धौलासिद्ध को अधीन लेने की तैयारी तेज, शोंगटोंग अगले साल सितंबर तक पूरी तरह कार्यशील
हिमाचल प्रदेश सरकार ने एसजेवीएनएल द्वारा ब्यास नदी पर बनाई जा रही 66 मेगावाट की धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना को अपने अधीन लेने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा विभाग को न्यायालय में शपथ पत्र दायर करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, 450 मेगावाट की शोंगटोंग परियोजना तीन टरबाइनों की कमीशनिंग के बाद अगले वर्ष सितंबर तक पूरी तरह कार्यशील हो जाएगी।
शिमला
बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश हित में धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना की लागत की पहली किस्त देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के लोगों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी तथा राज्य की संपदा और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेज करने और उन्हें निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए।
लुहरी और सुन्नी परियोजनाओं के लिए भी प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एसजेवीएनएल से लुहरी और सुन्नी जल विद्युत परियोजनाओं को भी अपने अधीन लेने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। बैठक में निर्माणाधीन विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से कार्यों की स्थिति की जानकारी ली और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया, ताकि निर्धारित समय सीमा के अनुसार उनका संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
शोंगटोंग की बिजली के लिए होगा पीपीए
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि 450 मेगावाट क्षमता की शोंगटोंग जल विद्युत परियोजना अगले वर्ष सितंबर तक पूरी तरह कार्यशील हो जाएगी। इससे पहले परियोजना की तीन टरबाइनों की कमीशनिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसकी प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्य निर्धारित अवधि में पूरा करने के निर्देश दिए। परियोजना से उत्पादित होने वाली बिजली की खरीद के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के साथ विद्युत खरीद समझौता यानी पीपीए किया जाएगा।