Crime / इंदौरा में अवैध लकड़ी से भरे दो ट्रक जब्त, वन विभाग ने शुरू की जांच
Crime : इंदौरा वन विभाग ने अवैध लकड़ी से भरे दो ट्रकों को जब्त कर जांच शुरू की है। प्रारंभिक पूछताछ में चालक लकड़ी को पालमपुर के डरोह क्षेत्र से पंजाब ले जाने की बात बता रहे हैं, जबकि वन विभाग अब लकड़ी के स्रोत और परिवहन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगा।
काँगड़ा
नाकाबंदी के दौरान दो ट्रक जब्त
कांगड़ा जिले के इंदौरा वन परिक्षेत्र में नशा एवं वन अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे नियमित अभियान के तहत वन विभाग की टीम ने कंडवाल क्षेत्र में नाकाबंदी की। वन परिक्षेत्र अधिकारी अब्दुल हमीद के नेतृत्व में टीम ने मालवाहक वाहनों की जांच के दौरान तिरपाल से ढके दो ट्रकों (HP 74B-6767 और HP 37F-9727) को रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान दोनों वाहनों से विभिन्न प्रजातियों की लकड़ी बरामद हुई। इसके बाद विभाग ने दोनों ट्रकों को जब्त कर वन परिक्षेत्र कार्यालय भदरोया पहुंचा दिया। कार्रवाई के दौरान वन खंड अधिकारी संजय कुमार, वन रक्षक सुनील सिंह, अंकित शर्मा, वन कर्मी चंद्र कुमार तथा वन मित्र रजत भी मौजूद रहे।
दस्तावेज नहीं मिलने पर शुरू की गई कानूनी प्रक्रिया
वन विभाग के अनुसार ट्रक चालकों से लकड़ी के कटान, स्वामित्व और परिवहन से संबंधित वैध अनुमति पत्र तथा अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन मौके पर कोई भी वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया जा सका। प्रारंभिक पूछताछ में चालकों ने बताया कि लकड़ी पालमपुर वन मंडल के डरोह क्षेत्र से पंजाब ले जाई जा रही थी। दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने के बाद विभाग ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर वन अधिनियम के प्रावधानों के तहत जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।
लकड़ी का स्रोत और कटान स्थल होगा सत्यापित
वन परिक्षेत्र अधिकारी अब्दुल हमीद ने बताया कि मामले में डीएफओ नूरपुर के माध्यम से डीएफओ पालमपुर से पत्राचार किया जाएगा। जांच के दौरान यह सत्यापित किया जाएगा कि जब्त की गई लकड़ी वन भूमि से काटी गई है या निजी भूमि से प्राप्त की गई है। यदि जांच में लकड़ी वन भूमि से अवैध रूप से काटी गई पाई जाती है तो संबंधित आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर मामला न्यायालय में भेजा जाएगा। वहीं यदि लकड़ी निजी भूमि से संबंधित पाई जाती है, तब भी बिना निर्धारित अनुमति और दस्तावेजों के परिवहन किए जाने की स्थिति में संबंधित नियमों के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन मार्ग भी जांच का हिस्सा
वन विभाग अब इस बात की भी जांच करेगा कि ट्रक पालमपुर के डरोह क्षेत्र से इंदौरा तक किस मार्ग से पहुंचे। दोनों स्थानों के बीच की दूरी लगभग 100 किलोमीटर से अधिक है। विभाग परिवहन मार्ग, संबंधित रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों का सत्यापन करेगा ताकि लकड़ी के स्रोत, परिवहन की प्रक्रिया तथा पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
डीएफओ पालमपुर ने दी आधिकारिक प्रतिक्रिया
डीएफओ पालमपुर डॉ. संजीव शर्मा ने कहा कि पालमपुर वन मंडल के डरोह क्षेत्र में अवैध कटान का कोई मामला विभाग के संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने बताया कि इंदौरा वन विभाग से प्राप्त जानकारी और संयुक्त जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद लकड़ी का वास्तविक स्रोत क्या है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।