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नूरपुर में सरकारी भूमि पर बने अवैध मकान को पुलिस और प्रशासन ने किया ध्वस्त

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

नूरपुर में एनडीपीएस मामले से जुड़े आरोपी के सरकारी भूमि पर बने अवैध मकान को प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत ध्वस्त किया गया। पुलिस के अनुसार मामले की जांच में संपत्ति को कथित तौर पर नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से निर्मित पाया गया था।

धर्मशाला

सरकारी भूमि पर बने अवैध मकान पर कार्रवाई

हिमाचल प्रदेश पुलिस के तहत पुलिस जिला नूरपुर द्वारा नशे के अवैध नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत बुधवार को एक आरोपी के मकान को ध्वस्त किया गया। पुलिस थाना नूरपुर में दर्ज मामले में आरोपी बंटी के खिलाफ यह कार्रवाई अमल में लाई गई। अधिकारियों के अनुसार संबंधित मकान सरकारी भूमि पर अवैध रूप से निर्मित किया गया था।

जांच में सामने आई संपत्ति से जुड़ी जानकारी

पुलिस जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि संबंधित संपत्ति का निर्माण कथित तौर पर नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धन से किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार राजस्व विभाग द्वारा की गई निशानदेही में यह स्पष्ट हुआ कि मकान सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाया गया था। इसके बाद निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए संबंधित ढांचे को ध्वस्त किया गया। पुलिस के अनुसार मकान की अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है।

एक सप्ताह में दूसरी कार्रवाई

पुलिस जिला नूरपुर में नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी प्रमुख कार्रवाई बताई गई है। इससे पहले 14 मई को डमटाल निवासी सुखदेव सिंह के मकान पर भी इसी प्रकार की कार्रवाई की गई थी। अधिकारियों के अनुसार नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी गतिविधियों और संपत्तियों के विरुद्ध लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी है।

राज्य स्तर के निर्देशों के अनुरूप अभियान

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई राज्य स्तर पर नशा तस्करी और उससे संबंधित अवैध संपत्तियों के खिलाफ जारी अभियान के तहत की गई है। विभाग ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और संबंधित मामलों की जांच नियमानुसार की जाएगी।

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