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  • हिमाचल सरकार के फैसले से कर्मचारियों में भारी रोष, सचिवालय संगठन ने की बैठक

    हिमाचल सरकार के फैसले से कर्मचारियों में भारी रोष, सचिवालय संगठन ने की बैठक

    89 श्रेणियों के कर्मचारियों को होगा ₹15000 तक का नुकसान, संगठन ने मुख्यमंत्री से मुलाकात का लिया निर्णय

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला:

    हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 6 सितंबर, 2025 को जारी की गई एक नई अधिसूचना से प्रदेश के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। इस अधिसूचना के तहत सरकार ने उन कर्मचारियों को दिए गए उच्च वेतनमान को वापस ले लिया है, जिन्हें 3 जनवरी, 2022 से पहले नियुक्त किया गया था और जिन्होंने 2 साल का नियमित कार्यकाल पूरा कर लिया था।

    हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएँ कर्मचारी संगठन की आज एक आपातकालीन बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने की। इस बैठक में संगठन के पदाधिकारियों के अलावा सचिवालय के कई कर्मचारी भी मौजूद रहे।

    बैठक में बताया गया कि इस फैसले से 89 श्रेणियों के विभिन्न कर्मचारियों को प्रतिमाह 10,000/- से 15,000/- रुपये तक का बड़ा वित्तीय नुकसान होगा। संगठन ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है।

    कर्मचारी संगठन ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है कि वे इस संबंध में प्रधान सचिव (वित्त), मुख्य सचिव और माननीय मुख्यमंत्री से 8 सितंबर, 2025 को मुलाकात करेंगे। संगठन इन सभी से आग्रह करेगा कि कर्मचारियों को होने वाले इस वित्तीय नुकसान से बचाने के लिए इस अधिसूचना को तुरंत वापस लिया जाए।


    बैठक में अध्यक्ष संजीव शर्मा के साथ महासचिव कमल कृष्ण शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमन शर्मा और अन्य प्रमुख पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

  • हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी कर्मचारियों को राहत, वेतन से नहीं होगी अतिरिक्त वसूली

    हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी कर्मचारियों को राहत, वेतन से नहीं होगी अतिरिक्त वसूली

    वेतन परिशोधन नियमों में हुआ संशोधन, 3 जनवरी, 2022 से प्रभावी माना जाएगा

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला:

    हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। वित्त विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, हिमाचल प्रदेश सिविल सेवाएँ (संशोधित वेतन) नियम, 2022 में संशोधन किया गया है, जिसके तहत कर्मचारियों के वेतन से पहले से ही अभिलक्षित (चिह्नित) की गई किसी भी अतिरिक्त वसूली को रद्द कर दिया गया है।

    यह अधिसूचना, जिसका नाम हिमाचल प्रदेश सिविल सेवाएँ (संशोधित वेतन) द्वितीय संशोधन नियम, 2025 है, 3 जनवरी, 2022 से प्रभावी मानी जाएगी।

    नए नियमों में, वर्ष 2022 के वेतन नियमों के नियम 7 (क) को समाप्त कर दिया गया है और इसे 3 जनवरी, 2022 से ही समाप्त माना जाएगा। इसका मतलब है कि सरकारी कर्मचारियों का वेतन इस तरह से फिर से निर्धारित किया जाएगा, जैसे कि नियम 7 (क) कभी था ही नहीं।

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पुनः-निर्धारण के कारण कर्मचारियों को पहले से भुगतान किए गए अतिरिक्त पैसों की वसूली अब नहीं की जाएगी।

    यह फैसला कर्मचारियों को बड़ी आर्थिक राहत देगा और उनके वेतन से होने वाली किसी भी संभावित कटौती को रोकेगा। यह अधिसूचना राज्यपाल के आदेश पर प्रधान सचिव (वित्त) देवेश कुमार द्वारा जारी की गई है।

  • हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड परीक्षाओं का मेहनताना लंबित, शिक्षक संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

    हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड परीक्षाओं का मेहनताना लंबित, शिक्षक संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

    हिमाचल प्रदेश विद्यालय प्रवक्ता संघ ने मार्च 2025 में हुई बोर्ड परीक्षाओं का मेहनताना छह महीने बाद भी लंबित रहने पर नाराजगी जताई है। संघ ने चेतावनी दी है कि जल्द भुगतान न होने पर शिक्षक प्रदेशभर में परीक्षाओं से जुड़े सभी कार्यों का बहिष्कार करेंगे

    नाहन

    शिक्षक संघ का आरोप
    हिमाचल प्रदेश विद्यालय प्रवक्ता संघ के चेयरमैन सुरेंद्र पुंडीर और अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि परीक्षा पंजीकरण से लेकर मूल्यांकन तक का कार्य शिक्षकों द्वारा ही किया जाता है। इसके बावजूद मेहनताना रोकना शिक्षकों के साथ अन्याय है।

    फीस वृद्धि पर भी सवाल
    संघ नेताओं ने कहा कि विगत वर्ष परीक्षा शुल्क में दोगुनी वृद्धि की गई थी, फिर भी मेहनताना रोकना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्षों में यह भुगतान परीक्षाओं के दौरान ही दे दिया जाता था।

    अविलंब भुगतान की मांग
    संघ ने बोर्ड अध्यक्ष से हस्तक्षेप कर लंबित मेहनताना तुरंत जारी करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भुगतान शीघ्र नहीं हुआ तो शिक्षक परीक्षाओं के संचालन से जुड़े सभी कार्यों का बहिष्कार करेंगे।

  • परीक्षा परिणाम खराब आने पर सीधे नोटिस न दें, कारणों की जांच करें: प्रवक्ता संघ

    परीक्षा परिणाम खराब आने पर सीधे नोटिस न दें, कारणों की जांच करें: प्रवक्ता संघ

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन

    सिरमौर स्कूल प्रवक्ता संघ ने उपनिदेशक से की मांग, शिक्षकों के खाली पद भरने और ट्रांसफर नीति में बदलाव का भी आग्रहनाहन: स्कूल प्रवक्ता संघ, सिरमौर ने खराब परीक्षा परिणामों के लिए शिक्षकों को सीधे ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने से पहले गहन जांच की मांग की है।

    गुरुवार को नाहन में उच्च शिक्षा उपनिदेशक डॉ. हिमेंद्र बाली के साथ हुई एक बैठक में संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को रखा, जिसके बाद पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता को भी संबोधित किया।

    बैठक में संघ के राज्य चेयरमैन सुरेंद्र पुंडीर और जिलाध्यक्ष डॉ. आई.डी. राही की अध्यक्षता में कहा गया कि खराब परिणामों के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शिक्षकों के खाली पद, छात्रों की कम उपस्थिति या अन्य प्रशासनिक दिक्कतें शामिल हैं।

    संघ ने आग्रह किया कि ऐसे मामलों में केवल शिक्षकों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय, सभी कारणों की गहनता से जांच की जाए।इस दौरान संघ ने उपनिदेशक से खाली पदों को जल्द भरने की भी मांग की।

    इसके साथ ही यात्रा भत्ते और तबादलों के लिए दूरी को 30 किलोमीटर से घटाकर ग्रामीण क्षेत्रों में 10 और शहरी क्षेत्रों में 15 किलोमीटर करने का आग्रह किया। संघ ने यह भी मांग की कि जिस तरह न्यूनतम सेवाकाल तीन वर्ष तय किया गया है, उसी तरह अधिकतम सेवाकाल की अवधि भी निश्चित की जाए।संघ ने कर्मचारियों के वित्तीय लाभों, जैसे महंगाई भत्ता और पे एरियर, का शीघ्र भुगतान करने की मांग रखी।

    साथ ही, विद्यालय प्रमुखों पर अनावश्यक प्रशासनिक दबाव न बनाने, बल्कि उन्हें सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया गया। एसएमसी प्रवक्ताओं के मातृत्व अवकाश के दौरान वेतन के मुद्दे पर भी चर्चा हुई, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

    इसके अलावा, उपनिदेशक ने बताया कि स्कूलों में छात्राओं के साथ हो रही छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए निरीक्षण अधिकारियों को नियमित तौर पर विद्यालयों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • राज्य पेंशनर संघ में रवि दत्त भारद्वाज वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राजगढ़ इकाई ने जताया आभार

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ राजगढ़

    पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन राजगढ़ इकाई ने सिरमौर जिला से रवि दत्त भारद्वाज को राज्य पेंशनर्स कार्यकारिणी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए राज्य अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा और महासचिव हुकम सिंह ठाकुर का आभार व्यक्त किया है।


    राजगढ़ इकाई की शनिवार को अध्यक्ष विजय भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई त्रैमासिक बैठक में इस पदोन्नति का स्वागत किया गया। बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर राज्य कार्यकारिणी को धन्यवाद दिया गया।

    गौरतलब है कि इससे पहले सिरमौर जिला से हरिदत्त शर्मा इस पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
    इस अवसर पर राजगढ़ इकाई ने इस बात पर भी प्रसन्नता व्यक्त की कि राज्य कार्यकारिणी में सिरमौर जिले को अच्छा प्रतिनिधित्व मिला है।

    संयुक्त सचिव के तौर पर मोहम्मद इकबाल, नरेश शर्मा और इंदर सिंह पुंडीर को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, हरिदत्त शर्मा, प्रमोद गौतम, विजय भारद्वाज, रणवीर ठाकुर, ओम प्रकाश और बाबूराम शर्मा को भी कार्यकारिणी में जगह दी गई है।

    बैठक में महासचिव कृष्ण दत्त शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अयोध्या अरोड़ा, जीवन सिंह तोमर, परस राम गालिब, गरजा राम रावत, श्यामा ठाकुर, इंदर सिंह पुंडीर, रणवीर ठाकुर, गोपाल शर्मा, दुर्गा सिंह आर्य, प्रेम सिंह कश्यप, प्रताप सिंह ठाकुर और लाल सिंह धीमान सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर रवि दत्त भारद्वाज और अन्य सदस्यों को बधाई दी।

  • बारिश में सड़कों की दुर्दशा: लोक निर्माण विभाग में बड़ा फेरबदल, 13 अधिशाषी अभियंता बदले

    बारिश में सड़कों की दुर्दशा: लोक निर्माण विभाग में बड़ा फेरबदल, 13 अधिशाषी अभियंता बदले

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला

    प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही सड़कों की खराब हालत को देखते हुए सरकार ने लोक निर्माण विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 13 अधिशाषी अभियंताओं का तबादला कर उन्हें नए डिविजन में नियुक्त किया है।

    लोक निर्माण विभाग के सचिव की ओर से शनिवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।इन आदेशों के अनुसार, अधिशाषी अभियंता राजेश कुमार कटोच, जिनका पहले नूरपुर में स्थानांतरण हुआ था, को अब लोक निर्माण विभाग के चंबा डिविजन में तैनात किया गया है।

    इसी क्रम में, इंजीनियर विनोद कुमार गुप्ता, जो पहले चीफ इंजीनियर मंडी जोन में अपनी सेवाएं दे रहे थे, को चंबा के पांगी डिविजन में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त, लोकेश चौहान को रोहडू डिविजन में नई तैनाती मिली है।

    अधिसूचना के अनुसार, तमन्ना रानी का तबादला कर उन्हें नाहन डिविजन की नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि अधिशाषी अभियंता राकेश कुमार अब बिलासपुर के झंडूता डिविजन का कार्यभार संभालेंगे। कृष्णकांत चौहान को सोलन के अर्की डिविजन का जिम्मा सौंपा गया है।

    राजेश कुमार शर्मा को नूरपुर डिविजन और ललित कुमार को मंडी जिले के जंजैहली डिविजन में स्थानांतरित किया गया है। मंडी जिले के पीडब्ल्यूडी डिविजन जंजैहली में कार्यरत रोशन लाल ठाकुर को लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर कांगड़ा जोन के कार्यालय में नई जिम्मेदारी दी गई है।

    वहीं सतपाल सिंह को भरमौर डिवीजन का दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा, लोक निर्माण विभाग के ईएनसी ऑफिस शिमला में कार्यरत पुनीत शर्मा का तबादला मंडी जिले के सुंदरनगर डिविजन में किया गया है, जबकि ईएनसी ऑफिस शिमला में ही तैनात नीलम गुप्ता को शिमला जिले के कोटखाई डिविजन में स्थानांतरित किया गया है।

    हमीरपुर जोन के चीफ इंजीनियर ऑफिस में कार्यरत विजय कुमार को भरवाईं डिविजन का नया जिम्मा मिला है।सरकार का यह कदम प्रदेश में बरसात के मौसम में सड़कों की खराब हालत को सुधारने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

    इन तबादलों से विभाग के कामकाज में तेजी आने और सड़कों की मरम्मत व रखरखाव कार्यों में सुधार की उम्मीद है।

  • जिला सिरमौर जल शक्ति विभाग में 21 कर्मचारियों को मिला प्रमोशन का तोहफा

    जिला सिरमौर जल शक्ति विभाग में 21 कर्मचारियों को मिला प्रमोशन का तोहफा

    कर्मचारियों में उत्साह की लहर, सरकार और विभाग का किया आभार व्यक्त

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन

    जिला सिरमौर जल शक्ति विभाग में लंबे समय से विभागीय पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को पदोन्नति मिल गई है। बीते कल वीरवार को जल शक्ति विभाग सिरमौर के अधीक्षण अभियंता राजीव महाजन की अध्यक्षता में हुई डीपीसी की बैठक में प्रमोशन लिस्ट को फाइनल किया गया था।

    विभाग के द्वारा बैठक में लिए गए निर्णय को तुरंत प्रभावी बनाते हुए शुक्रवार को इस लिस्ट को जारी भी कर दिया गया। विभागीय पदोन्नति के तहत चार पंप ऑपरेटर को फोरमैन, एक एक दफ्तरी और जमादार सहित 15 चपरासियों को पदोन्नत किया गया है।

    डीपीसी के तहत मिली पदोन्नति को लेकर आईपीएस कर्मचारी वर्ग में खुशी की लहर है। जल शक्ति विभाग के पंप ऑपरेटर वह अन्य कर्मचारियों के द्वारा सरकार सहित जल शक्ति विभाग के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया गया है।

    गौरतलब हो कि अभी तक डीपीसी को लेकर यह सुनिश्चित नहीं था कि यह बैठक कब और किस महीने की जाए। कर्मचारियों की मांग पर अधीक्षण अभियंता राजीव महाजन के द्वारा यह निर्णय लिया गया था कि प्रतिवर्ष जनवरी और जुलाई माह की पहली तारीख को डीपीसी की बैठक सुनिश्चित की जाएगी।

    उधर अधीक्षण अभियंता राजीव महाजन के द्वारा खबर की पुष्टि करते हुए बताया गया कि बीते कल वीरवार को डीपीसी की बैठक में लिए गए निर्णय के बाद शुक्रवार को प्रमोशन लिस्ट जारी की गई है। जिसके तहत कुल22 विभागीय पदोन्नतियां की गई है।

  • सिरमौर IPH कर्मचारियों को मिलेगी हर वर्ष जुलाई और जनवरी माह की पहली तारीख को डिपार्मेंटल प्रमोशन

    सिरमौर IPH कर्मचारियों को मिलेगी हर वर्ष जुलाई और जनवरी माह की पहली तारीख को डिपार्मेंटल प्रमोशन

    1 साल बाद अधीक्षण अभियंता राजीव महाजन की अध्यक्षता में संपन्न हुई डीसीपी की बैठक में लिया गया बड़ा निर्णय

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन

    सिरमौर जिला सिरमौर जल शक्ति विभाग में लंबे समय से डिपार्मेंटल प्रमोशन की राह तक रहे कर्मचारियों का इंतजार खत्म हो गया है। जल शक्ति विभाग के द्वारा वीरवार को अधीक्षण अभियंता राजीव महाजन की अध्यक्षता में डीपीसी की विशेष बैठक का आयोजन किया गया।

    बैठक में डिपार्मेंटल प्रमोशन में हुई देरी को लेकर विस्तृत रूप से चर्चा भी हुई। बैठक में हुई चर्चा के बाद कमेटी के द्वारा निर्णय लिया गया कि अब मनमर्जी से नहीं बल्कि हर वर्ष जनवरी और जुलाई माह की पहली तारीख को डीपीसी की बैठक आयोजित कर पदोन्नति लिस्ट जारी की जाएगी।

    बता दे कि विभाग में पंप ऑपरेटर सहित बहुत से वरिष्ठ कर्मचारियों की डीपीसी अटकी हुई थी। वही अधीक्षण अभियंता राजीव महाजन ने बताया कि विभागीय प्रमोशन को लेकर देरी संबंधी कोताही कर्मचारियों के हित में सही नहीं है।

    लिहाजा वीरवार को भी बैठक में यह सुनिश्चित किया गया है कि अब बनमर्जी से नहीं बल्कि हर वर्ष जनवरी और जुलाई माह की प्रथम तारीख को डिपार्मेंटल प्रमोशन कमेटी की बैठक आयोजित कर विभागीय प्रमोशन लिस्ट जारी की जाएगी।

    बैठक में जितेंद्र, देवानंद अमित कुणाल आदि अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। राजीव महाजन ने बताया कि लंबे समय से लंबित पड़ी डीपीसी लिस्ट को शुक्रवार को जारी कर दिया जाएगा।वहीं विभाग द्वारा कर्मचारी के हित में लिए गए इस निर्णय को लेकर तमाम कर्मचारी द्वारा सरकार सहित विभाग का आभार व्यक्त किया गया है।

  • मजदूरों को बड़ी राहत: ईएसआई की ‘स्प्री-2025’ योजना से पंजीकरण हुआ बेहद आसान, पुराने झंझटों से मिलेगी मुक्ति

    मजदूरों को बड़ी राहत: ईएसआई की ‘स्प्री-2025’ योजना से पंजीकरण हुआ बेहद आसान, पुराने झंझटों से मिलेगी मुक्ति

    काला अंब में हुई महत्वपूर्ण बैठक, लाखों श्रमिकों को मिलेगा सीधा लाभ, सामाजिक सुरक्षा का बढ़ा दायरा

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ काला अंब

    कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने देश के लाखों श्रमिकों और नियोजकों के लिए एक बड़ा तोहफा पेश किया है। अब “स्प्री-2025” नामक एक क्रांतिकारी योजना का अनावरण किया गया है, जिसका सीधा उद्देश्य पंजीकरण प्रक्रिया को बेहद सरल बनाना, सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाना और श्रमिकों को मिलने वाले हितलाभों को पहले से कहीं अधिक सुलभ बनाना है।

    इसी क्रम में, वीरवार को काला अंब स्थित ईएसआईसी के शाखा कार्यालय में इस नई और महत्वपूर्ण योजना के संबंध में जागरूकता फैलाने और प्रचार करने हेतु एक विशेष बैठक आयोजित की गई।शाखा प्रबंधक सन्नी मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में मेसर्स वशिष्ठ केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए।

    इस अवसर पर कंपनी के मालिक अशोक, महाप्रबंधक संजीव शर्मा और लेखा प्रबंधक दिनेश ठाकुर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।बैठक के दौरान, शाखा प्रबंधक सन्नी मल्होत्रा ने निगम की 196वीं बैठक में अनुमोदित स्प्री-2025 योजना के विस्तृत पहलुओं पर गहराई से प्रकाश डाला।

    उन्होंने बताया कि यह योजना कई ऐसे महत्वपूर्ण प्रावधानों के साथ आई है, जो विशेष रूप से श्रमिकों और उनके नियोजकों दोनों के लिए अत्यंत फायदेमंद साबित होंगे। अब नियोजक अपनी इकाइयों और कर्मचारियों को ईएसआईसी प्रवेशद्वार, श्रम सुविधा प्रवेशद्वार और एमसीए प्रवेशद्वार जैसे डिजिटल माध्यमों से बेहद आसानी से पंजीकृत कर सकेंगे।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंजीकरण की वैधता नियोजक द्वारा घोषित तिथि से ही मानी जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया में अभूतपूर्व पारदर्शिता आएगी। इस नई योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि पंजीकरण से पहले की अवधि के लिए कोई भी अंशदान या हितलाभ लागू नहीं होगा, जिससे नियोजकों को पुराने बकायों के बोझ से बड़ी राहत मिलेगी।

    इसके अलावा, पंजीकरण से पूर्व की अवधि के लिए किसी भी तरह के निरीक्षण या पुराने अभिलेख की मांग नहीं की जाएगी, जिससे श्रमिकों के पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया और भी अधिक सुगम हो जाएगी।

    ईएसआईसी के उपस्थित अधिकारियों ने कंपनी प्रतिनिधियों से विशेष आग्रह किया कि वे अपने स्तर पर भी इस योजना के बारे में अपने नियोजकों और कर्मचारियों को जागरूक करें।

    उनका लक्ष्य है कि अधिक से अधिक नियोजक और कर्मचारी इस एकमुश्त योजना का अधिकतम लाभ उठा सकें और इससे वंचित न रहें।यह उल्लेखनीय है कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम एक व्यापक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य इसके तहत आने वाले कर्मचारियों को विभिन्न महत्वपूर्ण हितलाभ प्रदान करना है।

    इनमें बीमारी हितलाभ, मातृत्व हितलाभ, अंत्येष्टि हितलाभ, स्थायी व अस्थायी अपंगता हितलाभ जैसे अनेक लाभ शामिल हैं, जो मुश्किल समय में श्रमिकों के लिए सहारा बनते हैं।

    सन्नी मल्होत्रा का कहना है कि स्प्री-2025 योजना इस सामाजिक सुरक्षा कवच को और अधिक मजबूत तथा प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम साबित होगा, जिससे लाखों मजदूरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।

  • HRTC पेंशनर्स को जल्द मिलेगी राहत! कम्यूटेशन भुगतान के लिए निगम ला रहा नई पॉलिसी

    HRTC पेंशनर्स को जल्द मिलेगी राहत! कम्यूटेशन भुगतान के लिए निगम ला रहा नई पॉलिसी

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला

    हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) अपनी खस्ताहाल वित्तीय स्थिति के बावजूद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। निगम प्रबंधन अब लंबित पेंशन मामलों को जल्द निपटाने के लिए एक नई नीति पर काम कर रहा है।

    इसके तहत HRTC बैंकों के साथ करार करेगा, जिसके माध्यम से पेंशनर्स को कम्यूटेशन (एकमुश्त राशि) का भुगतान तुरंत किया जा सकेगा। बाद में यह राशि कर्मचारियों की मासिक पेंशन से काटी जाएगी।

    निगम ने इस नई योजना का प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे इस महीने होने वाली निदेशक मंडल (BoD) की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। हाल ही में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में हुई निगम की समीक्षा बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई थी।

    सूत्रों के अनुसार, बैठक में दो मुख्य विकल्पों पर विचार किया गया था: पहला, बैंकों के साथ सीधा करार, और दूसरा, कम्यूटेशन राशि को किश्तों में अदा करना।

    वर्तमान में, HRTC की वित्तीय हालत इतनी खराब है कि वह सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लगभग 35 करोड़ रुपये की एकमुश्त देनदारियों का भुगतान स्वयं नहीं कर सकता। यही वजह है कि नए और व्यवहार्य विकल्प पर जोर दिया जा रहा है।

    जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2024 से अब तक HRTC से 250 कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं, लेकिन इनमें से केवल 32 को ही पेंशन मिलनी शुरू हुई है। इन 32 कर्मचारियों को भी पेंशन तभी मिली है जब उन्होंने कम्यूटेशन का पैसा नहीं लिया।

    नई पॉलिसी से उन सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने बकाये का इंतजार कर रहे हैं।
    यह कदम HRTC के हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है, जिन्हें अपनी जमा-पूंजी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था।