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पैक्ड जूस में फंगस मिलने पर उपभोक्ता आयोग का आदेश, कंपनी को 1 लाख रुपये का भुगतान करना होगा

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 39 Mins Ago • 1 Min Read

धर्मशाला स्थित जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पैक्ड जूस में फंगस मिलने के मामले में शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने संबंधित कंपनी को 60 हजार रुपये मुआवजा, 10 हजार रुपये वाद व्यय और 30 हजार रुपये उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा करने के निर्देश दिए हैं।

धर्मशाला

पैक्ड जूस में फंगस मिलने पर दर्ज हुई शिकायत

कांगड़ा जिले के इंदौरा निवासी करणवीर सिंह ने 26 जुलाई 2024 को स्थानीय दुकान से रियल फ्रूट पावर मौसंबी जूस खरीदा था। शिकायत के अनुसार जूस पीते समय स्वाद सामान्य नहीं लगा। इसके बाद पैक खोलकर देखने पर अंदर फंगस जैसी अशुद्धि दिखाई दी। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में मामला दर्ज कराया। आयोग ने मामले की सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों का परीक्षण किया।

लैब जांच रिपोर्ट को माना गया महत्वपूर्ण साक्ष्य

आयोग ने मामले की जांच के दौरान जूस का नमूना परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा। लैब रिपोर्ट में जूस के भीतर फंगस जैसी अशुद्धि की पुष्टि हुई और इसे उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं माना गया। सुनवाई के दौरान संबंधित कंपनी ने अपने निर्माण बैच को सुरक्षित बताते हुए पक्ष रखा, लेकिन आयोग ने उपलब्ध वैज्ञानिक रिपोर्ट को प्रमुख साक्ष्य मानते हुए निर्णय दिया। आयोग ने यह भी माना कि मामले में खुदरा विक्रेता की भूमिका प्रमाणित नहीं हुई और उत्तरदायित्व निर्माता कंपनी का बनता है।

कंपनी को 1 लाख रुपये का भुगतान करने के निर्देश

आयोग ने अपने आदेश में संबंधित कंपनी को शिकायतकर्ता को 60,000 रुपये मानसिक एवं शारीरिक असुविधा के लिए मुआवजा तथा 10,000 रुपये वाद व्यय के रूप में देने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त 30,000 रुपये उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराने का आदेश भी दिया गया। इस प्रकार कुल 1,00,000 रुपये का भुगतान निर्धारित किया गया है।

45 दिन में भुगतान, देरी पर 9 प्रतिशत ब्याज

आयोग ने आदेश में कहा है कि निर्धारित राशि का भुगतान 45 दिनों के भीतर किया जाए। यदि तय अवधि में भुगतान नहीं किया जाता है तो संबंधित राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा। आयोग का आदेश उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप जारी किया गया है।