Una / ऊना में खैर की लकड़ी की अवैध तस्करी का भंडाफोड़, स्कॉर्पियो सहित दो आरोपी पकड़े गए
Una : ऊना जिले के गगरेट क्षेत्र में वन विभाग की टीम ने खैर की लकड़ी की अवैध तस्करी को विफल करते हुए एक स्कॉर्पियो वाहन से खैर के 07 मोछे बरामद किए हैं। मामले में दो व्यक्तियों को पकड़ा गया है। वन विभाग की शिकायत पर गगरेट पुलिस थाना में भारतीय न्याय संहिता और भारतीय वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
जानकारी के अनुसार 07 जून 2026 की तड़के वन खण्ड अधिकारी (गगरेट) नरेश कुमार और जाड़ला बीट के वन रक्षक विक्रांत कुमार क्षेत्र में रात्रि गश्त पर थे। इसी दौरान रात करीब 2:30 बजे जाड़ला कोहड़ी (तहसील घनारी) के पास एक महिंद्रा स्कॉर्पियो (HP19C-5912) संदिग्ध अवस्था में दिखाई दी। वन विभाग की टीम ने वाहन को रोककर तलाशी ली तो उसमें खैर की लकड़ी के 07 मोछे लदे हुए पाए गए।
दस्तावेज न दिखा पाने पर हुई कार्रवाई
वाहन में सवार 56 वर्षीय महिन्द्र सिंह निवासी कुठेड़ा जसवालां और 43 वर्षीय हरमेश चन्द निवासी जाड़ला कोहड़ी से लकड़ी के कटान और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन दोनों कोई भी परमिट प्रस्तुत नहीं कर सके। सरकारी वन संपदा को नुकसान पहुंचाने और लकड़ी के अवैध परिवहन के मामले को गंभीरता से लेते हुए वन खण्ड अधिकारी नरेश कुमार ने गगरेट पुलिस थाना प्रभारी को विस्तृत लिखित शिकायत भेजी।
वन विभाग ने पुलिस को सौंपी जब्त सामग्री
सूचना मिलते ही सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) मोन्टी गुलेरिया के नेतृत्व में गगरेट पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग के अधिकारियों ने जब्त की गई खैर की लकड़ी, स्कॉर्पियो वाहन और दोनों आरोपियों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने एफआईआर संख्या 0057 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 303(2), 3(5) तथा भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 41 एवं 42 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में आगामी कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।
डीएफओ ने जनता से मांगा सहयोग
डीएफओ ऊना ने आम जनता से वन संपदा संरक्षण में सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को जंगलों में पेड़ों के अवैध कटान, वन संपदा की चोरी या लकड़ियों के संदिग्ध परिवहन से जुड़ी कोई गतिविधि दिखाई देती है तो वह तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचित करे। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों की जागरूकता और सहयोग से वन अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।