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Crime / गोहर में म्यूटेशन के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में कानूनगो, पटवारी और सहायक गिरफ्तार

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Crime : राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मंडी जिले के गोहर में जमीन के नामांतरण (म्यूटेशन) के बदले कथित रिश्वत मांगने के मामले में राजस्व विभाग के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। विजिलेंस ने शिकायत के सत्यापन के बाद कार्रवाई करते हुए मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मंडी

शिकायत के सत्यापन के बाद विजिलेंस ने की कार्रवाई

हिमाचल प्रदेश राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) ने मंडी जिले के गोहर क्षेत्र में जमीन के नामांतरण (म्यूटेशन) से जुड़े एक कथित रिश्वत प्रकरण में कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कानूनगो बंसी लाल, पटवारी अरुण धीमान और पटवारी सहायक ललित कुमार शामिल हैं। विजिलेंस के अनुसार यह कार्रवाई शिकायतकर्ता पूर्ण चंद द्वारा दी गई शिकायत के सत्यापन के बाद की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जमीन का म्यूटेशन करने के बदले 2 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी। प्रारंभिक जांच में शिकायत के तथ्यों का सत्यापन होने के बाद विजिलेंस ने नियमानुसार ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया।

एक लाख रुपये की पहली किस्त लेते समय सहायक गिरफ्तार

विजिलेंस के अनुसार शिकायतकर्ता से कथित रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये लेने के लिए पटवारी सहायक ललित कुमार को भेजा गया था। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार विजिलेंस टीम ने मौके पर निगरानी रखी और जैसे ही सहायक ने शिकायतकर्ता से नकदी प्राप्त की, टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और कथित संलिप्तता के आधार पर कानूनगो बंसी लाल तथा पटवारी अरुण धीमान को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में दोनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

म्यूटेशन के एवज में 2 लाख रुपये मांगने का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि शिकायतकर्ता की भूमि के नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 2 लाख रुपये की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में विजिलेंस से संपर्क किया, जिसके बाद ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन किया और पूरी कार्रवाई नियमानुसार की। विजिलेंस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम में प्रत्येक आरोपी की भूमिका स्पष्ट की जा सके।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला

विजिलेंस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो थाना मंडी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी के अनुसार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा तथा मामले की आगे की जांच के लिए पुलिस रिमांड का अनुरोध किया जाएगा। जांच के दौरान यदि अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।

सेवानिवृत्ति से पहले कानूनगो पर हुई कार्रवाई

मामले में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए कानूनगो बंसी लाल का सेवानिवृत्ति का समय निकट था। हालांकि, विजिलेंस ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई शिकायत के सत्यापन और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है। जांच एजेंसी अब मामले से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन तथा अन्य संबंधित पहलुओं की भी जांच कर रही है।

डीएसपी बोले- सभी पहलुओं की जांच जारी

डीएसपी विजिलेंस प्रियंक गुप्ता ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान आरोपियों से पूछताछ की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह भी जांचा जाएगा कि कथित रिश्वत मांगने के मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका रही है या नहीं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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