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Cloudburst / किन्नौर के काचरंग नाले में बादल फटने से पुल और पेयजल ढांचा क्षतिग्रस्त

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 24 Jun 2026 • 1 Min Read

Cloudburst : किन्नौर जिले के भावानगर क्षेत्र में काचरंग नाले में बादल फटने के बाद अचानक जलस्तर बढ़ने से एक पैदल पुल और पेयजल आपूर्ति से जुड़ा बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया। संबंधित विभागों ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और पेयजल व्यवस्था बहाल करने के प्रयास जारी हैं।

किन्नौर

काचरंग नाले में बादल फटने की घटना

किन्नौर जिले के भावानगर के समीप काचरंग नाले में मंगलवार देर रात बादल फटने की घटना दर्ज की गई। इसके बाद नाले में पानी का बहाव अचानक बढ़ गया और आसपास के क्षेत्र में जलस्तर में तेज वृद्धि हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना से नाले के किनारे स्थित कुछ सार्वजनिक ढांचों को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों ने स्थिति का जायजा लेना शुरू कर दिया है।

पैदल पुल और पेयजल लाइनें प्रभावित

बढ़े हुए जलप्रवाह के कारण क्षेत्र में बना एक पैदल पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई गई कई पाइपलाइनें भी प्रभावित हुई हैं। जल शक्ति विभाग के एक पेयजल भंडारण टैंक को भी आंशिक नुकसान पहुंचने की सूचना है। विभागीय स्तर पर प्रभावित ढांचों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है, ताकि मरम्मत कार्य की प्राथमिकता तय की जा सके।

जनहानि की सूचना नहीं

प्रशासनिक स्तर पर प्राप्त जानकारी के अनुसार इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। काचरंग गांव नाले से पर्याप्त दूरी पर स्थित है, जिसके कारण रिहायशी क्षेत्र सीधे तौर पर प्रभावित नहीं हुए हैं। स्थानीय स्तर पर स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है और आवश्यक जानकारी एकत्र की जा रही है।

बहाली कार्य में जुटे विभाग

घटना की सूचना मिलने के बाद जल शक्ति विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की मरम्मत और आपूर्ति बहाल करने के लिए आवश्यक कार्य शुरू कर दिए गए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्राथमिकता उन लाइनों और ढांचों को दी जा रही है, जिनसे क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। मौके पर स्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

नुकसान का किया जा रहा आकलन

संबंधित विभागों द्वारा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार नुकसान का विस्तृत आकलन तैयार किया जाएगा, जिसमें पैदल पुल, पाइपलाइन और पेयजल टैंक को हुए नुकसान का विवरण शामिल होगा। इसी आकलन के आधार पर मरम्मत और पुनर्स्थापना से जुड़े आगामी कार्य तय किए जाएंगे।

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