दयोड-हणोगी टनल से यातायात शुरू, मंडी-कुल्लू का सफर अब करीब एक घंटे में
कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना के तहत मंडी और कुल्लू के बीच दयोड-हणोगी टनल को यातायात के लिए खोल दिया गया है। एनएचएआई ने शुक्रवार को पूजा-अर्चना के बाद करीब साढ़े 11 बजे वाहनों की आवाजाही शुरू कराई। पूरे प्रोजेक्ट के तहत मंडी से कुल्लू की दूरी 78 किलोमीटर से घटकर 60 किलोमीटर रह गई है और अब यह सफर करीब एक घंटे में पूरा होने की उम्मीद है।
मंडी
टनल खोलने से पहले एनएचएआई के अधिकारियों ने इसके भीतर हवन और पूजा की। इसके बाद यातायात को सुचारू किया गया। एएसपी मंडी अभिमन्यु वर्मा ने टनल खुलने के बाद इसका वीडियो साझा किया। टनलों का निर्माण करीब एक सप्ताह पहले पूरा हो गया था। सोमवार को एनएचएआई के मेंबर बोर्ड विपनेश शर्मा ने निरीक्षण के दौरान कुछ सुरक्षा सुझाव दिए थे, जिन पर प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरुण चारी ने तत्काल काम कराया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से हरी झंडी मिलने के बाद टनलों को यातायात के लिए खोला गया। इससे वाहन चालकों को पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर खोतीनाला और जोगणी माता मंदिर होकर गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पुराने मार्ग के संकरा होने के कारण यहां लंबा जाम लगता था और पहाड़ी से पत्थर गिरने का खतरा भी बना रहता था। बड़े वाहनों के गुजरने या किसी वाहन के खराब होने पर यातायात लंबे समय तक प्रभावित होता था।
ढाई किलोमीटर कम हुआ मौजूदा सफर
दयोड और हणोगी के बीच यातायात शुरू होने से मौजूदा सफर करीब ढाई किलोमीटर कम हो गया है। इस हिस्से में एक टनल की लंबाई 2.8 किलोमीटर और दूसरी की लंबाई 650 मीटर है, जबकि पुराने हाईवे से यही दूरी करीब छह किलोमीटर थी। पूरे फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत मंडी से कुल्लू की दूरी अब 60 किलोमीटर बताई गई है। पहले इस यात्रा में डेढ़ से दो घंटे तक लगते थे, जो अब करीब एक घंटे में पूरी हो सकेगी।
टनल शुरू होने से कुल्लू दशहरा और पर्यटन सीजन के दौरान दयोड क्षेत्र में लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। यहां पुराने हाईवे पर बड़े वाहनों को निकलने में परेशानी होती थी और किसी वाहन के बीच रास्ते में खराब होने पर लंबा जाम लग जाता था। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने टनलों का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लोगों को बधाई दी और इसे हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण परियोजना बताया।