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News related to himachal state government employees.

  • कमल शर्मा को मिली प्राथमिक शिक्षक संघ संगड़ाह की कमान

    कमल शर्मा को मिली प्राथमिक शिक्षक संघ संगड़ाह की कमान

    नव नियुक्त अध्यक्ष ने कहा छात्र हित होंगे प्राथमिकता

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ संगड़ाह

    प्राथमिक शिक्षक संघ, संगड़ाह इकाई ने रविवार को हुए त्रैवार्षिक चुनावों में सर्वसम्मति से कमल शर्मा को अपना नया अध्यक्ष चुना।

    इस चुनाव के साथ ही नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया, जिसमें ब्रह्म दत्त शर्मा को उपाध्यक्ष, यशपाल ठाकुर को महासचिव, नारायण सिंह को कोषाध्यक्ष, सुरेश शर्मा को वरिष्ठ सलाहकार, और आशा शर्मा को महालेखाकार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    नव-निर्वाचित कार्यकारिणी की पहली बैठक में छात्र और शिक्षकों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। इस दौरान क्षेत्र की पाठशालाओं में मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों और सरकार को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

    नई कार्यकारिणी का मुख्य जोर क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और शिक्षकों व छात्रों की समस्याओं का समाधान करने पर रहेगा।

  • 9 जुलाई को ऊना में बंद रहेंगे सभी आंगनवाड़ी केंद्र

    9 जुलाई को ऊना में बंद रहेंगे सभी आंगनवाड़ी केंद्र

    केंद्र सरकार के खिलाफ गरजेंगी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, नीलम जसवाल ने केंद्र सरकार को बताया मजदूर विरोधी

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ ऊना,

    श्रम संहिताओं के विरोध और न्यूनतम वेतन ₹21,000 की मांग को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं 9 जुलाई को लामबंद होंगी। आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन की जिला कमेटी ने एक संयुक्त बयान में यह जानकारी दी।

    यूनियन ने कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स 9 जुलाई को संयुक्त ट्रेड यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर पूरे जिला ऊना मुख्यालय पर केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी और कर्मचारी विरोधी नीतियों का सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे।

    राज्य अध्यक्ष नीलम जस्वाल, जिला अध्यक्ष नरेश शर्मा, अनुराधा, आशा देवी, निर्मल सैनी और सरोज कुमारी ने बताया कि मौजूदा केंद्र सरकार आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स पर काम का बोझ तो आए दिन बढ़ाती जा रही है, परंतु उनकी वेतन वृद्धि और उनकी सुरक्षा की चिंता सरकार को बिल्कुल भी नहीं है।

    यूनियन नेताओं ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी का केंद्र और राज्य का मानदेय एक साथ नहीं आता है। 11 सालों में आंगनवाड़ी के वेतन में एक रुपये की भी वृद्धि नहीं हुई है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने लिए, विधायकों और मंत्रियों के लिए आए दिन नई घोषणाएं करती है, परंतु मजदूर वर्ग की लगातार अनदेखी की जाती है।यूनियन के नेतृत्व ने कहा कि प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तब तक चुप नहीं बैठने वाली जब तक सरकार उन्हें हरियाणा की तर्ज पर वेतन नहीं देती।

    उन्होंने कहा कि सरकार काम के हर नए फरमान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर थोप देती है, परंतु जब आंगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स अपने हक की बात सरकार के समक्ष उठाती हैं तब उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगती।

    नई शिक्षा नीति के चलते ECCE केंद्रों के संचालन के लिए आंगनवाड़ी कर्मियों से खिलवाड़ किया जा रहा है और प्री-नर्सरी के चलते आंगनवाड़ी कर्मियों के रोजगार पर बन आई है।

    आंगनवाड़ी नेतृत्व ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने पहले भी लड़कर अपने हक लिए हैं और भविष्य में भी इस लड़ाई को जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मजदूर वर्ग का हक छीनने वाली सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

    आंगनवाड़ी एवं हेल्पर्स यूनियन ने बताया कि पोषण ट्रैकर के नाम पर कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। यूनियन नेताओं ने कहा कि हर महीने लाभार्थियों से OTP लेने के बाद THR देना पड़ता है, जिसके लिए लाभार्थी सुरक्षा कारणों से आनाकानी करते हैं।

    इसके साथ ही पौषाहार की आपूर्ति की गुणवत्ता भी सही नहीं है, जिस वजह से लोग आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। बार-बार विभाग को इस बाबत सूचित किया जा चुका है, परंतु विभाग पर आंगनवाड़ी वर्कर्स के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है।

    यूनियन नेतृत्व ने कहा कि तीन-तीन माह बाद केंद्र से मिलने वाला मानदेय आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नहीं मिलता है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। आंगनवाड़ी नेतृत्व ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ किए जा रहे इस व्यवहार के चलते यूनियन 9 जुलाई को सीटू के बैनर तले इस हड़ताल में बढ़-चढ़कर भाग लेंगी और सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध करेंगी।

    इस हड़ताल के समर्थन में जिला में हजारों की संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे और पूरे जिले में सभी आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।

  • लोक निर्माण विभाग के भूपेन्द्र तोमर सेवानिवृत्त, विदाई समारोह में उमड़ा क्षेत्र का स्नेह

    लोक निर्माण विभाग के भूपेन्द्र तोमर सेवानिवृत्त, विदाई समारोह में उमड़ा क्षेत्र का स्नेह

    राजगढ़ के वरिष्ठ कर्मी भूपेन्द्र तोमर 40 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए। विभागीय विदाई के साथ क्षेत्रीय नागरिकों ने भी भव्य समारोह आयोजित कर जताया सम्मान।

    राजगढ़

    सेवा, समर्पण और ईमानदारी का मिला सम्मान

    लोक निर्माण विभाग राजगढ़ में 40 वर्षों तक कार्यरत भूपेन्द्र तोमर सोमवार को सेवानिवृत्त हो गए। विश्राम गृह राजगढ़ में आयोजित समारोह में एक्सियन पवन गर्ग और एई हमेंद्र शर्मा सहित विभाग के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों ने उनका ढोल-नगाड़ों से स्वागत किया। हिमाचली टोपी और स्मृति चिन्ह देकर उन्हें सम्मानित किया गया।

    सड़क निर्माण में दक्षता के लिए याद रखे जाएंगे

    सहायक अभियंता हमेंद्र शर्मा ने भूपेन्द्र तोमर की सेवाओं को बेमिसाल बताया और कहा कि उन्होंने सड़क निर्माण में जो अनुभव व गुणवत्ता दी, वह आने वाले समय तक याद रखी जाएगी। ईमानदारी, जिम्मेदारी और कड़ी मेहनत के प्रतीक रहे भूपेन्द्र तोमर ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

    कनेच में भव्य आयोजन, कपिल शर्मा की प्रस्तुति से नाची महफिल

    सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में भूपेन्द्र तोमर ने अपने गांव कनेच में भव्य समारोह आयोजित किया। इस मौके पर प्रसिद्ध गायक कपिल शर्मा ने पहाड़ी नाटियां पेश कर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। समारोह में स्थानीय लोगों के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों और परिजनों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भावुक बना दिया।

    समाज में लोकप्रियता और प्रेरणा का प्रतीक

    करीब चार दशकों की सेवा में भूपेन्द्र तोमर न केवल विभाग में बल्कि समाज में भी अपने शांत स्वभाव, समस्या समाधान की योग्यता और मिलनसारिता के लिए जाने जाते रहे। उनकी विदाई एक प्रेरणादायक और भावनात्मक क्षण बना, जिसे लोग वर्षों तक याद रखेंगे।

  • PENSIONER / पेशनर 30 सितंबर से पहले जमा करवाएं अपना जीवन प्रमाण पत्र, भुगतान में अड़चन से बचने की सलाह

    PENSIONER / पेशनर 30 सितंबर से पहले जमा करवाएं अपना जीवन प्रमाण पत्र, भुगतान में अड़चन से बचने की सलाह

    PENSIONER : जिला कोष कार्यालय चंबा के अंतर्गत आने वाले सभी पेंशनरों को 1 जुलाई से 30 सितंबर 2025 के बीच अपना जीवन प्रमाण पत्र समय पर जमा करवाने को कहा गया है। निर्धारित समय में प्रमाण पत्र न देने पर पेंशन भुगतान में रुकावट आ सकती है।

    चंबा

    30 सितंबर तक जमा करना अनिवार्य
    जिला कोषाधिकारी गिरिजा मनकोटिया ने बताया कि वर्ष 2025–26 के लिए पेंशन प्राप्त करने वाले सभी पेंशनरों को अपना जीवन प्रमाण पत्र 1 जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक कोष कार्यालय चंबा या संबंधित उपकोष कार्यालय में जमा करवाना अनिवार्य है।

    दूसरे राज्य या जिले के पेंशनर ऐसे भेज सकते हैं प्रमाण पत्र
    जो पेंशनर किसी कारणवश जिला कोष या उपकोष कार्यालय नहीं आ सकते या अन्य राज्य/जिले में रह रहे हैं, वे किसी भी राजपत्रित अधिकारी से सत्यापित करवा कर जीवन प्रमाण पत्र डाक द्वारा जिला कोष कार्यालय चंबा को भेज सकते हैं।

    मोबाइल और वेबसाइट से भी कर सकते हैं प्रमाणन
    पेंशनर अपने पीपीओ नंबर और आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से वेबसाइट या ‘जीवन प्रमाण फेस ऐप’ से भी प्रमाण पत्र सत्यापित कर सकते हैं। सत्यापन के बाद उसकी हार्ड कॉपी जिला कोष कार्यालय को भेजना आवश्यक होगा।

    समय पर प्रमाण पत्र देने की अपील
    गिरिजा मनकोटिया ने सभी पेंशनरों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि में जीवन प्रमाण पत्र किसी भी माध्यम से जमा करवा दें, ताकि पेंशन भुगतान में कोई बाधा न आए।

  • 70 पार के पेंशनरों को बड़ी राहत: बकाया 50% का भुगतान इसी माह

    70 पार के पेंशनरों को बड़ी राहत: बकाया 50% का भुगतान इसी माह

    हिमाचल सरकार का फैसला, जून में मिलेगा कुल बकाया का 30 प्रतिशत; बैंक व एजेंसियां करेंगी पालन

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला

    हिमाचल प्रदेश सरकार ने 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनधारकों और पारिवारिक पेंशनधारकों को बड़ी राहत दी है। वित्त विभाग ने आदेश जारी किए हैं कि ऐसे पेंशनभोगियों को जून 2025 में ही 50 प्रतिशत बकाया का भुगतान कर दिया जाएगा।

    यह राशि कुल बकाया का 30 प्रतिशत होगी।वित्त विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सरकार पहले ही 40 प्रतिशत बकाया जारी कर चुकी है। इस नवीनतम निर्देश के बाद, सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और संबंधित वितरण एजेंसियां इस आदेश का सख्ती से पालन करेंगी।

    1 जनवरी 2016 से प्रभावी पेंशन संशोधनयह भुगतान 1 जनवरी 2016 से पेंशन और पारिवारिक पेंशन में संशोधन के संबंध में जारी आदेशों के तहत किया जा रहा है।

    इससे पहले 17 सितंबर 2022, 13 मार्च 2024, 28 अगस्त 2024 और 19 अक्टूबर 2024 को भी इस संबंध में कार्यालय आदेश जारी किए जा चुके हैं। इस फैसले से विशेष रूप से उन पेंशनरों को लाभ मिलेगा जिनकी आयु 70 वर्ष या उससे अधिक है।

    अतिरिक्त वसूली का होगा समायोजनवित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी पेंशन वितरण प्राधिकरण और बैंक यह सुनिश्चित करेंगे कि यदि किसी पेंशनर या पारिवारिक पेंशनर से कोई अतिरिक्त राशि वसूल की जानी है, तो उसे इस बकाया राशि से समायोजित किया जाए।

    केवल शुद्ध राशि का ही भुगतान किया जाएगा। यह कदम पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की वित्तीय विसंगति से बचने के लिए उठाया गया है।

  • HRTC के सेवानिवृत्त कर्मचारी पेंशन न मिलने से आक्रोशित, आंदोलन की चेतावनी

    HRTC के सेवानिवृत्त कर्मचारी पेंशन न मिलने से आक्रोशित, आंदोलन की चेतावनी

    नाहन

    10 जून बीत जाने के बाद भी नहीं मिली मई माह की पेंशन, सरकार और निगम प्रबंधन पर गंभीर आरोप

    मासिक बैठक में भड़के पेंशनर्स
    हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच नाहन की मासिक बैठक मंगलवार को आईएसबीटी नाहन में अध्यक्ष मोहन ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का संचालन महासचिव हर शरण शर्मा ने किया। उपस्थित सभी सदस्यों ने हिमाचल सड़क परिवहन निगम और प्रदेश सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रति दोनों का रवैया पूरी तरह से उदासीन है।

    मई की पेंशन अब तक नहीं मिली
    बैठक में मौजूद सतीश चंद्र गर्ग, सुरेश कुमार, अमन कुमार, गीताराम, अमरीश कुमार, सोमदत्त, अशरफ अली, मोहम्मद इस्लाम, गोरखाराम, बृजभूषण, रामनाथ, गुमान सिंह, तारो देवी, मीना धवन, चांद बीबी, शशि बाला और राधा देवी ने बताया कि हर माह पेंशन समय पर नहीं मिलती। 10 जून बीत चुका है, लेकिन अभी तक मई माह की पेंशन नहीं मिली है, जिससे सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।

    अन्य लंबित मांगें भी उठीं
    बैठक में पेंशनर्स ने अपनी अन्य लंबित मांगों को भी दोहराया जिनमें 1 जनवरी 2026 से संशोधित पेंशन, 1 जनवरी 2016 से नया वेतनमान, वर्ष 2015 से लंबित बिलों का भुगतान, लंबित महंगाई भत्ता और पिछले ढाई साल से मेडिकल बिलों का निपटारा शामिल है।

    उग्र आंदोलन की चेतावनी
    अध्यक्ष मोहन सिंह ठाकुर और महासचिव हर शरण शर्मा ने कहा कि यदि सरकार और निगम प्रबंधन ने देनदारियों को जल्द हल नहीं किया तो राज्य कार्यकारिणी के निर्देश पर आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने मेडिकल फिक्स्ड अलाउंस ₹1000 प्रति माह करने और सभी लंबित भुगतानों को एकमुश्त जारी करने की मांग भी दोहराई।

    न्यायालय के आदेशों की भी अनदेखी
    बैठक में इस बात पर विशेष नाराजगी जताई गई कि निगम प्रबंधन कोर्ट के आदेशों का भी पालन नहीं कर रहा है। पेंशनर्स ने साफ चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही तो जल्द ही उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

  • हिमाचल में 108 व 102 एंबुलेंस थमीं,मरीजों को हुई परेशानी

    हिमाचल में 108 व 102 एंबुलेंस थमीं,मरीजों को हुई परेशानी

    सीटू प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा बोले मेडस्वान फाउंडेशन के अधीन कार्यरत सैकड़ों पायलट, कैप्टन और ईएमटी कर्मचारी हो रहे हैं भारी शोषण का शिकार

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला

    हिमाचल प्रदेश में बुधवार को 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं ठप रहीं। एंबुलेंस कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर एक दिन की हड़ताल कर दी, जिससे मरीजों को अस्पतालों तक पहुंचाने में तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

    108 एवं 102 एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन संबंधित सीटू के आह्वान पर यह हड़ताल श्रम कानूनों और न्यायिक आदेशों को लागू करने, न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने और कर्मचारियों के उत्पीड़न को बंद करने जैसी मांगों को लेकर की गई।

    हड़ताल के दौरान प्रदेश भर में किसी भी ड्राइवर या ईएमटी ने काम नहीं किया।हड़ताल के समर्थन में सभी जिला मुख्यालयों, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक कार्यालय शिमला और मेडस्वान फाउंडेशन के मुख्य कार्यालय धर्मपुर (सोलन) पर कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किए।

    यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया गया और उनका उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।सीटू के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि मुख्य नियोक्ता एनएचएम के अंतर्गत मेडस्वान फाउंडेशन के अधीन कार्यरत सैकड़ों पायलट, कैप्टन और ईएमटी कर्मचारी भारी शोषण का शिकार हैं।

    उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों को सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन भी नहीं मिलता है। उनसे 12 घंटे की ड्यूटी करवाई जाती है, लेकिन उन्हें ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता है। विजेंद्र मेहरा ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय, लेबर कोर्ट, सीजीएम कोर्ट शिमला और श्रम कार्यालय के आदेशों के बावजूद पिछले कई वर्षों से इन कर्मचारियों का शोषण जारी है।यूनियन नेताओं ने कहा कि जब कर्मचारी अपनी मांगों के लिए आवाज उठाते हैं तो उन्हें मानसिक और अन्य तरीकों से प्रताड़ित किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनियन के नेतृत्वकारी कर्मचारियों का या तो तबादला कर दिया जाता है या उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करके नौकरी छोड़ने पर मजबूर किया जाता है। कई कर्मचारियों को बिना किसी कारण के महीनों तक ड्यूटी से बाहर रखा जाता है और उन्हें डराया-धमकाया जाता है। कर्मचारियों ने सरकार और एनएचएम से अपील की है कि उनकी मांगों को जल्द पूरा किया जाए, अन्यथा हड़ताल जारी रहेगी।कर्मचारियों की प्रमुख मांगें: * सरकारी नियमों के अनुसार न्यूनतम वेतन का भुगतान किया जाए। * 12 घंटे कार्य करने पर नियमानुसार दोगुना ओवरटाइम वेतन दिया जाए। * कर्मचारियों को नियमानुसार सभी छुट्टियां मिलें। * गाड़ियों की मरम्मत और बीमा के दौरान कर्मचारियों का वेतन न काटा जाए और उन्हें पूरा वेतन मिले। * हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय, लेबर कोर्ट, सीजेएम कोर्ट शिमला और श्रम विभाग के न्यूनतम वेतन संबंधी आदेशों को तुरंत लागू किया जाए। * कर्मचारियों की अन्य मांगों को भी पूरा किया जाए।प्रोजेक्ट मैनेजर का बयान:इस हड़ताल पर प्रतिक्रिया देते हुए मेडस्वान के प्रोजेक्ट मैनेजर अशोक दासन ने कहा कि कुछ कर्मियों ने हड़ताल की है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सुविधा बंद हो गई है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने पहले भी कर्मचारियों से बात की थी और उनकी जो भी जायज मांगें हैं, उन्हें पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

  • हिमाचल प्रदेश में जल्द शुरू हो सकती हैं भर्तियां

    हिमाचल प्रदेश में जल्द शुरू हो सकती हैं भर्तियां

    राज्य चयन आयोग ने सरकार से मांगी अनुमति, आयोग सचिव ने कार्मिक विभाग को लिखा पत्र

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला

    राज्य चयन आयोग, हमीरपुर ने प्रदेश सरकार से नई भर्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति मांगी है। आयोग के सचिव ने इस संबंध में कार्मिक विभाग के सचिव को पत्र भेजा है।

    अब सरकार के निर्देशों के बाद ही आयोग आगे की कार्रवाई करेगा।इससे पहले, मंत्रिमंडल ने चयन आयोग द्वारा अभ्यर्थियों से ली जाने वाली फीस का निर्धारण कर दिया है, जिसकी सूचना कार्मिक विभाग जल्द ही आयोग को देगा।

    हालांकि, आवेदन प्रक्रिया शुरू करने के लिए केवल फीस का निर्धारण ही पर्याप्त नहीं है।सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सरकार ने अनुबंध भर्तियों को समाप्त कर दिया है।

    राज्य चयन आयोग जेबीटी और टीजीटी के कमीशन आयोजित करने की तैयारी में है, लेकिन अब इनके भर्ती नियम नए सिरे से बनाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, जिन अभ्यर्थियों को परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद नौकरी की पेशकश की गई है, उन्हें सरकार ने फिलहाल दो साल के लिए ट्रेनी के तौर पर रखने का निर्णय लिया है।

    नई भर्तियों को लेकर सबसे पहले यह तय करना होगा कि ये किस नियमों के तहत होंगी। इससे पहले, राज्य के कार्मिक विभाग ने सभी विभागों को पत्र लिखकर नए नियमों का इंतजार करने के लिए कहा है।

    हालांकि, कैबिनेट ने इसके लिए एक कैबिनेट उप-समिति का गठन कर दिया है, जिसकी अधिसूचना अभी जारी होनी बाकी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कार्मिक विभाग राज्य चयन आयोग को क्या जवाब देता है, क्योंकि नए आवेदनों की प्रक्रिया इसी पर निर्भर करेगी।

    आईटी विभाग का ओटीआर सिस्टम तैयारइन भर्तियों के लिए राज्य चयन आयोग ने राज्य के आईटी विभाग से वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) का नया सिस्टम तैयार करवाया है। इस सिस्टम के तहत सभी विभाग अपनी रिक्तियां भेजेंगे और आवेदक एक बार पंजीकरण करने के बाद विभिन्न पदों के लिए आसानी से आवेदन कर सकेंगे।

    इस नए सिस्टम की विशेषता यह है कि यदि कोई अभ्यर्थी किसी पद के लिए पात्र नहीं है, तो उसका आवेदन स्वीकार ही नहीं किया जाएगा।फिलहाल, राज्य चयन आयोग को सरकार के जवाब का इंतजार है,

    जिससे यह स्पष्ट हो सके कि आयोग को नए भर्ती नियमों का इंतजार करना होगा या अस्थायी आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। सरकार का निर्णय ही यह तय करेगा कि प्रदेश के युवाओं के लिए भर्तियों का द्वार कब खुलता है।

  • शिमला / निलंबित शिक्षकों ने हाईकोर्ट में लगाई गुहार , 13 मई को सुनवाई

    शिमला / निलंबित शिक्षकों ने हाईकोर्ट में लगाई गुहार , 13 मई को सुनवाई

    शिमला

    राजधानी शिमला में क्रमिक अनशन कर रहे प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने अपने आठ साथियों के निलंबन आदेशों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। संघ के अध्यक्ष जगदीश शर्मा, संजय, प्रताप ठाकुर और राम सिंह राव ने संयुक्त रूप से याचिका दायर की है, जिस पर अब 13 मई को सुनवाई होगी।

    हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव और निदेशक को जारी किया नोटिस

    हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में शिक्षा सचिव और स्कूल शिक्षा निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वीरवार को हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजन कहोल ने अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए कुछ समय का अनुरोध किया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत की मांग करने वाले आवेदन पर प्रतिवादियों को एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

    शिक्षकों का आरोप, संवैधानिक अधिकारों का हनन

    याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि सरकार ने उनके संवैधानिक अधिकारों को दबाने के लिए एकतरफा कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि निलंबन आदेशों के तहत उनके मुख्यालय दूरदराज के क्षेत्रों में निर्धारित किए गए हैं। शिक्षकों का यह भी कहना है कि जिस आरोप में उन्हें निलंबित किया गया है, उसमें रिकॉर्ड से छेड़छाड़ जैसा कोई मामला ही नहीं बनता। गौरतलब है कि 26 अप्रैल को शिमला के चौड़ा मैदान में संघ के बैनर तले सैकड़ों शिक्षकों ने निदेशालयों के पुनर्गठन का विरोध किया था, और इसी दौरान सरकार के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने पर इन आठ शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया था।

  • सिरमौर में 100 जेबीटी अध्यापकों को पदोन्नति के साथ विभिन्न स्कूलों में मिली नियुक्ति

    सिरमौर में 100 जेबीटी अध्यापकों को पदोन्नति के साथ विभिन्न स्कूलों में मिली नियुक्ति

    नाहन

    मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर तोहफे के तौर पर पदोन्नति और नियुक्ति को लेकर अध्यापक वर्ग में खुशी की लहर

    नाहन, 27 मार्च : हिमाचल प्रदेश सरकार के द्वारा लंबे समय से पदोन्नति के सथ-साथ खाली चल रहे पदों के साथ शिक्षकों को मुख्यमंत्री के जन्म दिवस पर बड़ा तोहफा मिला है।

    प्रदेश सरकार ने जिला सिरमौर में 100 जे.बी.टी. शिक्षकों कोपदोन्नति के साथ मुख्य शिक्षक के पदों पर तैनाती दी गई है। जिला प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय से इन शिक्षकों की पदोन्नति की सूची भी जारी की गई है, जिसमें पदोन्नत हुए मुख्य शिक्षकों को जिला के विभिन्न स्कूलों में तैनाती भी दे दी गई है। उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा राजीव ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के द्वारा आदेश दिए गए थे कि जिला में खाली चल रहे पदों के साथ-साथ पदोन्नति की रहत तक रहे अध्यापकों को पदोन्नति के साथनियुक्तियां दी जाएं। लिहाजा सरकार के द्वारा 26 मार्च 2025 को यह अधिसूचना जारी कर दी गई है। जिला में 100 जेबीटी अध्यापकों को मिली पदोन्नति को लेकर अध्यापक वर्ग ने सरकार का आभार जताते हुए खुशी जाहिर की है।

    इन शिक्षकों को यहां मिली है पदोन्नति के साथ नियुक्ति

    प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक जे.बी.टी. शिक्षक सरोज कमल को जी.पी.एस. घिरगाछीनार (नौहराधार) स्कूल, जिया लाल को शिक्षा खंड राजगढ़ के लाना मोही स्कूल, चंदा थापा को गाड्डा भुड्डी (नाहन) स्कूल, जगमोहन को गर्गोन पलाशों (सराहां), चंद्र देव डेबरघाट (नौहराधार), घाना नंद को लाना पालर (संगड़ाह), नरेंद्र सिंह को भूईरा (राजगढ़), गीता राम को झकांडो (शिलाई), किशन सिंह को शीनाघाट (सराहां), सूरत सिंह को ढकोली (शिलाई) स्कूल में मुख्य शिक्षक के पद पर तैनात किया गया है। वहीं जे.बी.टी. शिक्षक खुशी राम को न्यू जामना (कफोटा), प्रताप सिंह को शरली (कफोटा), राजेश सिंह को रोग बखोटा (राजगढ़), विजय सिंह को सतना बरमन (नाहन), सुमन कुमारी को संगोली (नौहराधार), शीला देवी को अमरकोट (पांवटा साहिब), इंद्र सिंह को गडोल पीरग (राजगढ़), जोगिंद्र सिंह को पल्होड़ी-1 (माजरा), राजेंद्र कुमार को धरोटी (सराहां), गायत्री देवी को शैरावत (राजगढ़), हरमेश कुमार को खोदरी माजरी (खोड़ोवाला), रीता शर्मा को मालोंवाला (नाहन), मदन सिंह तोमर को बांदली ढाडस (शिलाई), सुनीता शर्मा को कोटी उतराऊ (शिलाई), हरिपाल सिंह को सोमफर (संगड़ाह), सुमन बाला को छोगटाली (राजगढ़) स्कूल में पदोन्नति के बाद बतौर मुख्य शिक्षक के पद तैनाती दी गई है। इसके अलावा सतपाल को ढाकवाला (सुरला), राकेश कुमार को बोगरिया (सुरला), सुमन लता को रणफुआ (संगड़ाह), खतरी राम को बादली (शिलाई), फतेह सिंह को कालाघाट (नारग), सुनीता देवी को टिकरी (संगड़ाह), केदार सिंह को कोटगा (सतौन), अशोक कुमार को बरोल (संगड़ाह), रतन सिंह को मोहतू (संगड़ाह), चंद्र किशोर को नईनेटी (राजगढ़), मोहन सिंह को रोनहाट (शिलाई), नीलम शर्मा को नहरबाग (राजगढ़), प्रेम दत्त को राणाघाट (राजगढ़), सुशीला देवी को पातलियों (पांवटा साहिब), जयवंती को पुन्नरधार (नौहराधार), राकेश कुमार को भूपपुर (पांवटा साहिब), धर्म पाल सिंह को लग्नू (संगड़ाह) स्कूल का मुख्य शिक्षक बनाया गया है। उधर जे.बी.टी. शिक्षक मधु बाला को चकरेड़ा (नाहन), बलदेव सिंह को ढांगवाला (सुरला), सूरत सिंह को कांडो च्योग (कफोटा), जयवंती देवी को जनोट (सुरला), जगजीत सिंह को बांगरन (पांवटा साहिब), सरोज बाला को जुईनल (कफोटा), कुलदीप चंद को देवी नगर (पांवटा साहिब), ज्ञान सिंह को नेई (बकरास), रूप सिंह को डसाकना (संगड़ाह), राजेंद्र सिंह को लनी (कफोटा), जगत राम को कशेलगा (ददाहू), भुवन चंद्र जोषी को शिवपुर (नौहराधार), देवेंद्र सिंह को ज्ञानकोट (राजगढ़), ओम प्रकाश को सरली (नौहराधार), कौशल्या देवी को शरिया (नारग), असगर अली को नवादा-1 (पांवटा साहिब), ज्वाला देवी को धनयार (सराहां), यशपाल को सिरमौरी मंदिर (सराहां), सुरजीत सिंह को षिरी कटवार (खोड़ोवाला) स्कूल में तैनाती दी गई है। वहीं सरस्वती देवी को मंडोली (संगड़ाह), रमेश चंद को जजला (कफोटा), जय सिंह को कांडो कोटी (शिलाई), मीना देवी को कलोह (सराहां), रमेश चंद को जखाल (कफोटा), खेमचंद को सिंघपुरा (खोड़ोवाला), कृपा राम को भलार (संगड़ाह), रतन सिंह को इंडोली (कफोटा), श्रवण कुमार को कोटड़ी (नाहन), सुंदर सिंह को अगरों (खोड़ोवाला), बेली राम को डाडा किल्लौर (संगड़ाह), नीलम गुप्ता को कैंट नाहन, राकेश कुमार को डाबरा (कफोटा), शमशेर अली को नलका (नाहन), कुसुम कुमारी को चमेंजी (नारग), राम सिंह को दीद बगड़ (ददाहू), सुरजन सिंह को शेखरा बगार (सराहां), पदम ठाकुर को सिंयू (संगड़ाह), नीलम कुमारी को देवा मानल (नौहराधार), कल्याण सिंह को रजाना (संगड़ाह), लक्षण नेगी को किशनपुरा (पांवटा साहिब), मोहन सिंह को खालाक्यार (ददाहू), अनुराधा शर्मा को दुगाना (कफोटा) में बतौर मुख्य शिक्षक तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त जे.बी.टी. शिक्षक देवेंद्र सिंह को थाइना बसोतरी (राजगढ़), ममता रानी को बहराल-1 (पांवटा साहिब), राधे श्याम को लफयोग टिकरी (सराहां), कृष्णा देवी को फांदी भोंडीवाला (माजरा), विरेंद्र सिंह को सखौली (सतौन), जय इंद्र दत्त को डिंगरी धिन्नी (सराहां), सुमन भारद्वाज को बागथन (सराहां), भगत राम को नवान भटवार (शिलाई), बृज लाल को गंगटोली (शिलाई), दुर्गा सिंह को जलोगघाट (सराहां), हरिदत्त को चौकी मृगवाल (सतौन), बलवंत शर्मा को डिलमन (नारग), राम लाल को मानल-1 (शिलाई), मांगी देवी को बड़ग (संगड़ाह), जयपाल को जरवा (बकरास) स्कूल में मुख्य शिक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है।