Fire / सोलन के कसौली क्षेत्र में जंगलों में आग, वायुसेना और प्रशासन की टीमें नियंत्रण कार्य में जुटीं
Fire : कसौली और आसपास के वन क्षेत्रों में आग लगने के बाद वन विभाग, प्रशासन, सेना और वायुसेना की संयुक्त टीमें आग नियंत्रण कार्य में लगी हुई हैं। ओल्ड कसौली-परमाणु रोड सहित कई क्षेत्रों में चीड़ के जंगल प्रभावित हुए हैं, जहां वायुसेना हेलीकॉप्टर के माध्यम से पानी का छिड़काव कर रही है।
सोलन
कसौली क्षेत्र के कई जंगलों में आग फैलने की सूचना
सोलन जिले के कसौली और आसपास के क्षेत्रों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार ओल्ड कसौली–परमाणु रोड, जांगेशू, मनौण, सनावर और गांगुडी सहित कई क्षेत्रों के चीड़ के जंगल आग से प्रभावित हुए हैं। आग फैलने के बाद संबंधित विभागों ने नियंत्रण कार्य शुरू कर दिया है।स्थानीय प्रशासन के अनुसार आग लगने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में धुएं का प्रभाव देखा गया, जिसके चलते वन विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की तीव्रता को देखते हुए सेना और वायुसेना की सहायता भी ली गई है ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
वायुसेना हेलीकॉप्टर से किया जा रहा पानी का छिड़काव
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार वायुसेना द्वारा ‘बांबी बकेट ऑपरेशन’ के तहत हेलीकॉप्टर के माध्यम से जंगलों में पानी का छिड़काव किया जा रहा है। वन विभाग की टीमें जमीन स्तर पर आग को फैलने से रोकने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। विभिन्न क्षेत्रों में फायर लाइन तैयार करने और संवेदनशील हिस्सों की निगरानी का कार्य भी जारी है।अधिकारियों ने बताया कि गर्म मौसम और सूखी चीड़ की पत्तियों के कारण जंगलों में आग तेजी से फैलने की संभावना रहती है। अप्रैल से जून के मध्य वन क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं अधिक दर्ज होती हैं, जिसके चलते विभागीय निगरानी भी बढ़ाई जाती है।
वन्यजीव प्रभावित होने की आशंका
वन विभाग के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न वन्यजीव और पक्षियों की प्रजातियां निवास करती हैं। इन जंगलों में तेंदुआ, हिरण, जंगली सूअर, बंदर, लंगूर, मोर और अन्य पक्षियों की मौजूदगी रहती है। विभाग ने बताया कि आग नियंत्रण के साथ-साथ वन्यजीव सुरक्षा पर भी निगरानी रखी जा रही है।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जंगलों के आसपास किसी भी प्रकार की ज्वलनशील सामग्री का उपयोग न करें और आग लगने की किसी भी सूचना को तुरंत संबंधित विभाग तक पहुंचाएं। अधिकारियों के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।