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Drug De-Addiction Centre / मशोबरा में प्रदेश के पहले महिला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र का उद्घाटन

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Drug De-Addiction Centre : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला के समीप मशोबरा में ‘नव-जीवन’ महिला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नशे, विशेषकर चिट्टा की चुनौती केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि सामाजिक, पारिवारिक और मानवीय संकट है। प्रदेश सरकार ने शुरू से ही इस चुनौती को गंभीरता से लिया है और नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ तस्करों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

शिमला

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य का अपनी तरह का पहला विशेष केंद्र है, जो महिलाओं को केवल उपचार ही नहीं बल्कि सम्मानजनक जीवन की ओर लौटने का अवसर भी प्रदान करेगा। केंद्र में पीड़ित महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास, चिकित्सकीय उपचार, मनोवैज्ञानिक परामर्श, पुनर्वास, पुनर्स्थापना तथा परिवार आधारित सहयोग प्रणाली उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकारी क्षेत्र में दूसरा नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र कांगड़ा जिले के डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा में स्थापित किया जाएगा।

नशा पीड़ितों के प्रति संवेदना, तस्करों पर सख्ती

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के शिकार युवा और महिलाएं अपराधी नहीं हैं, लेकिन नशा बेचने वाले तस्कर समाज के दुश्मन हैं। सरकार ऐसे अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता और नशा तस्करों के प्रति कठोर कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि जब कोई महिला या बेटी नशे की गिरफ्त में आती है तो उसका प्रभाव पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ता है।

एंटी-चिट्टा अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 15 नवम्बर को शिमला से ‘एंटी-चिट्टा जन आंदोलन’ की शुरुआत की थी, जो अब व्यापक सामाजिक अभियान का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि युवाओं, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों की भागीदारी से यह एक जन आंदोलन बन गया है। उन्होंने लोगों से नशे के खिलाफ इस लड़ाई में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।

तस्करों के खिलाफ जारी रहेगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीआईटी-एनडीपीएस जैसे कठोर प्रावधानों के तहत नशा तस्करों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई कर रही है। चिट्टा तस्करों की संपत्तियों की पहचान की जा रही है और नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।