सोलन में चेस्टर हिल मामले में डीसी ने जिलेभर की संपत्तियों का रिकॉर्ड तलब, तहसीलदारों को निर्देश
Himachalnow / सोलन
सोलन में चेस्टर हिल से जुड़े संपत्ति मामलों को लेकर प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए जिलेभर से रिकॉर्ड तलब किया है, जिसके तहत सोलन, कसौली और परवाणू के अलावा अन्य संभावित स्थानों को भी शामिल किया गया है। उपायुक्त द्वारा सभी तहसीलदारों को निर्देश जारी कर संबंधित संपत्तियों का पूरा विवरण, सेल डीड की प्रतियों सहित, 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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जिलेभर से संपत्तियों का रिकॉर्ड तलब
चेस्टर हिल मामले में सोलन प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए अब पूरे जिले में संभावित संपत्तियों की जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उपायुक्त द्वारा सभी तहसीलदारों को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं कि सोलन, कसौली और परवाणू के अलावा अन्य क्षेत्रों में यदि संबंधित नामों पर संपत्तियां दर्ज हैं, तो उनका पूरा विवरण उपलब्ध कराया जाए। प्रशासन इस प्रक्रिया के माध्यम से यह सुनिश्चित करना चाहता है कि जिले के विभिन्न हिस्सों में दर्ज सभी संबंधित संपत्तियों का रिकॉर्ड एकत्र किया जा सके और उनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सके।
15 दिन में रिपोर्ट और दस्तावेज जमा करने के निर्देश
तहसीलदारों को भेजे गए निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित संपत्तियों की सेल डीड की प्रतियां भी रिपोर्ट के साथ प्रस्तुत की जाएं। इसके लिए 15 दिनों की समयसीमा तय की गई है, ताकि सभी दस्तावेज समय पर एकत्र कर उनकी जांच की जा सके। प्रशासन का उद्देश्य उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति का आकलन करना और आवश्यक होने पर आगे की जांच प्रक्रिया शुरू करना है।
पहले से उपलब्ध जानकारी और रिपोर्ट का आधार
प्रशासन के पास उपलब्ध प्रारंभिक रिकॉर्ड के अनुसार सोलन, कसौली और परवाणू क्षेत्रों में चेस्टर हिल से जुड़ी संपत्तियां दर्ज हैं। इन संपत्तियों का उल्लेख एसडीएम सोलन की रिपोर्ट में किया गया है, जिसमें बताया गया है कि ये संपत्तियां कृषक की पत्नी और दो बहनों के नाम पर दर्ज हैं। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर अब अन्य संभावित स्थानों पर भी जानकारी जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
अन्य क्षेत्रों में भी जांच की संभावना
प्रशासन को आशंका है कि जिले के अन्य हिस्सों में भी संबंधित पक्षों द्वारा संपत्तियां खरीदी गई हो सकती हैं। ऐसे मामलों की पुष्टि होने पर उन संपत्तियों को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। उपायुक्त सोलन ने बताया कि तहसीलदारों से मांगी गई रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि नए तथ्य सामने आते हैं तो जांच को उसी अनुसार विस्तारित किया जाएगा।