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News related to himachal state government employees.

  • कुल्लू में जापानी फल के दाम में वृद्धि, किसानों को मिला लाभ

    कुल्लू में जापानी फल के दाम में वृद्धि, किसानों को मिला लाभ

    HNN/कुल्लू

    हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में सेब सीजन के समापन के बाद जापानी फल की आवक शुरू हो गई है। भुंतर सब्जी मंडी में रविवार को जापानी फल 125 रुपये प्रतिकिलो बिका, जो किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से व्यापारी यहां पर जापानी फल की खरीद कर रहे हैं।

    कुल्लू जिले में तैयार होने वाला जापानी फल अपनी गुणवत्ता के लिए जाना जाता है, जिससे व्यापारी इसे हाथोंहाथ खरीद रहे हैं। लगघाटी सहित कई क्षेत्रों में अभी तक बागवानों के पास जापानी फल बगीचों में है। जापानी फल की विशेषता है कि यह जल्द नहीं पकता है, इसलिए बागवान मार्केट के हिसाब से इसे मंडियों में ला रहे हैं।

    बागवानों का कहना है कि सेब के साथ जापानी फल को अब एक विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। जापानी फल का पौधा सेब के मुकाबले जल्दी तैयार होता है, इससे फसल भी बागवान जल्दी ले सकता है। भुंतर सब्जी मंडी में आढ़ती यूनियन के अध्यक्ष मानस कुमार सूद ने कहा कि 15 नवंबर तक जापानी फल के मंडियों में आने का सिलसिला जारी रहेगा।

  • हिमाचल प्रदेश : ग्राम रोजगार सेवकों को नहीं मिलेगा महंगाई भत्ता

    हिमाचल प्रदेश : ग्राम रोजगार सेवकों को नहीं मिलेगा महंगाई भत्ता

    HNN/शिमला

    हिमाचल प्रदेश के लगभग साढ़े तीन लाख कर्मचारियों को दीपावली के अवसर पर 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता और वेतन मिलेगा, लेकिन ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत 1081 ग्राम रोजगार सेवकों को यह लाभ नहीं मिलेगा। ग्रामीण विकास विभाग ने बजट न होने का तर्क देकर ग्राम रोजगार सेवकों का महंगाई भत्ता और अन्य देय मार्च 2023 से बंद कर दिया है।

    ग्राम रोजगार सेवकों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि उनको भी रुका हुआ महंगाई भत्ता और इस बार घोषित महंगाई भत्ता जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि समान काम समान वेतन के सुप्रीमकोर्ट के फैसले के मद्देनजर ग्रामीण विकास विभाग को उचित निर्देश दें। ग्राम रोजगार सेवक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष यशवंत ठाकुर ने सरकार के हर फैसले को ग्राम रोजगार सेवकों पर भी लागू करने की मांग की है।

    ग्राम रोजगार सेवकों को अभी तक एरियर नहीं मिला है और न ही किराया भत्ता दिया जा रहा है। कई ग्राम रोजगार सेवक अपने कॉन्ट्रेक्ट की अवधि पूर्ण कर चुके हैं, लेकिन उनको अभी तक रेग्युलर स्केल नहीं दिया जा रहा है। दैनिक वेतनभोगी अपना कार्यकाल पूर्ण कर चुके हैं, लेकिन उनको भी कॉन्ट्रेक्ट पर नहीं लिया जा रहा है।

  • ऊना में आलू की फसल तैयार, किसानों को अच्छे दाम मिलने की उम्मीद

    ऊना में आलू की फसल तैयार, किसानों को अच्छे दाम मिलने की उम्मीद

    HNN/ऊना

    हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में आलू की फसल अंतिम चरण में पहुंच गई है। लगभग 2000 हेक्टेयर जमीन में लगाई गई आलू की दो माह वाली फसल को जमीन से निकालने का काम एक सप्ताह में शुरू होगा। स्वां नदी के आसपास के इलाकों में अधिकतर फसल लगाई गई है, क्योंकि रेतीली जमीन में आलू का उत्पादन शानदार होता है।

    ऊना में तैयार होने वाले आलू की खास बात यह है कि यह सबसे पहले मंडियों में पहुंचता है, खासकर पड़ोसी राज्य पंजाब के बाजार में नए आलू की खरीदारी तेजी से होती है, क्योंकि यह स्वादिष्ट होता है। ऊना के किसानों की आर्थिकी सुधारने में आलू की फसल का महत्वपूर्ण योगदान है।

    किसान फसल की सिंचाई और खाद के छिड़काव में जुटे हुए हैं और उन्हें अच्छी पैदावार की उम्मीद है। जिले में आलू की फसल शानदार तरीके से तैयार हुई है और अच्छे दाम मिलने की उम्मीद है, जिससे किसानों की आर्थिकी बेहतर होगी।

  • सिरमौर जिले में धान खरीद केंद्रों में बुनियादी ढांचे की कमी, किसान परेशान

    सिरमौर जिले में धान खरीद केंद्रों में बुनियादी ढांचे की कमी, किसान परेशान

    HNN/पांवटा साहिब

    वर्तमान खरीफ विपणन सत्र 2024-25 में धान की बंपर फसल और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब और धौलाकुआं में धान खरीद केंद्रों (पीपीसी) में उचित बुनियादी ढांचे की कमी ने क्षेत्र के किसानों को परेशान कर दिया है। सिरमौर जिले में दो पीपीसी होने के बावजूद किसान मजबूरी में अपनी फसल पड़ोसी राज्य हरियाणा में बेचने को मजबूर हैं। इन मंडियों में आढ़ती 2000 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की फसल खरीद रहे हैं, जबकि एमएसपी 2320 रुपये प्रति क्विंटल है।

    मजबूरी में बेचने में दो बड़ी बाधाएं हैं पीपीसी में बुनियादी ढांचे की कमी और जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले एन के धीमान की ओर से फसल बिक्री पोर्टल पर कम टोकन खोले जाना। फसल की कटाई चरम पर है, लेकिन एक मंडी में केवल 25 किसानों को ही अपनी फसल लाने की अनुमति है, जबकि पिछले साल 45 किसानों को अनुमति थी। आज की स्थिति में एपीएमसी पांवटा में दो लाइनों में लगभग 80 ट्रॉलियां धान की फंसी हुई हैं, जबकि धौलाकुआं में लगभग 50 ट्रॉलियां फंसी हुई हैं। 20 तारीख का टोकन आगामी 29 और 30 तारीख को तोला जाएगा। कटाई के बाद किसानों के लिए फसल को घर पर रखना और 25-30 दिन बाद अपनी बारी का इंतजार करना मुश्किल है, जिससे उन्हें मजबूरी में बेचना पड़ रहा है। इसके अलावा किसानों को आगामी दिवाली के त्योहार के लिए भी पैसे की जरूरत है।

    एन के धीमान जो की जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले सोलन है को सिरमौर जिले का अतिरिक्त प्रभार मिला हुआ है परंतु सिरमौर जिले में किसने की बदहाली के लिए इसी अधिकारी को सबसे अधिक जिम्मेदार बताया जा रहा है और कई किसानों ने शिकायत की है कि अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त है तथा उन्होंने शिमला सोलन चंडीगढ़ में अवैध संपत्तियां अर्जित की हुई है तथा बेनामी संपत्तियां भी इकट्ठी की है

    किशनपुरा के राजेंद्र प्रकाश ने बताया कि वह 24 अक्टूबर को अपना टोकन नंबर 20248101038 लेकर पांवटा मंडी आए थे। उन्हें 6-7 दिन इंतजार करने को कहा गया। आक्रामक और तीखी नोकझोंक के बाद भी राजेंद्र प्रकाश का धान नहीं तोला गया। उन्होंने अपना धान पड़ोसी राज्य हरियाणा में खिदराबाद के निजी आढ़ती को 2100 क्विंटल के रेट को बचा है

    टोकन कम होने से खरीद भी कम हो रही है । चालू सीजन में खरीद की उम्मीद 60-70 हजार क्विंटल है, जबकि पिछले साल 103 हजार क्विंटल खरीद हुई थी। इससे सरकारी खजाने को भी नुकसान हो रहा है। यहां यह बताना जरूरी है कि राज्य सरकार द्वारा की जाने वाली खरीद एपीएमसी, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम तथा कृषि विभाग का संयुक्त प्रयास है। अधिकांश कर्मचारी शाम पांच बजे तक मंडियों से चले जाते हैं। केवल नागरिक आपूर्ति के मंडी प्रभारी अंकुश और राकेश ही सुबह 10 बजे से लेकर रात आठ बजे तक मंडी में रहते हैं।

    किसानों की समस्याओं को हल करने में अनिच्छा धान खरीद के लिए राज्य सरकार की कम इच्छा को दर्शाती है, जो राज्य की एकमात्र खरीद एजेंसी नागरिक आपूर्ति निगम के पास धन की कमी से संबंधित हो सकती है। सूत्रों से यह भी पता चला है कि नागरिक आपूर्ति निगम गंभीर वित्तीय संकट में है और तेल, नमक, दाल, परिवहन आदि की खरीद के लिए समय पर भुगतान नहीं कर रहा है। नाहन क्षेत्र प्रबंधक कार्यालय और डीएफएससी कार्यालय से किसी भी व्यक्ति का बयान नहीं मिल सका।

  • हिमाचल प्रदेश सरकार ने पीजी कर रहे चिकित्सकों को पूरा वेतन देने का निर्णय लिया

    हिमाचल प्रदेश सरकार ने पीजी कर रहे चिकित्सकों को पूरा वेतन देने का निर्णय लिया

    HNN/शिमला

    हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश सहित अन्य राज्यों में स्नातकोत्तर (पीजी) कर रहे सूबे के चिकित्सकों को पूरा वेतन देने का निर्णय लेकर दिवाली से पहले बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पीजी कोर्स, सीनियर रेजिडेंसी (एसआर शिप) या डीएम स्तर की पढ़ाई करने वाले चिकित्सकों को अध्ययन अवकाश के दायरे से बाहर करने का निर्णय लिया है। इससे हजारों चिकित्सकों को लाभ मिलेगा।

    चिकित्सक अपनी शैक्षणिक प्रतिबद्धताओं के साथ-साथ मरीजों की स्वास्थ्य देखभाल संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन भी करते हैं। इससे मरीजों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित होती है। सीएम ने चिकित्सा अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हाल ही में हुई बैठक में इनसे संबंधित मामलों पर विचार कर निर्णय लेने का आश्वासन दिया था।

    हिमाचल मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजेश राणा ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से चिकित्सकों की बड़ी चिंता का समाधान हुआ है। इसके अलावा, राज्य बिजली बोर्ड और परिवहन निगम कर्मियों को चार फीसदी महंगाई भत्ता (डीए) देने की अधिसूचना भी जारी कर दी है। सरकार के अन्य विभागों के कर्मचारियों की तर्ज पर बिजली बोर्ड और परिवहन कर्मियों को भी 28 अक्तूबर को जारी होने वाले वेतन और पेंशन के साथ महंगाई भत्ता भी दिया जाएगा।

  • बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन: 28 अक्तूबर से शुरू होगा धरना

    बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन: 28 अक्तूबर से शुरू होगा धरना

    HNN/शिमला

    हिमाचल प्रदेश में बिजली कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने का फैसला लिया है। उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर 28 अक्तूबर से प्रदर्शन कर विरोध जताने का फैसला लिया गया है। इंजीनियरों और कर्मचारियों के संयुक्त मोर्चा ने आपात बैठक कर सरकार को अल्टीमेटम दिया है।

    संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली बोर्ड को विघटित कर निजी कंपनियों के हवाले नहीं करने देंगे। उन्होंने समाप्त किए गए सभी 51 इंजीनियरिंग कैडर पदों को लेकर तुरंत बहाली की मांग की।

    बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों के संयुक्त मोर्चे ने कर्मचारियों के कल्याण और संगठन की परिचालन अखंडता से संबंधित कई महत्वपूर्ण मांगों का समर्थन किया। अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

  • सरकार ने चार बदले एच ए एस और इनकी भी हुई ट्रांसफर

    सरकार ने चार बदले एच ए एस और इनकी भी हुई ट्रांसफर

    गौरव महाजन एसी टू डीसी सोलन और इन तहसीलदारों को यहाँ मिली नियुक्ति और जुब्बल में गुरमीत होंगे नए एस डीएम

    HNN News शिमला

    प्रदेश सरकार ने तीन तहसीलदार समेत आठ अधिकारियों को प्रोमोशन दी गयी है। साथ ही पदोन्नति के बाद सरकार ने अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां भी सौंप दी हैं। सरकार ने इसको लेकर आदेश भी जारी कर दिए हैं।

    तहसीलदार गुरमीत को प्रोमोशन के बाद एसडीएम जुब्बल, नीरजा शर्मा को सामान्य विभाग को रिपोर्ट करने के लिए कहा है उनकी पोस्टिंग के आदेश बाद में जारी किए जाएंगे।

    तहसीलदार देवी राम को एसडीएम बाली चौकी लगाया गया है, वह तहसीलदार औट को रिलीव करेंगे। इसके अलावा अलाइड सर्विस से भी अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है।

    असिस्टेंट कमिश्नर, स्टेट टैक्स एंड एक्साइज अंकुर यादव को पदोन्नति के बाद एसडीएम चुराह तैनात किया गया है। वह एसडीएम सलूणी नवीन कुमार को रिलीव करेंगे।

    ओम प्रकाश यादव को पदोन्नति के बाद एसी टू डीसी किन्नौर लगाया गया है, वह प्रोजेक्ट अधिकारी आईटीबीपी का भी अतिरिक्त कार्यभार देखेंगे। किरण गुप्ता को सरकार ने पदोन्नति के बाद डिप्टी सचिव जल शक्ति विभाग की जिम्मेदारी सौंपी है।

    इसके अलावा बीडीओ पद पर तैनात रमेश कुमार को भी पदोन्नति देकर उन्हें एसडीएम थुनाग नियुक्त किया है। वह तहसीलदार थुनाग को रिलीव करेंगे। बीडीओ शैफाली को प्रोमोशन के बाद असिस्टेंट कमिश्नर प्रोटोकॉल परवाणू लगाया गया है।

    वह एडीएम कसौली महेंद्र प्रताप को रिलीव करेंगी। प्रदेश सरकार ने चार एचएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। जारी आदेशों में 2012 बैच के एचएएस राकेश कुमार एसी टू डीसी हमीरपुर अब एसडीएम नादौन होंगे।

    2017 बैच के एचएएस अधिकारी नरेश कुमार को ज्वॉइंट सेक्रेटरी जल शक्ति विभाग से एसी टू डीसी शिमला लगाया गया है वह ज्वॉइंट सेक्रेटरी जीवन सिंह नेगी को अतिरिक्त कार्यभार से रिलीव करेंगे।

    इसके अलावा 2019 बैच की अपराजिता चंदेल अब एसी टू डीसी हमीरपुर होगी। वहीं, 2017 बैच के एचएएस अधिकारी गौरव महाजन को एसी टू डीसी सोलन से एसडीएम करसोग नियुक्त किया गया है। वह तहसीलदार करसोग को अतिरिक्त चार्ज से रिलीव करेंगे।

  • हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : आउटसोर्स कर्मचारियों के तबादले पर रोक

    हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : आउटसोर्स कर्मचारियों के तबादले पर रोक

    HNN/शिमला

    हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दो आउटसोर्स कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगा दी है। ये दोनों कर्मचारी शिमला में तैनात थे और उन्हें नालागढ़ स्थानांतरित किया गया था। सरकारी स्थानांतरण नीति के अनुसार, एक जगह पर तीन साल की तैनाती के बाद ही तबादला किया जा सकता है, लेकिन इन कर्मचारियों का तबादला महज ढाई साल में किया गया ।

    आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति फरवरी 2022 में हुई थी। इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला आउटसोर्स कर्मचारियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्तूबर को होगी ।

    इसी बीच, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अन्य मामले में एसडीएम रोहड़ू के तबादले पर भी रोक लगा दी है, जो मात्र एक माह बाद किया गया था ।

  • हिमाचल प्रदेश में मनरेगा कामगार महिलाओं को मिलेगी बड़ी राहत

    हिमाचल प्रदेश में मनरेगा कामगार महिलाओं को मिलेगी बड़ी राहत

    HNN/शिमला

    हिमाचल प्रदेश में मनरेगा में 100 दिन का कार्य दिवस पूरे करने वाली विधवा, एकल महिला, परित्यक्त और दिव्यांग महिलाओं (वार्षिक आय ढाई लाख तक) को घर बनाने के लिए तीन लाख रुपये की आर्थिक धनराशि दिए जाने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह अधिसूचना ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जारी की गई है।

    सीएम सुक्खू ने बजट में इस सिलसिले में घोषणा की थी। इसके लिए बजट का भी प्रावधान कर दिया है। ऐसे में इन श्रेणियों की महिलाओं को यह बड़ी राहत होगी। वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-2025 तक जिन महिलाओं के मनरेगा में 100 दिन पूरे हो जाएंगे, वे इसके लिए आवेदन करने की पात्र होंगी।

    आवेदनकर्ता महिला की वार्षिक आय अढ़ाई लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए और न ही इससे पूर्व संबंधित महिला ने अन्य किसी दूसरी योजनाओं में घर के निर्माण के लिए सरकार की ओर से कोई भी आर्थिक सहायता ली हो। बीडीओ नादौन निशांत शर्मा ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग ने इसके संदर्भ में अधिसूचना जारी कर दी है। पात्र महिलाओं के लिए आवेदन फॉर्मेट भी विभाग की ओर से जारी किया गया है।

  • कर्मचारियों को प्रशासन से आपेक्षित सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी – जतिन लाल

    कर्मचारियों को प्रशासन से आपेक्षित सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी – जतिन लाल

    HNN/ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    कर्मचारी सरकार व प्रशासन की रीढ़ हैं और सरकार के कार्यक्रमों, कल्याणकारी योजनाओं व नीतियों को धरातल पर कार्यान्वित करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। यह बात उपायुक्त जतिल लाल ने मंगलवार को बचत भवन ऊना में हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला ऊना की संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में विभिन्न विभागों से सम्बन्धित लगभग 30 मांगों पर चर्चा की गई।उपायुक्त ने सभी कर्मचारियों को पूर्ण पारदर्शिता, निष्ठा, तत्परता व ईमानदारी तथा अनुभवों से समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से जो भी सुविधाएं कर्मचारियों के लिए अपेक्षित होंगी, उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी व कर्मचारी आपसी तालमेल से कार्य करें, जिससे विकास को नई दिशा तथा प्रशासनिक कार्य प्रणाली को और गति मिल सके।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारी नेताओं ने जो भी मांगें जिला स्तर पर उठाई हैं, तर्कसंगत हैं। अतः इनका सम्बन्धित विभाग त्वरित हल सुनिश्चित करें तथा आगामी बैठकों में इस मामलों दोबारा उठाने की आवश्यकता न पड़े। जबकि कर्मचारियों की राज्य स्तर की समस्याओं को इनके समाधान के लिए शीघ्र भेजने का आश्वासन दिया।महासंघ द्वारा चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ को रात्रि डयूटी के दौरान सुरक्षा उपलब्ध करवाने की मांग पर उपायुक्त ने बताया कि जिला के 100 बैड या इससे अधिक क्षमता वाले अस्पतालों में पहले से ही 24 घंटे सुरक्षा गार्डों की तैनाती की गई है और अन्य चिकित्सा संस्थानों पर सुरक्षा के लिए मामला राज्य सरकार के पास विचाराधीन है। तब तक रात्रि समय में जिला के चिकित्सा संस्थानों में पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए।


    सरकारी आवासों की मरम्म्त बारे उठाए गए मुद्दे पर उपायुक्त ने कहा कि रक्कड़ कालोनी स्थित अधिकतर आवासों की मरम्मत की जा चुकी है जबकि शेष सरकारी आवास जिनकी मरम्मत होनी है, को मरम्मत होने के उपरान्त ही आवंटित किया जाए। इसके अलावा राजस्व कालोनी के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है तथा इसके निर्माण के लिए विभाग अन्य औपचारिक्ताओं को शीघ्र पूरा करके प्रेषित करे ताकि मामले को सरकार के समक्ष बजट प्रावधान हेतु प्रस्तुत किया जा सके। जबकि एनजीओ विश्राम भवन को 5 कनाल भूमि आबंटित कर दी गई है, जिसपर चारदीवारी का काम भी कर दिया गया है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को इसके भवन के लिए व्यय अनुमान तैयार करने के निर्देश दिये ताकि मामले को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि जो दुकानदार और रेहड़ी वाले अपनी रेट लिस्ट डिस्प्ले नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
    जेसीसी की बैठक में अधिकारी स्वयं हों उपस्थितउपायुक्त ने इस बैठक में कुछ विभागों के अधिकारियों द्वारा स्वयं उपस्थित न होकर अपना प्रतिनिधि बैठक में भेजने का कड़ा संज्ञान लिया और कहा कि इस बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों पर चर्चा होती है, लिहाजा सभी अधिकारियों को अपनी उपस्थिति ऐसी बैठकों में सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने विभिन्न विभागों में चल रहे खाली पदों को भरने का मामला सरकार के साथ उठाए जाने का आश्वासन भी दिया।
    इस अवसर पर जिला अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रजनीश शर्मा ने उपायुक्त जतिल लाल का स्वागत किया और कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं व मांगों के समाधान के लिए तत्परता, व्यक्तिगत रुचि दिखाने व सकारात्मक सहयोग के लिए उनका आभार प्रकट किया।


    बैठक में सहायक आयुक्त वरिन्द्र कुमार, ऊना के एसडीएम विश्वमोहन देव चौहान और बंगाणा के एसडीएम सोनू गोयल, डीएसपी अजय ठाकुर, सीएमओ डा. राजीव और विभिन्न विभागों के अधिकारियों सहित जिला अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महासचिव राजेश कुमार, पूर्व अध्यक्ष रमेश ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष तारा सिंह सहित जिला ऊना सहित सभी विकास खण्डों के कर्मचारी प्रतिनिधि और अन्य कर्मचारी नेता भी उपस्थित थे।