Crime / शिमला में पंचायत रिकॉर्ड से कथित छेड़छाड़ के मामले में FIR दर्ज, भूमि हस्तांतरण की जांच शुरू
Crime : पंचायत रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी कर भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामले में सुन्नी थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। शिकायत के आधार पर पुलिस संबंधित दस्तावेजों, भूमि अभिलेखों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिमला
शिकायत के आधार पर मामला दर्ज
सुन्नी थाना क्षेत्र के गांव जुन्नी कलां निवासी परमानंद ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके गांव के ही निवासी महेशी लाल ने पंचायत रिकॉर्ड में कथित रूप से बदलाव कर आबादी देह भूमि को अपने नाम दर्ज करवाया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यह प्रक्रिया एक तय अवधि के दौरान की गई और इसमें दस्तावेजों में हेराफेरी की गई। पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने के बाद प्रारंभिक जांच के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और संबंधित पक्षों से जुड़े रिकॉर्ड एकत्र किए जा रहे हैं।
भूमि हस्तांतरण से जुड़े दस्तावेज जांच के दायरे में
शिकायत के अनुसार वर्ष 2010 से 2017 के बीच खसरा नंबर 181 में दर्ज आबादी देह भूमि के हस्तांतरण से जुड़े अभिलेखों में कथित रूप से संशोधन किया गया। आरोप है कि पंचायत स्तर के रिकॉर्ड में किए गए इन बदलावों के आधार पर भूमि को अवैध रूप से अपने नाम दर्ज करवाया गया। पुलिस अब भूमि अभिलेख, पंचायत रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि रिकॉर्ड में किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में बदलाव किया गया।
अदालत में प्रस्तुत दस्तावेज भी जांच का हिस्सा
पुलिस के अनुसार इस भूमि विवाद से जुड़ा मामला पहले दीवानी न्यायालय में भी विचाराधीन रहा है। जांच के दौरान उन दस्तावेजों को भी शामिल किया जा रहा है, जिन्हें अदालत में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि इन अभिलेखों की सत्यता, उनके स्रोत और उनके आधार पर किए गए दावों की जांच की जाएगी। यदि रिकॉर्ड में किसी प्रकार की विसंगति पाई जाती है, तो उसे आगे की कार्रवाई में शामिल किया जाएगा।
भारतीय दंड संहिता की धाराओं में दर्ज हुआ मामला
सुन्नी पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी, जाली दस्तावेज तैयार करने और ऐसे दस्तावेजों के उपयोग से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। पुलिस टीम अब पंचायत रिकॉर्ड, भूमि से संबंधित फाइलों और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।