30 अप्रैल से खुलेगा आस्था का द्वार, जानें कपाट खुलने की खास तिथियां और आयोजन
चारधाम यात्रा, जो कि उत्तराखंड की प्रमुख धार्मिक यात्रा है, इस बार 30 अप्रैल 2025 से शुरू होने जा रही है। अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही इस यात्रा का शुभारंभ होगा।
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि का ऐलान
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि 2 फरवरी को नरेंद्रनगर राजदरबार में घोषित की जाएगी।
- सुबह 10:30 बजे से धार्मिक अनुष्ठान और पंचांग गणना के साथ कार्यक्रम शुरू होगा।
- विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कपाट खुलने की तिथि घोषित की जाएगी।
- इसी दिन तेल कलश गाडू घड़ा यात्रा की तिथि भी तय की जाएगी।
तेल कलश की तैयारी:
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- 30 जनवरी को बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) द्वारा तेल कलश श्रीनृसिंह मंदिर, ज्योतिर्मठ में डिमरी पंचायत को सौंपा जाएगा।
- इसके बाद यह कलश 2 फरवरी को राजमहल के सुपुर्द किया जाएगा।
- तय तिथि पर राजमहल में तिलों का तेल पिरोया जाएगा और इसे बदरीनाथ धाम भेजा जाएगा।
केदारनाथ धाम: महाशिवरात्रि पर होगी कपाट खुलने की घोषणा
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि 26 फरवरी, महाशिवरात्रि के दिन तय होगी।
- ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में पंचांग गणना के बाद रावल और धर्माधिकारी वेदपाठी द्वारा निर्णय लिया जाएगा।
- इस अवसर पर धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन किया जाएगा।
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम: अक्षय तृतीया पर कपाट खुलेंगे
चारधाम यात्रा की शुरुआत गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने से होगी।
- गंगोत्री मंदिर समिति हिंदू नववर्ष पर कपाट खुलने का समय घोषित करेगी।
- यमुनोत्री मंदिर समिति यमुना जयंती पर कपाट खुलने और देवडोलियों के धाम पहुंचने की जानकारी देगी।
मद्महेश्वर और तुंगनाथ: वैशाखी पर होगी तिथि की घोषणा
- द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि वैशाखी के दिन तय की जाएगी।
- इन धामों में भी पारंपरिक अनुष्ठानों के तहत यात्रा की शुरुआत होगी।
विशेष आयोजन और प्रमुख अतिथि
2 फरवरी को नरेंद्रनगर राजदरबार में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में कई प्रमुख अतिथि मौजूद रहेंगे:
- महाराजा मनुजयेंद्र शाह
- सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह
- राजकुमारी शिरजा शाह
- राजपुरोहित कृष्ण प्रसाद उनियाल
- बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल
चारधाम यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह उत्तराखंड की संस्कृति और परंपरा को भी दर्शाती है। इस वर्ष यात्रा के शुभारंभ के साथ ही लाखों श्रद्धालु इन धामों में दर्शन के लिए जुटेंगे।
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