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  • एनडीबी-वित्तपोषित जल परियोजनाओं का जयपुर में अंतिम मूल्यांकन

    एनडीबी-वित्तपोषित जल परियोजनाओं का जयपुर में अंतिम मूल्यांकन

    हिमाचल के आठ जिलों में संचालित परियोजनाओं पर हुआ गहन मंथन

    नाहन/शिमला | हिमाचल नाऊ न्यूज़

    डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) द्वारा भारत में वित्तपोषित जल परियोजनाओं के मूल्यांकन को लेकर जयपुर में अंतिम प्रसार बैठक एवं कार्यशाला आयोजित की गई।

    इस बैठक का आयोजन वाणी इंडिया ने एनडीबी के सहयोग से किया, जिसमें हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में चल रही जल आपूर्ति एवं सीवरेज परियोजनाओं के सामाजिक, पर्यावरणीय, लैंगिक और जलवायु प्रभावों पर विस्तार से चर्चा हुई।

    बैठक में बताया गया कि एनडीबी के सहयोग से हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में जल परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।

    इन परियोजनाओं के लिए लगभग 100 मिलियन डॉलर का वित्तपोषण किया गया है, जिन्हें वर्ष 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।कार्यशाला के दौरान प्रयास सोसाइटी की ओर से भाग लेते हुए संस्था के सचिव धीरज रमौल ने हिमाचल प्रदेश में तेजी से सूखते पारंपरिक जल स्रोतों, विशेषकर प्राकृतिक चश्मों, पर चिंता जताई।

    उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में ये जल स्रोत केवल पेयजल का साधन नहीं, बल्कि स्थानीय जीवन और पर्यावरण का आधार हैं।धीरज रमौल ने कहा कि जल संकट की बढ़ती चुनौती के बीच बोरवेल पर बढ़ती निर्भरता चिंता का विषय है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पारंपरिक जल स्रोतों को समय रहते संरक्षित नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो सकता है। उनका कहना था कि “जल है तो कल है”, लेकिन यह तभी संभव है जब प्राकृतिक जल स्रोतों को बचाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

    उन्होंने एनडीबी-वित्तपोषित परियोजनाओं की योजना और क्रियान्वयन में स्थानीय परिस्थितियों, समुदाय की भागीदारी और पारंपरिक जल संरक्षण ज्ञान को शामिल करने पर जोर दिया।

    उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्यों में स्थानीय सहभागिता के बिना बनाई गई योजनाएं लंबे समय तक प्रभावी नहीं रह सकतीं।बैठक के अंत में यह निष्कर्ष सामने आया कि जल परियोजनाओं को केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित न रखते हुए पर्यावरण संरक्षण, लैंगिक समानता, जलवायु न्याय और समुदाय की भागीदारी को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

    विशेषज्ञों ने माना कि जल संकट से निपटने के लिए समग्र और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना समय की मांग है।

  • पहली बर्फबारी से हिमाचल में खुशहाली की दस्तक, किसान और होटल कारोबारी दोनों के खिले चेहरे

    पहली बर्फबारी से हिमाचल में खुशहाली की दस्तक, किसान और होटल कारोबारी दोनों के खिले चेहरे

    बर्फ-बारिश ने बदला हिमाचल का मिज़ाज, चूड़धार से किन्नौर तक मौसम की मार और सुकून साथ-साथ

    नाहन /शिमला

    हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में देर रात से बर्फबारी का दौर लगातार जारी है, जबकि निचले इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है। शिमला और मनाली सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में इस शीतकाल का पहला हिमपात दर्ज किया गया है, जिससे पूरे प्रदेश में मौसम का मिज़ाज पूरी तरह बदल गया है।

    शिमला में बर्फबारी का आनंद लेने के लिए पर्यटक तड़के अंधेरे में ही सड़कों पर निकल आए और बर्फ से खेलते नजर आए। वहीं चूड़धार, हरिपुरधार, किन्नौर और कुल्लू की ऊंची चोटियों पर भी अच्छी बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया है।

    कांगड़ा और शिमला समेत कई जिलों में पूरी रात तेज हवाओं के साथ तूफान चलता रहा। शिमला में तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ और लोग एहतियातन घरों में ही रहने को मजबूर रहे।

    कुछ क्षेत्रों से नुकसान की सूचनाएं भी सामने आई हैं।निचले इलाकों में हुई बारिश से करीब साढ़े तीन महीने से चला आ रहा शुष्क दौर समाप्त हो गया है। इससे किसानों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

    बारिश और बर्फबारी को रबी फसलों के लिए बेहद लाभकारी माना जा रहा है और किसान इसे अच्छी पैदावार का संकेत बता रहे हैं।मौसम में आए इस बदलाव से पर्यटन और होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों के चेहरे भी खिल उठे हैं।

    शिमला, मनाली, हरिपुरधार और किन्नौर जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जगी है। होटल कारोबारियों का कहना है कि बर्फबारी की खबरों के बाद बुकिंग में तेजी आने लगी है।

    बारिश और हिमपात के चलते प्रदेशभर में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज भी चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर भारी हिमपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

    इसके अलावा शिमला, मंडी, कांगड़ा, सिरमौर और किन्नौर के ऊपरी क्षेत्रों में भी बर्फबारी की संभावना जताई गई है।मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अधिक ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा से फिलहाल बचने और मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है।

  • पौड़ी वाला शिव मंदिर की पवित्रता बचाने को बच्चों-युवाओं का संकल्प, 1000 किलो से अधिक कचरा हटाया

    पौड़ी वाला शिव मंदिर की पवित्रता बचाने को बच्चों-युवाओं का संकल्प, 1000 किलो से अधिक कचरा हटाया

    धार्मिक धरोहरों की मर्यादा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, नशा फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: संदीपकतोमर

    नाहन

    नाहन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आम वाला–सेन वाला पंचायत में गांव के वॉलिंटियर युवाओं और बच्चों द्वारा एक व्यापक सफाई एवं जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान पंचायत प्रधान संदीपक तोमर की अगुवाई में ऐतिहासिक धार्मिक धरोहरों और सार्वजनिक स्थलों को कचरा व नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

    अभियान के तहत सतयुग कालीन पौड़ी वाला शिव मंदिर परिसर और इसके आसपास के क्षेत्र को विशेष रूप से साफ किया गया। सफाई के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों से भारी मात्रा में शराब और बीयर की खाली बोतलें, प्लास्टिक कचरा व अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई, जिसे देख ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में रोष देखा गया।

    ग्राम प्रधान संदीपक तोमर ने इसे बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि यह शिव मंदिर उत्तर भारत की प्रमुख आस्था स्थलों में से एक है और इसकी पवित्रता से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    उन्होंने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की कि वे इस धार्मिक स्थल की मर्यादा बनाए रखें और यहां किसी भी प्रकार की नशे की सामग्री न फैलाएं।

    उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस धार्मिक पर्यटन स्थल या इसके आसपास कोई भी व्यक्ति नशे की सामग्री फैलाता या मंदिर की पवित्रता भंग करता पाया गया, तो उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

    गौरतलब है कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह शिव मंदिर सतयुग कालीन बताया जाता है। मान्यता है कि लंकापति रावण द्वारा स्वर्ग जाने के लिए बनाई जा रही पांच पौड़ियों में से दूसरी पौड़ी इसी स्थल पर बनाई गई थी, जहां उन्होंने भगवान शिव की उपासना की थी।

    यहां स्थापित स्वयंभू शिवलिंग के बारे में मान्यता है कि इसका आकार हर वर्ष एक चावल के दाने के बराबर बढ़ता है।इस अभियान के दौरान युवाओं और बच्चों ने मंदिर परिसर से 1000 किलोग्राम से अधिक कचरा एकत्रित किया, जिसमें अधिकांश मात्रा शराब की खाली बोतलों और नशे से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री की रही।

    सफाई अभियान के उपरांत बच्चों और युवाओं ने नशा मुक्त समाज और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर सामूहिक संकल्प लिया। बच्चों ने कहा कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे, दूसरों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे और गांव की धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा करेंगे।

    इस अभियान में अलीशाय पंवार, सागर, पंकज, हिमांशु, अक्षित, वंशज, राहुल, हर्ष, क्रुसप्रीत, दिमांशु, प्रियांशु, लक्की, भानु कटाप, चिराग और गोपी सहित अन्य बच्चों व युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।

    ग्राम प्रधान संदीपक तोमर ने कहा कि नशे के खिलाफ चल रहे अभियानों को सफल बनाने में युवा शक्ति और बाल शक्ति की भूमिका सबसे अहम है और इस तरह के जागरूकता अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

  • सिरमौर में जिला योजना व 20 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा, उद्योग मंत्री ने दिए समन्वय के निर्देश

    सिरमौर में जिला योजना व 20 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा, उद्योग मंत्री ने दिए समन्वय के निर्देश

    जिला सिरमौर के विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा की गई। बैठक में स्वास्थ्य, रोजगार, आवास, बिजली और शहरी विकास से जुड़े प्रमुख आंकड़े प्रस्तुत किए गए।

    सिरमौर/नाहन

    जिला योजना और 20 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक

    उद्योग, श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने नाहन में जिला योजना, विकास एवं 20 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी, उपायुक्त प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी सहित सरकारी व गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।

    जनप्रतिनिधियों के सुझावों को गंभीरता से लेने के निर्देश

    उद्योग मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैर-सरकारी सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के आपसी समन्वय से ही जिले को विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है।

    स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, संस्थागत प्रसव बढ़े

    बैठक में बताया गया कि जिला सिरमौर में स्वास्थ्य संस्थानों की स्थिति में पूर्व की तुलना में सुधार हुआ है। सरकार दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए रिक्त पदों को भरने के प्रयास कर रही है। जिला में वर्ष 2025-26 के दौरान 4333 संस्थागत प्रसव कराए गए।

    रोजगार, आजीविका और वन संरक्षण की प्रगति

    वर्ष 2025-26 में जिले में 1,03,802 जॉब कार्ड जारी किए गए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 35 स्वयं सहायता समूह बनाए या पुनर्जीवित किए गए। वन विभाग द्वारा 486.68 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 3 लाख 16 हजार पौधारोपण किया गया।

    खाद्य सुरक्षा, आवास और स्वच्छता पर जोर

    लोक वितरण प्रणाली के तहत 25,876 टन अनाज आवंटित किया गया। अंतोदय अन्न योजना में गरीबी रेखा से ऊपर के परिवारों को 13,347 टन और गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को 2074 टन अनाज वितरित किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 2132 घरों का निर्माण हुआ, जबकि वर्ष 2025-26 में अब तक 261 व्यक्तिगत घरेलू शौचालय बनाए गए।

    बिजली और ग्रामीण विद्युतीकरण कार्य

    जिले में 859 नए विद्युत ट्रांसफार्मर लगाए जाने प्रस्तावित हैं, जिनमें से 45 स्थापित किए जा चुके हैं। राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत 172.33 मिलियन यूनिट बिजली वितरित की गई और 231 पंप सेट सक्रिय किए गए।

    शहरी निकायों की योजनाओं की भी समीक्षा

    इसके उपरांत उद्योग मंत्री ने शहरी स्थानीय निकायों की जिला स्तरीय सलाहकार एवं निगरानी समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इसमें केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

    कचरा प्रबंधन और विरासत संरक्षण पर फैसले

    बैठक में बताया गया कि नगर पंचायत राजगढ़ में सूखे और गीले कचरे का पृथक्करण कर निपटान किया जा रहा है। नगर परिषद पांवटा साहिब और नगर पंचायत राजगढ़ में ‘स्वच्छ शहर, समृद्ध शहर’ अभियान चलाया जा रहा है। राजगढ़ में ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट के लिए भूमि शहरी विकास विभाग को हस्तांतरित की गई है। वहीं नगर परिषद नाहन क्षेत्र में ऐतिहासिक स्थलों को धरोहर घोषित करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।

  • 10 साल पुराने आधार कार्ड का अपडेट कराना अनिवार्य, सत्यापन में दिक्कत से बचने की अपील

    10 साल पुराने आधार कार्ड का अपडेट कराना अनिवार्य, सत्यापन में दिक्कत से बचने की अपील

    जिन नागरिकों का आधार कार्ड 10 वर्ष पहले बना है और अब तक अपडेट नहीं हुआ है, उन्हें तुरंत अपने दस्तावेज अपडेट कराने होंगे। समय पर अपडेट न होने पर विभिन्न सेवाओं और सत्यापन प्रक्रियाओं में परेशानी आ सकती है।

    सिरमौर/नाहन

    जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति की बैठक में निर्देश

    उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि 10 वर्ष पुराने आधार कार्ड का अपडेट कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबे समय से अपडेट न होने पर आधार प्रमाणीकरण में असुविधा हो सकती है।

    बच्चों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट पर विशेष जोर

    उपायुक्त ने बताया कि 5 और 15 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बच्चों का आधार बायोमैट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य है, जबकि 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का आधार बनवाना भी जरूरी है। निर्धारित अवधि के भीतर अपडेट न होने पर आधार निष्क्रिय होने की संभावना रहती है।

    फोटो, फिंगरप्रिंट और मोबाइल नंबर अपडेट जरूरी

    उन्होंने कहा कि 5 और 15 वर्ष की आयु के बाद बच्चों के चेहरे की फोटो, मोबाइल नंबर, हाथों के फिंगरप्रिंट और पता आदि आधार में अपडेट करवाना आवश्यक है। 5–7 वर्ष तथा 15–17 वर्ष की आयु के बीच अनिवार्य बायोमैट्रिक अपडेट की सुविधा निशुल्क उपलब्ध है।

    प्रतियोगी परीक्षाओं में आधार प्रमाणीकरण अहम

    उपायुक्त ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रवेश प्रक्रियाओं और विभिन्न आवेदनों में आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य हो गया है। यूआईडीएआई के मानकों के अनुसार यदि आधार में आवश्यक बायोमैट्रिक अपडेट (एमबीयू) या मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, तो प्रमाणीकरण विफल हो सकता है, जिससे आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

    बैठक में अधिकारी रहे उपस्थित

    बैठक में यूआईडीएआई के क्षेत्रीय कार्यालय से अभिषेक कुमार सहित जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

  • सिरमौर में 26 जनवरी को सभी पंचायतों में विशेष ग्राम सभा, डेटा सत्यापन के निर्देश

    सिरमौर में 26 जनवरी को सभी पंचायतों में विशेष ग्राम सभा, डेटा सत्यापन के निर्देश

    जिला सिरमौर की सभी ग्राम पंचायतों में 26 जनवरी को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। यह बैठक ‘मेरा गांव मेरी धरोहर’ अभियान के अंतर्गत आंकड़ों के सत्यापन के लिए आयोजित की जा रही है।

    सिरमौर/नाहन

    26 जनवरी को होगा विशेष ग्राम सभा आयोजन

    उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने निर्देश जारी करते हुए बताया कि जिला सिरमौर की सभी ग्राम पंचायतों में 26 जनवरी 2026 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। इस ग्राम सभा का मुख्य उद्देश्य ‘मेरा गांव मेरी धरोहर’ अभियान के तहत एकत्र किए गए आंकड़ों का सत्यापन करना है।

    खंड विकास अधिकारियों को दिए निर्देश

    उपायुक्त ने सहायक आयुक्त (विकास) तथा सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने अधीनस्थ क्षेत्रों की सभी ग्राम पंचायतों में इस विशेष ग्राम सभा का आयोजन सुनिश्चित करें, ताकि आंकड़ों की सत्यता और पारदर्शिता बनी रहे।

    ग्रामीण सहभागिता पर रहेगा जोर

    प्रशासन का उद्देश्य है कि ग्राम स्तर पर अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए, जिससे गांवों से संबंधित सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक जानकारी का सही और प्रमाणिक संकलन किया जा सके।

  • जिला सिरमौर में अवैध खनन पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, 39 वाहन जब्त कर खनन माफिया पर कसा शिकंजा

    जिला सिरमौर में अवैध खनन पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, 39 वाहन जब्त कर खनन माफिया पर कसा शिकंजा

    जिला सिरमौर पुलिस ने अवैध खनन और मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघन के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए विशेष अभियान चलाया है। इस कार्रवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में वाहन जब्त किए गए हैं।

    सिरमौर

    खनन माफिया के खिलाफ विशेष अभियान

    जिला सिरमौर पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर अवैध खनन और मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान ट्रैक्टर, डंपर और ट्राला सहित कुल 39 वाहनों को जब्त अथवा डिटेन किया गया, जो नियमों की अवहेलना करते हुए खनन गतिविधियों में संलिप्त पाए गए।

    विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई कार्रवाई

    पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में पांवटा साहिब थाना क्षेत्र से सबसे अधिक 19 वाहन जब्त किए गए। इसके अलावा नाहन थाना क्षेत्र से 7, माजरा से 3, राजगढ़ से 1, पुरुवाला से 4, कालाअम्ब से 1, श्री रेणुका जी से 2 और पच्छाद थाना क्षेत्र से 2 वाहन जब्त किए गए हैं।

    खनन व मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघन पर कार्रवाई

    जब्त किए गए सभी वाहन खनन अधिनियम और मोटर वाहन अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप में पुलिस कार्रवाई के दायरे में आए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन से पर्यावरण और सार्वजनिक संसाधनों को होने वाले नुकसान को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    जिला सिरमौर पुलिस ने खनन माफिया को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि अवैध खनन और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • “नशा बेचने वाला समाज का आतंकवादी है” – संदीपक तोमर

    “नशा बेचने वाला समाज का आतंकवादी है” – संदीपक तोमर

    चिट्टा के खिलाफ विशेष ग्राम सभा, महिला शक्ति को बनाया गया अभियान की रीढ़

    नाहन

    विशेष ग्राम सभा का आयोजन
    हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेशभर में चलाए जा रहे चिट्टा नशे के खिलाफ अभियान के तहत जिला सिरमौर की सेन वाला पंचायत में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। यह ग्राम सभा नाहन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आयोजित हुई, जिसमें पंचायत की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

    नशे के खिलाफ कड़ा संदेश
    सभा को संबोधित करते हुए संदीपक तोमर ने कहा कि केमिकल नशा हथियारबंद उग्रवाद से भी अधिक खतरनाक है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नशा बेचने वाला व्यक्ति समाज का हिस्सा नहीं हो सकता, बल्कि वह समाज का दुश्मन है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि पंचायत क्षेत्र या आसपास कहीं भी चिट्टा या अन्य नशे का कारोबार नजर आए तो उसकी तुरंत सूचना दी जाए।

    महिला शक्ति को बताया सबसे बड़ी ताकत
    उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई में महिला शक्ति सबसे बड़ी ताकत है, जो इस सामाजिक आतंक को जड़ से समाप्त कर सकती है।

    संवेदनशीलता और सहयोग पर जोर
    नशा निवारण कमेटी के अध्यक्ष और गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेन वाला के प्रिंसिपल अयूब खान ने कहा कि नशे के कारोबारियों के खिलाफ समाज को आक्रामक रुख अपनाना होगा, जबकि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं के साथ संवेदनशीलता और सहयोग जरूरी है।
    उन्होंने कहा कि जो नशे में फंसे हैं, वे अपराधी नहीं बल्कि उपचार और सहयोग के पात्र हैं, और समाज की जिम्मेदारी है कि उन्हें इस विनाशकारी दलदल से बाहर निकाला जाए।

    सर्वसम्मति से लिया गया संकल्प
    विशेष ग्राम सभा में उप-प्रधान संजीव कुमार, सचिव विमला शर्मा, वार्ड मेंबर कविता सुमन, लता धनी देवी, नरेंद्र सहित पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।
    सभा में सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त सामाजिक मोर्चा खोला जाएगा और सेन वाला पंचायत को नशा-मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।

  • नाहन नगीना तो है, मगर इसे तराशने वाले जोहरी न सरकार में मिले, न प्रशासन में

    नाहन नगीना तो है, मगर इसे तराशने वाले जोहरी न सरकार में मिले, न प्रशासन में

    नाहन के पास संसाधन, इतिहास और पहचान है, लेकिन प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमी से शहर अव्यवस्थाओं में घिरा है। मीट दुकानों, पार्किंग और ट्रैफिक जैसी समस्याएं रियासतकालीन शहर की असली तस्वीर दिखा रही हैं।


    नाहन

    तीनों स्तरों पर इच्छाशक्ति का अभाव
    कहावतों में ‘नगीना’ कहलाने वाला रियासतकालीन शहर नाहन आज ज़मीनी हकीकत में अव्यवस्थाओं की मार झेल रहा है। शहर के पास संसाधन हैं, इतिहास है और पहचान भी, लेकिन सरकार, जिला प्रशासन और नगर प्रशासन—तीनों स्तरों पर इच्छाशक्ति के अभाव में यह नगीना तराशा नहीं जा सका।

    प्रशासन और सरकार पर उठे सवाल
    नगर परिषद नाहन की पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय रेखा तोमर के पुत्र एवं स्वयं मनोनीत पार्षद रह चुके विशाल तोमर ने शहर की बिगड़ती व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन और सरकार पर सीधा सवाल खड़ा किया है। रोड सेफ्टी क्लब के पूर्व अध्यक्ष विशाल तोमर ने कहा कि नाहन की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि यहां समस्याएं गिनाने वालों की कमी नहीं, लेकिन समाधान पर अमल करने वाला कोई नहीं।

    मीट दुकानों से बिगड़ती शहर की सूरत
    उन्होंने कहा कि शहर में जगह-जगह मीट की दुकानें खुली हुई हैं, जिन्हें शहर से बाहर किसी निर्धारित क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाना चाहिए था। आवासीय और व्यावसायिक इलाकों में संचालित इन दुकानों के चलते नाहन एक शहर कम और बूचड़खाना ज्यादा नजर आने लगा है। यह न केवल शहर की सुंदरता पर दाग है, बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ्य मानकों पर भी बड़ा सवाल है।

    स्लॉटर हाउस नीति पर सवाल
    विशाल तोमर ने कहा कि नाहन जैसे ऐतिहासिक शहर में स्लॉटर हाउस और मीट दुकानों को लेकर कोई स्पष्ट नीति नजर नहीं आती। कहने को स्लॉटर हाउस बनाया गया है, लेकिन वहां कितने पशुओं का कटान होता है और नियमों का कितना पालन हो रहा है, इस पर भी प्रशासन की चुप्पी गंभीर चिंता का विषय है।

    पार्किंग, ट्रैफिक और अतिक्रमण की मार
    उन्होंने कहा कि पार्किंग, ट्रैफिक और अवैध अतिक्रमण की समस्या ने शहर को पूरी तरह जकड़ लिया है। सड़कों के किनारे खड़ी गाड़ियां नाहन की सुंदरता पर बदनुमा दाग बन चुकी हैं। शहर के बीच स्थित नाहन फाउंड्री की भूमि वर्षों से अनुपयोगी पड़ी है, जिसे पार्किंग और प्रशासनिक जरूरतों के लिए इस्तेमाल कर शहर को राहत दी जा सकती है, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया।

    धरोहरें उपेक्षा की शिकार
    पूर्व मनोनीत पार्षद ने कहा कि रियासतकालीन धरोहरों पर प्रशासनिक कब्जा है, जिन्हें पर्यटन के लिए विकसित किया जा सकता था। इसके उलट शहर में अव्यवस्था, प्रदूषण और अराजकता बढ़ती जा रही है। देर रात तक आवासीय क्षेत्रों में शोर, अव्यवस्थित दुकानें और भारी वाहनों की आवाजाही आम हो चुकी है, लेकिन कार्रवाई नदारद है।

    साहसिक फैसलों की जरूरत
    उन्होंने कहा कि नाहन को केवल भाषणों और कहावतों में ‘नगीना’ कहने से काम नहीं चलेगा। यदि सरकार और प्रशासन को वास्तव में शहर की चिंता है, तो अब कड़े और साहसिक फैसले लेने होंगे, ताकि नाहन अपनी पहचान और गरिमा दोनों बचा सके।

  • सिरमौर को मिला नया जिला कल्याण अधिकारी, गावा सिंह नेगी ने संभाला कार्यभार

    सिरमौर को मिला नया जिला कल्याण अधिकारी, गावा सिंह नेगी ने संभाला कार्यभार

    नाहन

    सिरमौर जिला में कल्याण विभाग की कमान अब गावा सिंह नेगी के हाथों में होगी। सोमवार को उन्होंने जिला कल्याण अधिकारी के रूप में औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण कर लिया।

    कार्यभार संभालते ही उन्होंने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।गावा सिंह नेगी मूल रूप से जिला किन्नौर के लबरंग गांव से संबंध रखते हैं।

    उन्होंने अपने शासकीय सेवाकाल की शुरुआत वर्ष 2010 में जनजातीय कल्याण अधिकारी के रूप में की थी। वर्ष 2022 में जिला कल्याण अधिकारी के पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने सबसे पहले जिला किन्नौर में सेवाएं दीं।

    इसके बाद वे जिला सोलन में जिला कल्याण अधिकारी के रूप में कार्यरत रहे।कार्यभार ग्रहण करने के बाद गावा सिंह नेगी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करते हुए कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

    उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाएगा।

    नए जिला कल्याण अधिकारी की तैनाती से सिरमौर में सामाजिक सुरक्षा, अनुसूचित वर्गों और जरूरतमंद तबके से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।