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  • हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : सभी वन रक्षकों को मिलेगा 2022 का पे स्केल, 2020 से मिलेगा लाभ

    हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : सभी वन रक्षकों को मिलेगा 2022 का पे स्केल, 2020 से मिलेगा लाभ

    Himachalnow/शिमला

    हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में अनुबंध के आधार पर नियुक्त किए फॉरेस्ट गार्ड को पे फिक्सेशन स्केल 2022 का लाभ देने के आदेश जारी किए हैं। अदालत ने वर्ष 2022 से पहले अनुबंध के आधार पर नियुक्त किए गए वन रक्षकों के पक्ष में यह महत्वपूर्ण फैसला दिया है। वन रक्षकों को यह लाभ वर्ष 2020 से मिलेगा।

    अदालत ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को उनके वित्तीय लाभ देने से वंचित नहीं रख सकती है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए अनुबंध पर लगे वर्ष 2021 से पहले कर्मचारियों को पे स्केल का लाभ दिए जाने के आदेश पारित किए हैं। अभी तक धर्मशाला सर्किल को 3 जनवरी 2022 का पे फिक्सेशन का लाभ दिया जा रहा था। अदालत के आदेश के बाद प्रदेश में 2022 से पहले नियुक्त किए गए सभी वन रक्षकों को यह लाभ मिलेगा।

    राज्य सरकार ने इन वन रक्षकों की नियुक्तियां वर्ष 2019 में अनुबंध के आधार पर की थीं। वर्ष 2021 में इनकी सेवाओं को स्थायी किया गया, लेकिन सरकार ने इन्हें 3 जनवरी 2022 के पे स्केल का लाभ नहीं दिया गया। इसी आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत से मांग की गई थी कि उनकी अनुबंध सेवाओं को स्थायी नियुक्ति के लिए गिना जाए और उन्हें 2022 के पे स्केल का लाभ दिया जाए।

  • मिड डे मील कर्मचारियों की मांगों पर सरकार का ध्यान देने की आवश्यकता है

    मिड डे मील कर्मचारियों की मांगों पर सरकार का ध्यान देने की आवश्यकता है

    Himachalnow/बिलासपुर

    मिड डे मील कर्मचारी यूनियन की बैठक में कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं पर चर्चा की गई। बैठक में मांग उठाई गई कि 10 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले मिड डे मील कर्मचारियों को सरकार नियमित करे। जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, उन्हें केंद्र सरकार पांच लाख रुपये का लाभ दें।

    बंद किए गए स्कूलों में अन्य स्टाफ की तरह मिड डे मील कर्मियों को भी दूसरे विभाग या स्कूलों में समायोजित किया जाए। उनके लिए नौकरी से संबंधित 25 बच्चों की शर्त को हटाया जाए। मिड डे मील कर्मचारी से उनके कार्य के दायरे के बाहर के कार्य करवाए जाते हैं। उनसे चुनाव के समय पोलिंग पार्टी को खाना बनाने का कार्य न करवाया जाए।

    यूनियन के प्रदेश महासचिव गणपत राम ने सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान देने का आग्रह किया। इस मौके पर जिला सचिव रामपाल, चंद्रकांता, शीला देवी, गीता देवी, हेमराज, सुंदर, सुभाष आदि मौजूद रहे।मिड डे मील कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

  • बिजली बोर्ड कर्मचारी व अभियंता के संयुक्त मोर्चा की सीएम से वार्ता, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

    बिजली बोर्ड कर्मचारी व अभियंता के संयुक्त मोर्चा की सीएम से वार्ता, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

    Himachalnow/शिमला

    मुख्यमंत्री आवास ओक ओवर में बिजली बोर्ड कर्मचारी व अभियंता के संयुक्त मोर्चा ने सीएम सुक्खू से वार्ता की। वार्ता में मोर्चा द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। संयुक्त मोर्चा ने बिजली बोर्ड में खत्म की गए 51 पदों पर पुनर्विचार कर बहाल करने, निकाले गए 81 आउटसोर्स ड्राइवर की सेवाएं बोर्ड में जारी रखने जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

    मोर्चा ने कहा कि पदों को समाप्त करना प्रवंधन का एकतरफा फैसला है। इससे सम्बन्धित कार्यालयों की कार्यप्रणाली प्रभावित होगी। वहीं, जिन कार्यालयों से ड्राइवरों की छंटनी की गई वहां वाहन अभी भी उपलब्ध हैं। जिसमें ड्राइवरों की जरूरत है। फ्रंट ने मांग की कि इन तमाम मुद्दों पर बोर्ड प्रबंधन कर्मचारी व अभियन्ता के जॉइंट फ्रंट को सुने और इन पर पुनर्विचार करे।

    मुख्यमंत्री ने चर्चा में लाए गए मुद्दों पर बिजली बोर्ड प्रबंधन को 11 नवंबर को संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों से बैठक कर सरकार के पास पक्ष रखने के भी निर्देश दिए। फ्रंट के नेताओं ने उम्मीद जताई कि प्रबंधन वर्ग से बैठक के बाद इन मुद्दों और सकारात्मक प्रस्ताव जाएं और सरकार उस पर गौर करे। वहीं, मोर्चा ने अगले कल 7 नवंबर को कुल्लू जिले में इन मुद्दों पर अधिवेशन व रैली रखी थी वह निर्धारित समय पर ही होगी जिसमें सैंकड़ों कर्मचारी अभियंता व पेंशनर भाग लेंगे।

  • मंडी में किसानों को सिंचाई की समस्या का सामना करना पड़ रहा है

    मंडी में किसानों को सिंचाई की समस्या का सामना करना पड़ रहा है

    मंडी में किसानों की सिंचाई समस्या का समाधान करने के लिए प्रशासन अलर्ट

    HNN/मंडी

    मंडी जिले के पधर क्षेत्र में किसानों को सिंचाई की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। एनएचएआई द्वारा फोरलेन मार्ग के निर्माण के दौरान हिमरी गंगा नाला नारला कूहल को उखाड़ दिया गया है, जिससे किसानों को रबी फसल की तैयारियों में परेशानी हो रही है। किसानों ने बताया कि लगभग 600 परिवार इस कूहल पर निर्भर हैं और इसके बंद होने से उन्हें चिंता सताने लगी है।

    किसानों ने एसडीएम पधर सुरजीत सिंह से मिलकर अपनी समस्या के समाधान की मांग की है। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों से भी मुलाकात की और अपनी समस्या से अवगत करवाया। एसडीएम पधर ने एनएचएआई के अधिकारियों को सिंचाई कूहल का वैकल्पिक समाधान करने के निर्देश दिए हैं।

    किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो उन्हें संघर्ष का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा। मामले का जल्द समाधान करना आवश्यक है ताकि किसानों को रबी फसल की तैयारियों में कोई परेशानी न हो।

  • हिमाचल प्रदेश : 28 विकास खंडों के ग्राम रोजगार सेवकों को नहीं मिला वेतन

    हिमाचल प्रदेश : 28 विकास खंडों के ग्राम रोजगार सेवकों को नहीं मिला वेतन

    HNN/शिमला

    हिमाचल प्रदेश के 28 विकास खंडों में तैनात ग्राम रोजगार सेवकों को मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक 28 अक्टूबर को वेतन नहीं मिल सका। इससे उनकी दिवाली फीकी हो गई। ग्राम रोजगार सेवक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष यशवंत ठाकुर ने बताया कि प्रदेश में लगभग 1081 ग्राम रोजगार सेवक तैनात हैं।

    विभागीय अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल हस्ताक्षर में तकनीकी खामी के कारण वेतन खाते में नहीं आया है। पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम भी डिजिटल हस्ताक्षर को ट्रेस नहीं कर पाया।

    ग्रामीण विकास विभाग के सयुंक्त निदेशक रॉबिन जॉर्ज ने बताया कि विभाग ने मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक 28 अक्टूबर को ही ग्राम रोजगार सेवकों को वेतन जारी कर दिया है।रॉबिन जॉर्ज ने कहा कि जैसे ही सिस्टम ठीक होगा, स्वत: ही ग्राम रोजगार सेवकों के खाते में वेतन आ जाएगा। ग्राम रोजगार सेवकों को जल्द ही उनका वेतन मिलने की उम्मीद है।

  • हिमाचल प्रदेश: वोकेशनल शिक्षकों की हड़ताल, वेतन एरियर की मांग

    हिमाचल प्रदेश: वोकेशनल शिक्षकों की हड़ताल, वेतन एरियर की मांग

    HNN/शिमला

    हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत वोकेशनल शिक्षकों ने वेतन का एरियर नहीं मिलने पर 4 नवंबर को हड़ताल करने का फैसला लिया है। दो कंपनियों की ओर से भुगतान नहीं होने पर सैकड़ों शिक्षकों की दिवाली फीकी हो गई है।वोकेशनल शिक्षक संघ के अध्यक्ष अश्वनी डटवालिया ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों को कंपनियां दरकिनार कर रही हैं।

    शिक्षकों को अभी तक एरियर का भुगतान नहीं किया गया है। शिक्षा विभाग ने 20 अक्तूबर से पहले एरियर का भुगतान करने के लिए सभी व्यावसायिक शिक्षक प्रदाता कंपनियों को कहा था।हिमाचल प्रदेश व्यावसायिक शिक्षण कल्याण संघ ने 4 नवंबर को शिमला में प्रदर्शन करने का फैसला लिया है।

    शिक्षक संघ का कहना है कि सरकार ने आश्वासन दिया था कि इस दिवाली से पहले व्यावसायिक शिक्षकों को कंपनियों से मुक्त कर दिया जाएगा, लेकिन अभी तक इस संदर्भ में कुछ भी नहीं हुआ है।

  • हिमाचल प्रदेश सरकार ने बाल देखभाल संस्थानों के बच्चों को दीपावली का तोहफा दिया

    हिमाचल प्रदेश सरकार ने बाल देखभाल संस्थानों के बच्चों को दीपावली का तोहफा दिया

    HNN/शिमला

    हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों को दीपावली का तोहफा देते हुए उत्सव भत्ते के रूप में 9.69 लाख रुपये जारी किए हैं। इस योजना के तहत प्रत्येक बच्चे को 500 रुपये का उत्सव भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा, 25 या उससे कम क्षमता वाले बाल देखभाल संस्थानों को 5,000 रुपये और 25 से अधिक क्षमता वाले संस्थानों को 10,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना शुरू की है, जिसके तहत अनाथ बच्चों और निराश्रितों को विभिन्न लाभ प्रदान किए जाएंगे। इस योजना के तहत 27 वर्ष तक के अनाथ बच्चों को 4,000 रुपये मासिक जेब खर्च, कोचिंग के लिए एक लाख रुपये, तीन बिस्वा भूमि और मकान निर्माण के लिए 3 लाख रुपये, विवाह के लिए दो लाख रुपये का अनुदान और सूक्ष्म व लघु उद्योग लगाने के लिए दो लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया जाएगा।

    यह योजना अनाथ बच्चों और निराश्रितों के उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। सरकार की इस पहल से समाज के संवेदनशील आश्रित वर्ग को सहारा मिलेगा और उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाने में मदद मिलेगी।

  • कांगड़ा में कर्मचारी पर हमले के विरोध में अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का प्रदर्शन

    कांगड़ा में कर्मचारी पर हमले के विरोध में अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का प्रदर्शन

    HNN/कांगड़ा

    कांगड़ा के परागपुर में खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने धर्मशाला में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।

    महासंघ के महासचिव सुनील राणा और सुरेश ठाकुर ने उपायुक्त हेमराज बेरवा से मुलाकात की और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि हमले में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।

    उपायुक्त कांगड़ा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि आरोपियों को पुलिस की ओर से हिरासत में ले लिया गया है और आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इस दौरान खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के अन्य कर्मचारी सदस्य भी उपस्थित रहे।

  • हिमाचल प्रदेश में विद्युत बोर्ड कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन

    हिमाचल प्रदेश में विद्युत बोर्ड कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन

    HNN/मंडी

    मंडी और जोगिंद्रनगर में विद्युत बोर्ड कर्मचारियों और पेंशनर्स ने सोमवार को अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया। राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन और ज्वाइंट फ्रंट विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम ने बिजली बोर्ड के मुख्य अभियंता के कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया, जिसमें सरकार के फैसलों के विरोध में नारेबाजी की गई।

    प्रदर्शनकारियों ने बिजली बोर्ड में पदों की समाप्ति, आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति और पुरानी पेंशन योजना को बहाल न करने के विरोध में अपनी आवाज उठाई। उन्होंने सरकार से अपने फैसले को वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल नहीं किया गया, तो वे अपने विरोध को और उग्र करेंगे।

    विद्युत बोर्ड यूनियन के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों का समाधान नहीं किया, तो 50 हजार कर्मचारी प्रदेशभर में ब्लैकआउट करने के लिए मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाने के निर्णय का भी विरोध किया, जिसे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ डालने की मंशा से उठाया गया मानते हैं।

  • हिमाचल प्रदेश में दिवाली का तोहफा : लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के खातों में वेतन और पेंशन

    हिमाचल प्रदेश में दिवाली का तोहफा : लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के खातों में वेतन और पेंशन

    HNN/शिमला

    हिमाचल प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों को दिवाली का तोहफा दिया है। सोमवार को लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के खातों में वेतन और पेंशन जमा कर दी गई। इसके अलावा, महंगाई भत्ते की किस्त भी उनके खातों में पहुंच गई।

    75 साल से अधिक आयु वाले पेंशनरों के खातों में नए वेतनमान के लागू होने के बाद का शेष बचा एरियर भी पहुंच गया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पहले ही घोषणा की थी कि दिवाली से पहले सभी कर्मचारियों और पेंशनरों के खातों में वेतन और पेंशन आ जाएगी।