चिट्टे के खिलाफ युवा बनें जन आंदोलन का सक्रिय हिस्सा : पुलिस महानिदेशक
चिट्टे के खिलाफ युवा बनें जन आंदोलन का सक्रिय हिस्सा : पुलिस महानिदेशक
ऊना/वीरेंद्र बन्याल/ हिमाचल नाऊ न्यूज।
हिमाचल प्रदेश में चिट्टे एवं अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे जन आंदोलन को मजबूत करने के उद्देश्य से मंगलवार को राजकीय महाविद्यालय ऊना में विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रहे एंटी-चिट्टा जन आंदोलन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक (DGP) ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें नशे के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि चिट्टे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि युवाओं की जागरूकता, सतर्कता और सक्रिय भागीदारी से ही इस जन आंदोलन को व्यापक रूप से सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने आसपास के युवाओं को नशे से दूर रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान ड्रग्स, चिट्टा, साइबर अपराध तथा युवाओं को प्रभावित करने वाले नए खतरों पर विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को समझाया गया कि कई बार पीयर प्रेशर (साथियों का दबाव), जिज्ञासा और नशे से मिलने वाला क्षणिक आनंद युवाओं को नशे की ओर धकेल देता है। शुरुआत में यह महज प्रयोग या जिज्ञासा लग सकती है, लेकिन धीरे-धीरे व्यक्ति नशे पर निर्भर होता चला जाता है और उसके जीवन पर उसका नियंत्रण कम होने लगता है।
इस अवसर पर सुश्री आकृति, कमांडेंट प्रथम बटालियन, तथा लेडी कांस्टेबल निकिता ने भी विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। लेडी कांस्टेबल निकिता ने कहा कि यदि कोई दोस्त नशे की गिरफ्त में जा रहा है तो उसका मजाक उड़ाने या उसे समाज से अलग करने के बजाय उसकी मदद करनी चाहिए। समय रहते परिवार, शिक्षकों अथवा पुलिस को जानकारी देकर किसी युवा को नशे के दलदल में जाने से बचाया जा सकता है।
पुलिस महानिदेशक ने विद्यार्थियों से कहा कि वे नशे के खिलाफ केवल संदेश सुनने वाले दर्शक बनकर न रहें, बल्कि कॉलेज, परिवार और समाज में जागरूकता फैलाने वाले सक्रिय दूत बनें। उन्होंने कहा कि युवाओं की सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयास चिट्टे के खिलाफ अभियान को नई ताकत दे सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से आपात स्थिति में 112 का उपयोग करने तथा पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सऐप चैनलों से जुड़े रहने की भी अपील की। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें साइबर अपराध और बदलते डिजिटल खतरों से सतर्क करना रहा।