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All the cities from Himachal Pradesh state

  • सुप्रीम कोर्ट की हिमाचल हाईकोर्ट को नसीहत, चुनी सरकार को काम करने दें

    सुप्रीम कोर्ट की हिमाचल हाईकोर्ट को नसीहत, चुनी सरकार को काम करने दें

    स्थानीय निकाय चुनाव 31 मई 2026 तक कराने की मोहलत, बार-बार हस्तक्षेप पर नाराजगी

    दिल्ली/शिमला :

    सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट को स्पष्ट शब्दों में कहा है कि चुनी हुई सरकार को काम करने दिया जाए और उसके फैसलों में बार-बार दखल उचित नहीं है। सर्वोच्च अदालत ने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह के हस्तक्षेप को गंभीरता से लिया जाएगा।

    मामला हिमाचल प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को राहत देते हुए चुनाव कराने की समय सीमा 31 मई 2026 तक बढ़ा दी। इससे पहले प्रारंभिक कार्यों के लिए 28 फरवरी की समयसीमा तय थी, जिसे अब बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दिया गया है।

    अदालत ने निर्देश दिया कि सीमांकन और आरक्षण सहित सभी औपचारिकताएं 31 मार्च तक पूरी की जाएं और उसके बाद आठ सप्ताह के भीतर चुनाव संपन्न कराए जाएं।


    पीठ में न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची शामिल थे। सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि हाईकोर्ट चुनी हुई सरकार को काम नहीं करने दे रहा है। हालांकि, अदालत ने यह भी दोहराया कि हाई कोर्ट नागरिकों के अधिकारों के संरक्षक हैं, लेकिन उन्हें कार्यपालिका के कार्य में अनावश्यक बाधा नहीं डालनी चाहिए।
    सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस फैसले का समर्थन किया जिसमें सीमांकन लंबित होने के आधार पर चुनाव टालने की राज्य सरकार की मांग खारिज की गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि सीमांकन लंबित होना चुनाव स्थगित करने का पर्याप्त आधार नहीं हो सकता। साथ ही यह भी माना कि कार्यकाल समाप्ति के बाद समय पर चुनाव कराना संवैधानिक दायित्व है।


    प्रदेश में करीब 3,500 ग्राम पंचायतें, 90 पंचायत समितियां, 11 जिला परिषद और 71 शहरी निकायों में इस वर्ष चुनाव प्रस्तावित हैं। अदालत ने साफ किया कि तय समयसीमा के बाद किसी भी प्रकार के और विस्तार के आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।

  • भाजपा विधायक के गढ़ सराहां में सीएम सुक्खू की एंट्री, विकास मांगों पर सियासी परीक्षा

    भाजपा विधायक के गढ़ सराहां में सीएम सुक्खू की एंट्री, विकास मांगों पर सियासी परीक्षा

    पच्छाद में पहली बार दौरा, अस्पताल और सड़क मुद्दे पर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ – नाहन/सराहां

    पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के सराहां में शनिवार को उस समय खास राजनीतिक माहौल देखने को मिलेगा, जब कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पहली बार इस भाजपा विधायक वाले क्षेत्र में कदम रखेंगे। दिलचस्प बात यह है कि क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भाजपा विधायक रीना कश्यप करती हैं और मुख्यमंत्री का यह दौरा अब विकास बनाम राजनीति की कसौटी बनता नजर आ रहा है।

    मुख्यमंत्री के दौरे से पहले ही भाजपा विधायक और मंडल पदाधिकारियों ने अपनी मांगों की सूची सार्वजनिक कर दी है। सबसे प्रमुख मांग सराहां सिविल अस्पताल को 100 बेड का दर्जा देने की है।

    भाजपा का दावा है कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल में अस्पताल को 100 बेड करने तथा डॉक्टरों और स्टाफ के पद सृजित करने की अधिसूचना जारी हुई थी, जिसे कांग्रेस सरकार ने रद्द कर दिया।

    सराहां स्थित सिविल अस्पताल पच्छाद की 34 पंचायतों, श्रीरेणुकाजी और नाहन की पंचायतों सहित हरियाणा से सटे क्षेत्रों के लिए भी स्वास्थ्य केंद्र के रूप में अहम माना जाता है।

    करीब दो लाख की आबादी इस अस्पताल पर निर्भर बताई जाती है, लेकिन लंबे समय से डॉक्टरों की कमी, अल्ट्रासाउंड सुविधा और रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति जैसे मुद्दे लंबित हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह दौरा स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़ी घोषणा की उम्मीदों से जुड़ गया है।

    भाजपा नेताओं ने सराहां-चंडीगढ़ सड़क की मरम्मत और चौड़ीकरण की डीपीआर को स्वीकृति देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई है। साथ ही विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता कार्यालय को दोबारा खोलने की बात भी रखी गई है।

    साफ है कि भाजपा इस दौरे को क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर सरकार को घेरने और वादों की याद दिलाने के अवसर के रूप में देख रही है। हालांकि एक बहुत बड़ी बात यह भी है कि भाजपा में एकमात्र महिला विधायक जो प्रदेश में संगठन की साख बचा रही है यही नहीं जो इस संसदीय क्षेत्र के सांसद हैं वह भी भाजपा से हैं बावजूद इसके भाजपा के दिग्गज अपनी महिला नेत्री को केंद्र से कोई भी योजना इस विधानसभा क्षेत्र के लिए नहीं दिलवा पाए हैं। जबकि इस महिला विधायक के दम पर भाजपा अपने विकास का रोल मॉडल जनता को दिखा सकती थी।

    बात की जाए जिला अध्यक्ष कांग्रेस आनंद परमार की तो मुख्यमंत्री के इस विधानसभा क्षेत्र के आने में जिला अध्यक्ष की अहम भूमिका मानी जा रही है। इसके पीछे इस विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के गढ़ को फिर से मजबूती देना भी माना जा रहा है।

    दूसरी ओर कांग्रेस संगठन और जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री के स्वागत की तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार ने बताया कि मुख्यमंत्री विभिन्न योजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे।

    पार्टी इसे विकासात्मक दौरे के रूप में प्रस्तुत कर रही है।अब सबकी नजर इस बात पर है कि भाजपा विधायक के विधानसभा क्षेत्र में आ रहे मुख्यमंत्री क्या घोषणाएं करते हैं।

    क्या सराहां अस्पताल को 100 बेड का दर्जा बहाल होगा? क्या सड़क चौड़ीकरण और अन्य लंबित मांगों पर मुहर लगेगी? पच्छाद की राजनीति में शनिवार का दिन विकास और सियासी संतुलन दोनों की परीक्षा माना जा रहा है।

  • काला अंब में इनकम टैक्स की बड़ी स्ट्राइक, 4 लेड उद्योगों समेत 2 दर्जन ठिकानों पर रेड

    काला अंब में इनकम टैक्स की बड़ी स्ट्राइक, 4 लेड उद्योगों समेत 2 दर्जन ठिकानों पर रेड

    फर्जी बिलिंग और जीएसटी हेरफेर की आशंका, करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा संभव

    हिमाचल नाऊ न्यूज – काला अंब (सिरमौर)

    औद्योगिक क्षेत्र काला अंब में वीरवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब केंद्रीय आयकर विभाग की टीम ने एक साथ कई औद्योगिक इकाइयों और निजी ठिकानों पर दबिश दी।

    कार्रवाई मुख्य रूप से चार लेड (सीसा) उद्योगों पर केंद्रित बताई जा रही है, जिनमें राधा कृष्णा, रामा कृष्णा और एकता इंटरप्राइजेज जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। शुक्रवार देर रात तक चली कार्रवाई में दो दर्जन से अधिक अधिकारी दस्तावेजों की जांच और डिजिटल रिकॉर्ड खंगालने में जुटे रहे।

    सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में फर्जी बिलिंग के माध्यम से बड़े पैमाने पर लेनदेन में हेरफेर की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि कंपनियों ने कथित तौर पर कागजी फर्मों के जरिए खरीद दर्शाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया और वास्तविक उत्पादन व बिक्री के आंकड़ों में अंतर रखा। जांच एजेंसियां आयकर के साथ-साथ जीएसटी रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही हैं, जिससे करोड़ों रुपये की संभावित टैक्स चोरी का खुलासा हो सकता है।

    जानकारी के मुताबिक टीमों ने केवल फैक्ट्रियों में ही नहीं बल्कि संबंधित उद्योगपतियों के आवासों पर भी एक साथ छापेमारी की। फैक्ट्री परिसरों को अस्थायी रूप से नियंत्रण में लेकर स्टॉक, अकाउंट बुक, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं। कर्मचारियों और प्रबंधन से पूछताछ भी की गई है।

    सूत्र यह भी संकेत दे रहे हैं कि जांच का दायरा लेड उद्योगों तक सीमित नहीं है और एक बायोलॉजिकल कंपनी की संभावित भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। संबंधित कंपनी के स्वामियों के परिसरों में भी दस्तावेजों की जांच जारी है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इनकम टैक्स की टीम से बात करने की कोशिश की गई मगर उन्होंने किसी भी तरह का कोई जवाब नहीं दिया है। यही नहीं फैक्ट्री के मालिकों के मोबाइल भी इनकम टैक्स की टीम के द्वारा अपने कब्जे में लिए गए हैं।

    फिलहाल आयकर विभाग की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन जिस स्तर पर समन्वित कार्रवाई की गई है, उससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में बड़े वित्तीय खुलासे संभव हैं। औद्योगिक क्षेत्र में इस रेड के बाद कारोबारी हलकों में हलचल बनी हुई है और सभी की निगाहें विभाग की आधिकारिक पुष्टि पर टिकी हैं।

  • हिमाचल में जारी रहेगी ओपीएस और सब्सिडी, 1066 पद भरने को कैबिनेट की मंजूरी

    हिमाचल में जारी रहेगी ओपीएस और सब्सिडी, 1066 पद भरने को कैबिनेट की मंजूरी

    आरडीजी बंद होने के बावजूद सुक्खू सरकार ने कर्मचारियों और पात्र परिवारों को दी राहत

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ – शिमला

    राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सुक्खू सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए स्पष्ट कर दिया है कि कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) और पात्र लोगों को दी जा रही सब्सिडी योजनाएं जारी रहेंगी।

    मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई बैठक में वित्त विभाग की प्रस्तुति पर विस्तार से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। सरकार ने दो साल से खाली पड़े पदों को समाप्त करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

    कैबिनेट ने विभिन्न विभागों में 1066 पद भरने को मंजूरी दी है। इनमें शिक्षकों, कनिष्ठ अभियंताओं, स्वास्थ्य और तकनीकी पद शामिल हैं। प्रस्तावित सीबीएसई स्कूलों के लिए 600 पद, 190 कनिष्ठ अभियंता, औषधि प्रयोगशाला में 36 पद और अन्य विभागों में भर्ती को स्वीकृति मिली है।

    मंत्रिमंडल ने स्पष्ट किया कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) बंद होने के बावजूद ओपीएस जारी रहेगी। सरकार ने हिमकेयर, आयुष्मान और एमआईएस जैसी योजनाएं भी जारी रखने का फैसला लिया है।

    स्वास्थ्य क्षेत्र में 1617 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति दी गई है। अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों की खरीद होगी और नाहन मेडिकल कॉलेज में ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग स्थापित किया जाएगा।

    शिक्षा क्षेत्र में 777 अतिरिक्त स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम बनाए जाएंगे। दिव्यांग विवाह अनुदान राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपये तक कर दी गई है।होमगार्ड महिला स्वयंसेवकों को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने का निर्णय भी लिया गया।

    कैबिनेट ने विधानसभा के बजट सत्र को लेकर राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी दी है। बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा।बैठक के बाद उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार अपने संसाधनों से विकास की गति बनाए रखेगी और कर्मचारियों व आम जनता को राहत देने के फैसले पर अडिग है।

  • हिमाचल में अब ई-ऑक्शन से बिकेंगे शराब ठेके, न कैश न खुली बोली

    हिमाचल में अब ई-ऑक्शन से बिकेंगे शराब ठेके, न कैश न खुली बोली

    नई आबकारी नीति 2026-27 को कैबिनेट की मंजूरी, टोल बैरियर के लिए 173 करोड़ बेस प्राइस तय

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ – शिमला

    हिमाचल प्रदेश में अब शराब ठेकों का आवंटन पूरी तरह ई-ऑक्शन प्रणाली से होगा। मंत्रिमंडल ने आबकारी नीति 2026-27 को मंजूरी देते हुए साफ कर दिया है कि न तो कैश चलेगा और न ही खुली बोली लगेगी।

    मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया। अब सभी ठेकों की ई-ऑक्शन एनआईसी पोर्टल के माध्यम से कराई जाएगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

    सरकार ने टोल बैरियर के लिए 173 करोड़ रुपये का बेस प्राइस तय किया है। टोल और आबकारी नीति 2026-27 दोनों को एक साथ मंजूरी दी गई।
    कैबिनेट ने वेंडर पॉलिसी को भी स्वीकृति दी है।

    सरकार का मानना है कि नई ई-ऑक्शन प्रणाली से राजस्व में बढ़ोतरी होगी और अवैध हस्तक्षेप व मनमानी पर रोक लगेगी।
    बैठक के बाद मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्रियों ने कहा कि सरकार राजस्व सुदृढ़ीकरण और पारदर्शिता को प्राथमिकता दे रही है।

    सरकार का अनुमान है कि ई-नीलामी से शराब ठेकों के ठेकों की बिक्री से करीब 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होगा, जो पिछले वर्ष के आंकड़ों से बढ़कर है। इससे पहले टेंडर-आधारित या पारंपरिक आवंटन में छुपे वित्तीय अवसर पूरी तरह उपयोग नहीं हो पा रहे थे। इस कदम को वित्तीय मजबूती और नीति-आधारित निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।

  • पशु मित्र नीति पर बढ़ी आलोचना के बीच सरकार की सफाई, शारीरिक परीक्षा पर दिया स्पष्टीकरण

    पशु मित्र नीति पर बढ़ी आलोचना के बीच सरकार की सफाई, शारीरिक परीक्षा पर दिया स्पष्टीकरण

    पशु मित्र नीति 2025 को लेकर उठ रही आलोचनाओं के बीच सरकार ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शारीरिक परीक्षा केवल कार्यात्मक फिटनेस जांच है और प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है।

    शिमला

    आलोचना के बीच आई आधिकारिक प्रतिक्रिया
    पशुपालन विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि पशु मित्रों की शारीरिक परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया और कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरें भ्रामक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया 14 अगस्त 2025 को अधिसूचित पशु मित्र नीति, 2025 के अनुरूप ही संचालित की जा रही है।

    सामान्य कार्यात्मक फिटनेस की जांच
    प्रवक्ता के अनुसार यह परीक्षा केवल यह सुनिश्चित करने के लिए है कि चयनित अभ्यर्थी पशु चिकित्सा संस्थानों और पशुपालन फार्मों में अपने दायित्व सुरक्षित रूप से निभा सकें। इसमें पशुओं को संभालना, लगभग 25 किलोग्राम वजन की बीमार भेड़ या बकरी को उठाना तथा चारे की बोरियां ले जाना जैसे कार्य शामिल हैं।

    भेदभाव का उद्देश्य नहीं
    उन्होंने कहा कि यह कोई सहनशक्ति प्रतियोगिता नहीं है और न ही किसी अभ्यर्थी, विशेषकर महिलाओं, के साथ भेदभाव का उद्देश्य रखती है। परीक्षा सभी अभ्यर्थियों पर समान रूप से लागू है और इसका एकमात्र उद्देश्य पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

    मानदेय और कार्य की प्रकृति
    प्रवक्ता ने बताया कि 5,000 रुपये प्रतिमाह का मानदेय चार घंटे प्रतिदिन के अंशकालिक बहुउद्देशीय कार्यों के लिए निर्धारित है। हालांकि कार्य अंशकालिक है, लेकिन पशुपालन से जुड़े कार्यों में शारीरिक श्रम शामिल होने के कारण न्यूनतम शारीरिक क्षमता आवश्यक है।

    पारदर्शी प्रक्रिया और वीडियो रिकॉर्डिंग
    शारीरिक परीक्षा उप-मंडलाधिकारी (सिविल) की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा कराई जा रही है तथा इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा रही है। अभ्यर्थी निर्धारित वजन को किसी भी सुविधाजनक तरीके से उठा सकते हैं, सिर पर उठाना अनिवार्य नहीं है।

    315 अभ्यर्थी हो चुके शामिल
    अब तक 315 अभ्यर्थी परीक्षा में भाग ले चुके हैं और किसी प्रकार की चोट की सूचना नहीं मिली है। विभाग ने कहा कि वह सभी अभ्यर्थियों के साथ न्याय, सुरक्षा और सम्मान के प्रति प्रतिबद्ध है।

  • सिरमौर पुलिस की दोहरी कार्रवाई , पांवटा में स्मैक और भुक्की बरामद

    सिरमौर पुलिस की दोहरी कार्रवाई , पांवटा में स्मैक और भुक्की बरामद

    सिरमौर पुलिस ने नशा माफिया के खिलाफ अभियान चलाते हुए पांवटा साहिब में दो अलग-अलग मामलों में स्मैक और भुक्की बरामद की है। पुलिस ने दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पांवटा साहिब/जिला सिरमौर

    बस स्टैंड के पास स्मैक के साथ युवक काबू
    पुलिस थाना पांवटा साहिब की टीम गश्त व गुप्त सूचनाएं एकत्र कर रही थी। इस दौरान मिली सूचना के आधार पर जल शक्ति विभाग कार्यालय के सामने गली में खड़े एक व्यक्ति की तलाशी ली गई। पुलिस ने आरोपी नितेश चौहान पुत्र चतर सिंह निवासी बनौर जिला सिरमौर के कब्जे से 3.43 ग्राम स्मैक/हेरोइन बरामद की। इस संबंध में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगामी अन्वेषण शुरू कर दिया गया है।

    एसआईयू टीम ने ट्रक से भुक्की की खेप पकड़ी
    दूसरे मामले में एसआईयू नाहन की टीम को सूचना मिली कि एक व्यक्ति ट्रक नंबर HP71-4471 में हरियाणा के जगाधरी क्षेत्र से भुक्की की खेप लेकर पांवटा साहिब की ओर आ रहा है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ट्रक को रोका और तलाशी के दौरान आरोपी बिंदर कुमार पुत्र जगत राम निवासी गांव निहालगढ़, तहसील पांवटा साहिब के कब्जे से 3 किलो 14 ग्राम भुक्की/पॉपी हस्क बरामद की।

    गिरोह तक पहुंचने की कोशिश
    पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और माननीय अदालत से पुलिस हिरासत रिमांड प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और किन-किन क्षेत्रों में सप्लाई किया जाना था, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

  • सिरमौर में अवैध शराब पर पुलिस की कार्रवाई, तीन थानों में मामले दर्ज

    सिरमौर में अवैध शराब पर पुलिस की कार्रवाई, तीन थानों में मामले दर्ज

    जिला सिरमौर में पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अवैध शराब बरामद की है। तीन मामलों में आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी गई है।

    सिरमौर

    नाहन में 24 बोतल देशी शराब बरामद
    पुलिस थाना नाहन की टीम ने गश्त के दौरान गुप्त सूचना के आधार पर कुंदन का बाग/ढाबों मोहल्ला नाहन में एक व्यक्ति की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 24 बोतलें देशी शराब बरामद हुईं। आरोपी की पहचान सोनू पुत्र श्याम बाबू निवासी गांव दौराये, जिला औरैया (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस थाना नाहन में आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर अन्वेषण जारी है।

    पुरुवाला में 5 लीटर अवैध शराब जब्त
    पुलिस थाना पुरुवाला की टीम ने खोड़ोंवाला, सिंघपुरा, मानपुर देवड़ा क्षेत्र की ओर गश्त के दौरान गुप्त सूचना पर एक व्यक्ति की तलाशी ली। तलाशी में उसके कब्जे से 5 लीटर अवैध शराब बरामद हुई। आरोपी की पहचान गोरख सिंह पुत्र भागा राम निवासी गांव सिंघपुरा, डाकघर भगाणी, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर के रूप में हुई है। इस संबंध में पुलिस थाना पुरुवाला में आबकारी अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज कर जांच जारी है।

    माजरा क्षेत्र में 10 लीटर अवैध शराब के साथ युवक पकड़ा
    पुलिस थाना माजरा की टीम गश्त के दौरान मिश्रवाला क्षेत्र में मौजूद थी, तभी एक युवक मोटरसाइकिल पर गांव पुरुवाला कांशिपुर की ओर आया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 10 लीटर अवैध शराब बरामद हुई। आरोपी की पहचान सुनील कुमार पुत्र मोहन लाल निवासी गांव अजीवाला, डाकघर जामनीवाला, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर के रूप में हुई है। पुलिस थाना माजरा में आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर अन्वेषण किया जा रहा है।

    अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी
    पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • दूरदर्शन की वरिष्ठ समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी का निधन , सीएम सुक्खू ने जताया शोक

    दूरदर्शन की वरिष्ठ समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी का निधन , सीएम सुक्खू ने जताया शोक

    दूरदर्शन की लोकप्रिय और विश्वसनीय समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी का 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से मीडिया जगत और दर्शकों में गहरा शोक व्याप्त है।

    शिमला

    दूरदर्शन का प्रतिष्ठित चेहरा नहीं रहा
    दूरदर्शन का जाना-पहचाना चेहरा और देश की चर्चित न्यूज रीडर सरला माहेश्वरी ने गुरुवार को अंतिम सांस ली। परिवार के अनुसार उनका अंतिम संस्कार 12 फरवरी 2026 की शाम दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया जाएगा। उनके निधन की सूचना दूरदर्शन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

    ओजस्वी वाणी और सधी प्रस्तुति से बनाई पहचान
    सरला माहेश्वरी 1980 और 1990 के दशक में दूरदर्शन की सबसे लोकप्रिय समाचार वाचिकाओं में शुमार रहीं। अपनी सधी हुई आवाज, सटीक उच्चारण और गरिमापूर्ण प्रस्तुति के कारण उन्होंने दर्शकों के मन में गहरा विश्वास स्थापित किया। वे लंबे समय तक समाचार जगत का भरोसेमंद चेहरा मानी जाती रहीं।

    करियर की उल्लेखनीय यात्रा
    उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी। दूरदर्शन में ऑडिशन के बाद उन्होंने बतौर अनाउंसर अपने करियर की शुरुआत की और बाद में न्यूज रीडिंग में विशिष्ट पहचान बनाई। वर्ष 2005 तक वे दूरदर्शन में सक्रिय रहीं और कई विशेष प्रसारणों के माध्यम से अपनी अलग छाप छोड़ी।

    दूरदर्शन और महिला कांग्रेस ने जताया शोक
    दूरदर्शन ने श्रद्धांजलि संदेश में कहा कि सरला माहेश्वरी ने अपनी सौम्य आवाज और संयमित व्यक्तित्व से भारतीय समाचार वाचन को गरिमा प्रदान की। ऑल इंडिया महिला कांग्रेस ने भी उन्हें याद करते हुए कहा कि उनका निधन टीवी पत्रकारिता के एक स्वर्णिम अध्याय का समापन है।

    मुख्यमंत्री ने व्यक्त की संवेदना
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपने शोक संदेश में कहा, “दूरदर्शन की सुप्रसिद्ध न्यूज रीडर सरला माहेश्वरी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उन्होंने अपनी ओजस्वी वाणी, शालीन व्यक्तित्व और अटूट विश्वसनीयता से समाचार वाचन को जनविश्वास का माध्यम बनाया। इस दुःख की घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएँ उनके परिवारजन और शुभचिंतकों के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजन को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।”

    सोशल मीडिया पर उमड़ी श्रद्धांजलियां
    उनके निधन की खबर से सोशल मीडिया पर भी भावनात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। अनेक लोगों ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को भारतीय समाचार जगत की अमूल्य विरासत बताया।

  • JOBS / इंद्र ऑटो इंडस्ट्रिज़ में भरे जाएंगे 22 पद, 16 फरवरी को ऊना में होगा साक्षात्कार

    JOBS / इंद्र ऑटो इंडस्ट्रिज़ में भरे जाएंगे 22 पद, 16 फरवरी को ऊना में होगा साक्षात्कार

    इंद्र ऑटो इंडस्ट्रिज़ द्वारा विभिन्न श्रेणियों में 22 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। साक्षात्कार 16 फरवरी को जिला रोजगार कार्यालय ऊना में आयोजित होगा।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    16 फरवरी को होगा साक्षात्कार

    इंद्र ऑटो इंडस्ट्रिज़ नया नंगल द्वारा विभिन्न श्रेणियों में 22 पद भरे जाएंगे। इसके लिए साक्षात्कार 16 फरवरी को सुबह 10.30 बजे जिला रोजगार अधिकारी कार्यालय ऊना में आयोजन किया जा रहा है। इनमें वेल्डर के 5 पद, टर्नर के 3 पद, फिटर के 5, पेंटर के 2, डेंटर के 2 और हेल्पर के 5 पद शामिल है।

    शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा

    जिला रोजगार अधिकारी ऊना अक्षय शर्मा ने बताया कि इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता वेल्डर, टर्नर और फिटर फील्ड में आईटीआई होना अनिवार्य है। साथ ही, आयु सीमा 20 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है।

    आवश्यक दस्तावेज और संपर्क विवरण

    अक्षय शर्मा ने बताया कि योग्य व इच्छुक अभ्यर्थी अपने योग्यता प्रमाण पत्र, जन्म तिथि, रोजगार कार्यालय पंजीकरण कार्ड, आधार कार्ड, दो पासपोर्ट आकार की फोटो, मूल प्रमाण पत्र एवं बायोडाटा की कॉपी सहित साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए 92161-20832, 92160-20832 पर सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी को साक्षात्कार में आने जाने का यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।