हिमाचल में खिलाड़ियों से लेकर कोच-रेफरी तक को मिलेगा प्रोत्साहन, टीम इवेंट जीतने पर 5 लाख और अंतरराष्ट्रीय कोच-रेफरी को 3 लाख
हिमाचल प्रदेश सरकार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के टीम इवेंट में जीत दर्ज करने वाले खिलाड़ियों को पांच लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देगी। टीम इवेंट में शामिल कोई खिलाड़ी व्यक्तिगत स्पर्धा भी जीतता है तो उसे डेढ़ लाख रुपये मिलेंगे। सरकारी नौकरी में कार्यरत अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच और रेफरी को भी तीन-तीन लाख रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस व्यवस्था में वर्ष 2025-26 के खिलाड़ियों को भी शामिल करने की घोषणा की है।
शिमला
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिमाचल का प्रतिनिधित्व करते हुए टीम इवेंट जीतने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक पात्र खिलाड़ी को पांच लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। वर्ष 2025-26 के दौरान उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों को भी इस व्यवस्था के दायरे में लाया गया है। सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाली प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए सहयोग देना है।
व्यक्तिगत प्रदर्शन पर अलग प्रोत्साहन
टीम इवेंट में हिस्सा लेने वाला कोई खिलाड़ी यदि व्यक्तिगत स्पर्धा में भी जीत हासिल करता है तो उसे अलग से डेढ़ लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सरकार ने टीम की सामूहिक उपलब्धि के साथ व्यक्तिगत प्रदर्शन को भी पुरस्कार व्यवस्था में स्थान दिया है। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश के युवाओं को ‘खेलो हिमाचल’ के नाम से आगे लाने और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करने की दिशा में यह पहल की गई है।
अंतरराष्ट्रीय कोच और रेफरी भी योजना में शामिल
हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी कर रहे अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच और रेफरी को तीन-तीन लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे कोच और रेफरी का मनोबल बढ़ेगा तथा उनके अनुभव और उपलब्धियों से प्रदेश के खिलाड़ियों को भी बेहतर प्रदर्शन की प्रेरणा मिलेगी। सरकार ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखारने वाले प्रशिक्षकों और प्रतियोगिताओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने वाले रेफरी को भी प्रोत्साहन व्यवस्था का हिस्सा बनाया है।
खेलों के माध्यम से नशे से दूर रखने का प्रयास
सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने की इस पहल को युवाओं को नशे से दूर रखने के अभियान से भी जोड़ा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक युवाओं की ऊर्जा खेल के मैदान में दिखाई दे और उनकी पहचान प्रतिभा तथा उपलब्धियों से बने, इसी उद्देश्य से अवसर और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का मानना है कि अधिक युवाओं के खेलों से जुड़ने पर उन्हें अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाने और अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर मिलेंगे।