केवीके के ‘खेत बचाओ अभियान’ में 51 शिविरों के माध्यम से 6,000 किसानों को किया गया जागरूक
कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) चंबा द्वारा एक जून से 30 जून 2026 तक चलाए गए राष्ट्रव्यापी “खेत बचाओ अभियान” का समापन किया गया। अभियान के दौरान जिलेभर में 51 जागरूकता शिविर आयोजित कर लगभग 6,000 किसानों एवं अन्य हितधारकों को मृदा संरक्षण, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन तथा टिकाऊ कृषि तकनीकों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।
चंबा
एक माह तक चला जागरूकता अभियान
कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), चंबा द्वारा कृषि विभाग, आत्मा (ATMA) तथा अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से 1 जून से 30 जून, 2026 तक राष्ट्रव्यापी “खेत बचाओ अभियान” संचालित किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. धर्मिंदर कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान केवीके के वैज्ञानिकों तथा कृषि विभाग, आत्मा एवं अन्य विभागों के अधिकारियों की दो संयुक्त टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर किसानों के बीच जागरूकता गतिविधियां संचालित कीं।
51 शिविरों के माध्यम से 6,000 किसानों तक पहुंच
अभियान के अंतर्गत जिलेभर में 51 जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से लगभग 6,000 किसानों एवं अन्य हितधारकों तक पहुंच बनाई गई। शिविरों में किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के संतुलित उपयोग, मृदा परीक्षण, समेकित कीट प्रबंधन (आईपीएम), जैविक एवं प्राकृतिक कृषि आदानों के उपयोग सहित वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया।
मृदा संरक्षण और टिकाऊ खेती पर दिया गया विशेष बल
डॉ. धर्मिंदर कुमार ने बताया कि अभियान “मिट्टी बचाओ, खेती बचाओ, किसान बचाओ” विषय पर आधारित था। इसका उद्देश्य किसानों को स्वस्थ मिट्टी के महत्व से अवगत कराना तथा पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना था। अभियान के दौरान आयोजित किसान संवाद, तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को यह जानकारी दी गई कि संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा वैज्ञानिक खेती की तकनीकों को अपनाकर कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ भूमि की उर्वरता को भी दीर्घकाल तक बनाए रखा जा सकता है।
