Category: Employee

News related to himachal state government employees.

  • सिरमौर में 131 प्री-प्राइमरी आया/हेल्पर पदों के लिए 24 से 26 नवंबर तक कैंपस इंटरव्यू

    सिरमौर में 131 प्री-प्राइमरी आया/हेल्पर पदों के लिए 24 से 26 नवंबर तक कैंपस इंटरव्यू

    तीन अलग-अलग रोजगार कार्यालयों में होंगे साक्षात्कार, न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास

    नाहन

    सिरमौर जिले के युवाओं के लिए रोजगार का अवसर सामने आया है। जिला रोजगार कार्यालय, नाहन के माध्यम से मैसर्ज स्काई लाइट एंड हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज डेरा-परोल, हमीरपुर द्वारा जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए पार्ट टाइम आया/हेल्पर के 131 रिक्त पदों को आउटसोर्सिंग आधार पर भरा जाएगा।

    इन पदों को भरने के लिए 24, 25 और 26 नवंबर, 2025 को तीन अलग-अलग रोजगार कार्यालयों में कैंपस इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे।

    ​जिला रोजगार अधिकारी देविन्द्र कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इन पदों पर न्यूनतम आयु 18 वर्ष से 45 वर्ष रखी गई है, जबकि शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास निर्धारित की गई है। चयनित अभ्यर्थियों को वेतन सरकार के न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के अनुसार दिया जाएगा।

    ​साक्षात्कार कार्यक्रम इस प्रकार निर्धारित किया गया है:

    सबसे पहले खंड नौहराधार में 15 पदों के लिए उप-रोजगार कार्यालय संगडाह में 24 नवंबर, 2025 को इंटरव्यू होंगे। इसके बाद खंड सराहां में 20 पदों के लिए उप-रोजगार कार्यालय सराहां में 25 नवंबर को साक्षात्कार आयोजित किए जाएंगे।

    अंतिम चरण में, खंड सुरला (21 पद), माजरा (34 पद), ददाहू (14 पद) और नाहन (27 पद) के कुल 96 पदों के लिए जिला रोजगार कार्यालय नाहन में 26 नवंबर, 2025 को प्रातः 11 बजे से कैंपस इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे।

    ​इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथियों पर अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों, जिनमें पैन कार्ड, आधार कार्ड, 10वीं प्रमाण पत्र, स्थाई हिमाचली प्रमाण पत्र तथा 2 पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं,

    के साथ नजदीकी रोजगार कार्यालयों में भाग ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी दूरभाष नंबर 94180 96561 तथा 01972 265092 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

  • हिमाचल के कॉलेज प्राध्यापकों को अब मोबाइल एप से ही हाजिरी लगानी होगी जियोफेंस सिस्टम पर उठे सवालों पर विभाग ने दी सफाई

    हिमाचल के कॉलेज प्राध्यापकों को अब मोबाइल एप से ही हाजिरी लगानी होगी जियोफेंस सिस्टम पर उठे सवालों पर विभाग ने दी सफाई

    हिमाचल प्रदेश में कॉलेज प्राध्यापकों के लिए मोबाइल एप से ही हाजिरी लगानी अनिवार्य कर दिया गया है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने जियोफेंस आधारित बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम पर उठे सवालों को लेकर विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है।

    शिमला

    मोबाइल एप से ही दर्ज होगी उपस्थिति, सहकर्मी के फोन से भी लॉगिन की सुविधा
    निदेशालय ने बताया कि यदि किसी प्राध्यापक का मोबाइल एप के लिए मान्य न हो, खो जाए या उपलब्ध न हो, तो वह सहकर्मी के फोन पर अपनी हिम एक्सेस आईडी से लॉगिन कर हाजिरी दर्ज कर सकता है।

    निजता सुरक्षित रहेगी, डेटा स्टेट डाटा सेंटर में संरक्षित
    उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने कहा कि प्राध्यापकों की बायोमैट्रिक पहचान आधार प्रमाणीकरण से की जाएगी और संपूर्ण रिकॉर्ड हिमाचल प्रदेश स्टेट डाटा सेंटर में सुरक्षित रहेगा। निजी जानकारी के दुरुपयोग की कोई आशंका नहीं है।

    प्राध्यापक संघ के विरोध पर विस्तृत जवाब
    राजकीय प्राध्यापक संघ द्वारा उठाई गई शंकाओं का जवाब देते हुए डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस विभाग ने स्पष्ट किया कि यह प्रणाली आधार अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और सभी डेटा संरक्षण मानकों के अनुरूप है।

    एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध एप
    जियोफेंस आधारित यह एप एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। फोन की समस्या होने पर शिक्षक सहकर्मी के मोबाइल से भी उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे ताकि उपस्थिति प्रक्रिया बाधित न हो।

    सभी कॉलेज प्रिंसिपलों को आदेश
    निदेशालय ने सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपलों को निर्देश दिए हैं कि यह स्पष्टीकरण सभी शिक्षकों और गैर-शिक्षकों तक अनिवार्य रूप से पहुंचाया जाए और सरकारी निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।

  • बिलासपुर में 4 हजार पेंशनरों की पेंशन रुकने की चेतावनी , 15 नवंबर तक ऑनलाइन सत्यापन कराना अनिवार्य

    बिलासपुर में 4 हजार पेंशनरों की पेंशन रुकने की चेतावनी , 15 नवंबर तक ऑनलाइन सत्यापन कराना अनिवार्य

    बिलासपुर जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 4 हजार लाभार्थी सत्यापन न करवाने पर पेंशन रुकने की स्थिति में पहुंच गए हैं। जिला कल्याण विभाग ने सभी पेंशनरों को 15 नवंबर तक दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन करवाने का सख्त निर्देश दिया है।

    बिलासपुर

    ऑनलाइन सत्यापन न होने पर रुक सकती है पेंशन
    जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल ने बताया कि बिलासपुर जिले के कुल 49 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशनरों में से लगभग 45 हजार लाभार्थी अपना ऑनलाइन सत्यापन करवा चुके हैं। लेकिन करीब 4 हजार पेंशनरों ने अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं की है, जिसके कारण उनकी 4 हजार रुपये मासिक पेंशन रुक सकती है।

    मोबाइल ऐप के माध्यम से होगा सत्यापन
    विभाग ने बताया कि ऑनलाइन सत्यापन के लिए विशेष मोबाइल ऐप विकसित किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इस ऐप के माध्यम से सत्यापन करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। पेंशनरों को अपने दस्तावेज लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पास जाना होगा, जहां पूरा सत्यापन डिजिटल तरीके से किया जाएगा।

    इन दस्तावेजों की होगी आवश्यकता
    सत्यापन के लिए लाभार्थियों को आधार कार्ड, उम्र प्रमाण के लिए पंचायत सचिव का प्रमाण पत्र, वोटर कार्ड, पैन कार्ड या दसवीं का सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेजों में से कोई एक अनिवार्य रूप से साथ रखना होगा। विभाग के अनुसार 15 नवंबर तक प्रक्रिया पूरी न करने पर पेंशन स्वचालित रूप से रोक दी जाएगी।

    विभाग की अपील और वर्तमान स्थिति
    अधिकारी ने बताया कि जिले में अधिकांश पेंशनर अपना सत्यापन पूरा कर चुके हैं। विभाग ने शेष 4 हजार पेंशनरों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पहले प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि उनकी पेंशन में कोई बाधा न आए।

  • 7 एचएएस अधिकारियों को दी तैनाती; संजीत शर्मा व विवेक नेगी को मिली नई पोस्टिंग

    7 एचएएस अधिकारियों को दी तैनाती; संजीत शर्मा व विवेक नेगी को मिली नई पोस्टिंग

    अंकुर ठाकुर को बद्दी नगर निगम का ज्वॉइंट कमिश्नर बनाया गया, मुख्य सचिव ने जारी किए आदेश

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला।

    हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक एचएएस अधिकारी सहित छह नए एचएएस अधिकारियों को नई पोस्टिंग देकर प्रशासनिक फेरबदल किया है। मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने तत्काल प्रभाव से इसके आदेश जारी कर दिए हैं।

    जारी आदेशों के अनुसार, 2024 बैच के एचएएस अधिकारी अंकुर ठाकुर को ज्वॉइंट कमिश्नर नगर निगम बद्दी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।इसके अलावा, साल 2025 बैच के एचएएस अधिकारी, जो पोस्टिंग का इंतजार कर रहे थे, उन्हें भी सरकार ने नई जिम्मेदारियां दी हैं।

    विवेक कुमार नेगी को ज्वॉइंट कमिश्नर स्टेट टैक्स एंड एक्साइज शिमला लगाया गया है। इनके कार्यभार संभालने के बाद संजीव कुमार इस अतिरिक्त कार्यभार से भारमुक्त हो जाएंगे।

    संजीत शर्मा को असिस्टैंट सेटलमेंट ऑफिसर अर्की (सोलन) लगाया गया है।अजय कुमार सिंह को उनकी पहली पोस्टिंग असिस्टैंट कमिश्नर टू डीसी लाहौल-स्पीति, केलांग में दी गई है।

    राजेश कुमार को एसडीएम भरमौर की जिम्मेदारी मिली है।जगदीश चंद को एडीएम काजा लगाया गया है।चेतन चौहान को एसडीएम चुराह के पद पर तैनात किया गया है।

    इन अधिकारियों के कार्यभार संभालने के बाद, संबंधित अधिकारी (कल्याणी गुप्ता, कुलवीर सिंह राणा, शिखा, और नरेंद्र कुमार) अतिरिक्त कार्यभार से भारमुक्त हो जाएंगे। इन नियुक्तियों से राज्य में प्रशासनिक दक्षता बढ़ने की उम्मीद है।

  • सुक्खू सरकार दिवाली से पहले देगी कर्मचारियों को तीन फीसदी DA

    सुक्खू सरकार दिवाली से पहले देगी कर्मचारियों को तीन फीसदी DA

    बिजली बोर्ड के आउटसोर्स कर्मचारियों को मुआवजा देने पर बनेगी नई नीति

    दिवाली से पहले कर्मचारियों को मिलेगा 3 फीसदी डीए । मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार दिवाली से पहले कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए तीन प्रतिशत महंगाई भत्ते की नई किश्त जारी करेगी। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए मुआवजा नीति बनाई जाएगी ताकि किसी हादसे की स्थिति में उनके परिवार को सुरक्षा मिल सके।

    शिमला।

    आउटसोर्स कर्मचारियों के हित में नई नीति बनेगी
    हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के दो दिवसीय आम अधिवेशन के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि बिजली बोर्ड के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए मुआवजा देने की नीति जल्द बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी हादसे की स्थिति में अब इन कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने बोर्ड को इस नीति का प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए।

    कर्मचारियों को मिलेगा तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी अधिकारी, कर्मचारी और पेंशनर अक्तूबर माह के वेतन और पेंशन के साथ नवंबर में तीन प्रतिशत महंगाई भत्ते की किश्त प्राप्त करेंगे। उन्होंने बताया कि अप्रैल से सितंबर 2025 तक की बकाया राशि अक्तूबर में जमा कर दी जाएगी, जबकि जुलाई 2023 से मार्च 2025 तक के बकाया के लिए अलग से आदेश जारी किए जाएंगे।

    पुरानी पेंशन योजना पर फिर होगा विचार
    सुक्खू ने कहा कि बिजली बोर्ड यूनियन के पदाधिकारियों के साथ चर्चा के बाद कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना देने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बोर्ड में सुधार आवश्यक है और यह केवल कर्मचारियों के सहयोग से संभव होगा। उन्होंने बताया कि ऊहल प्रोजेक्ट से बिजली उत्पादन का खर्च 27 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच गया है, जबकि कर्मचारियों की लागत मात्र 2.50 रुपये प्रति यूनिट है। उन्होंने इसे बोर्ड के उच्च अधिकारियों की अक्षमता बताया।

    कर्मचारियों को वित्तीय लाभ देने के लिए जारी हुए 2200 करोड़ रुपये
    मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने बिजली बोर्ड में कर्मचारियों के वित्तीय हितों को सुनिश्चित करने के लिए 2200 करोड़ रुपये जारी किए हैं। 2023 से सितंबर 2025 तक बोर्ड ने पेंशनधारकों को ग्रेच्युटी, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, अवकाश नकदीकरण और पेंशन बकाया के रूप में कुल 662.81 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इसी वर्ष के अंत तक 70 करोड़ रुपये और जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति अब साप्ताहिक आधार पर की जा रही है और कोई भी लंबित मामला नहीं है।

    केंद्र सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोप
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों को ओपीएस दी तो भाजपा नेताओं के दबाव में केंद्र सरकार ने हिमाचल की एडिशनल बॉरोइंग रोक दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बार-बार ओपीएस वापिस लेने के लिए दबाव बना रही है। सुक्खू ने बताया कि आने वाले तीन-चार महीने आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन राज्य सरकार जल्द ही स्थिति को संतुलित कर लेगी।

    भाजपा सरकार पर जनता का धन लुटाने का आरोप
    मुख्यमंत्री सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उसने प्रदेश को 75 हजार करोड़ के कर्ज में डुबो दिया और 10 हजार करोड़ रुपये कर्मचारियों की देनदारियों के रूप में छोड़ दिए। उन्होंने कहा कि आज कर्मचारियों को लाभ न मिलने का कारण पिछली सरकार की नीतियाँ हैं। “हम प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं,” उन्होंने कहा।

    शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार
    मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली सरकार द्वारा 2022 में 600 शिक्षण संस्थान बिना योजना के खोले गए थे, जिन्हें बंद करना पड़ा। लेकिन मौजूदा सरकार ने शिक्षा गुणवत्ता में सुधार लाकर हिमाचल को 21वें से 5वें स्थान पर पहुंचाया। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़े बदलाव किए जा रहे हैं — पुराने उपकरण बदले जा रहे हैं, सभी मेडिकल कॉलेजों को नई तकनीक से सुसज्जित किया जा रहा है। चमियाणा अस्पताल और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है, जबकि आने वाले समय में 3000 करोड़ रुपये नई तकनीक पर खर्च किए जाएंगे।

    ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने पर जोर
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रही है। दूध की खरीद दरों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई है और प्राकृतिक खेती से उत्पन्न गेहूं, मक्की, जौ और हल्दी को समर्थन मूल्य पर खरीदा जा रहा है।

    कार्यक्रम में उपस्थित रहे अनेक गणमान्य व्यक्ति
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिजली बोर्ड यूनियन की स्मारिका का विमोचन किया। कार्यक्रम में विधायक संजय अवस्थी, हरीश जनारथा, रणजीत सिंह, कांग्रेस नेता सुरेंद्र मनकोटिया, बिजली बोर्ड के चेयरमैन प्रबोध सक्सेना, प्रबंध निदेशक आदित्य नेगी, ऑल इंजीनियर्स यूनियन के अध्यक्ष लोकेश ठाकुर, महासचिव हीरा लाल वर्मा, एचपीएसईबीएल कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष कामेश्वर दत्त शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

  • 16 लंबित DA किस्तों पर पेंशनरों का गुस्सा, नाहन में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

    16 लंबित DA किस्तों पर पेंशनरों का गुस्सा, नाहन में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन (सिरमौर)

    हिमाचल दस्तक ब्यूरो हिमाचल प्रदेश के पेंशनरों ने अपनी 16 लंबित महंगाई भत्ता (DA) किस्तों और अन्य जायज़ बकायों के भुगतान में हो रही देरी को लेकर सोमवार को जिला मुख्यालय नाहन में जोरदार प्रदर्शन किया।

    हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट के बैनर तले एकजुट हुए पेंशनरों ने जुलूस निकालकर सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जताई और उपायुक्त सिरमौर के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

    इस विरोध प्रदर्शन में डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट ओम प्रकाश शर्मा और जनरल सेक्रेटरी प्रमोद गौतम (सिरमौर) के साथ-साथ रवि दत्त भारद्वाज (सिरमौर) सहित फ्रंट के अन्य सदस्य शामिल रहे।

    ज्ञापन में फ्रंट ने सरकार को याद दिलाते हुए कहा कि कि आज के पेंशनर ही वे व्यक्ति हैं जिन्होंने अत्यंत कठिन परिस्थितियों, सड़कों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कड़ी मेहनत और समर्पण से हिमाचल प्रदेश की नींव रखी थी।

    फ्रंट ने कहा कि उनकी ईमानदार सेवा ने ही हिमाचल प्रदेश को देश में एक मॉडल पहाड़ी राज्य बनाने में अतुलनीय योगदान दिया है। इसके बावजूद, सरकार उनकी मांगों के प्रति उदासीन बनी हुई है।

    उन्होंने जोर दिया कि 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों के वैधानिक बकाये का एक substantial हिस्सा अभी भी लंबित है, जिससे हजारों वरिष्ठ नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

    प्रदर्शनकारी पेंशनरों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी जायज़, न्यायसंगत और लंबे समय से लंबित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया, तो जारी उपेक्षा उन्हें पूरे राज्य में आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर करेगी।

    फ्रंट ने विशेष रूप से महंगाई भत्ते की 16 लंबित किस्तों को बकाया राशि (Arrears) के साथ तत्काल जारी करने, एचआरटीसी और बिजली बोर्ड के पेंशनरों के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार को समाप्त कर उन्हें समय पर पेंशन देने और छठे वेतन आयोग के तहत 50,000 रुपये का एकमुश्त लाभ देने की मांग की।

    इसके अतिरिक्त, संयुक्त सलाहकार समिति (JCC) का गठन, लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के लिए पर्याप्त बजट, छठे वेतन आयोग की बकाया राशि का भुगतान एक ही किस्त में, और कम्यूटेशन अवधि को 15 साल से घटाकर 13 साल करने की मांगें भी ज्ञापन में शामिल की गईं।

    फ्रंट ने उम्मीद जताई है कि सरकार तुरंत हस्तक्षेप कर पूरी निष्ठा से राज्य की सेवा करने वाले इन वरिष्ठ नागरिकों को बहुप्रतीक्षित राहत प्रदान करेगी।

  • एचपीएसईबीएल इम्प्लाइज यूनियन गिरी यूनिट का पुनर्गठन, राम लाल बने नए प्रधान

    एचपीएसईबीएल इम्प्लाइज यूनियन गिरी यूनिट का पुनर्गठन, राम लाल बने नए प्रधान

    पीटर हॉफ शिमला में होने वाले 18वें महा अधिवेशन की तैयारियों को लेकर गिरी यूनिट की बैठक संपन्न

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन

    हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL) इम्प्लाइज यूनियन, गिरी यूनिट, सिरमौर की सोमवार को एक महत्वपूर्ण आम सभा की बैठक संपन्न हुई। वरिष्ठ उप प्रधान (उत्पादन) भगवन दास की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में आगामी 15 अक्तूबर 2025 को पीटर हॉफ शिमला में होने वाले 18वें महा अधिवेशन के सफल आयोजन पर चर्चा की गई।

    बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा पुरानी कार्यकारिणी (गिरी यूनिट) को भंग करना और नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन करना रहा। इस दौरान नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का चयन कर उन्हें शपथ दिलाई गई।

    नई कार्यकारिणी में इन्हें मिली जिम्मेदार:-

    नई गठित कार्यकारिणी में राम लाल (इलेक्ट्रीशियन) को प्रधान पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जगपाल सिंह (हेल्पर) को वरिष्ठ उप प्रधान, जबकि रमेश चंद (इलेक्ट्रीशियन, जतेओं), लछमन सिंह (सिविल/चौकीदार) और जगदीश चंद (फिटर) को उप प्रधान चुना गया है।

    संगठन के महासचिव (जनरल सेक्रेटरी) रोहित शर्मा (जेओए-आईटी) बनाए गए हैं। अनिल कुमार (क्लर्क) को संयुक्त सचिव, प्रदीप कुमार को वित्त सचिव और पंकज कुमार को संयुक्त वित्त सचिव की जिम्मेदारी मिली है।

    इसके अलावा, स्वरूप सिंह (जेई-पीएचई) को संगठनात्मक सचिव, हंस राज (जेई-पीएचई) को मुख्य सलाहकार, भरत सिंह (जेई-पीएचई) को प्रचार सचिव और राजेश ठाकुर (स्पेशल फोरमैन-एचएम) को प्रेस सचिव के पद पर चयनित किया गया है।

    नवनियुक्त प्रधान सचिव रोहित ने बताया कि नई कार्यकारिणी आगामी महा अधिवेशन को सफल बनाने और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए तत्परता से कार्य करेगी।

    वही वरिष्ठ उप प्रधान भगवन दास ने इस अवसर पर कहा, “संगठन की एकता और सक्रियता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हम सभी को मिलकर 18वें महा अधिवेशन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाना है, ताकि कर्मचारियों के हितों और उनकी न्यायसंगत मांगों को मजबूती से उठाया जा सके। भगवान दास ने भरोसा जताते हुए कहा कि नई कार्यकारिणी पूरे समर्पण के साथ काम करेगी।

  • क्लस्टर प्रणाली के विरोध में प्राथमिक शिक्षकों ने मंत्री हर्षवर्धन चौहान और विधायक अजय सोलंकी को सौंपा ज्ञापन

    क्लस्टर प्रणाली के विरोध में प्राथमिक शिक्षकों ने मंत्री हर्षवर्धन चौहान और विधायक अजय सोलंकी को सौंपा ज्ञापन

    शिक्षकों ने कहा- प्रिंसिपल के अधीन करने से प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था बिगड़ेगी, सरकार तुरंत फैसला वापस ले

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन,

    हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा क्लस्टर प्रणाली में किए गए प्रस्तावित बदलावों के विरोध में प्राथमिक शिक्षक संघ, जिला सिरमौर, ने रोष व्यक्त किया है। संघ ने अपनी गंभीर चिंताओं को उठाते हुए संसदीय कार्य एवं उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और स्थानीय विधायक अजय सोलंकी को एक ज्ञापन सौंपा।

    दोनों नेताओं ने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि वे इस विषय पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से बात करेंगे और समाधान का प्रयास करेंगे।प्राथमिक शिक्षकों का तर्क है कि वर्तमान में केंद्रीय मुख्य शिक्षक के अधीन प्राथमिक स्तर के क्लस्टर बहुत बेहतर कार्य कर रहे हैं,

    इसलिए उन्हें बिना किसी कारण प्रिंसिपल के अधीन करना अव्यवस्था पैदा करेगा। संघ का कहना है कि इसी प्राथमिक शिक्षा की बदौलत हिमाचल आज ‘असर’ सर्वे में तीसरे स्थान पर है और 100% साक्षर राज्य बनने का गौरव मिला है।

    शिक्षकों ने चिंता जताई कि पहाड़ी राज्य हिमाचल में यह बदलाव भौगोलिक रूप से कारगर नहीं होगा और इसके कारण केंद्रीय मुख्य शिक्षक व खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी जैसे पद समाप्त हो जाएंगे, जिससे प्राथमिक अध्यापकों की पदोन्नति पर असर पड़ेगा।

    उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का हवाला देते हुए कहा कि नीति में क्लस्टर को मजबूत करने और कक्षावार अध्यापक नियुक्त करने की बात कही गई थी।संघ ने कहा कि एक प्राथमिक अध्यापक का आठ कक्षाओं को पढ़ाना अपने आप में बड़ी समस्या है,

    जिससे सरकारी स्कूलों पर अभिभावकों का विश्वास उठ रहा है। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री जल्द हस्तक्षेप कर क्लस्टर प्रणाली के नए आदेशों को वापस लें। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांग पूरी नहीं होती है, तो जल्द ही जिला और राज्य स्तर पर रोष प्रदर्शन किया जाएगा।

  • पेंशनरों के अधिकारों की लड़ाई तेज़ / 14 अक्तूबर को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन

    पेंशनरों के अधिकारों की लड़ाई तेज़ / 14 अक्तूबर को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन

    पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट की सोलन बैठक में एरियर और लंबित डीए को लेकर उठी आवाज़

    सोलन।

    हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट की जिला स्तरीय बैठक सोमवार को सोलन के चमकड़ी पुल में प्रदेश अध्यक्ष आत्माराम शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने भाग लेते हुए पेंशनरों के बकाया भुगतान, चिकित्सा बिलों और लंबित डीए की तत्काल रिहाई की मांग की।

    जायज मांगों की अनदेखी पर जताई नाराज़गी
    बैठक का शुभारंभ वंदे मातरम के साथ हुआ और प्राकृतिक आपदाओं व संगठन के दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। महासचिव हुकम सिंह ठाकुर ने बैठक का एजेंडा प्रस्तुत किया। इस दौरान वक्ताओं के.डी. शर्मा, जगदीश दिनेश, विजय भारद्वाज, लेख राम कोंडल, हरीश शर्मा, जवाहर लाल घोलता, शेमशेर बोध, ओंकार चौहान, रोशन लाल वर्मा, रोशन लाल कपूर, अश्वनी शर्मा, जगदीश नड्डा, संत राम शांडिल और रविदत्त भारद्वाज ने सरकार की नीतियों पर रोष जताया।
    सदस्यों ने कहा कि 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों के एरियर का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। साथ ही, 16 प्रतिशत महंगाई भत्ता और चिकित्सा बिलों के भुगतान में भी सरकार ने देरी की है, जिससे पेंशनरों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

    14 अक्तूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर होगा धरना
    फ्रंट के अध्यक्ष आत्माराम शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार की उदासीनता के चलते पेंशनरों को बार-बार सड़क पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने घोषणा की कि 14 अक्तूबर, 2025 को राज्यभर के सभी जिला मुख्यालयों पर पेंशनर्स एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
    उन्होंने बताया कि इसके बाद मुख्यमंत्री को संबंधित जिलाधीशों के माध्यम से ज्ञापन सौंपे जाएंगे। शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस बार भी सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।

  • हिमाचल सरकार ने उच्च वेतनमान पर लिया बड़ा फैसला, विरोध के बाद कर्मचारियों को मिला आश्वासन

    हिमाचल सरकार ने उच्च वेतनमान पर लिया बड़ा फैसला, विरोध के बाद कर्मचारियों को मिला आश्वासन

    हिमाचल प्रदेश सरकार ने पूर्व जयराम सरकार के समय दिए गए उच्च वेतनमान को वापस ले लिया था। अब विरोध के बाद सीएम ने कहा कि पुराने कर्मचारियों पर असर नहीं होगा और नई भर्तियों पर यह लागू होगा।

    शिमला

    कर्मचारियों ने उठाई आपत्ति, सीएम ने दिया आश्वासन
    अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ व सचिवालय कर्मचारी महासंघ के नेताओं ने पीटरहाॅफ पहुंचकर सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात की। प्रदीप ठाकुर और त्रिलोक ठाकुर ने सीएम को नुकसान का हवाला देते हुए अधिसूचना वापस लेने की मांग उठाई। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि पुराने कर्मचारियों के वेतन में कोई कटौती नहीं होगी और यह नियम केवल नई भर्तियों पर लागू होगा।

    भविष्य में लागू होगा नया नियम
    सीएम ने कहा कि वित्त विभाग को आदेश जारी कर दिए गए हैं। नई नियुक्तियों पर अतिरिक्त इंक्रीमेंट रोकी जाएगी, लेकिन पहले से तैनात कर्मचारियों पर असर नहीं होगा। जल्द अधिसूचना में संशोधन किया जाएगा।

    कर्मचारी संगठनों में नाराजगी
    कर्मचारी संगठनों ने सरकार के इस फैसले को कर्मचारी विरोधी करार दिया। उनका कहना है कि इससे मासिक औसतन 15 से 20 हजार रुपये की हानि होगी। सीटू राज्य कमेटी ने भी इसे गलत बताते हुए विरोध जताया।

    हड़ताल की चेतावनी
    महासंघ के अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर और प्रदीप ठाकुर ने कहा कि अगर अधिसूचना वापस नहीं ली गई तो आंदोलन और कलमबंद हड़ताल का सहारा लेना पड़ेगा। सीटू राज्य कमेटी ने भी सरकार पर बड़े अधिकारियों को लाभ पहुंचाने और आम कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप लगाया।