Drone Grant / सेना के लिए ड्रोन बनाने वाले छात्र सर्वेश शर्मा की 3.5 करोड़ की ग्रांट पर सवाल, कॉलेज प्राचार्य की शिकायत पर FIR
हमीरपुर के छात्र सर्वेश शर्मा को ड्रोन परियोजना के लिए 3.5 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलने के दावे पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आईडेक्स और डीआईओ की ओर से ग्रांट मंजूर होने के दावे का खंडन किए जाने के बाद कॉलेज प्राचार्य की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस कथित ग्रांट से जुड़े दस्तावेजों, 40 पन्नों के अनुबंध, इलेक्ट्रॉनिक पत्राचार और डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है। आशंका जताई गई है कि फर्जी वेबसाइट और कथित फर्जी अनुबंध के जरिए छात्र को ग्रांट स्वीकृत होने का भरोसा दिलाया गया था।
हमीरपुर
3.5 करोड़ की ग्रांट मिलने का किया गया था दावा
सितंबर में सर्वेश शर्मा को ‘रुद्र एज टी-1 (स्पेक्ट्रा)’ ड्रोन परियोजना के लिए 3.5 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलने का दावा सामने आया था। इस संबंध में मीडिया रिपोर्टें भी प्रकाशित हुई थीं और इसके बाद सर्वेश को राज्यपाल सहित कई प्रमुख लोगों ने सम्मानित किया था।
सर्वेश ने अपनी कंपनी बनाकर अन्य विद्यार्थियों को भी अपने साथ जोड़ा था। ग्रांट की राशि मिलने के बाद इन विद्यार्थियों को वेतन देने की बात भी कही गई थी। हालांकि बाद में आईडेक्स और डीआईओ की ओर से आए स्पष्टीकरण के बाद 3.5 करोड़ रुपये की ग्रांट मंजूर होने के दावे पर सवाल खड़े हो गए।
कॉलेज प्राचार्य की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्राचार्य की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 319 और 336(3) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी और 66डी के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस अब कथित ग्रांट मंजूरी से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। इसमें 40 पन्नों का कथित अनुबंध, इलेक्ट्रॉनिक पत्राचार और डिजिटल उपकरण भी शामिल हैं। इस पूरे मामले में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ग्रांट से संबंधित दस्तावेज और जानकारी कहां से आई तथा इसके पीछे कौन था।
फर्जी वेबसाइट और अनुबंध के जरिए भरोसा दिलाने की आशंका
मामले में यह आशंका भी सामने आई है कि किसी फर्जी वेबसाइट और कथित फर्जी अनुबंध के माध्यम से सर्वेश को 3.5 करोड़ रुपये की ग्रांट मंजूर होने का भरोसा दिलाया गया हो। पुलिस की जांच के बाद ही इससे जुड़े तथ्यों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक रोहित राठौड़ के अनुसार मामले की जानकारी मिलने के बाद कॉलेज प्रबंधन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। पुलिस को भी शिकायत दी गई है, ताकि पूरे मामले की गहन जांच हो सके।
87 हजार में ड्रोन प्रोटोटाइप बनाने की भी हुई थी चर्चा
पहले प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों में सर्वेश के ड्रोन प्रोजेक्ट को लेकर दावा किया गया था कि उसने करीब 87 हजार रुपये की लागत से ड्रोन का प्रोटोटाइप तैयार किया था। कुछ रिपोर्टों में उसकी टीम के आईआईटी जोधपुर और कोणार्क कोर से जुड़ी ड्रोन प्रतियोगिता में चौथा स्थान हासिल करने तथा 10 लाख रुपये का पुरस्कार जीतने की जानकारी भी दी गई थी।
हालांकि ये जानकारियां पहले की मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं और इन्हें 3.5 करोड़ रुपये की कथित ग्रांट से अलग देखा जा रहा है। आईडेक्स और डीआईओ के स्पष्टीकरण के अनुसार 3.5 करोड़ रुपये की ग्रांट मंजूर होने का दावा सही नहीं है।
हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरकर गंभीर घायल है सर्वेश
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सर्वेश शर्मा हॉस्टल की तीसरी मंजिल पर स्थित अपने कमरे की बालकनी से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया, जहां उसके जबड़े की सर्जरी की गई है। उसकी टांग में भी कई फ्रैक्चर बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार सर्वेश ने गलती से नीचे गिरने की बात कही है। हालांकि उसके कमरे में अंदर से कुंडी लगी होने सहित घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस सर्वेश के बयान और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों का मिलान कर रही है। फिलहाल उसके हॉस्टल से गिरने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है।