Cyber Crime / बिजली बिल अपडेट के नाम पर ठगी की कोशिश, बैंक खाते की जानकारी साझा न करने की सलाह
Cyber Crime : साइबर अपराधी बिजली बिल अपडेट न होने, कनेक्शन काटे जाने या बैंक खाते की वेरिफिकेशन के नाम पर लोगों को भ्रामक संदेश और कॉल भेज रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि उपभोक्ता किसी भी अनजान नंबर, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें तथा बैंक खाते, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।
शिमला
बिजली उपभोक्ताओं को बनाया जा रहा निशाना
साइबर अपराधी लगातार नए तरीकों से लोगों को निशाना बनाने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, हाल के दिनों में बिजली उपभोक्ताओं को ऐसे टेक्स्ट मैसेज भेजे जा रहे हैं, जिनमें दावा किया जाता है कि उनका बिजली बिल अपडेट नहीं हुआ है या बिल बकाया होने के कारण बिजली कनेक्शन काटा जा सकता है। इन संदेशों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को तत्काल कार्रवाई के लिए प्रेरित करना होता है। कई मामलों में संदेशों में यह भी कहा जाता है कि निर्धारित समय के भीतर बिल अपडेट नहीं करवाने पर बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संदेशों की सत्यता की पुष्टि संबंधित विभाग के आधिकारिक माध्यमों से ही की जानी चाहिए।
बैंक विवरण हासिल करने का प्रयास
जांच एजेंसियों के अनुसार, ठग स्वयं को बिजली बोर्ड या संबंधित सेवा प्रदाता का कर्मचारी बताकर उपभोक्ताओं से संपर्क करते हैं। बातचीत के दौरान वे उपभोक्ताओं से बैंक खाते की जानकारी, डेबिट या क्रेडिट कार्ड विवरण, ओटीपी, यूपीआई संबंधी जानकारी अथवा अन्य व्यक्तिगत विवरण साझा करने के लिए कहते हैं। कई बार बैंक खाते की वेरिफिकेशन, बिल अपडेट या भुगतान सत्यापन का हवाला देकर जानकारी मांगी जाती है। पुलिस का कहना है कि किसी भी वैध सरकारी या वित्तीय संस्था द्वारा फोन पर ओटीपी, पासवर्ड या संवेदनशील बैंकिंग जानकारी नहीं मांगी जाती।
संदेशों में दिए जा रहे संपर्क नंबर
साइबर ठगों द्वारा भेजे जा रहे एसएमएस में अक्सर एक मोबाइल नंबर भी दिया जाता है, जिस पर संपर्क कर समस्या का समाधान कराने की बात कही जाती है। जब उपभोक्ता इन नंबरों पर कॉल करते हैं, तो उन्हें विभिन्न प्रक्रियाओं के नाम पर निर्देश दिए जाते हैं और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने के लिए कहा जाता है। कुछ मामलों में उपभोक्ताओं को यह विश्वास दिलाने का प्रयास किया जाता है कि उनका भुगतान रिकॉर्ड अपडेट नहीं हुआ है और उसे तुरंत ठीक करना आवश्यक है। पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी संदिग्ध संदेश में दिए गए नंबर पर संपर्क करने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, हेल्पलाइन या कार्यालय से जानकारी की पुष्टि करें।
मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाने की कोशिश
डीआईजी साइबर क्राइम रोहित मालपानी ने बताया कि कई मामलों में ठग उपभोक्ताओं को मोबाइल फोन में एक विशेष ऐप डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। यह ऐप बिल अपडेट, तकनीकी सहायता या खाते की जांच के नाम पर डाउनलोड करवाया जाता है। ऐसे ऐप्स के माध्यम से साइबर अपराधी मोबाइल डिवाइस तक अनधिकृत पहुंच प्राप्त कर सकते हैं और बैंकिंग या अन्य संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बनाने का प्रयास कर सकते हैं। अधिकारियों ने लोगों को केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से ही मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने की सलाह दी है।
पुलिस की सलाह
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, संदेश, लिंक या मोबाइल ऐप पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। बैंक खाते, ओटीपी, पासवर्ड, यूपीआई पिन, कार्ड विवरण या अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। यदि किसी उपभोक्ता को बिजली बिल, बैंक खाते या किसी अन्य सेवा से संबंधित संदिग्ध संदेश प्राप्त होता है, तो उसकी पुष्टि संबंधित विभाग के आधिकारिक माध्यमों से करें। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि या धोखाधड़ी के प्रयास की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या संबंधित पुलिस अधिकारियों को देने की सलाह दी गई है।