HNN/ नाहन
धनतेरस कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है। इस त्योहार से दिवाली के पर्व की शुरुआत हो जाती है। इस बार धनतेरस 23 अक्तूबर, रविवार को मनाया जाएगा। धनतेरस को धन त्रयोदशी व धन्वंतरी जयंती के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के जनक धन्वंतरी देव समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे।
धनतेरस शुभ मुहूर्त
धनतेरस की शुरुआत 22 अक्तूबर, शनिवार को शाम 06 बजकर 02 मिनट पर होगी और 23 अक्तूबर, रविवार को शाम 06 बजकर 03 मिनट पर समाप्त होगी। धनतेरस पर्व के दिन भगवान धन्वंतरी की पूजा की जाती है। इसके लिए पंचांग में 22 अक्तूबर 2022 को शाम 7:10 से रात 8:24 के बीच समय निर्धारित किया गया है। इस दिन प्रदोष काल शाम 5:52 मिनट से रात 8:24 तक रहेगा और वृषभ काल शाम 7:10 से रात 9:06 तक रहेगा।
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धनतेरस का महत्व
धनतेरस को धनत्रयोदशी के रूप में भी जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान धनतेरस के दिन ही भगवान कुबेर, देवी लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन तीनों देवताओं की पूजा की जाती है। इसके साथ ही इस दिन खरीदारी करना भी शुभ माना जाता है।
धनतेरस पर क्या खरीदें और क्या न खरीदें?
हिंदू धर्म में धनतेरस पर्व को बहुत ही शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन सोने, चांदी इत्यादि जैसे शुभ धातु को खरीदने से व्यक्ति को बहुत लाभ मिलता है और माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। धनतेरस के दिन सोना, चांदी, बर्तन, भूमि खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसके अलावा इस दिन काले या गहरे रंग की वस्तुएं, चीनी मिट्टी से बने बर्तन, कांच, एल्युमीनियम और लोहे से बनी वस्तुओँ को खरीदने से बचना चाहिए।
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