नशा विरोधी नारा लेखन प्रतियोगिता में कुसुम प्रथम, अभिषेक दूसरे और तानिया तीसरे स्थान पर
राजकीय महाविद्यालय चौकीमन्यार में आयोजित ‘नशे को कहें ना’ विषयक नारा लेखन प्रतियोगिता में कुसुम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। अभिषेक दूसरे और तानिया तीसरे स्थान पर रहे। रोड सेफ्टी क्लब और राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयुक्त तत्वावधान में हुई प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
उप तहसील जोल और ग्राम पंचायत चौकीमन्यार के अंतर्गत आने वाले महाविद्यालय में विद्यार्थियों ने आकर्षक एवं प्रेरक नारों के माध्यम से नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के जरिए समाज को नशामुक्त बनाने की अपील की। प्रतियोगिता में कुसुम ने पहला, अभिषेक ने दूसरा और तानिया ने तीसरा स्थान हासिल करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
नशे से दूर रहने का किया आह्वान
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बलविंदर सिंह राना ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नशा युवा पीढ़ी के सामने गंभीर चुनौती बन रहा है और इसका असर स्वास्थ्य के साथ शिक्षा, परिवार तथा भविष्य पर भी पड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने और परिवार, मित्रों एवं समाज के अन्य लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने जागरूकता और सामूहिक प्रयासों को नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जरूरी बताया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के इको क्लब, ऊर्जा क्लब, रेड रिबन क्लब, आपदा प्रबंधन क्लब और रेड क्रॉस क्लब के सदस्यों ने भी भाग लिया। क्लब सदस्यों ने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के साथ स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इस अवसर पर प्रो. कविता कौशल, डॉ. रामकुमार नेगी, डॉ. सगुन डोगरा और प्रो. नवीन शर्मा सहित महाविद्यालय का कार्यालय स्टाफ उपस्थित रहा।