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डोहगी संस्कृत महाविद्यालय में साक्षरता दिवस कार्यक्रम, युवाओं से शिक्षा की लौ फैलाने का आह्वान

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 7 Hours Ago • 1 Min Read

युवा ही विश्व में साक्षरता और शिक्षा की लौ जलाएंगे : राजेन्द्र सिंह

ऊना/वीरेंद्र बन्याल/हिमाचल नाऊ न्यूज।

जिला ऊना के प्रतिष्ठित सनातन धर्म आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, डोहगी में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश कुश्ती संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह (डिम्पल ठाकुर) ने बतौर मुख्यातिथि तथा राजेश पाल ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय संस्कृति एवं परंपरा के अनुरूप मुख्यातिथि, विशिष्ट अतिथि और महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन वेद विभाग के आचार्य डा. महेश शर्मा ने किया। शास्त्री अंतिम वर्ष की छात्रा अनुराधा ने मंगलाचरण प्रस्तुत कर कार्यक्रम के वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डा. राजेन्द्र कुमार शर्मा, एनएसएस अधिकारी डा. नरेन्द्र कुमार कौशल, मुख्यवक्ता डा. मुकेश कुमार शर्मा तथा लेखाकार रवि कन्याल ने मुख्यातिथि एवं विशिष्ट अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रमाधिकारी ने अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के उद्देश्य एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।

साक्षरता ज्ञान, विवेक और आत्मनिर्भरता का माध्यम

कार्यक्रम के मुख्यवक्ता ज्योतिष विभाग के आचार्य डा. मुकेश कुमार शर्मा ने श्लोक के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को ज्ञान, विवेक, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जागरूकता की ओर ले जाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने शास्त्रों के उदाहरणों के माध्यम से शिक्षा एवं ज्ञान के महत्व को समझाया और कहा कि शिक्षित समाज ही मजबूत एवं विकसित राष्ट्र की नींव रखता है।

इस अवसर पर एनएसएस स्वयंसेवकों ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं जागरूकता कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मुस्कान ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ विषय पर कविता प्रस्तुत की, जबकि सुभाष दल ने देशभक्ति गीत से वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। साइशा ने नारी शिक्षा की आवश्यकता पर प्रभावशाली भाषण दिया। रानी लक्ष्मीबाई दल ने सुमधुर गीत तथा शिवाजी दल ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।

शिक्षा के साथ खेलों में भी आगे बढ़ें युवा : डिम्पल ठाकुर

मुख्यातिथि राजेन्द्र सिंह (डिम्पल ठाकुर) ने अपने संबोधन में युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ खेलों के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और समाज में प्रत्येक व्यक्ति को साक्षर बनाने की जिम्मेदारी में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे शिक्षा की रोशनी को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए आगे आएं।

एनएसएस इकाई द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए मुख्यातिथि ने 25 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। साथ ही महाविद्यालय में निर्माणाधीन नवीन भवन के लिए रेत, बजरी सहित आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाने में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

विकास निधि में हर माह 1100 रुपये देने की घोषणा

महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डा. राजेन्द्र कुमार शर्मा ने अध्यक्षीय संबोधन में भारतीय संस्कृति, शिक्षा एवं साक्षरता के महत्व पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में सारस्वत अतिथि के रूप में उपस्थित एचआरटीसी से सेवानिवृत्त रूपसिंह ठाकुर ने महाविद्यालय के विभिन्न विकास कार्यों एवं सतत विकास में सहयोग देने की पहल करते हुए महाविद्यालय विकास निधि में प्रतिमाह 1100 रुपये देने की घोषणा की।

अंत में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डा. नरेन्द्र कुमार कौशल ने मुख्यातिथि, विशिष्ट अतिथि, सारस्वत अतिथि सहित कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का औपचारिक समापन एनएसएस के लक्ष्य गीत के साथ हुआ।

इस अवसर पर सुदर्शन शर्मा, राजेश पाल, सतीश धीमान, रामसिंह, प्रेम ठाकुर, प्रीतम सिंह, प्रवीण, कुलदीप शर्मा, महाविद्यालय के प्राध्यापक डा. कृष्णा देवी, रवि कन्याल, बिक्रम बाद्यकर, विपिन पटयाल, अंजु कुमारी, डा. महेश शर्मा, डा. अरुणा शर्मा, अनीता रानी, कपिला पुरोहित, पूजा शर्मा, विजय शर्मा, रीता शर्मा सहित महाविद्यालय के सभी आचार्य, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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