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Counselling / एचपीयू ने MBA, MFA और PG डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए काउंसलिंग शेड्यूल जारी किया, 8 जुलाई से शुरू होगी प्रक्रिया

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Counselling : हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीए, एमएफए और पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु काउंसलिंग कार्यक्रम जारी कर दिया है। विश्वविद्यालय के अनुसार विभिन्न पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग 8 जुलाई से शुरू होगी और अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि पर सभी मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा।

शिमला

शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जारी हुआ काउंसलिंग कार्यक्रम

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड हिमालयन स्टडीज (IIHS) के अंतर्गत संचालित डिपार्टमेंट ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी स्टडीज (DIS) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु काउंसलिंग कार्यक्रम जारी कर दिया है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार एमबीए (रूरल डेवलपमेंट), एमएफए (पहाड़ी मिनिएचर पेंटिंग) तथा पीजी डिप्लोमा इन डिजास्टर एंड डिजास्टर मैनेजमेंट (PGDDDM) में प्रवेश निर्धारित काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। सभी अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय परिसर स्थित संबंधित विभाग में तय तिथि और समय पर उपस्थित होकर दस्तावेज सत्यापन तथा प्रवेश संबंधी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

8 और 9 जुलाई को MBA और MFA की काउंसलिंग

विश्वविद्यालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार एमबीए (रूरल डेवलपमेंट) और एमएफए (पहाड़ी मिनिएचर पेंटिंग) पाठ्यक्रमों के लिए काउंसलिंग 8 और 9 जुलाई को आयोजित की जाएगी। इन दोनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संबंधित विभाग में उपस्थित होना होगा। काउंसलिंग के दौरान पात्रता की जांच, मूल दस्तावेजों का सत्यापन तथा विश्वविद्यालय के प्रवेश नियमों के अनुसार सीट आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विभाग ने अभ्यर्थियों से समय पर पहुंचने और सभी आवश्यक दस्तावेज साथ लाने का आग्रह किया है ताकि प्रवेश प्रक्रिया बिना किसी विलंब के पूरी की जा सके।

13 जुलाई को PGDDDM पाठ्यक्रम के लिए होगी काउंसलिंग

पीजी डिप्लोमा इन डिजास्टर एंड डिजास्टर मैनेजमेंट (PGDDDM) पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए काउंसलिंग 13 जुलाई को आयोजित की जाएगी। विभाग के अनुसार इस दिन पात्र अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन, शैक्षणिक योग्यता की जांच और प्रवेश से संबंधित अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि पर अनुपस्थित रहने या आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में अभ्यर्थी की प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए सभी उम्मीदवारों को जारी शेड्यूल का पालन करने की सलाह दी गई है।

मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना अनिवार्य

डिपार्टमेंट ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी स्टडीज ने सभी अभ्यर्थियों को निर्देश दिए हैं कि वे काउंसलिंग के दौरान अपने मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, अंक तालिकाएं, पहचान पत्र, श्रेणी प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), निवास प्रमाण पत्र तथा विश्वविद्यालय द्वारा मांगे गए अन्य आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य रूप से साथ लेकर आएं। विभाग ने कहा है कि दस्तावेजों का सत्यापन प्रवेश प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है और सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकेगी, इसलिए उम्मीदवारों को काउंसलिंग से पहले सभी प्रमाण पत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।

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