Crime / कर्ज के दबाव से बचने के लिए युवक ने बनाई लापता होने की योजना, पुलिस जांच में सामने आए तथ्य
Crime : चंबा जिले में एक युवक की कथित गुमशुदगी से जुड़े मामले में जांच के दौरान नए तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में युवक द्वारा कर्ज संबंधी कारणों से स्वयं लापता होने की योजना बनाए जाने की आशंका सामने आई है, जबकि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
चंबा
गुमशुदगी की सूचना के बाद शुरू हुई पुलिस जांच
चंबा जिले की डांड पंचायत से संबंधित 22 वर्षीय तौफीक के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने व्यापक स्तर पर जांच शुरू की थी। परिजनों की ओर से पुलिस को बताया गया था कि तौफीक शुक्रवार रात पोल्ट्री व्यवसाय के सिलसिले में मुर्गों की खरीदारी के लिए पठानकोट जाने निकला था। शिकायत के अनुसार वह अपने साथ करीब 10 लाख रुपये नकद भी लेकर गया था। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया और उससे संपर्क नहीं हो पाया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर युवक की तलाश शुरू की तथा विभिन्न संभावित स्थानों पर जांच अभियान चलाया।
जांच में सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्य बने अहम कड़ी
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि युवक स्वयं चंबा जिले से बाहर जाने वाली एक बस में सवार हुआ था। पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में उसकी गतिविधियां रिकॉर्ड मिलीं, जिससे जांच की दिशा बदल गई। पुलिस ने उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का मिलान कर घटनाक्रम को क्रमबद्ध तरीके से खंगाला, जिसके बाद युवक के लापता होने की कहानी पर सवाल खड़े होने लगे।
कर्ज और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ा पहलू आया सामने
पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि तौफीक पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़ा हुआ था और उस पर लाखों रुपये की वित्तीय देनदारियां थीं। प्रारंभिक जांच के अनुसार युवक ऑनलाइन गेमिंग की गतिविधियों में भी शामिल रहा था, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई। पुलिस को संदेह है कि कर्जदाताओं के दबाव और आर्थिक दायित्वों से बचने के उद्देश्य से युवक ने स्वयं के लापता होने की योजना बनाई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उसके बड़े भाई ने उसे बस में बैठाने में सहायता की थी। हालांकि इन सभी तथ्यों की पुष्टि के लिए पुलिस पूछताछ और दस्तावेजी जांच जारी रखे हुए है।
परिजनों ने जताई थी अनहोनी की आशंका
युवक के लापता होने के बाद परिजनों ने किसी अप्रिय घटना की आशंका जताई थी। जांच के दौरान चमेरा जलाशय के समीप एक चप्पल और वाहन के टायर से संबंधित सामग्री मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया था। परिजनों ने इन वस्तुओं की पहचान तौफीक से जुड़ी होने के रूप में की थी, जिसके आधार पर अनहोनी की आशंका व्यक्त की गई। इसके बाद पुलिस ने जलाशय क्षेत्र सहित कई स्थानों पर सर्च अभियान भी चलाया। हालांकि बाद में तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज से सामने आए तथ्यों ने मामले को नया मोड़ दे दिया।
युवक को पुलिस चौकी लाया गया, पूछताछ जारी
बुधवार को परिजन युवक को पुलिस चौकी बनीखेत लेकर पहुंचे, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित गुमशुदगी की योजना किन परिस्थितियों में बनाई गई और इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।