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धर्मशाला में पर्यटन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर सरकार का फोकस : मुख्यमंत्री सुक्खू

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने धर्मशाला में पर्यटन, आधारभूत ढांचे और शहरी विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और कनेक्टिविटी सुधार के लिए कई परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

धर्मशाला

धर्मशाला में विकास परियोजनाओं पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने धर्मशाला में चुनाव प्रचार के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा कि धर्मशाला क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने के लिए सरकार विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि कांगड़ा जिला को पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है और यहां अधिक संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर स्थापित करने की योजना है, जिस पर लगभग 400 से 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

स्मार्ट सिटी परियोजना और वार्ड विकास कार्यों का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मशाला को स्मार्ट सिटी परियोजना कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मिली थी, लेकिन परियोजना अपेक्षित स्वरूप में विकसित नहीं हो सकी और इसमें कई कमियां रह गईं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार इन कमियों को दूर करने की दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार शहर के सभी 17 वार्डों के लिए एक-एक करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है और कुल 17 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आचार संहिता के कारण अभी औपचारिक घोषणा नहीं की जा सकती, लेकिन आने वाले समय में इन योजनाओं पर कार्य शुरू किया जाएगा।

एयरपोर्ट विस्तार और पर्यटन सुविधाओं पर कार्य जारी

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि धर्मशाला एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य जारी है और क्षेत्र में तीन हेलीपोर्ट विकसित किए जाने की योजना है। उन्होंने बताया कि शक्तिपीठों को बेहतर कनेक्टिविटी सुविधाओं से जोड़ने पर भी काम किया जा रहा है, ताकि धार्मिक पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि शिमला से सात कार्यालय धर्मशाला स्थानांतरित किए गए हैं, जिससे क्षेत्रीय प्रशासनिक व्यवस्था और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलने की संभावना है।

प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर भी रखी बात

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पूर्व भाजपा सरकार कांग्रेस पर 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज छोड़कर गई। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय वीरभद्र सिंह सरकार के समय प्रदेश पर करीब 48 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था और यदि बाद की सरकार उस कर्ज को कम करने का प्रयास करती तो प्रदेश को आर्थिक रूप से लाभ मिल सकता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार वित्तीय प्रबंधन के साथ विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने पर कार्य कर रही है।

केंद्र से सहायता राशि को लेकर भी उठाया मुद्दा

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कांगड़ा दौरे के दौरान प्रदेश के लिए कई घोषणाएं की गई थीं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को यह स्पष्ट करना चाहिए कि केंद्र से हिमाचल प्रदेश के लिए घोषित 1500 करोड़ रुपये की राशि में से प्रदेश को कितना धन प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं की राजनीतिक गतिविधियों और पार्टी की आंतरिक स्थिति को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।