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Census 2026 / सोलन में स्व गणना विकल्प का शुभारम्भ, 15 जून तक ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे जानकारी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 6 Hours Ago • 1 Min Read

Census 2026 : सोलन जिला प्रशासन ने जनगणना 2026 के तहत स्व गणना विकल्प की शुरुआत की है, जिसके माध्यम से नागरिक 15 जून तक ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने लोगों से इस सुविधा का उपयोग कर सही जानकारी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।

सोलन

स्व गणना विकल्प का शुभारम्भ

उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने जनगणना 2026 के अंतर्गत स्व गणना (Self Enumeration) विकल्प का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर प्रक्रिया की शुरुआत की। उपायुक्त ने कहा कि जनगणना निदेशालय द्वारा उपलब्ध कराई गई यह सुविधा नागरिकों को अपनी और अपने परिवार की जानकारी सीधे डिजिटल माध्यम से दर्ज करने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने जिला के सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस सुविधा का उपयोग करते हुए जनगणना अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाएं।

15 जून तक उपलब्ध रहेगी सुविधा

उपायुक्त ने बताया कि नागरिक 1 जून से 15 जून, 2026 तक स्व गणना पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इस पोर्टल पर परिवार के सभी सदस्यों से संबंधित आवश्यक विवरण दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि के भीतर जानकारी दर्ज करने से आगामी सर्वेक्षण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और सुगम बनाया जा सकेगा। प्रशासन ने नागरिकों से समय रहते पोर्टल का उपयोग करने की अपील की है।

स्व गणना के बाद मिलेगा आईडी नंबर

मनमोहन शर्मा ने बताया कि ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने के उपरांत प्रत्येक परिवार को 11 अंकों का स्व गणना आईडी नंबर प्रदान किया जाएगा। यह आईडी नंबर जनगणना प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। नागरिकों को यह नंबर सुरक्षित रखना होगा तथा घर-घर सर्वेक्षण के दौरान संबंधित जनगणना कर्मियों को उपलब्ध करवाना होगा। इस आईडी के माध्यम से पहले से दर्ज की गई जानकारी को सत्यापित करने में सहायता मिलेगी।

16 जून से शुरू होगा फील्ड सर्वेक्षण

उपायुक्त ने बताया कि जनगणना कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर सर्वेक्षण का कार्य 16 जून, 2026 से 15 जुलाई, 2026 तक किया जाएगा। स्व गणना पोर्टल पर दर्ज जानकारी संबंधित जनगणना कर्मियों के मोबाइल एप पर उपलब्ध होगी। इससे नागरिकों द्वारा पहले से दर्ज किए गए विवरण का सत्यापन किया जा सकेगा और दोबारा जानकारी भरने की आवश्यकता कम होगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली के माध्यम से आंकड़ों की गुणवत्ता और प्रक्रिया की दक्षता में भी सुधार होगा।

डिजिटल मोड में हो रही है जनगणना

उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में संचालित की जा रही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से डेटा संग्रहण, सत्यापन और संकलन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया गया है। उपायुक्त ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे स्व गणना विकल्प का उपयोग करें तथा जनगणना कर्मियों को भी सही, अद्यतन और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध करवाएं ताकि आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित की जा सके।

नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण होंगे आंकड़े

मनमोहन शर्मा ने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश, प्रदेश और जिला स्तर पर विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा विभिन्न सरकारी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, परिवहन और अन्य सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित योजनाओं के लिए जनगणना के आंकड़े आधार के रूप में उपयोग किए जाते हैं। उन्होंने नागरिकों से निर्धारित अवधि के भीतर अपनी जानकारी दर्ज करने और जनगणना प्रक्रिया में सहयोग करने का आग्रह किया।

अधिकारियों ने भी दर्ज की जानकारी

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सोलन राहुल जैन, सहायक आयुक्त नीरजा शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने भी स्व गणना विकल्प के माध्यम से ऑनलाइन जानकारी प्रस्तुत की। प्रशासन ने बताया कि जनगणना 2026 के सफल संचालन के लिए विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं तथा नागरिकों को डिजिटल माध्यम से अधिकाधिक जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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