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All the cities from Himachal Pradesh state

  • रेणुका जी बांध परियोजना के द्वितीय चरण की प्रभावित परिवारों की सूची जारी

    रेणुका जी बांध परियोजना के द्वितीय चरण की प्रभावित परिवारों की सूची जारी

    उपायुक्त सिरमौर ने रेणुका जी बांध परियोजना के तहत द्वितीय चरण में प्रभावित गृहविहीन परिवारों की सूची सार्वजनिक की है। पात्र व्यक्ति 28 फरवरी तक दावा या आक्षेप प्रस्तुत कर सकते हैं।

    नाहन

    आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई सूची
    उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने सार्वजनिक सूचना जारी करते हुए बताया कि रेणुका जी बांध परियोजना ददाहू के अंतर्गत द्वितीय चरण में प्रभावित मुख्य परियोजना गृहविहीन परिवारों की विस्तृत सूची उपायुक्त कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट https://hpsirmaur.nic.in पर अवलोकन के लिए उपलब्ध करा दी गई है।

    पटवार वृत और पंचायत कार्यालय में भी रहेगी उपलब्ध
    उन्होंने जानकारी दी कि आमजन की सुविधा के लिए संबंधित पटवार वृत ददाहू और पंचायत कार्यालय पनार में भी यह सूची 13 फरवरी से 28 फरवरी, 2026 तक अवलोकनार्थ उपलब्ध रहेगी।

    दावा और आक्षेप दर्ज कराने की अंतिम तिथि
    उपायुक्त ने बताया कि जिन व्यक्तियों की भूमि अथवा मकान इस परियोजना के लिए अधिग्रहित किए गए हैं और उनका नाम सूची में सम्मिलित नहीं है अथवा गलत रूप से दर्ज है, वे अपने दावा या आक्षेप लिखित रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं।

    यह दावा या आक्षेप रेणुका जी बांध परियोजना, हि.प्र.पा.का.लि. कार्यालय ददाहू तथा तहसीलदार ददाहू के कार्यालय में 13 फरवरी से 28 फरवरी, 2026 तक प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक व्यक्तिगत रूप से या पंजीकृत डाक द्वारा जमा किए जा सकते हैं।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित तिथि के उपरांत प्राप्त दावे या आक्षेप स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

  • बिजली संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में पांवटा में पेन डाउन–टूल डाउन, निजीकरण के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

    बिजली संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में पांवटा में पेन डाउन–टूल डाउन, निजीकरण के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

    पांवटा साहिब में बिजली संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में कर्मचारियों ने पेन डाउन–टूल डाउन हड़ताल की। निजीकरण के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर विभिन्न मांगें उठाई गईं।

    पांवटा साहिब

    बद्रीपुर सब स्टेशन परिसर में धरना-प्रदर्शन

    बिजली बोर्ड के निजीकरण के विरोध में गुरुवार को इलेक्ट्रिकल डिवीजन पांवटा साहिब के बद्रीपुर स्थित 33 केवी सब स्टेशन परिसर में कर्मचारियों, अभियंताओं, पेंशनरों और आउटसोर्स कर्मियों ने पूर्ण पेन डाउन व टूल डाउन हड़ताल की। नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम के तहत भोजनावकाश के दौरान बिजली बोर्ड कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया।

    आपातकालीन सेवाएं रहीं जारी

    हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाएं जारी रखी गईं, जिससे आम उपभोक्ताओं को आवश्यक सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा नहीं आई।

    संयुक्त कार्रवाई समिति की अगुवाई

    संयुक्त कार्रवाई समिति के को-कन्वीनर ई. अमित कुमार और अमन यादव की अगुवाई में आयोजित इस प्रदर्शन में कर्मचारी संघ, अभियंता संघ, पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन और आउटसोर्स कर्मियों ने एकजुटता दिखाई।

    विधेयक पर उठे सवाल

    अभियंता संघ के महासचिव ई. मुकेश ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 बिजली क्षेत्र के निजीकरण का रास्ता खोलता है, जिसका प्रदेश के कर्मचारियों और उपभोक्ताओं पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में बिजली वितरण निजी हाथों में दिया गया, वहां अपेक्षित परिणाम नहीं मिले और उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ी।

    निजीकरण से रोजगार पर असर की आशंका

    कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों इम्तियाज हाशमी, बॉबिन सिंह, सुनील कुमार और गौरव ठाकुर ने कहा कि एक ही क्षेत्र में कई वितरण कंपनियों को अनुमति देना और सरकारी नेटवर्क का निजी उपयोग राज्यों की शक्तियों को कमजोर करेगा। गोपाल (आउटसोर्स/क्लास-IV), हंसराज और अजय कुमार ने कहा कि निजीकरण से रोजगार के अवसरों में भारी गिरावट आएगी।

    पेंशन और वित्तीय स्थिति पर चिंता

    पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के सतीश गुप्ता, पी.के. सिंघल और पूरण चंद ने कहा कि यदि औद्योगिक उपभोक्ता निजी कंपनियों की ओर चले गए तो बोर्ड की वित्तीय स्थिति प्रभावित होगी, जिससे पेंशन भुगतान और सेवा शर्तों पर असर पड़ेगा।

    स्मार्ट मीटरिंग योजना पर भी सवाल

    वक्ताओं ने स्मार्ट मीटरिंग योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसका आर्थिक बोझ आम जनता पर डाला जा रहा है।

    मुख्य मांगें और चेतावनी

    संयुक्त कार्रवाई समिति के नेताओं ने मांग उठाई कि बिजली बोर्ड को निजी हाथों में देने के बजाय उसे सशक्त बनाया जाए। नई भर्तियां की जाएं, पुरानी पेंशन योजना बहाल हो, लंबे समय से कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों के लिए स्थायी नीति बनाई जाए और लंबित सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। धरने में कर्मचारी संघ, अभियंता संघ और पेंशनर संगठनों के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। अंत में संयुक्त कार्रवाई समिति ने चेतावनी दी कि यदि निजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

  • बंगाणा उपमंडल में जन शिकायत निवारण समिति की बैठक, अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के निर्देश

    बंगाणा उपमंडल में जन शिकायत निवारण समिति की बैठक, अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के निर्देश

    जन समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के उद्देश्य से उपमंडल बंगाणा में जन शिकायत निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। विधायक विवेक शर्मा ने अधिकारियों को तय समयसीमा में शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    विधायक की अध्यक्षता में हुई बैठक
    कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत उपमंडल बंगाणा में जन समस्याओं के प्रभावी समाधान के लिए उपमंडल स्तरीय जन शिकायत निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विधायक विवेक शर्मा ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर क्षेत्र से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की।

    समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण पर जोर
    विधायक विवेक शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

    जनता और प्रशासन के बीच सशक्त कड़ी
    अपने संबोधन में विधायक ने कहा कि जन शिकायत निवारण समिति प्रशासन और जनता के बीच एक सशक्त माध्यम के रूप में कार्य कर रही है। इससे समस्याओं का त्वरित, प्रभावी और संतोषजनक समाधान संभव हो रहा है।

    विभागीय अधिकारियों को दिए निर्देश
    बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों पर विस्तार से चर्चा की गई। संबंधित अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश जारी किए गए।

    इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी बंगाणा सोनू गोयल, खंड विकास अधिकारी के.एल. वर्मा, तहसीलदार अमित कुमार, थाना प्रभारी रोहित चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चौकी मनियार में सड़क सुरक्षा क्विज़ व जागरूकता रैली का आयोजन

    राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चौकी मनियार में सड़क सुरक्षा क्विज़ व जागरूकता रैली का आयोजन

    विद्यालय के रोड सेफ्टी क्लब ने छात्रों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए क्विज़ प्रतियोगिता और रैली आयोजित की। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    सड़क सुरक्षा अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम
    उप तहसील जोल के अंतर्गत ग्राम पंचायत चौकी मनियार स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हिमाचल प्रदेश सरकार के सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। रोड सेफ्टी क्लब द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय परिसर में क्विज़ प्रतियोगिता और भव्य रैली का आयोजन किया गया।

    प्रधानाचार्य ने दिया सुरक्षा का संदेश
    कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा से हुई, जिसके बाद कार्यवाहक प्रधानाचार्य संजीव रांगड़ा ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए यातायात नियमों के पालन को अनिवार्य बताते हुए कहा कि जागरूकता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट के उपयोग की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।

    ज्ञानवर्धक क्विज़ प्रतियोगिता
    सड़क सुरक्षा से संबंधित क्विज़ प्रतियोगिता में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में ट्रैफिक संकेत, प्राथमिक उपचार, वाहन सुरक्षा उपकरणों और यातायात कानूनों से जुड़े प्रश्न पूछे गए। विजेता टीमों को विद्यालय प्रशासन की ओर से सम्मानित किया गया।

    जागरूकता रैली से दिया संदेश
    क्विज़ के बाद विद्यालय से विशाल रोड सेफ्टी रैली निकाली गई, जिसमें विद्यार्थियों ने तख्तियां और बैनर लेकर सड़क सुरक्षा के संदेश दिए। रैली विद्यालय परिसर से प्रारंभ होकर आसपास के मार्गों से होती हुई पुनः स्कूल में संपन्न हुई। स्थानीय लोगों ने भी इस प्रयास की सराहना की।

    निरंतर जारी रहेंगे ऐसे अभियान
    विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी विभागों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया गया।

  • पानी के टैंक में मिलाया गया जहर, ब्रेष्ट्र गांव के 200 लोगों की जान पर मंडराया खतरा

    पानी के टैंक में मिलाया गया जहर, ब्रेष्ट्र गांव के 200 लोगों की जान पर मंडराया खतरा

    शिमला के ब्रेष्ट्र गांव में पेयजल टैंक में कीटनाशक मिलाए जाने का मामला सामने आया है। करीब 200 लोगों तक पहुंचने वाली पानी की सप्लाई को एहतियातन रोक दिया गया है।

    शिमला

    पेयजल टैंक में कीटनाशक मिलने से सनसनी

    क्या यह पूरे गांव को खत्म करने की साजिश थी या फिर हैरान कर देने वाली लापरवाही? शिमला के टिक्कर क्षेत्र से सटे ब्रेष्ट्र गांव में पेयजल टैंक में सेब में इस्तेमाल होने वाली जहरीली कीटनाशक दवा मिलाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब 30 घरों के लगभग 200 लोगों तक पहुंचने वाली पानी की सप्लाई में जहर की पुष्टि होने से इलाके में हड़कंप मच गया।

    गंध से हुआ खुलासा

    घटना रविवार की है। गांव में नियमित पानी की आपूर्ति के दौरान स्थानीय निवासी आदर्श शर्मा ने नल से भरे गिलास में तेज और असामान्य गंध महसूस की। शक होने पर उन्होंने तुरंत ग्रामीणों को सतर्क किया और जल शक्ति विभाग को सूचना दी।

    सप्लाई रोकी गई, टैंक खाली कराया

    ग्रामीणों ने जब अपने-अपने घरों में पानी जांचा तो उन्हें भी वैसी ही गंध आई। एहतियात के तौर पर सभी को नल बंद करने को कहा गया। सूचना मिलते ही जल शक्ति विभाग की टीम मौके पर पहुंची, सप्लाई रोकी गई और टैंक खाली करवाया गया।

    लैब जांच में कीटनाशक की पुष्टि

    लैब जांच में पानी में सेब की फसल में प्रयुक्त कीटनाशक दवा ‘डर्मिट’ (डमिंट) की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। जल शक्ति विभाग के एसडीओ भूपेंद्र कुमार ने पानी में कीटनाशक के अंश मिलने की पुष्टि की है।

    स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव की आशंका

    बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज के अनुसार यह दवा यदि पानी में मिल जाए या कोई व्यक्ति इसे पी ले तो गंभीर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न कर सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते गंध का पता न चलता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

    एफआईआर दर्ज, जांच शुरू

    पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह पड़ताल की जा रही है कि जहर सीधे टैंक में मिलाया गया या पाइपलाइन के माध्यम से पानी को दूषित किया गया।

    गांव में दहशत, सफाई कार्य शुरू

    घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। विभाग ने टैंक और पाइपलाइन की सफाई शुरू कर दी है, जबकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी है।

  • सिरमौर में दर्दनाक हादसा, मंदिर से घर लौट रही महिला ट्रक के कुचले जाने से हुई मौत

    सिरमौर में दर्दनाक हादसा, मंदिर से घर लौट रही महिला ट्रक के कुचले जाने से हुई मौत

    पांवटा साहिब :

    जिला सिरमौर के पांवटा साहिब में बुधवार को दर्दनाक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई। महिला की पहचान शोभा शर्मा (58) पत्नी स्व. राकेश शर्मा निवासी वार्ड नंबर 13, जग्गा गली, बद्रीपुर, पांवटा साहिब के रूप में हुई है।

    उधर, पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार ये हादसा बद्रीपुर-जामनीवाला सड़क पर पेश आया।

    महिला मंदिर गई हुई थी। पूजा-अर्चना के बाद जैसे ही वह घर लौट रही थी, इसी बीच वह तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने गंभीर घायल महिला को तुरंत सिविल अस्पताल पांवटा साहिब पहुंचाया।

    प्राथमिक उपचार के बाद महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कालेज नाहन रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही महिला की मौत हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    साथ ही ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। उधर, एसपी सिरमौर निश्चित सिंह नेगी ने हादसे में महिला की मौत की पुष्टि की है।

  • कांग्रेस सरकार की नीतियों से डगमगाई प्रदेश की अर्थव्यवस्था : विनय गुप्ता

    कांग्रेस सरकार की नीतियों से डगमगाई प्रदेश की अर्थव्यवस्था : विनय गुप्ता

    बढ़ते कर्ज और राजस्व घाटे को लेकर सरकार पर साधा निशाना

    हिमाचल नाऊ न्यूज नाहन

    शिमला। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता विनय गुप्ता ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि हिमाचल प्रदेश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति के लिए पूरी तरह कांग्रेस सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार हैं।

    उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ता कर्ज, लगातार बढ़ रहा राजस्व घाटा और वित्तीय कुप्रबंधन राज्य को गंभीर आर्थिक संकट की ओर धकेल रहा है।

    विनय गुप्ता ने कहा कि अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए प्रदेश सरकार बार-बार केंद्र सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है, जबकि आर्थिक चुनौतियों के संकेत पहले से स्पष्ट थे।

    राजस्व घाटा अनुदान में कमी पूर्व निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा थी, इसके बावजूद सरकार आय के नए स्रोत विकसित करने और निवेश आकर्षित करने में विफल रही।

    उन्होंने कहा कि जब प्रदेश आर्थिक दबाव में है, तब राजनीतिक नियुक्तियों, सलाहकारों और अनावश्यक खर्चों में बढ़ोतरी चिंताजनक है। सरकार को फिजूलखर्ची पर तुरंत रोक लगाकर वित्तीय अनुशासन लागू करना चाहिए।

    भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल पर लगातार बढ़ता कर्ज आने वाली पीढ़ियों पर भारी बोझ बनेगा। उन्होंने सरकार से आर्थिक नीतियों की गंभीर समीक्षा कर ठोस सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।

    केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए विनय गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार विकास, आधारभूत संरचना और आर्थिक सुदृढ़ीकरण पर निरंतर कार्य कर रही है। हिमाचल प्रदेश को विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के माध्यम से भरपूर सहयोग दिया गया है और भविष्य में भी विकास के लिए केंद्र प्रतिबद्ध है।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर प्रदेशहित में निर्णय लेने चाहिए, क्योंकि जनता अब वास्तविक स्थिति को भली-भांति समझ चुकी है।

  • राज्यसभा में गूंजी रंगस–लठियानी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की मांग, क्षेत्रीय विकास पर जोर

    राज्यसभा में गूंजी रंगस–लठियानी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की मांग, क्षेत्रीय विकास पर जोर

    राज्यसभा में रंगस–लठियानी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग उठाई गई। इस मार्ग को हमीरपुर और ऊना जिलों के लिए जीवन रेखा बताया गया।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    राज्यसभा में उठी राष्ट्रीय राजमार्ग की मांग

    हमीरपुर से संबंध रखने वाले प्रदेश के राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉ. सिकंदर कुमार ने आज संसद के उच्च सदन में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर और ऊना जिलों को जोड़ने वाले रंगस–लठियानी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की जोरदार मांग उठाई। उन्होंने सदन के माध्यम से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री का ध्यान इस महत्वपूर्ण मार्ग की ओर आकृष्ट करते हुए कहा कि यह सड़क क्षेत्र के लिए केवल संपर्क मार्ग नहीं, बल्कि जीवन रेखा के समान है।

    मार्ग का सामरिक और क्षेत्रीय महत्व

    डॉ. सिकंदर कुमार ने जानकारी दी कि रंगस लठियानी मार्ग कांगू, धनेटा और बंगाणा होते हुए गुजरता है, जिसके अंतर्गत धनेटा से बंगाणा के बीच एक सुरंग के निर्माण का प्रस्ताव पहले से ही मौजूद है। लगभग 39 किलो मीटर लंबा यह मार्ग हमीरपुर और ऊना जिलों के सैकड़ों गांवों को सीधे तौर पर जोड़ता है और क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक एवं सामरिक महत्व को देखते हुए इसे राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में यह मार्ग सीमित संसाधनों के कारण अपेक्षित विकास से वंचित है।

    राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से संभावित लाभ

    यदि इसे राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया जाता है, तो न केवल सड़क की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि क्षेत्र में आवागमन भी सुरक्षित, सुगम और तेज होगा। इससे स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। डॉ. सिकंदर ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग 503ए और राष्ट्रीय राजमार्ग 88 के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है। इस कारण यह सड़क राज्य के आंतरिक संपर्क तंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

    डीपीआर और सर्वेक्षणों का उल्लेख

    उन्होंने सदन में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में भी इस क्षेत्र के लिए विभिन्न डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) और सर्वेक्षणों की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग बनने की सभी तकनीकी और प्रशासनिक संभावनाओं को पूरा करता है।

    धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

    डॉ. सिकंदर कुमार ने अपने संबोधन में इस मार्ग के धार्मिक और आर्थिक महत्व को भी विस्तार से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रंगस–लठियानी मार्ग के राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से प्रसिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर सहित क्षेत्र के अन्य धार्मिक स्थलों तक श्रद्धालुओं की पहुंच और अधिक आसान हो जाएगी। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों की आजीविका के नए साधन विकसित होंगे। उन्होंने बताया कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा बालक नाथ मंदिर के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन सड़क की सीमित क्षमता और खराब स्थिति के कारण उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

    रोजगार और व्यापार को नई गति

    राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिलने से इस क्षेत्र में पर्यटन आधारित ढांचे का विकास होगा, जिससे होटल, ढाबे, परिवहन और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आर्थिक दृष्टि से भी यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। डॉ. सिकंदर ने कहा कि इस सड़क के विकसित होने से स्थानीय किसानों, व्यापारियों और छोटे उद्यमियों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी। इससे क्षेत्रीय व्यापार को नई गति मिलेगी और पिछड़े क्षेत्रों के विकास को बल मिलेगा।

    सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में सहायक

    उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने के लिए निर्धारित मापदंडों, जैसे पिछड़ा क्षेत्र विकास, दो महत्वपूर्ण केंद्रों को जोड़ना और यातायात की संभावनाएं, को पूरी तरह से पूरा करता है। प्राकृतिक आपदाओं और सुरक्षा आवश्यकताओं के समय त्वरित आवागमन में सहायक सिद्ध हो सकती है। हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में मजबूत सड़क नेटवर्क न केवल विकास बल्कि सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य है।

    केंद्र सरकार से शीघ्र निर्णय की अपील

    डॉ. सिकंदर कुमार ने केंद्र सरकार से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि क्षेत्रीय जनता की लंबे समय से चली आ रही इस जायज मांग को स्वीकार किया जाए और रंगस–लठियानी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि इसके निर्माण एवं उन्नयन के लिए आवश्यक बजट का प्रावधान इसी वित्त वर्ष में किया जाए, ताकि वर्षों से इंतजार कर रही जनता को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल जन अपेक्षाओं के अनुरूप होगा, बल्कि प्रधानमंत्री के “सड़क से समृद्धि” के विजन को भी साकार करेगा। अब क्षेत्र की जनता को केंद्र सरकार के सकारात्मक निर्णय का इंतजार है, जिससे विकास की यह महत्वपूर्ण कड़ी जल्द ही नई पहचान प्राप्त कर सके।

  • तलमेहड़ा स्कूल में खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते शिक्षक

    तलमेहड़ा स्कूल में खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते शिक्षक

    पंचायत खरयालता के तलमेहड़ा स्कूल में खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को किया सम्मानित

    तलमेहड़ा स्कूल में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    खेलकूद गतिविधियों को विद्यालय में मिल रहा विशेष महत्व

    उप तहसील जोल के अंतर्गत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तलमेहड़ा में पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद गतिविधियों को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। इसी कड़ी में विद्यालय में एक खेलकूद प्रतियोगिता का सम्मानित समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें कबड्डी, वॉलीबॉल, रेसलिंग सहित अन्य विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

    विभिन्न स्तरों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सम्मानित

    इस अवसर पर उन सभी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने ब्लॉक, जिला, राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर की खेलकूद प्रतियोगिताओं में विद्यालय का प्रतिनिधित्व कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। समारोह में विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार ने खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    प्रधानाचार्य ने खेलों के महत्व पर दिया संदेश

    प्रधानाचार्य अनिल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि खेलकूद न केवल शारीरिक विकास के लिए आवश्यक हैं, बल्कि इससे विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास भी विकसित होता है। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे भविष्य में भी इसी प्रकार खेलकूद प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लें और विद्यालय, क्षेत्र व प्रदेश का नाम रोशन करें। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक रहने तथा नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की भी अपील की।

    खेल और शिक्षा में संतुलन की सीख

    उन्होंने विद्यार्थियों को आगामी फाइनल परीक्षाओं के लिए भी प्रेरित करते हुए कहा कि खेल और शिक्षा दोनों में संतुलन बनाकर कड़ी मेहनत करें ताकि जीवन में सफलता प्राप्त कर सकें। प्रधानाचार्य ने खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके कोच रजनीश ठाकुर तथा विद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्यों को भी बधाई दी, जिन्होंने समय-समय पर विद्यार्थियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया और सहयोग प्रदान किया।

    समारोह में उपस्थित रहे शिक्षक व स्टाफ सदस्य

    इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार के अतिरिक्त प्रवक्ता सुनील संधू, सुरेन्द्र शर्मा, राजीव शर्मा, मदन लाल, मोहन लाल, राज कुमार, राकेश कुमार, पंकज कुमारी, ज्योति डोगरा, कांता देवी, रजनी देवी, रजनी कांता, ज्योति, तेजा ठाकुर, पलवी सहित अन्य स्कूल स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और विद्यालय में खेल गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया।

    खिलाड़ियों ने भविष्य में बेहतर प्रदर्शन का लिया संकल्प

    समारोह के अंत में खिलाड़ियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प लिया।

  • नाहन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी से अल्ट्रासाउंड और डेंटल एक्स-रे सेवाएं प्रभावित

    नाहन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी से अल्ट्रासाउंड और डेंटल एक्स-रे सेवाएं प्रभावित

    नाहन मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं का संकट गहराया, जांच और उपचार सेवाएं प्रभावित होने से मरीज परेशान

    नाहन मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण कई जरूरी जांच सेवाएं प्रभावित बताई जा रही हैं।

    नाहन

    मेडिकल कॉलेज में बुनियादी सेवाओं पर सवाल

    जिला सिरमौर के नाहन स्थित डॉ. वाई.एस. परमार मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिलने के बावजूद यहां बुनियादी जांच और उपचार सेवाएं प्रभावित बताई जा रही हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    अल्ट्रासाउंड और डेंटल एक्स-रे सेवाएं प्रभावित

    जानकारी के अनुसार संस्थान में चिकित्सकों की कमी के कारण अल्ट्रासाउंड सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इसका सबसे अधिक असर गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है, जिन्हें जांच के लिए निजी केंद्रों या अन्य जिलों का रुख करना पड़ रहा है। वहीं डिजिटल एक्स-रे मशीन उपलब्ध होने के बावजूद दंत एक्स-रे सेवाएं भी बाधित हैं।

    विशेषज्ञ डॉक्टरों और उपकरणों की कमी

    बताया जा रहा है कि गंभीर मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक उपकरणों की भी कमी बनी हुई है। ऐसे में क्रिटिकल केस आने पर रेफर करने की नौबत आ जाती है। इससे समय पर उपचार न मिलने की चिंता भी बढ़ रही है।

    प्रिंसिपल ने मानी डॉक्टरों की कमी

    मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल संगीत ढिल्लों ने स्वीकार किया है कि डॉक्टरों की कमी प्रमुख चुनौती है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि विशेषज्ञों की नियुक्ति और रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया आवश्यक है, ताकि सेवाओं में सुधार लाया जा सके।

    जर्जर भवन और आधारभूत ढांचे पर भी सवाल

    करीब आठ दशक पुरानी जर्जर इमारत में संचालित हो रहे इस मेडिकल कॉलेज की आधारभूत संरचना को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज बनने के बाद अपेक्षा थी कि जिला स्तर पर बेहतर और संपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन वर्तमान स्थिति निराशाजनक है। कुछ लोग पुराने जोनल अस्पताल मॉडल को ही अधिक प्रभावी बताते हुए उसकी बहाली की मांग भी उठा रहे हैं।

    एमबीबीएस विद्यार्थियों के प्रशिक्षण पर भी असर की आशंका

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते चिकित्सकों की नियुक्ति, उपकरणों की उपलब्धता और आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका असर न केवल मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं पर बल्कि यहां अध्ययनरत एमबीबीएस विद्यार्थियों के प्रशिक्षण पर भी पड़ सकता है।

    सरकार और विभाग से ठोस कदमों की उम्मीद

    अब देखना होगा कि प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस महत्वपूर्ण संस्थान को पूरी क्षमता से संचालित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।