आर्थिक विकास के साथ सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर राज्यपाल ने युवाओं को दिया संदेश
राज्यपाल ने धर्मशाला स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित युवा संगम कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित किया और आर्थिक प्रगति के साथ सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं से नवाचार, तकनीक और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा रोजगार सृजन में योगदान देने का आह्वान किया।
धर्मशाला
युवा संगम कार्यक्रम में राज्यपाल का संबोधन
कविन्द्र गुप्ता ने आज धर्मशाला स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के अंतर्गत आयोजित ‘युवा संगम’ कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम में NIT Puducherry के विद्यार्थियों सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राएं और शिक्षक उपस्थित रहे। इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता देश की सबसे बड़ी शक्ति है और युवाओं को इसे समझने तथा आगे बढ़ाने में सक्रिय योगदान देना चाहिए।
आर्थिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण पर जोर
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में देश तेजी से आर्थिक और तकनीकी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ सांस्कृतिक मूल्यों और पारंपरिक विरासत का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ना चाहिए, ताकि वे केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रहें बल्कि रोजगार के नए अवसर भी तैयार कर सकें। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यों में योगदान देने का भी आह्वान किया।
राष्ट्रीय एकता और विविधता की भावना पर चर्चा
उन्होंने कहा कि ‘युवा संगम’ जैसे कार्यक्रम युवाओं को देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, भाषा, खान-पान, परंपराओं और जीवन शैली को निकट से समझने का अवसर प्रदान करते हैं। राज्यपाल ने कहा कि भारत में विविधताओं के बावजूद एकता की मजबूत भावना मौजूद है और यही देश की पहचान है। उन्होंने विद्यार्थियों से विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के साथ संवाद बढ़ाने तथा सामाजिक और सांस्कृतिक समझ को मजबूत करने की अपील की।
हिमाचल की संस्कृति से जुड़ने का आह्वान
राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक जीवन शैली का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को स्थानीय लोगों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यवहारिक अनुभव प्रदान करते हैं और देश की वास्तविक सामाजिक संरचना को समझने में सहायक बनते हैं।
प्रतिनिधिमंडल को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने NIT Puducherry के प्रतिनिधिमंडल को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता को दर्शाया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के कुलाधिपति प्रो. हरमोहिंदर सिंह बेदी, कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल, डॉ. गौरीशंकर, शिक्षकगण, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
