हिमाचल शिक्षा विभाग ने 240 शैक्षणिक दिवस सुनिश्चित करने के लिए जारी किए नए निर्देश
हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने स्कूलों में पढ़ाई का वातावरण बनाए रखने और 240 शैक्षणिक दिवस सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नए निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने बिना पूर्व अनुमति छात्रों और शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यक्रमों में शामिल करने पर रोक लगाने को कहा है।
शिमला
शैक्षणिक गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश
हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने सभी डिप्टी डायरेक्टरों और स्कूल प्राचार्यों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बिना पूर्व विभागीय अनुमति किसी भी शिक्षक या छात्र को स्कूल से बाहर आयोजित गैर-शैक्षणिक कार्यक्रमों में शामिल न किया जाए। विभाग का कहना है कि बार-बार आयोजित होने वाले समारोह, स्वागत कार्यक्रम, रैलियां और अन्य गतिविधियां नियमित पढ़ाई और कक्षा संचालन को प्रभावित कर रही हैं।शिक्षा निदेशालय के अनुसार कई स्कूलों में शैक्षणिक समय के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक आयोजनों में भागीदारी के कारण पाठ्यक्रम पूरा करने और निर्धारित शिक्षण दिवस बनाए रखने में कठिनाई आ रही है। विभाग ने सभी स्कूलों को 240 शैक्षणिक दिवस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि शिक्षण प्रक्रिया प्रभावित न हो।
75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य
शिक्षा विभाग ने अपने निर्देशों में स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। यदि कोई छात्र विभागीय अनुमति के बिना गैर-शैक्षणिक कार्यक्रमों में भाग लेने के कारण स्कूल से अनुपस्थित रहता है, तो उस दिन को अनुपस्थिति के रूप में दर्ज किया जाएगा। विभाग ने कहा है कि स्कूल प्रशासन उपस्थिति रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट करे और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करे।विभाग ने यह भी कहा है कि शैक्षणिक गतिविधियों को प्राथमिकता देने के लिए विद्यालयों को समय प्रबंधन और कक्षाओं के संचालन पर विशेष ध्यान देना होगा। निर्देशों में कहा गया है कि शिक्षकों और विद्यार्थियों को केवल आवश्यक और विभागीय स्वीकृत कार्यक्रमों में ही शामिल किया जाए।
स्वास्थ्य और सुरक्षा का भी दिया हवाला
शिक्षा विभाग ने आदेशों में छात्रों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और गरिमा का भी उल्लेख किया है। विभाग के अनुसार विद्यार्थियों को भीड़ बढ़ाने, स्वागत कार्यक्रमों या प्रचार संबंधी आयोजनों में शामिल करना उचित नहीं माना जाएगा। निर्देशों में कहा गया है कि अत्यधिक गर्मी, भीड़भाड़ और लंबे समय तक बाहरी कार्यक्रमों में रहने से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।विभाग ने स्कूल प्रबंधन से कहा है कि विद्यार्थियों की भागीदारी केवल शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेल, विज्ञान और कौशल विकास से संबंधित गतिविधियों तक सीमित रखी जाए। विश्व पर्यावरण दिवस, अर्थ डे और अन्य जागरूकता कार्यक्रमों को भी प्रार्थना सभा या ‘बैग फ्री डे’ तक सीमित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेशों की अवहेलना पर कार्रवाई की चेतावनी
शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि जारी निर्देशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि राज्य को PARAKH, PGI और ASER जैसे राष्ट्रीय शैक्षणिक सर्वेक्षणों में बेहतर प्रदर्शन के लिए नियमित पढ़ाई और शैक्षणिक गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्राचार्यों से कहा है कि वे इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें और शैक्षणिक गतिविधियों को प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों में नियमित शिक्षण व्यवस्था बनाए रखें।
