Category: KALA AAM

  • भारी बारिश के चलते बीबीएन व कालाअंब में सभी उद्योग बंद

    भारी बारिश के चलते बीबीएन व कालाअंब में सभी उद्योग बंद

    उद्योग बंद होने से प्रतिदिन हो रहा करीब इतने करोड़ का नुक्सान…..

    HNN/ कालाअंब

    हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश जमकर अपना कहर बरपा रही है। भारी बारिश होने से जगह-जगह भूस्खलन का सिलसिला जारी है जिससे कि सभी मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए बंद पड़े हुए हैं। भारी बारिश के चलते कई उद्योगपतियों को भी काफी नुक्सान हो रहा है।

    बता दें भारी बारिश से सोलन जिले के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) और सिरमौर जिले के कालाअंब में सभी उद्योग बंद है, जिससे प्रतिदिन करीब 500 करोड़ का नुक्सान हो रहा है। तीन दिन से बिजली और सड़कें बंद होने और कामगारों के नहीं पहुंच पाने से उद्योग कारोबार पूरी तरह ठप पड़ गया है।

    बीबीएन उद्योग संघ ने मंगलवार को आपात बैठक की, जिसमें संघ अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने बताया कि पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश ने बीबीएन क्षेत्र को अस्त-व्यस्त कर दिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-105 पर हरियाणा भाग में मंड़ावाला, चरणिया और बालद पुल के क्षतिग्रस्त होने से बद्दी और नालागढ़ जाने वाली सभी सड़कें कट गई हैं।

    औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में अधिकांश लघु और मझौले उद्योगों ने बिजली बहाल होने तक कामगारों को अवकाश दे दिया है। सिरमौर जिले में भारी बारिश के कारण औद्योगिक उत्पादन प्रभावित हुआ है। आर्थिक रूप से कमजोर उद्योगों में उत्पादन ठप होकर रह गया। मैनथापल, ओगली, मोगीनंद, ढाकावाला आदि क्षेत्रों में फार्मा उद्योग हैं।

    इसके साथ-साथ होम एप्लांसेज, नॉन वूवेन, कांच उद्योग, कास्मेटिक के दो दर्जन के करीब छोटे-बड़े उद्योग चल रहे हैं। इन उद्योगों में तीन दिन से बिजली की आपूर्ति नहीं हो पाई है। कालाअंब क्षेत्र खैरी, जोहड़ों, भंडारीवाला, मीरपुर कोटला, नागल सकैती, खाराखारी आदि क्षेत्रों में बिजली गुल होने से उद्यमी परेशान हैं।

    लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष संजय सिंगला, मनोज गर्ग, रमेश गोयल और निखिल आदि ने बताया कि बारिश से उद्योग जगत को करोड़ों का नुक्सान पहुंचा है। उद्योग बंद होने से देश की सबसे बड़ी ट्रक यूनियन नालागढ़ के ट्रक खड़े हो गए हैं। यहां से 4000 ट्रक प्रति दिन बाहरी राज्यों के लिए रवाना होते थे लेकिन मौसम की वजह से अब खड़े हैं।

    ट्रक यूनियन को रोजाना एक करोड़ रुपए का घाटा हो रहा है।राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंड़वाला, चरनिया के पुल टूटने और बद्दी के पुल से बड़े वाहनों पर रोक लगने से यहां से पिंजौर की ओर कोई भी ट्रक नहीं जा रहा। नालागढ़-भरतगढ़ मार्ग पर दभोटा के समीप पुल में दरारें आने से वह भी बंद है। मंगलवार को एकमात्र रास्ता नालागढ़-ढेरोंवाल चालू रहा, जिसमें कुछ ही ट्रक निकले।

  • काला अंब के मोगिनंद में जंगल झाड़ी पर चला बुलडोजर

    काला अंब के मोगिनंद में जंगल झाड़ी पर चला बुलडोजर

    मेटल क्लोजर के सामने खुदाई करते समय तोड़ी आईपीएच की लाइन, 6 गांव पानी से महरूम

    HNN/ काला अंब

    जिला सिरमौर के औद्योगिक क्षेत्र काला अंब के मोगिनंद में करीब 6 गांव पीने के पानी से महरूम हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध रूप से जमीन की खुदाई के दौरान जाटां वाली से आने वाली मुख्य पेयजल लाइन ध्वस्त कर दी गई है। स्थानीय लोगों में शामिल बिंदर, महेंदर, सोनू, नसीम, राजेश आदि का कहना है कि मेटल क्लोजर फैक्ट्री के ठीक सामने किस्म जंगल झाड़ी पर विभागों की मिलीभगत से जमीन की खुदाई की जा रही है।

    लोगों का कहना है कि जिस व्यक्ति के द्वारा यह प्लॉट काटा जा रहा है वह ऊंची पहुंच भी रखता है। लोगों का कहना है कि जंगल झाड़ी की किस्म होने के चलते संबंधित विभाग के अधिकारी उन्हें अपनी जमीनों पर काम नहीं करने देते। मगर एक प्रभावशाली व्यक्ति के द्वारा जंगल झाड़ी पर बुलडोजर चलाकर ना केवल प्लॉट् बनाया जा रहा है बल्कि सरकार की संपत्ति को भी भारी नुक्सान पहुंचाया है।

    स्थानीय लोगों की मांग है कि दोषी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाए। स्थानीय लोगों ने यहां तक भी कहा कि यदि सरकार ऐसे व्यक्ति पर कार्यवाही करने से गुरेज करती है तो वह इसको लेकर सड़कों पर भी उतर सकते हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने आईपीएच विभाग के स्थानीय अधिकारी को भी इस बारे में सूचना दी थी। लोगों ने हैरानी जताते हुए कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारी के द्वारा इस पर कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।

    उधर, आईपीएच मोगिनंद के जेई विशाल का कहना है कि जिस जगह कटिंग की गई थी वहां पर रात को लैंडस्लाइड हुआ। उन्होंने बताया कि लैंडस्लाइड की वजह से पाइप लाइन टूट गई जिससे करीब 5-6 गांव को पानी नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस लाइन को ठीक कर पेयजल व्यवस्था को सुचारू कर दिया जाएगा।

  • डॉक्टर डे पर ऐलजन हेल्थ केयर ने लगाए 100 से अधिक औषधीय पौधे

    डॉक्टर डे पर ऐलजन हेल्थ केयर ने लगाए 100 से अधिक औषधीय पौधे

    जिंदगी और मौत के बीच एक उम्मीद और मरीज का भरोसा होता है डॉक्टर- मनोज गर्ग

    HNN/ काला अंब

    देश प्रदेश सहित काला अंब औद्योगिक क्षेत्र में फार्मा जगत के द्वारा डॉक्टर डे मनाया गया। डॉक्टर डे के उपलक्ष पर काला अंब के गांव खारी नजदीक हिमालयन कॉलेज स्थित ऐलजन फार्मा के द्वारा वृक्षारोपण किया गया। ऐलजन फार्मा के एमडी संजीव कुमार भाटिया ने वृक्षारोपण कार्यक्रम की शुरुआत आंवले का पौधा लगाकर की।

    तो वहीं फार्मा के जनरल मैनेजर रोहित शर्मा सहित तमाम फैक्ट्री कर्मचारियों के द्वारा 100 से अधिक औषधीय पौधे लगाए गए। लगाए गए औषधीय पौधों में आंवला, अमरूद, नीम, जामुन आदि शामिल रहे। फार्मा यूनिट के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव भाटिया ने बताया कि आपात स्थिति में चिकित्सक मरीज के लिए एक बड़ी उम्मीद की किरण होता है।

    उन्होंने कहा कि इसी तरह औषधीय पौधा भी एक ऐसा चिकित्सक होता है जो जटिल से जटिल बीमारियों में रोग को जड़ से खत्म करने का मादा रखता है। उन्होंने फैक्ट्री के तमाम कर्मचारियों से अपील करते हुए कहा कि अपने घर और गांव में जहां भी खाली जगह नजर आए वहां पर औषधीय पौधे जरूर लगाएं।

    वहीं वैरव तथा हौरीजन फार्मा इंडस्ट्री के मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज गर्ग सहित ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के मुख्य सलाहकार सीएस पुष्करणा डिजिटल विजन के पुरुषोत्तम गोयल, एथेंस लैब के सीएमडी मिस्टर शर्मा, संजय आहूजा सहित तमाम फार्मा जगत से जुड़े उद्योगपतियों के द्वारा डॉक्टर्स डे की शुभकामनाएं दी गई।

    उद्योगपति मनोज गर्ग का कहना है कि यह खास दिन उन डॉक्टर्स को समर्पित है जो ना केवल मरीज का इलाज दवा से बल्कि उनके मन का इलाज भी अपने बड़े भरोसे के साथ करते हैं। उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ी समस्या विकास के साथ प्रदूषण भी है।

    उन्होंने कहा कि आज हर नागरिक को चाहिए कि वह हर अवसर पर अधिक से अधिक पौधे और पेड़ लगाकर पर्यावरण को सुरक्षित बनाएं। डॉक्टर्स डे पर किए गए वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान एलजन फार्मा के राजेंद्र अत्री, कुलदीप कुमार, अंकित कुमार, असलम खान, आमिर खान, सावन कुमार, मयंक ठाकुर आदि उपस्थित रहे।

  • अवैध खनन करते एक जेसीबी मशीन व दो ट्रैक्टर जब्त, वसूला इतना जुर्माना……

    अवैध खनन करते एक जेसीबी मशीन व दो ट्रैक्टर जब्त, वसूला इतना जुर्माना……

    HNN/ काला अंब

    वन मंडल नाहन की त्रिलोकपुर रेंज की टीम ने अवैध खनन पर बड़ी कार्यवाही की। वन विभाग की टीम ने अवैध खनन कर रही एक जेसीबी मशीन और दो ट्रैक्टर संचालकों पर कार्यवाही करते हुए 34,000 रुपए की राशि मौके पर वसूल की।

    बताया जा रहा है कि अवैध खनन से लदे ट्रैक्टर इस सामग्री को सिरमौर की सीमा से हरियाणा ले जाने की फिराक में थे। इस पर विभागीय टीम ने मौके पर कार्यवाही की। जानकारी के मुताबिक वन विभाग की टीम को कालाअंब के समीप मौजा जोहड़ों में अवैध खनन की गुप्त सूचना मिली थी।

    इस पर बीओ बलवीर सिंह, वन रक्षक नवदीप, बलजीत, विनोद व सुनील मौके पर पहुंचे, जहां एक जेसीबी मशीन अवैध खनन करती मिली और दो ट्रैक्टर भी मौके पर पाए। लिहाजा, टीम ने तीनों वाहनों को जब्त कर लिया।

    टीम ने इन जेसीबी पर 25,000 और दो ट्रैक्टरों पर 9,000 रुपए का जुर्माना ठोका। मौके पर जुर्माना राशि वसूलने के बाद वाहनों को चेतावनी देकर छोड़ा गया।

    डीएफओ नाहन सौरव जाखड़ ने बताया कि विभाग की टीम ने अवैध खनन पर 34,000 रुपए जुर्माना राशि वसूली है। अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ विभाग की कार्यवाही लगातार जारी है।

  • जांच की कड़ी परीक्षाओं से गुजरी सरस्वती लैड फैक्ट्री लगभग पाक-साफ

    जांच की कड़ी परीक्षाओं से गुजरी सरस्वती लैड फैक्ट्री लगभग पाक-साफ

    आयकर विभाग की टीम दस्तावेजी जांच में सन्मति मेटल्स से भी संतुष्ट, 32 कैमरों के परीक्षणों में भी क्लीन चिट

    HNN/ काला अंब

    हाल ही में काला अंब मोगीनंद स्थित सरस्वती लैड फैक्ट्री तथा सन्मति मेटलस पर हुई सेंट्रल इनकम टैक्स विभाग की जांच में लगभग पाक दामन साबित हुई है। पुख्ता सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इनकम टैक्स विभाग को यह सूचना मिली थी कि बाइक पर 3 क्विंटल माल ढोया गया है।

    जिसको लेकर इनकम टैक्स के अधिकारियों ने जब फैक्ट्री प्रबंधन से विस्तृत जांच की तो इसका भी खुलासा हुआ। असल में काला अंब औद्योगिक क्षेत्र में लोकल ट्रांसपोर्टेशन के लिए मोटरसाइकिलों के जुगाड़ू वाहन बनाए गए हैं। जिसमें सीमेंट प्लाई बोर्ड सहित 3 से 4 क्विंटल तक का माल भी जुगाड़ू मोटरसाइकिल में ढोया जाता है।

    जांच टीम ने जब प्रबंधन से इस बारे में पूछताछ की तो मौके पर ही वाहन को बुलवा लिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार इनकम टैक्स की टीम खुद हैरान थी कि मोटरसाइकिल पर भी जुगाड़ू ट्रॉली बक्सा बनाकर माल ढोया जा सकता है। यही नहीं 4 दिनों तक इनकम टैक्स की टीम के द्वारा फैक्ट्री में आने-जाने वाले कच्चा और पक्का माल सहित प्रोडक्शन को भी जांचा गया।

    बड़ी बात तो यह है कि इनकम टैक्स विभाग के 2 दर्जन से भी अधिक अधिकारियों के द्वारा उन तमाम 32 सीसीटीवी कैमरों का 1 महीने तक का पूरा डीवीआर भी देखा गया। सूत्रों की माने तो इनकम टैक्स अधिकारियों को इसमें भी कहीं बाल बराबर गड़बड़ नजर नहीं आई। मिलाएगा रिकॉर्ड के अनुसार जितने वाहन कच्चा माल लेकर आए और पक्का माल लेकर गए उसका पूरा पूरा मिलान भी हुआ है।

    घर से लेकर फैक्ट्री तक तमाम पहलुओं की जांच में विभाग की ओर से लगभग क्लीन चिट मिलना लगभग तय बताया जा रहा है। जबकि इससे पहले भी सीजीएसटी यानी सेंट्रल जीएसटी विभाग तथा स्टेट जीएसटी विभाग भी फैक्ट्री में आने-जाने वाले कच्चे और पक्के माल के बिलों को लेकर जांच कर चुका है।

    बावजूद इसके तमाम कड़े जांच के पहलुओं से गुजरने के बाद यह फैक्ट्री लोगों को रोजगार देते हुए चली हुई है। अब यदि जांच में कहीं भी कोई गड़बड़ी नजर आती तो ना केवल सेंट्रल जीएसटी बल्कि इनकम टैक्स विभाग भी फैक्ट्री को सील कर देता। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि जो फैक्ट्री जिला की सबसे ज्यादा इनकम टैक्स पेयर फैक्ट्री है बावजूद उसके उस पर बार-बार शक की सुई घूमती रही।

    जानकारी तो यह भी मिली है कि फैक्ट्री का कारोबार काफी अच्छा है मगर बीते 4 दिनों की जांच के दौरान उनकी दो पार्टियों ने फैक्ट्री से नाता तोड़ लिया है। जानकारी मिली है कि जिन फैक्ट्रियों को सरस्वती स्पिनिंग लेड फैक्ट्री से माल जाना था वह जा नहीं पाया था। वहीं बार-बार इंफोर्समेंट की जांच के चलते फैक्ट्री प्रबंधन का भी मनोबल टूटता सा नजर आने लग पड़ा है।

    अब यदि ऐसे में फैक्ट्री प्रबंधन फैक्ट्री को बंद कर देता है तो सैकड़ों लोगों के रोजगार पर संकट आ जाएगा। वहीं एक तरफ जहां प्रदेश सरकार इन्वेस्टर्स को इनवाइट कर रही है। वहीं जो उद्योग सबसे ज्यादा राजस्व टैक्स के रूप में सरकार को दे रहे हैं उनकी कोई सुध नहीं ली जा रही है।

    फैक्ट्री के वर्करों में इस बात को लेकर काफी रोष है कि उन्हें बेवजह तंग किया जा रहा है। फैक्ट्री वर्कर्स का तो यहां तक कहना है कि यदि बार-बार किस तरह से जांच के नाम पर कार्य को प्रभावित किया गया तो वह धरना प्रदर्शन पर भी उतर सकते हैं।

    वहीं फैक्ट्री प्रबंधन का कहना है कि उनके द्वारा किसी भी तरह का कोई भी गलत काम नहीं किया जाता है और ना किया जाएगा। उनका यह भी कहना है कि जितने भी विभागों ने फैक्ट्री में जांच की है प्रबंधन के द्वारा उनका पूरा-पूरा सहयोग भी किया गया है।

  • कालाअंब पंचायत में पेयजल, शौचालयों व अन्य विकास कार्यों के लिए 9 करोड़ स्वीकृत- अजय सोलंकी

    कालाअंब पंचायत में पेयजल, शौचालयों व अन्य विकास कार्यों के लिए 9 करोड़ स्वीकृत- अजय सोलंकी

    2.88 करोड़ की लागत से सुधरेगी मैन थप्पल-रामपुर जटटां -त्रिलोकपुर सड़क

    HNN/ कालाअंब

    हिमाचल के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में शुमार कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों और गलियों का चरणबद्ध ढंग से सुधार कार्य प्रारंभ हो गया है। कालाअंब पंचायत में पेयजल, सड़क, गलियों, पुलियो, शौचालयों आदि विकास कार्यों के लिए 9 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।

    यह धनराशि एचपीएसआईडीसी के माध्यम से व्यय की जायेगी। 2.88 करोड़ रुपए की लागत से मैन थप्पल-रामपुर जटटां-त्रिलोकपुर मुख्य सड़क के सुधार कार्य की प्रक्रिया आरंभ हो गई है और इस कार्य के टेंडर भी किये जा चुके हैं। विधायक अजय सोलंकी ने यह जानकारी गत सांय कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र के तहत रामपुर जटटां प्रवास के दौरान दी।

    अजय सोलंकी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के रामपुर जटटां गांव की गलियों की दयनीय स्थिति में सुधार के लिए रूचिरा पेपर मिल कालाअंब के सहयोग से 40 लाख रुपए खर्च किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों के साथ क्षेत्र के विभिन्न गांवों की सड़कों, गलियों और नालों का भी चरणबद्ध ढंग से सुधार किया जाएगा।

    अजय सोलंकी ने कहा कि हम नाहन क्षेत्र में विकास में कमी नहीं आने देंगे और क्षेत्र के लोगों की निरंतर सेवा करते रहेंगे। उन्होंने रामपुर जटटां में जन समस्यायें भी सुनीं और कई समस्याओं का मौके पर निपटारा किया।

  • उद्योगों की समस्यायें का निपटारा करना विभागों का दायित्व- सुमित खिमटा

    उद्योगों की समस्यायें का निपटारा करना विभागों का दायित्व- सुमित खिमटा

    HNN/ कालाअंब

    उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा ने कहा कि उद्योगों का स्थानीय क्षेत्र के विकास और प्रदेश की आर्थिकी में अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक पग उठा रही है। उपायुक्त नाहन से 25 किलोमीटर दूर त्रिलोकपुर में कालाअंब क्षेत्र के उद्योगपतियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

    उन्होंने कहा कि उद्योगों की अनेक छोटी-छोटी समस्यायें होती हैं और विभागों का दायित्व है कि सभी समस्याओं का हर संभव समाधान किया जाये। उद्योगपतियों नेे अवगत करवाया कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों के सभी संपर्क मार्गों में काफी दिक्कत आ रही है, ये मार्ग पक्के नहीं हैं, इन मार्गों को सरकार के नाम हस्तांतरित करके पक्का करने की कवायद शुरू की जानी चाहिए।

    उपायुक्त ने कहा कि जहां सरकारी रास्ते हैं उनका जल्द पता लगाकर विभाग को कार्य करने के कहा जायेगा, इसके लिए उन्होंने एसडीएम को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उपायुक्त को अवगत करवाया गया कि सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रबंध, मल निकासी की भी समस्या औद्योगिक क्षेत्र में है। जल शक्ति विभाग ने बताया कि कालाअंब क्षेत्र में सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित हो चुका है और सिवरेज कनैक्शन के लिए आवेदन किया जा सकता है।

    सुमित खिमटा ने कहा कि कचरा निष्पादन वैज्ञानिक तरीके से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गारबेज कलैक्शन के लिए यदि धन की कमी है तो उपलब्ध करवाया जायेगा। उपायुक्त ने कहा कि दोपहर 12 बजे तक सड़कों के किनारे से कचरा एकत्रित किया जा रहा है, इसके बाद कोई भी कचरा नहीं डाले। उपायुक्त ने पंचायतों से सहयोग करने को कहा।

    उपायुक्त ने कहा कि एचआरटीसी बसों के फलीट को औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ाने के लिए प्रयास किये जाएंगे। इसके अलावा उद्योगों की मांग पर ई-रिक्शा चलाने की संभावना भी देखी जायेगी। उन्होंने इन क्षेत्रों में स्ट्रीट लाईट स्थापित करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि अैद्योगिक क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति सुचारू बनाने के लिए दो विद्युत सब स्टेशन स्वीकृत हो चुके हैं।

    विद्युत के दो सब स्टेशन के लिए भूमि भी हस्तांतरित हो चुकी है और 15-15 करोड़ रुपए की मशीनरी भी विद्युत विभाग को प्राप्त हो चुकी है जल्द ही ये स्टेशन बन कर तैयार हो जायंगे इसके लिए उन्होंने विद्युत विभाग निर्देश दिए। उपायुक्त ने अधिकारियों के बैठक में उपस्थित न होने पर कहा कड़ा संज्ञान लिया और कहा कि भविष्य में इस प्रकार की कोताही व गैर जिम्मेवाराना रवैया बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की महत्वपूर्ण बैठक में वरिष्ठ अधिकारी निजी तौर पर उपस्थित होंने चाहिए।

  • कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र की मल निकासी योजना तैयार, उपभोक्ता तुरंत करें एप्लाई

    कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र की मल निकासी योजना तैयार, उपभोक्ता तुरंत करें एप्लाई

    HNN/ कालाअंब

    औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब और मोगीनंद में रहने वाले हजारों लोगों के लिए जल शक्ति विभाग ने मल निकासी योजना लगभग तैयार कर ली है और कनैक्शन के लिए एप्लाई करते ही अगले कुछ दिनों में इस योजना का लाभ स्थानीय लोगों को मिलना आरम्भ हो जायेगा।

    इस योजना से जहां औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में पर्यावरण को संरक्षित रखने में मदद मिलेगी वहीं स्थानीय लोगों को मल निकासी योजना का लाभ भी मिलेगा। अधिशासी अभियंता जल शक्ति मंडल नाहन अशीष राणा ने कहा कि कालाअंब क्षेत्र के लिए सीवरेज योजना बनकर तैयार है।

    हम सिवरेज कनैक्शन लेने के लिए उपभोक्ताओं को आमंत्रित करते हैं। उन्होंने कहा कि कालाअंब और मोगीनंद के अधिकतम क्षेत्रों के हमने सीवरेज नैटवर्क व सीईटीपी से जोड़ दिया है। यह सिवरेज सिस्टम अब अधिकांश घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से मल और सिवरेज को एकत्र करने और ट्रीटमेंट के लिए तैयार है।

    आशीष राणा ने कहा कि लंबे समय से कालाअंब क्षेत्र के लिए मल निकासी योजना की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। उन्होंने कहा कि सीवरेज कनैशन के लिए इच्छुक व्यक्ति अथवा व्यापारिक प्रतिष्ठान सहायक अभियंता जल शक्ति उप-मंडल नाहन के कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।

    आवदेन करने के तुरंत बाद आवश्यक औपचारिकताओं के उपरांत उपभोक्ताओं को सिवरेज के कनैशन जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने लोगों से इस योजना का लाभ उठाने के लिए आगे आने का आग्रह किया है।

    त्रिलोकपुर, खैरी और जोहड़ों की सिवरेज योजना भी तैयार
    अधिशासी अभियंता आशीष राणा ने बताया कि त्रिलोकपुर, खैरी और जोहड़ों की मल निकासी योजना भी तैयार है। त्रिलोकपुर, खैरी और जोड़ों के अधिकतम क्षेत्रों को सीवरेज नैटवर्क व सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मल निकासी योजना से भी घर और व्यापारिक प्रतिष्ठान सिवरेज कनैशन ले सकते हैं।उन्होंने कालाआम क्षेत्र और त्रिलोकपुर क्षेत्र की दोनों मल निकासी योजनाओं से लाभ उठाने का आग्रह आमजन से किया।

  • सावधान: बगैर हेलमेट वालों पर अब रोड सेफ्टी क्लब काला अंब रखेगा कैमरे से नजर

    सावधान: बगैर हेलमेट वालों पर अब रोड सेफ्टी क्लब काला अंब रखेगा कैमरे से नजर

    क्लब के अध्यक्ष सोमनाथ बोले- ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर घर बैठे आएगा चालान

    HNN/ काला अंब

    औद्योगिक क्षेत्र काला अंब में थाना पुलिस और रोड सेफ्टी क्लब की बार-बार अपील के बावजूद वाहन चालक ट्रैफिक नियमों की अनदेखी से बाज नहीं आ रहे हैं।

    हरियाणा के साथ सटे औद्योगिक क्षेत्र में अभी भी अधिकतर वाहन चालक बगैर हेलमेट के नजर आ रहे हैं। जिसको लेकर रोड सेफ्टी क्लब काला अंब के अध्यक्ष सोमनाथ ने प्रेस बयान जारी किया है।

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    जारी प्रेस बयान में उन्होंने वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि यातायात के नियमों की अनदेखी से बाज आना चाहिए। उन्होंने कहा कि रोड सेफ्टी क्लब और पुलिस के बार-बार आह्वान के बावजूद लोग दो पहिया वाहन पर हेलमेट लगाने से परहेज कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि अब जल्द ही काला अंब रोड सेफ्टी क्लब मोबाइल कैमरा से ऐसे लोगों की फोटो गाड़ी के नंबर सहित खींचकर ट्रैफिक पुलिस को भेजेगा।

    यही नहीं सोमनाथ में यह भी कहा कि खुद की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले इस बात से निश्चिंत रहें कि उनका रोक कर चालान किया जाएगा बल्कि उनकी गाड़ी का चालान ऑनलाइन या फिर सीधे घर पर पहुंचेगा।

    सोमनाथ ने अपील जारी करते हुए कहा कि दो पहिया वाहन चालक ना केवल खुद के सर पर बल्कि अपने पीछे बैठे व्यक्ति के सिर पर भी हेलमेट जरूर पहनाए।

    सोमनाथ वाहन चालकों से अपील करते हुए यह भी कहा कि आप आप सिटी में एंबुलेंस फायर वाहन को पहले रास्ता दे। उन्होंने कहा कि हम सबकी नैतिक जिम्मेवारी बनती है कि सड़क पर नागरिक सुरक्षा को लेकर व्यवस्था बनाने में पुलिस और क्लब का सहयोग करें।

  • इनकम टैक्स टीम का काला अंब में चौथा दिन, घर-फैक्ट्री-दफ्तर सब जगह सील

    इनकम टैक्स टीम का काला अंब में चौथा दिन, घर-फैक्ट्री-दफ्तर सब जगह सील

    फैक्ट्री चलवा कर खोज रही है टीम 21 वर्कर से 500 करोड़ से अधिक कमाने का धंधा

    HNN/ काला अंब

    केंद्र से आई आयकर विभाग की ढाई दर्जन से अधिक अधिकारियों की टीम चौथे दिन तक लगातार काला अंब में डटी हुई है। सूत्रों की माने तो इनकम टैक्स विभाग अब अरबो के इस खेल का पूरा पर्दाफाश करने के काफी नजदीक पहुंच चुका है। करीब ढाई दर्जन से अधिक इनकम टैक्स अधिकारियों की टीम अलग-अलग जगह पर 4 दिनों से डटी हुई है।

    दोनों प्रमुख फैक्ट्रियों के पार्टनर के घरों पर भी पुलिस पहरे के साथ टीम के सदस्य जमे हुए हैं। जानकारी तो यह है कि केवल दो ही पार्टनर आयकर विभाग की टीम के कब्जे में है बाकी कहां है इसकी जानकारी किसी को नहीं मिल पाई है। फैक्ट्रियों की लेबर वर्कर सहित सभी लोगों को फैक्ट्री के भीतर ही रखा गया है किसी को आने-जाने के लिए इजाजत तक नहीं दी जा रही है।

    यहां तक कि सभी के खाने और पीने-सोने आदि का इंतजाम थी आयकर विभाग के द्वारा ही किया जा रहा है। एचएनएन की टीम करीब शाम को 8:30 बजे के आसपास फैक्ट्री में एंट्री कर कर गई थी। मीडिया के द्वारा प्रेस ब्रीफिंग के लिए आयकर अधिकारी से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने फिलहाल कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया।

    उन्होंने कहा की जांच पूरी हो जाने के बाद पीआईबी के माध्यम से प्रेस रिलीज जारी की जाएगी। बावजूद इसके फैक्ट्री के ही सूत्र हाथ लगने के बाद कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई गई। बता दें कि 30 मई को सेंट्रल इनकम टैक्स की टीम के द्वारा सरस्वती स्पिनिंग मिल मोगिनंद और दूसरा त्रिलोकपुर स्थित प्लांट पर दबिश दी गई थी।

    पूरी की पूरी टीम 30 तारीख से अभी तक काला अंब सहित जीएसटी दफ्तर नाहन तक फैली हुई है। यही नहीं फैक्ट्री के सभी पार्टनर के घरों पर भी इनकम टैक्स के अधिकारी पुलिस के साथ दबिश दिए हुए बैठे हैं। सूत्रों की माने तो इनकम टैक्स की टीम ने अपना जांच का जरिया फैक्ट्री के टर्नओवर सहित फर्मों से खरीदे गए रॉ मैटेरियल, बिजली की खपत कर्मचारियों की संख्या और सेल आदि तक खुद जांच की जा रही है।

    इनकम टैक्स अधिकारियों के द्वारा खुद फैक्ट्री चलवा कर प्रोडक्शन आदि भी जांची जा रही है। असल में इन फैक्ट्रियों की गतिविधियां और कारोबार उस समय इनकम टैक्स विभाग के रडार पर आया जब सेंट्रल जीएसटी ऑल स्टेट जीएसटी ने अपनी कार्यवाही की थी।

    होता यह है कि जबसे जीएसटी में इंटीग्रेशन हुई है उसके बाद जीएसटी विभाग जो भी कार्यवाही करता है उसकी सूचना डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस को देनी होती है। जाहिर है इसकी सूचना आयकर विभाग को लगी होगी जिसको लेकर दिल्ली से आई टीम ने यहां पर रेड की है।

    सूत्रों की माने तो फैक्ट्री के द्वारा बीते वर्ष में 500 करोड़ से भी अधिक का टर्न ओवर दिखाया है। आयकर विभाग इस चीज को भी परखना चाहता है कि आखिर जिस फैक्ट्री में 20 से 21 वर्कर हैं वह फैक्ट्री इतनी बड़ी कमाई कैसे कर सकती है। संभवत आयकर अधिकारी इसीलिए यहां लगातार पिछले 4 दिनों से डटे हुए हैं ताकि वह यह देख सकें कि क्या वास्तव में यह कमाई जायज है या कोई बड़ा खेल।

    शक की बुनियाद इसलिए भी डली थी क्योंकि फैक्ट्री के द्वारा दूसरे राज्य की फर्म से माल खरीदा गया था। अब जब माल खरीदा गया तो उसका कुछ टैक्स भी दिया गया। माना कि यह टेक्स 10 रुपए था तो वहीं फर्म के द्वारा वह टैक्स जमा किया नहीं गया और जब फैक्ट्री ने अपना टैक्स बनाया तो वह 10 रुपए लेस कर लिए।

    अब जब जांच चलती है तो पता चलता है कि जिस फर्म से माल खरीदा गया था वह फार्म 15 दिन में ही गायब हो गई। कच्चे-पक्के के इस खेल में संभावना कहीं ना कहीं बड़ी खामियां रह गई जिसके चलते अब फैक्ट्री की पैसा बनाने वाली पारसमणी इनकम टैक्स विभाग के हाथ लग चुकी है।

    फर्जी फर्मो का यह खेल असल में बॉर्डर एरिया पर ही खेला जाता है क्योंकि हिमाचल प्रदेश में जो भी फार्म रजिस्टर्ड होती है उसकी जांच उस क्षेत्र के इंस्पेक्टर को मौके पर भेजकर की जाती है। मगर जो सेंट्रल जीएसटी विभाग से रजिस्ट्रेशन कराई जाती है वहां पर कई कारणों को लेकर बनाई गई फर्म की जांच नहीं हो पाती है। ऐसे में फर्जी फर्मो के आधार पर बड़े-बड़े खेल खेल दिए जाते हैं।