CCTNS Ranking / हिमाचल पुलिस की CCTNS रैंकिंग जारी, सिरमौर का माजरा थाना और शिमला जिला रहे शीर्ष स्थान पर
CCTNS Rankings : हिमाचल प्रदेश पुलिस ने वर्ष 2026 की पहली तिमाही के लिए अपराध एवं आपराधिक नेटवर्क ट्रैकिंग एंड सिस्टम (CCTNS ) रैंकिंग जारी की है, जिसमें सिरमौर जिले का माजरा थाना अपने वर्ग में प्रदेशभर में पहले स्थान पर रहा है। जिला स्तर की रैंकिंग में शिमला जिला 41.15 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर रहा, जबकि विभिन्न श्रेणियों में कई पुलिस थानों ने डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन, आईआईएफ प्रविष्टियों और आईसीजेएस सर्च प्रदर्शन के आधार पर बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया है।
शिमला
CCTNS Ranking में माजरा थाना पहले स्थान पर
हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा पहली जनवरी से 31 मार्च 2026 तक की पहली तिमाही की अपराध एवं आपराधिक नेटवर्क ट्रैकिंग एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) रैंकिंग जारी की गई है। यह मूल्यांकन राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी) द्वारा पुलिस स्टेशनों में दर्ज इंटीग्रेटेड इन्वेस्टिगेशन फॉर्म (आईआईएफ) प्रविष्टियों, आईसीजेएस सर्च प्रदर्शन और अन्य डिजिटल कार्यप्रणाली से जुड़े मानकों के आधार पर तैयार किया गया है। पुलिस विभाग के अनुसार इस रैंकिंग का उद्देश्य पुलिस स्टेशनों में डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन और ऑनलाइन सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन करना है।50 एफआईआर से अधिक मामलों वाले पुलिस थानों की पहली श्रेणी में सिरमौर जिले का माजरा थाना 38.98 अंकों के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। मंडी जिले का सदर थाना 38.09 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि बिलासपुर जिले के सदर थाना ने 38 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान हासिल किया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इन पुलिस थानों ने डिजिटल डाटा अपडेट, रिकॉर्ड प्रबंधन और ऑनलाइन प्रविष्टियों में बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया है।
दूसरी और तीसरी श्रेणी में कई थानों का बेहतर प्रदर्शन
50 से 25 एफआईआर वाले पुलिस थानों की दूसरी श्रेणी में शिमला जिले का छोटा शिमला थाना 39.90 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा। बिलासपुर जिले का बरमाणा थाना 38.30 अंकों के साथ दूसरे और शिमला जिले का रामपुर थाना 38.29 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर दर्ज किया गया। इस श्रेणी में डिजिटल रिकॉर्ड की समय पर एंट्री, ऑनलाइन रिपोर्टिंग और आईसीजेएस सर्च प्रदर्शन को प्रमुख मानक माना गया।25 एफआईआर तक वाले पुलिस थानों की तीसरी श्रेणी में किन्नौर जिले का रिकांगपिओ थाना 39.50 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा। शिमला जिले का चिड़गांव थाना 38.80 अंकों के साथ दूसरे और कुल्लू जिले का बंजार थाना 38.26 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। पुलिस विभाग के अनुसार छोटे थानों में भी डिजिटल प्रणाली के बेहतर उपयोग और रिकॉर्ड अपडेट की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जिला स्तर पर शिमला जिला शीर्ष पर
जिला-वार रैंकिंग में शिमला जिला 41.15 अंकों के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। नूरपुर पुलिस जिला 41.12 अंकों के साथ दूसरे और किन्नौर जिला 40.25 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर दर्ज किया गया। इसके बाद बिलासपुर, लाहौल-स्पीति, देहरा, बद्दी, सिरमौर, सोलन, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, ऊना और मंडी जिलों का स्थान रहा। इस सूची में हमीरपुर जिला अंतिम स्थान पर दर्ज किया गया है।महिला पुलिस थानों की रैंकिंग में मंडी महिला थाना 35.98 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा। कुल्लू महिला थाना दूसरे और सिरमौर जिले का नाहन महिला थाना तीसरे स्थान पर रहा। विभाग ने महिला पुलिस थानों में भी डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन शिकायत प्रबंधन को लेकर विशेष निगरानी रखने की बात कही है।
आईसीजेएस सर्च प्रदर्शन में नूरपुर थाना आगे
आईसीजेएस सर्च प्रदर्शन में पुलिस जिला नूरपुर का नूरपुर थाना प्रदेश में सबसे आगे रहा, जहां 30.97 लाख से अधिक सर्च दर्ज किए गए। इसके बाद पुलिस जिला देहरा का ज्वालाजी थाना दूसरे और नूरपुर पुलिस जिला का इंदौरा थाना तीसरे स्थान पर रहा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार आईसीजेएस सर्च प्रणाली के माध्यम से विभिन्न राज्यों और एजेंसियों के बीच आपराधिक रिकॉर्ड की ऑनलाइन जांच और समन्वय को मजबूत किया जा रहा है।
राज्य स्तर पर डिजिटल पुलिसिंग को लेकर निर्देश जारी
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि सीसीटीएनएस प्रगति के मामले में हिमाचल प्रदेश का प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर और पहाड़ी राज्यों की श्रेणी में बेहतर हुआ है। मुख्यालय ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को नागरिक पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।इसके अलावा ऑनलाइन सत्यापन, डाटा एंट्री, चोरी के वाहनों से संबंधित जानकारी, आरोपियों और गुमशुदा व्यक्तियों की फोटो अपलोड करने सहित डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट का कार्य शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस विभाग का कहना है कि डिजिटल पुलिसिंग व्यवस्था को मजबूत करने से जांच प्रक्रिया और नागरिक सेवाओं में पारदर्शिता तथा कार्यक्षमता बढ़ेगी।