Earthquake / महाराष्ट्र और मणिपुर में भूकंप के झटकों से दहशत, देर रात और सुबह कांपी धरती
Earthquake : महाराष्ट्र के हिंगोली और मणिपुर के कामजोंग में भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। महाराष्ट्र में कुछ घंटों के अंतराल में दो बार धरती कांपी, जबकि मणिपुर में 5.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राहत की बात यह रही कि दोनों राज्यों में किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
मुंबई/इम्फाल
देश के दो अलग-अलग हिस्सों में गुरुवार को भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में देर रात कुछ घंटों के अंतराल में दो बार धरती कांपी, जबकि पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर के कामजोंग जिले में सुबह मध्यम तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राहत की बात यह रही कि दोनों राज्यों में अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (एनसीएस) ने भूकंप की पुष्टि की है।महाराष्ट्र के हिंगोली, नांदेड़, परभणी, वसमत और कलमनुरी समेत आसपास के क्षेत्रों में रात करीब 1:07 बजे पहला भूकंप महसूस किया गया। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.6 दर्ज की गई, जबकि केंद्र हिंगोली से लगभग 23 किलोमीटर दूर और गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई। उथली गहराई होने के कारण झटके अपेक्षाकृत अधिक महसूस किए गए।
इसके करीब दो घंटे बाद 3:23 बजे फिर से धरती कांपी। दूसरे भूकंप की तीव्रता 4.1 दर्ज की गई। लगातार दो झटकों से लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। कई जगहों पर बर्तन और घरेलू सामान हिलने व गिरने की भी सूचना मिली, हालांकि किसी बड़ी क्षति की खबर नहीं है। स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।उधर, पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर के कामजोंग जिले में सुबह 5.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 62 किलोमीटर की गहराई में था। इसके झटके राजधानी इम्फाल, उख्रुल तथा आसपास के इलाकों में भी महसूस किए गए। कंपन का असर असम और मेघालय के कुछ हिस्सों तक भी पहुंचा। एहतियात के तौर पर लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। यहां भी फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार महाराष्ट्र के कुछ हिस्से और पूर्वोत्तर भारत भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में आते हैं। ऐसे क्षेत्रों में समय-समय पर हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, शांत रहने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
