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बड़ा भंगाल पहुंचे मुख्यमंत्री, बोले- राजनीति करने नहीं, लोगों का दुख-दर्द बांटने आया हूं

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 28 Jun 2026 • 1 Min Read

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा के दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल का दौरा कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनते हुए राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सड़क निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये, प्राकृतिक पंचायत का दर्जा, राजमाह की अलग ब्रांडिंग, मोबाइल नेटवर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन विकास सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

धर्मशाला

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को जिला कांगड़ा के दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल का दौरा कर आपदा प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के साथ स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की।मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल तक सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए प्रत्येक किलोमीटर के लिए अलग-अलग निविदाएं जारी करने को कहा। उन्होंने सड़क निर्माण के लिए आवश्यक मशीनरी हवाई मार्ग से पहुंचाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए। साथ ही सड़क निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की।

बिजली व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने गांव में उपयुक्त क्षमता के डीजल जनरेटर लगाने, सभी घरों की वायरिंग और बिजली कनेक्शन का सर्वे कराने के निर्देश दिए। सड़क बनने तक वैकल्पिक बिजली व्यवस्था जारी रखने का आश्वासन देते हुए अपर और लोअर बड़ा भंगाल के लिए एक-एक डीजल जनसेट उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल के प्रसिद्ध राजमाह की अलग ब्रांडिंग कर उसे बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अखरोट और चेस्टनट की खेती को बढ़ावा देने, प्राकृतिक खेती अपनाने तथा स्थानीय मीट उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की बात भी कही।

ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ने निजी दूरसंचार कंपनियों से बातचीत कर क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क सुविधा शुरू करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने पर्यटन विकास के लिए वन भूमि चिन्हित करने और बड़ा भंगाल को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में कार्य करने की बात कही।शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना, छात्रावास निर्माण तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने घोषणा की कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत और समाप्ति के समय विद्यार्थियों को हेली-टैक्सी सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। साथ ही जरूरतमंद विद्यार्थियों को सीबीएसई विद्यालयों में प्रवेश दिलाने का भी आश्वासन दिया।

स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने स्थानीय युवाओं को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का प्रशिक्षण देने की बात कही, ताकि दुर्गम क्षेत्र में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके।जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राजनीति करने नहीं, बल्कि बड़ा भंगाल के लोगों का दुख-दर्द समझने आए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे लोगों तक विकास पहुंचाना है और इसके लिए दुर्गम क्षेत्रों में पहुंचकर वास्तविक समस्याओं को समझना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल को प्राकृतिक पंचायत का दर्जा देने, क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास करने तथा राशन डिपो का खाद्यान्न कोटा बढ़ाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बाढ़ सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन वॉल निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार करने की बात कही।इस दौरान मुख्यमंत्री ने दो महिला मंडलों को दो-दो लाख रुपये तथा एक युवक मंडल को एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। पात्र महिलाओं को इंदिरा गांधी सुख सम्मान निधि के तहत प्रतिमाह 1500 रुपये पेंशन देने की भी घोषणा की।