CBSE / हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद सीबीएसई अंग्रेजी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया बहाल
CBSE : हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में सीबीएसई अंग्रेजी शिक्षकों की नियुक्तियों से संबंधित पूर्व रोक आदेश वापस ले लिया है। विभाग ने चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं।
शिमला
शिक्षा विभाग ने जारी किए नए आदेश
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा निदेशालय ने हाईकोर्ट के 17 जून के आदेशों के अनुपालन में 15 जून को जारी नियुक्ति रोक संबंधी आदेश वापस ले लिए हैं। विभाग की ओर से जारी नए निर्देशों में कहा गया है कि संबंधित भर्ती प्रक्रिया के तहत जारी नियुक्ति आदेश प्रभावी रहेंगे और चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों को न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है ताकि भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
हाईकोर्ट के आदेशों के अधीन रहेंगी नियुक्तियां
विभाग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया के तहत की जाने वाली सभी नियुक्तियां हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय और आगे जारी होने वाले निर्देशों के अधीन रहेंगी। यदि दस्तावेजों के सत्यापन या पात्रता की पुनः जांच के दौरान किसी अभ्यर्थी की योग्यता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है, तो उसकी नियुक्ति निरस्त की जा सकती है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियुक्ति या कार्यभार ग्रहण करने मात्र से किसी अभ्यर्थी को स्थायी अधिकार प्राप्त नहीं होगा।
305 पदों की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है मामला
यह मामला सीबीएसई स्कूलों में अंग्रेजी शिक्षकों के 305 पदों पर की जा रही भर्ती से संबंधित है। भर्ती विज्ञापन में अंग्रेजी शिक्षक पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के रूप में 50 प्रतिशत अंकों के साथ एमए इंग्लिश, स्नातक तथा बीएड में अंग्रेजी विषय की अनिवार्यता निर्धारित की गई थी। इसी आधार पर आवेदन आमंत्रित किए गए थे और आगे चयन प्रक्रिया संचालित की गई थी।
पात्रता संबंधी स्पष्टीकरण को दी गई थी चुनौती
भर्ती प्रक्रिया के दौरान सरकार की ओर से एक स्पष्टीकरण जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि जिन अभ्यर्थियों ने स्नातक स्तर पर तीन वर्षों तक अंग्रेजी विषय का अध्ययन किया है, उन्हें भी पात्र माना जा सकता है। इस स्पष्टीकरण को कुछ अभ्यर्थियों द्वारा न्यायालय में चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने और अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद पात्रता संबंधी शर्तों में बदलाव नहीं किया जा सकता।
योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के निर्देश
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने न्यायालय को बताया था कि नियमों के अनुरूप संशोधित मेरिट सूची जारी करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। इसके बाद हाईकोर्ट ने सरकार को पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया निर्धारित समयावधि के भीतर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। न्यायालय के निर्देशों के बाद विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
उपनिदेशकों और प्रधानाचार्यों को दिए निर्देश
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों (प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा) तथा संबंधित विद्यालय प्रधानाचार्यों को आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को चयनित अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी कराने, दस्तावेजों का सत्यापन करने तथा भर्ती से संबंधित सभी रिकॉर्ड निर्धारित नियमों के अनुसार संधारित करने को कहा गया है। विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि पात्रता और दस्तावेजों की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी जटिलता उत्पन्न न हो।