NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में हैंडरिटन प्रश्नपत्र सामने आया, CBI जांच में कई खुलासे
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच के दौरान सीबीआई को हैंडरिटन केमिस्ट्री प्रश्नपत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। जांच एजेंसियों के अनुसार बरामद दस्तावेजों में मौजूद कई सवाल परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मेल खाते पाए गए हैं, जबकि मामले में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
नई दिल्ली
सीबीआई जांच में सामने आया हैंडरिटन प्रश्नपत्र
NEET UG 2026 परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को जांच के दौरान एक हैंडरिटन केमिस्ट्री प्रश्नपत्र मिला है। जांच एजेंसियों के अनुसार यह दस्तावेज उस पीडीएफ से जुड़ा हुआ माना जा रहा है, जिसे परीक्षा से पहले प्रसारित किए जाने की आशंका है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इसमें शामिल कई प्रश्न वास्तविक परीक्षा में पूछे गए सवालों से मेल खाते हैं। एजेंसियां दस्तावेजों की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच भी कर रही हैं।
लातूर से कोचिंग संचालक गिरफ्तार
मामले में सीबीआई ने महाराष्ट्र के लातूर से RCC रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी के मोबाइल फोन से NEET परीक्षा से संबंधित प्रश्नपत्र और अन्य डिजिटल सामग्री बरामद की गई है। बताया गया कि आरोपी विभिन्न जिलों में RCC नाम से कोचिंग नेटवर्क संचालित करता है। जांच एजेंसियों के अनुसार मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है।
हाथ से लिखकर भेजे गए थे प्रश्न
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस बार प्रश्नपत्र को सीधे फोटो के रूप में साझा करने के बजाय पहले हाथ से लिखकर भेजा गया था। एजेंसियों का मानना है कि ऐसा तरीका डिजिटल सबूतों को सीमित करने और पहचान छिपाने के उद्देश्य से अपनाया गया हो सकता है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि प्रश्नों को किन माध्यमों से आगे साझा किया गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र मिलने की बात आई सामने
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और उनके उत्तर उपलब्ध हो गए थे। पूछताछ के दौरान कुछ अन्य व्यक्तियों और संस्थानों के नाम भी सामने आए हैं। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रश्नपत्र तक पहुंच किस स्तर से बनाई गई और इसमें किन अधिकारियों या अन्य लोगों की भूमिका हो सकती है। हालांकि जांच एजेंसियों की ओर से सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
विभिन्न पहलुओं की जांच जारी
सीबीआई मामले से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां परीक्षा संचालन प्रक्रिया, प्रश्नपत्र सुरक्षा प्रणाली और संबंधित व्यक्तियों के बीच संपर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
