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स्व. रामनाथ शर्मा की पुण्यतिथि पर विधायक विवेक शर्मा ने अर्पित किए श्रद्धासुमन

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 33 Mins Ago • 1 Min Read

स्व. रामनाथ शर्मा की पुण्यतिथि पर विधायक विवेक शर्मा ने अर्पित किए श्रद्धासुमन

ऊना/वीरेंद्र बन्याल/हिमाचल नाऊ न्यूज।

कुटलैहड़ के पूर्व विधायक एवं हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष स्व. रामनाथ शर्मा की पुण्यतिथि पर उनके सुपुत्र एवं कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने जोगी पंगा स्थित कार्यालय में उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने स्व. रामनाथ शर्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया और कहा कि कुटलैहड़ के विकास में उनके दूरदर्शी नेतृत्व और समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा।

विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि वर्ष 1977 में स्व. रामनाथ शर्मा के विधायक बनने के बाद कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में विकास को नई दिशा मिली। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सड़क, बिजली, पेयजल, सिंचाई और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी। उनके प्रयासों से क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुए।

उन्होंने कहा कि उपलब्ध पुराने दस्तावेजों के अनुसार वर्ष 1977 से पहले कुटलैहड़ क्षेत्र के मात्र 21 प्रतिशत गांव ही विद्युतीकृत थे, जबकि बाद के वर्षों में यह आंकड़ा 100 प्रतिशत तक पहुंचा। इसी तरह पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं के विस्तार के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में महत्वपूर्ण संस्थागत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी स्व. रामनाथ शर्मा के कार्यकाल का अहम योगदान रहा, जिनमें तहसील, बीडीओ कार्यालय और लोक निर्माण विभाग जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

विधायक ने बताया कि स्व. रामनाथ शर्मा वर्ष 1977-82 तथा 1985-90 में कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे। इसके अलावा वर्ष 1986 से 1990 तक उन्होंने हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए स्व. रामनाथ शर्मा ने क्षेत्र के विकास और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

विवेक शर्मा ने कहा कि स्व. रामनाथ शर्मा ने कुटलैहड़ के विकास की जो मजबूत नींव रखी, उसी विरासत को आगे बढ़ाना उनके लिए केवल राजनीतिक दायित्व ही नहीं, बल्कि भावनात्मक जिम्मेदारी भी है। उनके आदर्श, सोच और जनसेवा की भावना आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।

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