Crime / शिमला में स्कूल संचालिका हत्याकांड में भाई और बिजनेस पार्टनर गिरफ्तार, संपत्ति विवाद में हत्या की साजिश का आरोप
Crime : मनीषा मित्तल हत्याकांड की जांच में पुलिस ने मृतका के भाई और उसके बिजनेस पार्टनर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, संपत्ति विवाद के चलते हत्या की साजिश रचने और शूटरों को सहायता उपलब्ध कराने के आरोप में दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
शिमला
पुलिस जांच में दो और गिरफ्तारियां
हिमाचल प्रदेश के शिमला के संजौली स्थित निजी स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड की जांच में पुलिस ने मृतका के भाई हिमांक मित्तल और उसके बिजनेस पार्टनर गोविंद को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान जुटाए गए तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर दोनों की भूमिका सामने आई है। इससे पहले इस मामले में दो कथित शूटरों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक इस प्रकरण में कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
संपत्ति विवाद को बताया जा रहा जांच का प्रमुख कारण
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शिमला स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संपत्ति को लेकर भाई-बहन के बीच पिछले करीब पांच वर्षों से विवाद चल रहा था। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी विवाद के चलते हत्या की साजिश रची गई। पुलिस इस मामले में वित्तीय लेन-देन, आपसी संपर्क और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला स्पष्ट हो सके।
शूटरों को वाहन और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आरोप
एएसपी मेहर कंवर ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया है कि आरोपी गोविंद ने घटना में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार किराये पर लेकर कथित शूटरों को उपलब्ध करवाई थी। पुलिस के अनुसार, घटना से कुछ दिन पहले हिमांक मित्तल ने गोविंद के बैंक खाते में 8 लाख 30 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि गोविंद ने कथित शूटर दीपक को भी धनराशि भेजी थी। इन वित्तीय लेन-देन और बैंक रिकॉर्ड को केस के महत्वपूर्ण साक्ष्यों के रूप में जांच में शामिल किया गया है।
सीसीटीवी एक्सेस के आधार पर मूवमेंट ट्रैक करने का दावा
पुलिस के मुताबिक, हिमांक मित्तल के पास सरस्वती पैराडाइज स्कूल के सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस था। जांच में दावा किया गया है कि वह कैमरों के माध्यम से मनीषा मित्तल के आने-जाने और दैनिक गतिविधियों पर नजर रख रहा था। पुलिस इन डिजिटल रिकॉर्ड, सीसीटीवी एक्सेस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का फॉरेंसिक परीक्षण कर रही है, ताकि आरोपों की पुष्टि की जा सके।
रोहतक से हुई दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी गोविंद विदेश चला गया था और भारत लौटने के बाद भी लगातार अपना मोबाइल बंद रखकर ठिकाना बदलता रहा। तकनीकी निगरानी और लगातार की गई कार्रवाई के बाद पुलिस ने 28 जून को उसे हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार किया। अदालत से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इसके बाद 29 जून को मामले के कथित मास्टरमाइंड हिमांक मित्तल को भी रोहतक से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
मनीषा मित्तल शिमला में संचालित करती थीं निजी स्कूल
मनीषा मित्तल मूल रूप से हरियाणा के रोहतक की रहने वाली थीं और शिमला के संजौली क्षेत्र में सरस्वती पैराडाइज स्कूल का संचालन करती थीं। पुलिस के अनुसार, शिमला स्थित स्कूल की संपत्ति को लेकर लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। 13 जून की शाम स्कूल परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार के पास दो युवकों ने उन पर गोलीबारी की थी, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद पुलिस ने विशेष जांच टीम गठित कर जांच शुरू की थी और अब तक इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।