिन शिकायतकर्ता को पुलिसकर्मी से पैसे मांगने भारी पड़ गए। शिकायतकर्ता ने बताया कि रोज- रोज महंगा फल फ्रूट मुफ्त में ले जाते ले जाते जब मैंने पैसे मांगे तो उसने मुझे हिसाब किताब करने की भी धमकी दी।

शिकायतकर्ता ने बताया कि पुलिसकर्मी का हाल ही में यहां से ट्रांसफर संगडाह में हो गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह अपनी गाड़ियों से ट्राउट मछली को लाने ले जाने का काम भी करता है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि जब है पुलिसकर्मी के थाना क्षेत्र से गुजर रहा था तो उसने देखते ही गाड़ी को रोका और गाड़ी के कागज मांगे। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके द्वारा पुलिसकर्मी को लाइसेंस सहित अन्य कागज भी दिखाए गए । शिकायतकर्ता के द्वारा गाड़ी के सारे डॉक्यूमेंट मोबाइल पर ही दिखाए गए।

पुलिसकर्मी के द्वारा इसे अमान्य करार देते हुए गाड़ी इंपाउंड करने की धमकी दी। शिकायतकर्ता के द्वारा अपना लाइसेंस भी प्रत्यक्ष रूप से दिखाया गया मगर पुलिसकर्मी के द्वारा उसे भी नजरअंदाज कर दिया गया।

पुलिसकर्मी के द्वारा कुटिल मुस्कुराहट के साथ यह भी याद दिलाया कि अब तेरा हिसाब किताब भी कर देता हूं। शिकायतकर्ता ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस को प्रत्यक्ष रूप से और बाकी कागज मोबाइल पर दिखाए जाने के बावजूद भी मेरे वाहन को इंपाउंड कर दिया गया।

शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत सिरमौर पुलिस अधीक्षक को शॉप भी है। शिकायतकर्ता सहित क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने मांग की है कि यदि कथित पुलिसकर्मी का स्थानांतरण जिला से बाहर नहीं किया गया तो वह इसकी शिकायत शिमला जाकर मुख्यमंत्री से करेंगे।

शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि पुलिस कर्मी का स्थानांतरण जिला से बाहर नहीं किया गया तो वह इस शिकायत के बाद निश्चित रूप से किसी भी गंभीर आरोप में उसे फंसाने का प्रयास कर सकता है। पुलिसकर्मी की इस हरकत को लेकर ना केवल नोहराधार क्षेत्र में बल्कि पूरे जिला में सिरमौर पुलिस की छवि पर सवालिया निशान लगाए जा रहे हैं।