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  • आंगनवाड़ी वर्कर्स यूनियन / अनिता अध्यक्ष , चंदरकला महासचिव और सीमा बनीं प्रोजेक्ट शिलाई की कोषाध्यक्ष

    आंगनवाड़ी वर्कर्स यूनियन / अनिता अध्यक्ष , चंदरकला महासचिव और सीमा बनीं प्रोजेक्ट शिलाई की कोषाध्यक्ष

    आंगनवाड़ी वर्कर्स यूनियन के सम्मेलन में नई कमेटी का गठन

    प्रोजेक्ट शिलाई में आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन का सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन यूनियन की जिला महासचिव वीना शर्मा और सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने किया। उद्घाटन भाषण में उन्होंने केंद्र सरकार पर आंगनवाड़ी कर्मचारियों के अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया और यूनियन के निरंतर संघर्ष और आंदोलन की बात कही।

    सरकार की नीतियों और संघर्ष पर चर्चा

    सम्मेलन में बताया गया कि सरकार न्यायालय के आदेशों के बावजूद आंगनवाड़ी कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ नहीं दे रही है। आशीष कुमार ने कहा कि जो भी लाभ अब तक मिले हैं, वे केवल संघर्ष के माध्यम से ही प्राप्त हुए हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि मांगों को लेकर आंगनवाड़ी वर्कर्स को हमेशा आंदोलनों का सहारा लेना पड़ता है।

    नई कमेटी का गठन

    सम्मेलन में 36 सदस्यों की नई कमेटी का चयन किया गया।

    • अध्यक्ष: अनिता
    • महासचिव: चंदरकला
    • कोषाध्यक्ष: सीमा
    • उपाध्यक्ष: मस्तो, शामा, चंपा
    • सह सचिव: सविता, तारा

    इसके अलावा नारयणी, कमला, सरिता, नीलम, गुलशन, इंदिरा, लक्ष्मी, और अन्य को कमेटी सदस्य के रूप में चुना गया।

    आगामी आंदोलन की रूपरेखा

    सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि फरवरी में प्रोजेक्ट से दिल्ली अधिवेशन में भाग लिया जाएगा और मार्च में प्रस्तावित हड़ताल में प्रोजेक्ट से आंगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स सक्रिय रूप से भाग लेंगे।

  • आंगनवाड़ी यूनियन संगड़ाह की अध्यक्ष चुनी गईं नीलम

    आंगनवाड़ी यूनियन संगड़ाह की अध्यक्ष चुनी गईं नीलम

    संगड़ाह

    सम्मेलन में दिल्ली अधिवेशन और हड़ताल में भाग लेने का लिया फैसला

    सम्मेलन का आयोजन और मुद्दों पर चर्चा
    रविवार को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन परियोजना इकाई संगड़ाह का सम्मेलन आयोजित किया गया। इसका शुभारंभ संगठन की जिला महासचिव वीना शर्मा और सीटू जिला महासचिव एवं सिरमौर दलित शोषण मुक्ति मंच के संयोजक आशीष कुमार ने किया। सम्मेलन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं और उनके हकों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    सरकार पर अनदेखी का आरोप
    वीना शर्मा और आशीष कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रही है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर कोर्ट के आदेशों के बावजूद लाभ न देने का आरोप लगाया। आशीष कुमार ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने अपने संघर्ष से जो हक हासिल किए हैं, वह उनकी कड़ी मेहनत और एकजुटता का परिणाम हैं।

    परियोजना कमेटी का गठन
    सम्मेलन में 10 सर्कल से आई कार्यकर्ताओं ने 41 सदस्यीय परियोजना कमेटी का चयन किया। इसमें नीलम को सर्वसम्मति से अध्यक्ष, शीला को महासचिव, धन्वंती को कोषाध्यक्ष, और वीना, सरोज, ज्योति व अनुराधा को उपाध्यक्ष चुना गया। कांता देवी, ज्योति, किरण और नीलम को सहसचिव बनाया गया।

    दिल्ली अधिवेशन और हड़ताल में भाग लेने का फैसला
    सम्मेलन में आगामी फरवरी में होने वाले दिल्ली अधिवेशन और मार्च में प्रस्तावित हड़ताल में बढ़-चढ़कर भाग लेने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय संगड़ाह प्रोजेक्ट यूनिट की एकजुटता और उनके संघर्षों को मजबूत करने के लिए लिया गया।

  • हिमाचल प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती: 1296 अभ्यर्थियों के आवेदन रद, जानें क्यों

    हिमाचल प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती: 1296 अभ्यर्थियों के आवेदन रद, जानें क्यों

    आयोग ने जारी की थी1332 आवेदकों की सूची भी, फिर भी मिलेगा मौका

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला

    हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए 1296 अभ्यर्थियों के आवेदन रद कर दिए हैं। राज्य चयन आयोग ने अंतिम रूप से अस्वीकृत उम्मीदवारों की सूची वेबसाइट पर अपलोड कर दी है।

    इन अभ्यर्थियों के आवेदन इसलिए रद किए गए हैं क्योंकि उन्होंने परीक्षा शुल्क का भुगतान नहीं किया था। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग हिमाचल पुलिस कांस्टेबल के पदों पर भर्ती प्रक्रिया कर रहा है, जिसमें पुलिस कांस्टेबल पुरुष के 780 पद भरे जाने हैं।

    आवेदन प्रक्रिया की समय सीमा 31 अक्तूबर 2024 थी, जिसे बाद में 12 नवंबर 2024 तक बढ़ा दिया गया था। उम्मीदवारों को 26 नवंबर तक ओआरए में सुधार करने का अवसर दिया गया था।

    इस बीच, आयोग ने लगभग 1342 आवेदकों की एक सूची भी जारी की थी, जिन्होंने ओआरए जमा किए थे, लेकिन किसी कारण से परीक्षा शुल्क जमा नहीं कर सके थे।

    इन अभ्यर्थियों को 25 दिसंबर तक शुल्क जमा करने का समय दिया गया था।हालांकि, 1296 अभ्यर्थियों ने शुल्क जमा नहीं करवाया, जिसके बाद राज्य चयन आयोग ने इनकी सूची अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी है।

    अब आयोग जल्द ही भर्ती को लेकर शेड्यूल जारी करेगा, जिसके बाद पुलिस भर्ती आगे बढ़ेगी और युवाओं को रोजगार का मौका मिलेगा। पहले ग्राउंड टेस्ट होगा, उसके बाद लिखित परीक्षा परिणाम आयोजित किया जाएगा।

  • HPSEBL : बिजली बोर्ड ने जारी किए 44 करोड़, पेंशनरों को मिला बकाया एरियर

    HPSEBL : बिजली बोर्ड ने जारी किए 44 करोड़, पेंशनरों को मिला बकाया एरियर

    75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के खातों में पहुंची राशि, नए वेतनमान का एरियर जारी

    राज्य बिजली बोर्ड ने मकर संक्रांति के अवसर पर 75 वर्ष से अधिक आयु के करीब तीन हजार पेंशनरों को नए वेतनमान का बकाया एरियर जारी कर दिया है। बोर्ड प्रबंधन ने मंगलवार को इस उद्देश्य के लिए 44 करोड़ रुपये जारी किए। इससे पहले नौ करोड़ रुपये की राशि कुछ समय पूर्व जारी की गई थी।

    मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल

    मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कुछ माह पूर्व घोषणा की थी कि 75 वर्ष से अधिक आयु वाले पेंशनरों को पूरा बकाया दिया जाएगा। इसी कड़ी में, एक जनवरी 2016 से संशोधित वेतनमान के एरियर का 77.5 फीसदी पैसा अब पेंशनरों के बैंक खातों में जमा किया गया है।

    अध्यक्ष संजय गुप्ता का बयान

    बिजली बोर्ड के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि सरकार के निर्देशों के अनुसार यह राशि जारी की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि 75 वर्ष से अधिक आयु के सेवानिवृत्त कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर यह लाभ दिया गया है। इससे पहले 9 करोड़ रुपये जारी किए गए थे।

    अन्य पेंशनरों और कर्मचारियों के लिए भी राहत

    संजय गुप्ता ने कहा कि अन्य पेंशनरों, कर्मचारियों, और अधिकारियों को भी जल्द नए वेतनमान का एरियर जारी किया जाएगा। बोर्ड प्रबंधन इस दिशा में काम कर रहा है ताकि सभी को समय पर राहत दी जा सके।

  • HRTC / एचआरटीसी पेंशनरों को अब तक नहीं मिली पेंशन , सरकार के प्रति नाराजगी

    HRTC / एचआरटीसी पेंशनरों को अब तक नहीं मिली पेंशन , सरकार के प्रति नाराजगी

    नाहन में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने वेतनमान और पेंशन विसंगतियों को लेकर की मांगें

    हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच की नाहन इकाई की बैठक शुक्रवार को अध्यक्ष मोहन सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का संचालन मंच के महासचिव हरशरण शर्मा ने किया। इस दौरान मंच के सदस्यों ने अब तक पेंशन का भुगतान न होने पर गहरी नाराजगी जाहिर की और प्रबंधन व सरकार की आलोचना की।

    बैठक की शुरुआत में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सरकार से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की गई।

    मंच ने मांग की कि 1 जनवरी 2006 से 2016 तक के वेतनमान की विसंगतियों को दूर कर एरियर, लीव इन कैशमेंट, और ग्रैच्युटी का भुगतान न्यायालय के आदेशानुसार 6% ब्याज के साथ किया जाए। इसके अतिरिक्त लंबित डीए और मेडिकल बिलों का भी एकमुश्त भुगतान किया जाए। मंच ने पंजाब की तर्ज पर एलटीसी और मेडिकल फिक्सेशन को बढ़ाकर 1000 रुपए प्रति माह करने की मांग भी रखी।

    इस बैठक में मंच के जिला अध्यक्ष अमन कुमार, इकाई उपाध्यक्ष गुमान सिंह, गोरखू राम, अमर सिंह, बालक राम, गीता राम, भरत सिंह, अशरफ अली, तरलोक सिंह, रामनाथ सिंह, सुरेश कुमार, कश्मीर चंद, मोहम्मद नाजिम, सतीश कुमार, रण सिंह, मोहम्मद इस्लाम, मोहिंद्र सिंह, करनैल सिंह, हरबंस सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

  • सोलन में पुलिस पेंशनरों की बैठक: लंबित मांगों पर चर्चा और समाधान की उम्मीद

    सोलन में पुलिस पेंशनरों की बैठक: लंबित मांगों पर चर्चा और समाधान की उम्मीद

    पुलिस पेंशनरों ने उठाई अहम मांगें
    सोलन में जिला पुलिस ने हाल ही में पुलिस पेंशनरों के साथ एक बैठक का आयोजन किया, जिसमें उनके लंबित मुद्दों और मांगों पर चर्चा की गई। पेंशनरों ने सरकार से जल्द उनके लंबित वित्तीय लाभों का भुगतान करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने पुलिस भर्तियों में पूर्व पुलिस कर्मियों के बच्चों को आरक्षण देने की भी अपील की। इसके अतिरिक्त, मरणोपरांत पुलिस कर्मियों को सम्मान दिए जाने की भी मांग की गई है।

    मुख्य मुद्दे: वित्तीय लाभ, आरक्षण, और सम्मान
    पेंशनरों ने बताया कि 2016 के बाद उन्हें कुछ वित्तीय लाभ नहीं मिले हैं, जिन्हें जल्द से जल्द भुगतान किया जाना चाहिए। इसके अलावा, पुलिस कर्मियों के मेडिकल बिल भी वर्षों से लंबित हैं, जिसके कारण गंभीर बीमारियों से पीड़ित पेंशनरों को कठिनाई हो रही है। पेंशनरों ने यह भी कहा कि पूरे प्रदेश में पुलिस कर्मियों को समान अंतिम सम्मान मिलना चाहिए, चाहे वह सिपाही हो, थानेदार हो, या जीओ (ग्राम पंचायत कर्मचारी) हो।

    पुलिस अधिकारियों ने मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का किया वादा
    सोलन पुलिस के उप अधीक्षक अनिल धौल ने बैठक के दौरान पेंशनरों की समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पेंशनरों के मुद्दों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि उनका समाधान जल्द से जल्द हो सके। उप अधीक्षक ने कहा, “हमारे रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों के लिए जो समस्याएं हैं, जैसे मेडिकल बिल्स और पेंशन के मुद्दे, उनका निपटारा करना हमारी प्राथमिकता है। हम इन मुद्दों पर गंभीरता से काम कर रहे हैं।”

    आगे की दिशा: समाधान के लिए प्रयास
    बैठक में पेंशनरों द्वारा उठाए गए मुद्दों को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग ने उनके समाधान के लिए कदम उठाने का वादा किया है। सोलन पुलिस की तरफ से कहा गया कि हर संभव प्रयास किया जाएगा ताकि पेंशनरों की समस्याओं का समय पर निवारण हो। पुलिस अधिकारियों ने पेंशनरों को आश्वस्त किया कि उनके मुद्दों को प्राथमिकता के साथ हल किया जाएगा, और इसके लिए सभी प्रयास किए जाएंगे।

    सोलन में पुलिस पेंशनरों की बैठक में उठाए गए मुद्दों पर गहरी चिंता और समाधान की आवश्यकता व्यक्त की गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन और पुलिस विभाग इन मुद्दों को कितनी जल्दी और प्रभावी तरीके से हल करते हैं। पेंशनरों की मांगों के समाधान से उन्हें राहत मिलेगी और उनके द्वारा दिए गए योगदान को उचित सम्मान मिलेगा।

  • 31 मार्च को ही नियमित होंगे अनुबंध कार्यकाल कर्मचारी

    31 मार्च को ही नियमित होंगे अनुबंध कार्यकाल कर्मचारी

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि वे कर्मचारी, जो 31 मार्च तक दो साल का अनुबंध कार्यकाल पूरा करेंगे, उन्हें नियमित किया जाएगा। विधायक डॉ. जनकराज, लोकेंद्र कुमार, कुमारी अनुराधा राणा और सुरेंद्र शौरी के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल अनुबंध कर्मचारियों को उनके मूल वेतन का 60 प्रतिशत भुगतान किया जा रहा है।

    इसके अलावा, उन्होंने कहा कि अनुबंध कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि देने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है और उनका वेतन वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर नहीं दिया जाता। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को प्रशासनिक जरूरत के आधार पर भरा जा रहा है। मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने रोजगार सृजन को लेकर अभी तक कोई सिफारिश नहीं की है।

  • स्टडी लीव पर शिक्षकों के वेतन में कटौती, अब मिलेगा सिर्फ 40% वेतन

    स्टडी लीव पर शिक्षकों के वेतन में कटौती, अब मिलेगा सिर्फ 40% वेतन

    हिमाचल प्रदेश में स्टडी लीव पर नई व्यवस्था लागू

    नए दिशा-निर्देशों के तहत उन्हें केवल 40% वेतन दिए जाने का प्रावधान किया गया है। शिक्षा विभाग ने सीसीएस (अवकाश) नियमों में बदलाव करते हुए यह स्पष्ट किया है कि 24 महीने तक के अध्ययन अवकाश के लिए अब वित्त विभाग की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा, जो पहले प्रशासनिक विभाग द्वारा दी जाती थी। यह बदलाव वित्तीय संतुलन बनाए रखने और प्रशासनिक प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए लागू किया गया है।

    नए नियमों के तहत, अध्ययन अवकाश के दौरान महंगाई भत्ता और मकान किराया भी दिया जाएगा। हालांकि, वेतन का भुगतान केवल तब किया जाएगा, जब कर्मचारी यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत करेगा कि वह किसी अंशकालिक रोजगार, छात्रवृत्ति या वजीफे से किसी भी प्रकार की आय प्राप्त नहीं कर रहा है। अध्ययन अवकाश के दौरान कर्मचारियों को पूर्ण वेतन दिए जाने की परंपरा से सरकार पर वित्तीय बोझ बढ़ता रहा है, जिसे कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

    उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने मंगलवार को सभी कॉलेज प्रिंसिपलों को इस संदर्भ में पत्र जारी किया। प्रदेश सरकार ने हाल ही में केंद्रीय सिविल सेवाएं (अवकाश) नियम-1972 में संशोधन कर इसे हिमाचल प्रदेश नियम-2024 के रूप में लागू किया है। इससे पहले, वर्ष 1986 से प्रशासनिक विभाग 24 महीने तक की स्टडी लीव को मंजूरी देता आया था, लेकिन अब यह अधिकार वित्त विभाग को स्थानांतरित कर दिया गया है।

    सरकार का मानना है कि अध्ययन अवकाश पर अधिक संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों के रहने से विभागीय कामकाज प्रभावित होता है। इसके साथ ही सरकारी कोष पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ता है। नए नियमों के तहत, देश या विदेश में अध्ययन अवकाश के दौरान 40 फीसदी वेतन के साथ महंगाई भत्ता और मकान किराया दिया जाएगा। हालांकि, इसे सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारी को प्रमाणित करना होगा कि वह किसी अन्य वित्तीय स्रोत से लाभ नहीं ले रहा है।

    यह स्पष्ट किया गया है कि संशोधित नियम केवल उन कर्मचारियों पर लागू होंगे, जो 7 अगस्त 2024 या उसके बाद अध्ययन अवकाश पर गए हैं। जो कर्मचारी इस तिथि से पहले अध्ययन अवकाश पर गए थे, उन्हें पिछले नियमों के तहत वेतन और लाभ मिलते रहेंगे। इस बदलाव के पीछे मुख्य उद्देश्य वित्तीय जिम्मेदारी और प्रशासनिक सुधार को सुनिश्चित करना है, ताकि सरकारी संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन हो सके।

  • हिमाचल: मल्टी टास्क वर्करों के मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी, अधिसूचना जारी

    हिमाचल: मल्टी टास्क वर्करों के मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी, अधिसूचना जारी

    Himachalnow/शिमला

    हिमाचल प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग में कार्यरत करीब 4,800 मल्टी टास्क वर्करों के मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि की है। इस संबंध में शनिवार को अतिरिक्त सचिव लोक निर्माण, सुरजीत सिंह राठौर द्वारा अधिसूचना जारी की गई।

    नए संशोधन के तहत मल्टी टास्क वर्करों को अब 4,500 रुपये की बजाय 5,000 रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा। सरकार ने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को निर्देश दिए हैं कि इस निर्णय से संबंधित औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    यह निर्णय हाल ही में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया था। मानदेय बढ़ाने के इस कदम की जानकारी लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की।

  • हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम को घाटे में पहुंचाने में सरकारी और निजी एजेंसियां जिम्मेदार, सीबीआई की 21.96 लाख रुपये की देनदारी

    हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम को घाटे में पहुंचाने में सरकारी और निजी एजेंसियां जिम्मेदार, सीबीआई की 21.96 लाख रुपये की देनदारी

    Himachalnow/शिमला

    हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) को घाटे में पहुंचाने में कई सरकारी और निजी एजेंसियां जिम्मेदार हैं, जो सालों से करोड़ों रुपये निगम को भुगतान करने में असफल रही हैं। सीबीआई टीम की बोर्डिंग और लॉजिंग की सबसे बड़ी 21.96 लाख रुपये की देनदारी है, जो गुड़िया केस की जांच में होटल पीटरहॉफ में लंबे अरसे तक रुकी। इसके अलावा निगम ने सरकारी और निजी क्षेत्र से करीब 2.50 करोड़ रुपये वसूल करने हैं।

    इस बकाया राशि की वसूली के लिए पर्यटन निगम संबंधित अधिकारियों को धड़ाधड़ चिट्ठियां भेज रहा है और उन्हें हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के सख्त रुख से भी अवगत करवाया जा रहा है। पर्यटन निगम ने 17 दिन में वसूले 2.69 करोड़ रुपये रिकवर कर लिए हैं। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम का 31 दिसंबर 2024 तक सरकारी विभागों और उपक्रमों के पास 4,13,41,848 रुपये बकाया था। इसमें से 7 नवंबर तक 1,68,22,370 रुपये की रिकवरी कर ली गई।

    निजी क्षेत्र का 1,06,28,421 रुपये बकाया था और 7 नवंबर 2024 तक 47,07,403 रुपये रिकवर कर लिया गया। यानी 31 अक्तूबर 2024 तक 5,19,70,269 रुपये आउटस्टैंडिंग था, जिसमें से 7 नवंबर 2024 तक 2,15,29,773 रुपये की रिकवरी की गई। 7 नवंबर तक सरकारी क्षेत्र में 2,45,19,478 रुपये और निजी क्षेत्र में 59,21,018 रुपये बकाया था।