CRIME: किन्नौर सामूहिक दुष्कर्म मामले में दो दोषियों को 20-20 साल की कठोर कैद
CRIME: किन्नौर जिले में महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में रामपुर बुशहर की फास्ट ट्रैक अदालत ने दो दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत जुर्माना भी लगाया है।
किन्नौर
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक पोक्सो/रेप कोर्ट किन्नौर डिवीजन रामपुर बुशहर ने तबरेज आलम उर्फ बिराज और लखिंदर उर्फ लक्की को दोषी ठहराया। तबरेज आलम बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के गांव डबरिया का निवासी है, जबकि लखिंदर किन्नौर जिले के निचार स्थित गांव ग्रांगे का रहने वाला है। भावानगर थाना क्षेत्र में यह मामला 27 सितंबर 2025 को दर्ज किया गया था। दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 87, 70, 351(2) और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई थी।
अलग-अलग धाराओं में सजा और जुर्माना
अदालत ने दोनों दोषियों को बीएनएस की धारा 70(1) के साथ धारा 3(5) के तहत 20 साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। धारा 87 के साथ धारा 3(5) के तहत पांच साल के कठोर कारावास और दो हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। धारा 351(2) के साथ धारा 3(5) के तहत दो साल का कठोर कारावास और दो हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर आदेश के अनुसार अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार बीएनएस की धारा 70 सामूहिक दुष्कर्म से संबंधित है। धारा 87 महिला के अपहरण या बहला-फुसलाकर उसे विवाह अथवा अवैध संबंध के लिए विवश करने से जुड़ी है। धारा 351(2) आपराधिक धमकी से संबंधित है, जबकि धारा 3(5) साझा मंशा के साथ अपराध किए जाने पर लागू होती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग धाराओं के तहत सुनाई गई सभी मूल कारावास की सजाएं एक साथ चलेंगी।
जांच के बाद अदालत में पेश किया गया आरोपपत्र
मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक हेमराज ने की थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने 20 नवंबर 2025 को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान पुलिस और अभियोजन पक्ष ने मामले से संबंधित साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश किए। इसके बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देकर सजा सुनाई। पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि यह दोषसिद्धि प्रभावी जांच और अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने का परिणाम है।